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लखीमपुर के ओयल कस्बे में मोहर्रम का जुलूस लखीमपुर, सीतापुर और नेशनल हाईवे मार्ग से होते हुए कर्बला की ओर रवाना हो चुका है। इस दौरान, ओयल पुलिस चौकी प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट है और कस्बे के चप्पे-चप्पे पर कड़ी नजर रखी जा रही है, जिससे वाहनों की आवाजाही में कोई परेशानी न हो।
Prem chand
लखीमपुर के ओयल कस्बे में मोहर्रम का जुलूस लखीमपुर, सीतापुर और नेशनल हाईवे मार्ग से होते हुए कर्बला की ओर रवाना हो चुका है। इस दौरान, ओयल पुलिस चौकी प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट है और कस्बे के चप्पे-चप्पे पर कड़ी नजर रखी जा रही है, जिससे वाहनों की आवाजाही में कोई परेशानी न हो।
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- लखीमपुर खीरी जनपद में मोहर्रम के अवसर पर निकलने वाले ताजिया और शोक जुलूसों को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के लिए खीरी पुलिस ने व्यापक तैयारी की है। पुलिस प्रशासन ने पूरे जिले में विस्तृत और बहुस्तरीय सुरक्षा प्रबंधन सुनिश्चित किया है, ताकि कानून-व्यवस्था पूरी तरह दुरुस्त बनी रहे। इस संदर्भ में, खीरी पुलिस के आलाधिकारियों द्वारा लगातार अलर्ट रहते हुए सभी संबंधित आयोजकों, ताजिया समितियों, धर्मगुरुओं और शांति समिति के सदस्यों के साथ बैठकें आयोजित की जा रही हैं। इसके अतिरिक्त, जुलूस मार्गों का संयुक्त रूप से निरीक्षण किया गया है, जहाँ सुरक्षा, यातायात प्रबंधन (ट्रैफिक डायवर्जन) और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का बारीकी से परीक्षण किया गया है। संबंधित थाना प्रभारियों और अधिकारियों को इस संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश भी जारी किए गए हैं। सुरक्षा व्यवस्था के तहत, संपूर्ण जनपद में पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस की टीमें लगातार क्षेत्र में भ्रमण कर (फ्लैग मार्च) रही हैं और सीधे ताजियादारों से संवाद स्थापित करके उन्हें शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों से अवगत करा रही हैं। जनपद पुलिस ने स्पष्ट रूप से आश्वस्त किया है कि सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं और यदि किसी भी असामाजिक तत्व ने शांति एवं कानून-व्यवस्था को भंग करने का प्रयास किया, तो उसके विरुद्ध कानूनन बेहद कठोर कार्रवाई की जाएगी। खीरी पुलिस ने जनपद के सभी नागरिकों से अपील की है कि वे इस महत्वपूर्ण अवसर पर आपसी सहयोग, संयम और पारस्परिक सद्भाव बनाए रखें, ताकि मोहर्रम का यह पर्व पूरी शांति और गरिमामय वातावरण में संपन्न हो सके।3
- अच्छा लगे तो विद्यालय के ग्रुप में जरूर शेयर करें, और हो सके तो हर ग्रुप में फॉरवर्ड करें। अच्छा लगे तो विद्यालय के ग्रुप में जरूर शेयर करें, और हो सके तो हर ग्रुप में फॉरवर्ड करें। सही जानकारी सब तक पहुंचे, यही हमारा मकसद है।1
- लखीमपुर खीरी जिले में ताजियों की ऊँचाई को लेकर जारी किया गया 12 फीट का आदेश पूरी तरह से 'हवा हवाई' साबित हुआ है। जिले के अलग-अलग स्थानों पर 50 फीट से भी ऊँचे ताजिए बनाए गए हैं, जिससे निर्धारित सीमा का स्पष्ट उल्लंघन देखने को मिला।1
