उचौलिया खीरी थाना क्षेत्र में मोहर्रम की दसवीं तारीख को बेहद गमगीन माहौल में ताजियों को कर्बला ले जाकर सुपुर्द-ए-खाक किया गया। इस दौरान इमाम हुसैन की याद में मनाए जा रहे मोहर्रम के मौके पर जगह-जगह हुसैनी लंगर का आयोजन हुआ, जिसमें लोगों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। युवाओं ने विभिन्न स्थानों पर शर्बत के स्टॉल लगाकर लोगों को शर्बत पिलाया, वहीं घरों में खिचड़ा भी बनाया गया। बनकागांव में मोहर्रम की दसवीं के उपलक्ष्य में एक मेले का आयोजन किया गया था, और शुक्रवार शाम को यहीं कर्बला में ताजियों को गमगीन माहौल में सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए उचौलिया पुलिस बल तैनात रहा। थाना क्षेत्र के बनकागांव, उचौलिया नई बस्ती, रसूलपुर सहित कई अन्य गाँवों में भी दसवीं मनाई गई। हालांकि, इब्राहिमपुर गाँव में ताजियों को मोहर्रम की ग्यारहवीं तारीख को सुपुर्द-ए-खाक करने की जानकारी दी गई है।
उचौलिया खीरी थाना क्षेत्र में मोहर्रम की दसवीं तारीख को बेहद गमगीन माहौल में ताजियों को कर्बला ले जाकर सुपुर्द-ए-खाक किया गया। इस दौरान इमाम हुसैन की याद में मनाए जा रहे मोहर्रम के मौके पर जगह-जगह हुसैनी लंगर का आयोजन हुआ, जिसमें लोगों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। युवाओं ने विभिन्न स्थानों पर शर्बत के स्टॉल लगाकर लोगों को शर्बत पिलाया, वहीं घरों में खिचड़ा भी बनाया गया। बनकागांव में मोहर्रम की दसवीं के उपलक्ष्य में एक मेले का आयोजन किया गया था, और शुक्रवार शाम को यहीं कर्बला में ताजियों को गमगीन माहौल में सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए उचौलिया पुलिस बल तैनात रहा। थाना क्षेत्र के बनकागांव, उचौलिया नई बस्ती, रसूलपुर सहित कई अन्य गाँवों में भी दसवीं मनाई गई। हालांकि, इब्राहिमपुर गाँव में ताजियों को मोहर्रम की ग्यारहवीं तारीख को सुपुर्द-ए-खाक करने की जानकारी दी गई है।
- इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश की त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था से जुड़े योगी सरकार के एक अहम फैसले पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। हाईकोर्ट ने निवर्तमान ग्राम प्रधानों को कार्यकाल समाप्त होने के बाद प्रशासक नियुक्त करने की सरकार की योजना को 'असंवैधानिक' करार दिया है। मामले की सुनवाई के दौरान माननीय उच्च न्यायालय ने सरकार के इस कदम पर सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया कि कार्यकाल खत्म होने के बाद ग्राम प्रधानों को दोबारा प्रशासक के रूप में शक्तियां सौंपना पूरी तरह से असंवैधानिक है। कोर्ट ने टिप्पणी की कि यह फैसला उत्तर प्रदेश पंचायती राज अधिनियम के प्रावधानों के विपरीत है। कानून के अनुसार, कार्यकाल समाप्त होने के बाद लोकतांत्रिक प्रक्रिया या तय नियमों के तहत ही कार्यवाहक व्यवस्था की जा सकती है, लेकिन निवर्तमान प्रधानों को इस तरह कमान सौंपना नियमों का उल्लंघन है। कोर्ट ने संबंधित शासनादेश पर रोक लगाते हुए पंचायती राज व्यवस्था के मूल सिद्धांतों और अधिनियम की धाराओं से समझौता न करने की बात कही, इसे स्थानीय स्वशासन में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। हाईकोर्ट के इस कड़े रुख के बाद, अब उत्तर प्रदेश शासन को ग्राम पंचायतों के संचालन के लिए एक वैकल्पिक और कानूनी रूप से मान्य रास्ता अपनाना होगा। इस फैसले से प्रदेश की सियासत और ग्रामीण राजनीति में हलचल तेज हो गई है।1
- गोला कुकरा जंगल मार्ग पर पुलिया का निर्माण कार्य पूरा हो गया है, जिससे अब यह आवागमन के लिए तैयार है। इस पुलिया के बनने से तीन दर्जन से अधिक गांवों के लोगों को बड़ी राहत मिली है।1
- चौधीपुर ग्रंट नं. 10 में स्वर्गीय गोविन्द जी के आकस्मिक निधन की दुःखद खबर सामने आई है। इस दुखद घड़ी में, शोक संतप्त परिवार से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया गया और मृतक की पत्नी श्रीमती पूनम जी को ₹15,000 की आर्थिक सहायता प्रदान की गई। परिवार को इस कठिन समय में हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया गया है। इसके तहत, उन्हें एक आवास और एक सोलर लाइट उपलब्ध कराने की घोषणा की गई है। साथ ही, गोविन्द जी के बच्चों की शिक्षा का संपूर्ण दायित्व उठाते हुए, उनकी पढ़ाई निर्बाध रूप से जारी रखने का भी संकल्प लिया गया है।1
