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लखीमपुर खीरी जिले में ताजियों की ऊँचाई को लेकर जारी किया गया 12 फीट का आदेश पूरी तरह से 'हवा हवाई' साबित हुआ है। जिले के अलग-अलग स्थानों पर 50 फीट से भी ऊँचे ताजिए बनाए गए हैं, जिससे निर्धारित सीमा का स्पष्ट उल्लंघन देखने को मिला।
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लखीमपुर खीरी जिले में ताजियों की ऊँचाई को लेकर जारी किया गया 12 फीट का आदेश पूरी तरह से 'हवा हवाई' साबित हुआ है। जिले के अलग-अलग स्थानों पर 50 फीट से भी ऊँचे ताजिए बनाए गए हैं, जिससे निर्धारित सीमा का स्पष्ट उल्लंघन देखने को मिला।
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- गोला कुकरा जंगल मार्ग पर पुलिया का निर्माण कार्य पूरा हो गया है, जिससे अब यह आवागमन के लिए तैयार है। इस पुलिया के बनने से तीन दर्जन से अधिक गांवों के लोगों को बड़ी राहत मिली है।1
- लखीमपुर खीरी के मितौली थाना क्षेत्र में एक महिला अध्यापिका का शव शुक्रवार दोपहर करीब ढाई बजे उसके किराए के मकान में पंखे से लटका हुआ मिला। इस दुखद घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तत्काल मौके पर पहुँची और मामले की गहन जाँच शुरू कर दी है। मृतका की पहचान 32 वर्षीय प्रियंका यादव के रूप में हुई है, जो मूल रूप से अयोध्या की निवासी थीं। वह वर्ष 2021 से मितौली ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय रौतापुर में प्राथमिक विद्यालय की अध्यापिका के पद पर कार्यरत थीं। बताया जाता है कि प्रियंका ने राहुल यादव से प्रेम विवाह किया था और उनके पति राहुल पंजाब में नौकरी करते हैं। प्रियंका अपनी 3 साल की बेटी के साथ मितौली में किराए के मकान में रहती थीं। शुक्रवार दोपहर को प्रियंका के पति राहुल ने मितौली निवासी अपने एक परिचित दोस्त और मकान मालिक को फोन कर किसी अनहोनी की आशंका जताई थी। जब वे दोनों मौके पर पहुँचे, तब तक बहुत देर हो चुकी थी और उन्हें शिक्षिका का शव पंखे से फांसी के फंदे से लटका हुआ मिला। घटना की सूचना पर क्षेत्राधिकारी मितौली यादवेंद्र, थाना प्रभारी महेश पाठक, एसआई धर्मेंद्र सिंह और महिला एसआई महिमा पांडे सहित भारी पुलिस बल मौके पर पहुँचा। थाना प्रभारी महेश पाठक ने बताया कि शिक्षिका के परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है। पुलिस के अनुसार, आत्महत्या के कारणों का अभी तक पता नहीं चल सका है, हालांकि यह बताया जा रहा है कि शिक्षिका ने खुदकुशी करने से पहले अपने पति से फोन पर बात की थी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की तैयारी शुरू कर दी है, लेकिन खबर लिखे जाने तक शव को पोस्टमार्टम के लिए नहीं भेजा गया था।4
- कोतवाली पसगवां की पुलिस चौकी बरबर में तैनात आरक्षी राहुल पर ड्यूटी के दौरान वर्दी पहनकर सोशल मीडिया पर रील बनाने का आरोप है। यह कार्रवाई मुख्यमंत्री के उन सख्त आदेशों की खुल्लम-खुल्ला अवहेलना मानी जा रही है, जिनमें ड्यूटी के समय किसी भी पुलिसकर्मी को रील बनाने से मना किया गया है। आरक्षी राहुल सोशल मीडिया पर लगातार सक्रिय नजर आते हैं और नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ा रहे हैं। आरक्षी राहुल का यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। इस मामले की शिकायत आलाधिकारियों से की गई है, और जानकारी 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) के माध्यम से भी उच्चाधिकारियों तक पहुंचाई गई। इसके बाद पसगवां थाना को इस पूरे मामले में आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। अब देखना यह होगा कि इस मामले में आरक्षी के खिलाफ कब और क्या कार्रवाई की जाती है। मामले को लेकर यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा, या फिर नियम-कानून केवल आम और गरीब लोगों पर ही लागू होते हैं, पुलिसकर्मियों पर नहीं।1