- चौधीपुर ग्रंट नं. 10 में स्वर्गीय गोविन्द जी के आकस्मिक निधन की दुःखद खबर सामने आई है। इस दुखद घड़ी में, शोक संतप्त परिवार से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया गया और मृतक की पत्नी श्रीमती पूनम जी को ₹15,000 की आर्थिक सहायता प्रदान की गई। परिवार को इस कठिन समय में हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया गया है। इसके तहत, उन्हें एक आवास और एक सोलर लाइट उपलब्ध कराने की घोषणा की गई है। साथ ही, गोविन्द जी के बच्चों की शिक्षा का संपूर्ण दायित्व उठाते हुए, उनकी पढ़ाई निर्बाध रूप से जारी रखने का भी संकल्प लिया गया है।1
- लखीमपुर खीरी के गोला नगर स्थित कंजादेव ग्राम के खाटू श्याम मंदिर में निर्जला एकादशी के पावन पर्व पर भक्ति, श्रद्धा और उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला। श्रीश्याम दीवाने सेवा समिति द्वारा आयोजित भव्य संकीर्तन में हजारों की संख्या में पहुंचे भक्तों ने 'हारे के सहारे की जय' और 'खाटू नरेश की जय' के उद्घोष से पूरे क्षेत्र को गुंजायमान कर दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ गणेश वंदना से हुआ, जिसके बाद सुप्रसिद्ध भजन गायक अजय गुप्ता और शिवम गुप्ता ने अपनी मधुर आवाज से समां बांध दिया। उन्होंने 'ओ सांवरे मुझे तेरी जरूरत है', 'हारा हूँ बाबा पर तुझ पर भरोसा है', और 'मेरे रघुवर तेरा सहारा है' जैसे भावपूर्ण भजनों से श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया, जिससे वे झूमने और नाचने लगे। फूलों से सजे बाबा के अलौकिक दरबार और इत्र की मनमोहक सुगंध ने पूरे वातावरण को दिव्य बना दिया था। मंदिर के पुजारी संतोष पाठक ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए निर्जला एकादशी के धार्मिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि इसे भीमसेनी एकादशी भी कहते हैं, क्योंकि पौराणिक कथाओं के अनुसार महाबली भीमसेन भोजन के बिना नहीं रह पाते थे। महर्षि वेदव्यास ने उन्हें वर्ष भर की सभी एकादशियों के फल की प्राप्ति के लिए केवल एक निर्जला एकादशी का व्रत रखने का उपदेश दिया था, तभी से यह एकादशी विशेष रूप से भीमसेन एकादशी के नाम से विख्यात हुई। 'निर्जला' का अर्थ है बिना जल के, और इस दिन साधक सूर्योदय से लेकर अगले दिन द्वादशी तक अन्न व जल दोनों का त्याग करते हैं। यह व्रत अत्यंत कठिन माना जाता है, पर इसकी महिमा महान है; धर्म शास्त्रों के अनुसार यह व्रत करने से मनुष्य के संचित पाप नष्ट होते हैं और उसे भगवान विष्णु का दिव्य आशीर्वाद प्राप्त होता है। संकीर्तन के समापन पर बाबा की भव्य आरती उतारी गई और हजारों भक्तों के बीच प्रसाद वितरण किया गया। समिति के सेवादारों ने कार्यक्रम को सफल बनाने में विशेष सहयोग दिया। इस अवसर पर अध्यक्ष दीपक राजपूत, महामंत्री अजय गुप्ता, संरक्षक अनिल जलोटा, संजू गुप्ता, अनिरुद्ध गुप्ता, बबलू जायसवाल, शिवम गुप्ता, मयंक, मीडिया प्रभारी सुधीर गुप्ता, संदीप जायसवाल, सौरभ जायसवाल, सुमित राठौर, मुकेश राठौर, प्रिंकल जलोटा, शोभित गुप्ता सहित भारी संख्या में श्याम प्रेमी उपस्थित थे।4
- उचौलिया खीरी थाना क्षेत्र में मोहर्रम की दसवीं तारीख को बेहद गमगीन माहौल में ताजियों को कर्बला ले जाकर सुपुर्द-ए-खाक किया गया। इस दौरान इमाम हुसैन की याद में मनाए जा रहे मोहर्रम के मौके पर जगह-जगह हुसैनी लंगर का आयोजन हुआ, जिसमें लोगों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। युवाओं ने विभिन्न स्थानों पर शर्बत के स्टॉल लगाकर लोगों को शर्बत पिलाया, वहीं घरों में खिचड़ा भी बनाया गया। बनकागांव में मोहर्रम की दसवीं के उपलक्ष्य में एक मेले का आयोजन किया गया था, और शुक्रवार शाम को यहीं कर्बला में ताजियों को गमगीन माहौल में सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए उचौलिया पुलिस बल तैनात रहा। थाना क्षेत्र के बनकागांव, उचौलिया नई बस्ती, रसूलपुर सहित कई अन्य गाँवों में भी दसवीं मनाई गई। हालांकि, इब्राहिमपुर गाँव में ताजियों को मोहर्रम की ग्यारहवीं तारीख को सुपुर्द-ए-खाक करने की जानकारी दी गई है।1