- लखीमपुर खीरी के गोला नगर स्थित कंजादेव ग्राम के खाटू श्याम मंदिर में निर्जला एकादशी के पावन पर्व पर भक्ति, श्रद्धा और उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला। श्रीश्याम दीवाने सेवा समिति द्वारा आयोजित भव्य संकीर्तन में हजारों की संख्या में पहुंचे भक्तों ने 'हारे के सहारे की जय' और 'खाटू नरेश की जय' के उद्घोष से पूरे क्षेत्र को गुंजायमान कर दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ गणेश वंदना से हुआ, जिसके बाद सुप्रसिद्ध भजन गायक अजय गुप्ता और शिवम गुप्ता ने अपनी मधुर आवाज से समां बांध दिया। उन्होंने 'ओ सांवरे मुझे तेरी जरूरत है', 'हारा हूँ बाबा पर तुझ पर भरोसा है', और 'मेरे रघुवर तेरा सहारा है' जैसे भावपूर्ण भजनों से श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया, जिससे वे झूमने और नाचने लगे। फूलों से सजे बाबा के अलौकिक दरबार और इत्र की मनमोहक सुगंध ने पूरे वातावरण को दिव्य बना दिया था। मंदिर के पुजारी संतोष पाठक ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए निर्जला एकादशी के धार्मिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि इसे भीमसेनी एकादशी भी कहते हैं, क्योंकि पौराणिक कथाओं के अनुसार महाबली भीमसेन भोजन के बिना नहीं रह पाते थे। महर्षि वेदव्यास ने उन्हें वर्ष भर की सभी एकादशियों के फल की प्राप्ति के लिए केवल एक निर्जला एकादशी का व्रत रखने का उपदेश दिया था, तभी से यह एकादशी विशेष रूप से भीमसेन एकादशी के नाम से विख्यात हुई। 'निर्जला' का अर्थ है बिना जल के, और इस दिन साधक सूर्योदय से लेकर अगले दिन द्वादशी तक अन्न व जल दोनों का त्याग करते हैं। यह व्रत अत्यंत कठिन माना जाता है, पर इसकी महिमा महान है; धर्म शास्त्रों के अनुसार यह व्रत करने से मनुष्य के संचित पाप नष्ट होते हैं और उसे भगवान विष्णु का दिव्य आशीर्वाद प्राप्त होता है। संकीर्तन के समापन पर बाबा की भव्य आरती उतारी गई और हजारों भक्तों के बीच प्रसाद वितरण किया गया। समिति के सेवादारों ने कार्यक्रम को सफल बनाने में विशेष सहयोग दिया। इस अवसर पर अध्यक्ष दीपक राजपूत, महामंत्री अजय गुप्ता, संरक्षक अनिल जलोटा, संजू गुप्ता, अनिरुद्ध गुप्ता, बबलू जायसवाल, शिवम गुप्ता, मयंक, मीडिया प्रभारी सुधीर गुप्ता, संदीप जायसवाल, सौरभ जायसवाल, सुमित राठौर, मुकेश राठौर, प्रिंकल जलोटा, शोभित गुप्ता सहित भारी संख्या में श्याम प्रेमी उपस्थित थे।4
- केंद्र सरकार की महत्वकांक्षी जल जीवन मिशन (हर घर जल योजना), जिसका उद्देश्य प्रत्येक ग्रामीण परिवार तक स्वच्छ पेयजल पहुँचाना है, विकास खंड मितौली की ग्राम पंचायत बबौना में अपने लक्ष्य से बहुत दूर दिख रही है। वर्ष 2022 में शुरू हुआ ओवरहेड पानी की टंकी का निर्माण कार्य, चार साल का लंबा समय बीत जाने के बावजूद, आज भी अधूरा पड़ा है और बांस-बल्लियों के सहारे खड़ा है। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने कई बार अधिकारियों को इस समस्या से अवगत कराया, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया, जिससे योजना की गति बेहद धीमी रही है। इस अधूरे कार्य के कारण भीषण गर्मी और गिरते भूजल स्तर ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है, और गांव में लगे कई घरेलू नलों से पानी की आपूर्ति प्रभावित होने लगी है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि टंकी और जलापूर्ति व्यवस्था का निर्माण समय पर पूरा हो गया होता, तो आज उन्हें इस समस्या का सामना नहीं करना पड़ता। अब गांव में यह चर्चा तेज है कि आखिर करोड़ों रुपये की लागत वाली यह योजना चार साल बाद भी अधूरी क्यों है। ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि 2022 में शुरू हुआ काम अब तक पूरा क्यों नहीं हुआ, कार्य में देरी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों पर क्या कार्रवाई हुई, करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद उन्हें पानी क्यों नहीं मिल रहा, और क्या निर्माण कार्य और खर्च की जांच कराई जाएगी। इसी विकास खंड की ग्राम पंचायत कस्ता के मजरा रतहरा में भी ऐसी ही स्थिति है, जहाँ कस्ता कॉलोनी पर बनी टंकी से रतहरा गांव को एक लंबे अरसे पहले कुछ दिनों तक पानी की सप्लाई तो हुई, लेकिन उसके बाद से वर्षों से पानी नहीं मिल रहा। ग्रामीण पूछते हैं कि क्या पानी की सप्लाई केवल दिखावा मात्र करने के लिए की गई थी और सालों गुजरने के बाद भी उनके गांव को पानी क्यों नहीं मिल रहा। बबौना और रतहरा दोनों गांवों के ग्रामीणों ने जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी और जल निगम के अधिकारियों से मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने, अधूरे निर्माण कार्य को शीघ्र पूरा करने और गांव में नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है। ग्रामीणों का स्पष्ट मत है कि "हर घर जल का सपना तभी साकार होगा, जब योजनाएं कागजों से निकलकर धरातल पर पूरी होंगी।"2
- यह वीडियो किडनी में इन्फेक्शन और हाई ब्लड प्रेशर (उच्च रक्तचाप) के लिए घरेलू उपायों से संबंधित जानकारी प्रस्तुत करता है। दर्शकों से अनुरोध किया गया है कि वे इस वीडियो को लाइक करें, शेयर करें और फॉलो करें।1
- लखीमपुर के ओयल कस्बे में मोहर्रम का जुलूस लखीमपुर, सीतापुर और नेशनल हाईवे मार्ग से होते हुए कर्बला की ओर रवाना हो चुका है। इस दौरान, ओयल पुलिस चौकी प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट है और कस्बे के चप्पे-चप्पे पर कड़ी नजर रखी जा रही है, जिससे वाहनों की आवाजाही में कोई परेशानी न हो।1
- अखिल भारतीय खेत एवं ग्रामीण मजदूर सभा, उत्तर प्रदेश के आह्वान पर गुरुवार, 25 जून को प्रदेशव्यापी कार्यक्रम के तहत गोला गोकर्णनाथ/लखीमपुर खीरी के ब्लॉक मुख्यालय पर एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया गया। इस प्रदर्शन के उपरांत, संगठन के पदाधिकारियों ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम संबोधित एक ज्ञापन खंड विकास अधिकारी को सौंपते हुए ग्रामीण मजदूरों और गरीबों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की। ज्ञापन में संगठन ने प्रमुखता से मांग की कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत सभी जॉब कार्ड धारकों को नियमित रोजगार उपलब्ध कराया जाए, साथ ही 18 वर्ष से अधिक आयु के सभी मजदूरों के जॉब कार्ड बनाए जाएं। इसके अतिरिक्त, मनरेगा के तहत वर्तमान मजदूरी दर को बढ़ाकर ₹729 प्रतिदिन किए जाने की मांग भी उठाई गई। संगठन ने प्रदेश में बिजली की बढ़ी हुई दरों और स्मार्ट मीटर व्यवस्था पर गंभीर आपत्ति जताते हुए बिजली की दरों में वृद्धि वापस लेने, स्मार्ट मीटर पर तत्काल रोक लगाने तथा सभी उपभोक्ताओं को 200 यूनिट मुफ्त बिजली उपलब्ध कराने की मांग की। इनके अलावा, ज्ञापन में माइक्रोफाइनेंस कंपनियों एवं निजी संस्थाओं द्वारा ग्रामीण गरीबों से की जा रही कथित मनमानी पर रोक लगाने, ₹2 लाख तक के कर्ज माफ करने और आरबीआई की गाइडलाइन का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराने की मांग भी शामिल थी। संगठन ने यह भी मांग की कि प्रदेश में बंजर, परती एवं आबादी की भूमि पर बसे लोगों को उजाड़ने के बजाय उनका विधिवत पुनर्वास किया जाए और ग्रामीण क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। धरना-प्रदर्शन के दौरान संगठन के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी इन मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो भविष्य में इस आंदोलन को और भी व्यापक रूप दिया जाएगा।4
- जानकारी के मुताबिक, विशाल श्रीवास्तव नाम का एक व्यक्ति 'तेज इंडिया न्यूज़ चैनल' का नाम इस्तेमाल कर लोगों से अवैध वसूली कर रहा है। बताया गया है कि वह विशेष रूप से राशन कार्ड से जुड़ी समस्याओं को हल करने का झांसा देकर जनता से पैसे वसूलता है। हालांकि, पैसे लेने के बाद वह न तो लोगों को उनकी राशि वापस करता है और न ही उनकी किसी समस्या का समाधान करता है। इतना ही नहीं, विशाल श्रीवास्तव के पास अब 'तेज इंडिया न्यूज़ चैनल' नहीं है, फिर भी वह उसके लोगो को अपनी फेसबुक आईडी पर लगाकर लोगों को गुमराह कर रहा है। इस तरह जनता को धोखा देने वाले ऐसे व्यक्ति को जल्द से जल्द पुलिस हिरासत में लिया जाए, यह मांग की गई है।1