- केंद्र सरकार की महत्वकांक्षी जल जीवन मिशन (हर घर जल योजना), जिसका उद्देश्य प्रत्येक ग्रामीण परिवार तक स्वच्छ पेयजल पहुँचाना है, विकास खंड मितौली की ग्राम पंचायत बबौना में अपने लक्ष्य से बहुत दूर दिख रही है। वर्ष 2022 में शुरू हुआ ओवरहेड पानी की टंकी का निर्माण कार्य, चार साल का लंबा समय बीत जाने के बावजूद, आज भी अधूरा पड़ा है और बांस-बल्लियों के सहारे खड़ा है। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने कई बार अधिकारियों को इस समस्या से अवगत कराया, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया, जिससे योजना की गति बेहद धीमी रही है। इस अधूरे कार्य के कारण भीषण गर्मी और गिरते भूजल स्तर ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है, और गांव में लगे कई घरेलू नलों से पानी की आपूर्ति प्रभावित होने लगी है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि टंकी और जलापूर्ति व्यवस्था का निर्माण समय पर पूरा हो गया होता, तो आज उन्हें इस समस्या का सामना नहीं करना पड़ता। अब गांव में यह चर्चा तेज है कि आखिर करोड़ों रुपये की लागत वाली यह योजना चार साल बाद भी अधूरी क्यों है। ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि 2022 में शुरू हुआ काम अब तक पूरा क्यों नहीं हुआ, कार्य में देरी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों पर क्या कार्रवाई हुई, करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद उन्हें पानी क्यों नहीं मिल रहा, और क्या निर्माण कार्य और खर्च की जांच कराई जाएगी। इसी विकास खंड की ग्राम पंचायत कस्ता के मजरा रतहरा में भी ऐसी ही स्थिति है, जहाँ कस्ता कॉलोनी पर बनी टंकी से रतहरा गांव को एक लंबे अरसे पहले कुछ दिनों तक पानी की सप्लाई तो हुई, लेकिन उसके बाद से वर्षों से पानी नहीं मिल रहा। ग्रामीण पूछते हैं कि क्या पानी की सप्लाई केवल दिखावा मात्र करने के लिए की गई थी और सालों गुजरने के बाद भी उनके गांव को पानी क्यों नहीं मिल रहा। बबौना और रतहरा दोनों गांवों के ग्रामीणों ने जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी और जल निगम के अधिकारियों से मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने, अधूरे निर्माण कार्य को शीघ्र पूरा करने और गांव में नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है। ग्रामीणों का स्पष्ट मत है कि "हर घर जल का सपना तभी साकार होगा, जब योजनाएं कागजों से निकलकर धरातल पर पूरी होंगी।"2
- पुलिस ने लखनऊ में बिल्डर संदीप सिंह हत्याकांड के मुख्य शूटर और एक लाख रुपये के इनामी बदमाश संजय उर्फ संजीव को मुठभेड़ में मार गिराया है। पुलिस के अनुसार, इंदिरा कैनाल रोड पर चेकिंग के दौरान बदमाश ने पुलिस टीम पर गोली चलाई, जिसके जवाब में पुलिस की कार्रवाई में संजय घायल हो गया। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस के मुताबिक, संजय अंबेडकरनगर का निवासी था। उसके खिलाफ हत्या, रंगदारी सहित कई गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। पुलिस ने यह भी जानकारी दी है कि वह दिलीप वर्मा और खान मुबारक गैंग से भी जुड़ा हुआ था। अब पुलिस संजय के अन्य साथियों और उसके पूरे आपराधिक नेटवर्क की तलाश में सक्रियता से जुटी हुई है।1
- लखीमपुर-खीरी में 26 यूपी बटालियन एनसीसी के कैडेटों ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से आयोजित एक पल्स पोलियो जागरूकता रैली में उत्साहपूर्वक सहभागिता की। इस रैली का प्राथमिक उद्देश्य “दो बूंद जिंदगी की” के जन-जागरूकता संदेश को हर घर तक पहुँचाना था, ताकि पोलियो उन्मूलन के प्रति समाज में चेतना का प्रसार हो सके। मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय से शुरू हुई इस रैली में एनसीसी कैडेटों ने हाथों में जागरूकता संबंधी तख्तियाँ और बैनर लेकर नगर के प्रमुख मार्गों पर भ्रमण किया। उन्होंने लोगों को पाँच वर्ष तक के प्रत्येक बच्चे को समय-समय पर पोलियो की खुराक अवश्य पिलाने के लिए प्रेरित किया। रैली के दौरान, कैडेटों ने “दो बूंद जिंदगी की, हर बच्चे की सुरक्षा की”, “पोलियो मुक्त भारत, हमारा संकल्प” और “हर बच्चा, हर बार – पोलियो की खुराक बार-बार” जैसे प्रेरक नारों के माध्यम से पोलियो उन्मूलन के प्रति व्यापक जन-जागरूकता का संदेश दिया। इस अभियान में आमजन ने भी गहरी रुचि दिखाई और पोलियो उन्मूलन के