- शुक्रवार को मोहर्रम के अवसर पर खीरी के कस्बा मितौली में श्रद्धा, अकीदत और गम के माहौल के बीच ताजियों का जुलूस निकाला गया। विभिन्न मोहल्लों से उठे इन ताजियों को पारंपरिक मार्गों से होते हुए कस्बे की दोनों कर्बलाओं तक ले जाया गया, जहाँ धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया गया। इस आयोजन में क्षेत्र के बबौना, मूसादेई सहित मितौली बंजारा बस्ती, सिया मोहल्ला और जमुनाहिया महावतपुरवा से निकले ताजियों के साथ बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए। जुलूस के दौरान लगातार "या हुसैन" की सदाएं गूंजती रहीं, वहीं शोकगीतों के माध्यम से हजरत इमाम हुसैन की शहादत को याद किया गया। पूरे कार्यक्रम में मातमी माहौल बना रहा। जुलूस के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए थे, जिसके तहत प्रमुख स्थानों पर पुलिस बल तैनात रहा और प्रशासनिक अधिकारी लगातार पूरे मार्ग की निगरानी करते रहे। उपजिलाधिकारी मधुसूदन गुप्ता, पुलिस उपाधीक्षक यादवेन्द्र यादव, तहसीलदार दिनेश कुमार और पूरी पुलिस टीम मौके पर मौजूद रही। प्रशासन की देखरेख में यह ताजिया जुलूस शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ, जिसके बाद निर्धारित मार्ग से गुजरकर सभी ताजियों को मोहल्ला इस्लामनगर और पुराना कब्रिस्तान स्थित कर्बला में परंपरा के अनुसार सुपुर्द-ए-खाक किया गया।2
- इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश की त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था से जुड़े योगी सरकार के एक अहम फैसले पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। हाईकोर्ट ने निवर्तमान ग्राम प्रधानों को कार्यकाल समाप्त होने के बाद प्रशासक नियुक्त करने की सरकार की योजना को 'असंवैधानिक' करार दिया है। मामले की सुनवाई के दौरान माननीय उच्च न्यायालय ने सरकार के इस कदम पर सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया कि कार्यकाल खत्म होने के बाद ग्राम प्रधानों को दोबारा प्रशासक के रूप में शक्तियां सौंपना पूरी तरह से असंवैधानिक है। कोर्ट ने टिप्पणी की कि यह फैसला उत्तर प्रदेश पंचायती राज अधिनियम के प्रावधानों के विपरीत है। कानून के अनुसार, कार्यकाल समाप्त होने के बाद लोकतांत्रिक प्रक्रिया या तय नियमों के तहत ही कार्यवाहक व्यवस्था की जा सकती है, लेकिन निवर्तमान प्रधानों को इस तरह कमान सौंपना नियमों का उल्लंघन है। कोर्ट ने संबंधित शासनादेश पर रोक लगाते हुए पंचायती राज व्यवस्था के मूल सिद्धांतों और अधिनियम की धाराओं से समझौता न करने की बात कही, इसे स्थानीय स्वशासन में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। हाईकोर्ट के इस कड़े रुख के बाद, अब उत्तर प्रदेश शासन को ग्राम पंचायतों के संचालन के लिए एक वैकल्पिक और कानूनी रूप से मान्य रास्ता अपनाना होगा। इस फैसले से प्रदेश की सियासत और ग्रामीण राजनीति में हलचल तेज हो गई है।1