संकल्प को अपना समर्थन दिया। इस अवसर पर, 26 यूपी बटालियन एनसीसी के कैडेटों ने अनुशासन, सेवा-भाव और सामाजिक उत्तरदायित्व का उत्कृष्ट परिचय दिया। उनकी सक्रिय भागीदारी ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि राष्ट्र निर्माण और जनस्वास्थ्य अभियानों में युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। यह रैली केवल एक जागरूकता अभियान तक सीमित नहीं थी, बल्कि समाज के प्रति उत्तरदायित्व निभाने और “एक स्वस्थ, सुरक्षित एवं पोलियो मुक्त भारत” के संकल्प को साकार करने की दिशा में एक सार्थक पहल के रूप में सामने आई। एनसीसी कैडेटों ने अपने आदर्श वाक्य “एकता और अनुशासन” को चरितार्थ करते हुए समाज सेवा के प्रति अपनी दृढ़ प्रतिबद्धता का एक उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया।2
- लखीमपुर के ओयल कस्बे में मोहर्रम का जुलूस लखीमपुर, सीतापुर और नेशनल हाईवे मार्ग से होते हुए कर्बला की ओर रवाना हो चुका है। इस दौरान, ओयल पुलिस चौकी प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट है और कस्बे के चप्पे-चप्पे पर कड़ी नजर रखी जा रही है, जिससे वाहनों की आवाजाही में कोई परेशानी न हो।1
- अखिल भारतीय खेत एवं ग्रामीण मजदूर सभा, उत्तर प्रदेश के आह्वान पर गुरुवार, 25 जून को प्रदेशव्यापी कार्यक्रम के तहत गोला गोकर्णनाथ/लखीमपुर खीरी के ब्लॉक मुख्यालय पर एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया गया। इस प्रदर्शन के उपरांत, संगठन के पदाधिकारियों ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम संबोधित एक ज्ञापन खंड विकास अधिकारी को सौंपते हुए ग्रामीण मजदूरों और गरीबों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की। ज्ञापन में संगठन ने प्रमुखता से मांग की कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत सभी जॉब कार्ड धारकों को नियमित रोजगार उपलब्ध कराया जाए, साथ ही 18 वर्ष से अधिक आयु के सभी मजदूरों के जॉब कार्ड बनाए जाएं। इसके अतिरिक्त, मनरेगा के तहत वर्तमान मजदूरी दर को बढ़ाकर ₹729 प्रतिदिन किए जाने की मांग भी उठाई गई। संगठन ने प्रदेश में बिजली की बढ़ी हुई दरों और स्मार्ट मीटर व्यवस्था पर गंभीर आपत्ति जताते हुए बिजली की दरों में वृद्धि वापस लेने, स्मार्ट मीटर पर तत्काल रोक लगाने तथा सभी उपभोक्ताओं को 200 यूनिट मुफ्त बिजली उपलब्ध कराने की मांग की। इनके अलावा, ज्ञापन में माइक्रोफाइनेंस कंपनियों एवं निजी संस्थाओं द्वारा ग्रामीण गरीबों से की जा रही कथित मनमानी पर रोक लगाने, ₹2 लाख तक के कर्ज माफ करने और आरबीआई की गाइडलाइन का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराने की मांग भी शामिल थी। संगठन ने यह भी मांग की कि प्रदेश में बंजर, परती एवं आबादी की भूमि पर बसे लोगों को उजाड़ने के बजाय उनका विधिवत पुनर्वास किया जाए और ग्रामीण क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। धरना-प्रदर्शन के दौरान संगठन के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी इन मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो भविष्य में इस आंदोलन को और भी व्यापक रूप दिया जाएगा।4
- पलिया नगर के मोहल्ला ढाकिन नई बस्ती स्थित एक खाली पड़े प्लॉट में शनिवार को एक अज्ञात अधेड़ का शव मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। शव पड़े होने की सूचना मिलते ही आसपास के लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई और पूरे मोहल्ले में हड़कंप मच गया। सूचना मिलने पर पलिया कोतवाली पुलिस तत्काल घटनास्थल पर पहुंची और निरीक्षण के बाद शव को अपने कब्जे में ले लिया। मृतक की उम्र लगभग 50 वर्ष बताई जा रही है, हालांकि अभी तक उसकी शिनाख्त नहीं हो सकी है। थानाध्यक्ष पंकज त्रिपाठी ने जानकारी दी कि पुलिस शव की पहचान कराने का प्रयास कर रही है। पहचान होने के बाद परिजनों को सूचित किया जाएगा। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की तैयारी की जा रही है, जिसकी रिपोर्ट के आधार पर ही मौत के सही कारणों का पता चल सकेगा। इसके उपरांत मामले में अग्रिम विधिक कार्रवाई की जाएगी।4