लखीमपुर खीरी के मितौली थाना क्षेत्र में एक महिला अध्यापिका का शव शुक्रवार दोपहर करीब ढाई बजे उसके किराए के मकान में पंखे से लटका हुआ मिला। इस दुखद घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तत्काल मौके पर पहुँची और मामले की गहन जाँच शुरू कर दी है। मृतका की पहचान 32 वर्षीय प्रियंका यादव के रूप में हुई है, जो मूल रूप से अयोध्या की निवासी थीं। वह वर्ष 2021 से मितौली ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय रौतापुर में प्राथमिक विद्यालय की अध्यापिका के पद पर कार्यरत थीं। बताया जाता है कि प्रियंका ने राहुल यादव से प्रेम विवाह किया था और उनके पति राहुल पंजाब में नौकरी करते हैं। प्रियंका अपनी 3 साल की बेटी के साथ मितौली में किराए के मकान में रहती थीं। शुक्रवार दोपहर को प्रियंका के पति राहुल ने मितौली निवासी अपने एक परिचित दोस्त और मकान मालिक को फोन कर किसी अनहोनी की आशंका जताई थी। जब वे दोनों मौके पर पहुँचे, तब तक बहुत देर हो चुकी थी और उन्हें शिक्षिका का शव पंखे से फांसी के फंदे से लटका हुआ मिला। घटना की सूचना पर क्षेत्राधिकारी मितौली यादवेंद्र, थाना प्रभारी महेश पाठक, एसआई धर्मेंद्र सिंह और महिला एसआई महिमा पांडे सहित भारी पुलिस बल मौके पर पहुँचा। थाना प्रभारी महेश पाठक ने बताया कि शिक्षिका के परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है। पुलिस के अनुसार, आत्महत्या के कारणों का अभी तक पता नहीं चल सका है, हालांकि यह बताया जा रहा है कि शिक्षिका ने खुदकुशी करने से पहले अपने पति से फोन पर बात की थी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की तैयारी शुरू कर दी है, लेकिन खबर लिखे जाने तक शव को पोस्टमार्टम के लिए नहीं भेजा गया था।
लखीमपुर खीरी के मितौली थाना क्षेत्र में एक महिला अध्यापिका का शव शुक्रवार दोपहर करीब ढाई बजे उसके किराए के मकान में पंखे से लटका हुआ मिला। इस दुखद घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तत्काल मौके पर पहुँची और मामले की गहन जाँच शुरू कर दी है। मृतका की पहचान 32 वर्षीय प्रियंका यादव के रूप में हुई है, जो मूल रूप से अयोध्या की निवासी थीं। वह वर्ष 2021 से
मितौली ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय रौतापुर में प्राथमिक विद्यालय की अध्यापिका के पद पर कार्यरत थीं। बताया जाता है कि प्रियंका ने राहुल यादव से प्रेम विवाह किया था और उनके पति राहुल पंजाब में नौकरी करते हैं। प्रियंका अपनी 3 साल की बेटी के साथ मितौली में किराए के मकान में रहती थीं। शुक्रवार दोपहर को प्रियंका के पति राहुल ने मितौली निवासी अपने एक परिचित दोस्त और मकान मालिक को फोन
कर किसी अनहोनी की आशंका जताई थी। जब वे दोनों मौके पर पहुँचे, तब तक बहुत देर हो चुकी थी और उन्हें शिक्षिका का शव पंखे से फांसी के फंदे से लटका हुआ मिला। घटना की सूचना पर क्षेत्राधिकारी मितौली यादवेंद्र, थाना प्रभारी महेश पाठक, एसआई धर्मेंद्र सिंह और महिला एसआई महिमा पांडे सहित भारी पुलिस बल मौके पर पहुँचा। थाना प्रभारी महेश पाठक ने बताया कि शिक्षिका के परिजनों को घटना
की सूचना दे दी गई है। पुलिस के अनुसार, आत्महत्या के कारणों का अभी तक पता नहीं चल सका है, हालांकि यह बताया जा रहा है कि शिक्षिका ने खुदकुशी करने से पहले अपने पति से फोन पर बात की थी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की तैयारी शुरू कर दी है, लेकिन खबर लिखे जाने तक शव को पोस्टमार्टम के लिए नहीं भेजा गया था।
- इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश की त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था से जुड़े योगी सरकार के एक अहम फैसले पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। हाईकोर्ट ने निवर्तमान ग्राम प्रधानों को कार्यकाल समाप्त होने के बाद प्रशासक नियुक्त करने की सरकार की योजना को 'असंवैधानिक' करार दिया है। मामले की सुनवाई के दौरान माननीय उच्च न्यायालय ने सरकार के इस कदम पर सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया कि कार्यकाल खत्म होने के बाद ग्राम प्रधानों को दोबारा प्रशासक के रूप में शक्तियां सौंपना पूरी तरह से असंवैधानिक है। कोर्ट ने टिप्पणी की कि यह फैसला उत्तर प्रदेश पंचायती राज अधिनियम के प्रावधानों के विपरीत है। कानून के अनुसार, कार्यकाल समाप्त होने के बाद लोकतांत्रिक प्रक्रिया या तय नियमों के तहत ही कार्यवाहक व्यवस्था की जा सकती है, लेकिन निवर्तमान प्रधानों को इस तरह कमान सौंपना नियमों का उल्लंघन है। कोर्ट ने संबंधित शासनादेश पर रोक लगाते हुए पंचायती राज व्यवस्था के मूल सिद्धांतों और अधिनियम की धाराओं से समझौता न करने की बात कही, इसे स्थानीय स्वशासन में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। हाईकोर्ट के इस कड़े रुख के बाद, अब उत्तर प्रदेश शासन को ग्राम पंचायतों के संचालन के लिए एक वैकल्पिक और कानूनी रूप से मान्य रास्ता अपनाना होगा। इस फैसले से प्रदेश की सियासत और ग्रामीण राजनीति में हलचल तेज हो गई है।1
- गोला कुकरा जंगल मार्ग पर पुलिया का निर्माण कार्य पूरा हो गया है, जिससे अब यह आवागमन के लिए तैयार है। इस पुलिया के बनने से तीन दर्जन से अधिक गांवों के लोगों को बड़ी राहत मिली है।1
- कोतवाली पसगवां की पुलिस चौकी बरबर में तैनात आरक्षी राहुल पर ड्यूटी के दौरान वर्दी पहनकर सोशल मीडिया पर रील बनाने का आरोप है। यह कार्रवाई मुख्यमंत्री के उन सख्त आदेशों की खुल्लम-खुल्ला अवहेलना मानी जा रही है, जिनमें ड्यूटी के समय किसी भी पुलिसकर्मी को रील बनाने से मना किया गया है। आरक्षी राहुल सोशल मीडिया पर लगातार सक्रिय नजर आते हैं और नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ा रहे हैं। आरक्षी राहुल का यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। इस मामले की शिकायत आलाधिकारियों से की गई है, और जानकारी 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) के माध्यम से भी उच्चाधिकारियों तक पहुंचाई गई। इसके बाद पसगवां थाना को इस पूरे मामले में आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। अब देखना यह होगा कि इस मामले में आरक्षी के खिलाफ कब और क्या कार्रवाई की जाती है। मामले को लेकर यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा, या फिर नियम-कानून केवल आम और गरीब लोगों पर ही लागू होते हैं, पुलिसकर्मियों पर नहीं।1
- लखीमपुर खीरी के गोला नगर स्थित कंजादेव ग्राम के खाटू श्याम मंदिर में निर्जला एकादशी के पावन पर्व पर भक्ति, श्रद्धा और उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला। श्रीश्याम दीवाने सेवा समिति द्वारा आयोजित भव्य संकीर्तन में हजारों की संख्या में पहुंचे भक्तों ने 'हारे के सहारे की जय' और 'खाटू नरेश की जय' के उद्घोष से पूरे क्षेत्र को गुंजायमान कर दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ गणेश वंदना से हुआ, जिसके बाद सुप्रसिद्ध भजन गायक अजय गुप्ता और शिवम गुप्ता ने अपनी मधुर आवाज से समां बांध दिया। उन्होंने 'ओ सांवरे मुझे तेरी जरूरत है', 'हारा हूँ बाबा पर तुझ पर भरोसा है', और 'मेरे रघुवर तेरा सहारा है' जैसे भावपूर्ण भजनों से श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया, जिससे वे झूमने और नाचने लगे। फूलों से सजे बाबा के अलौकिक दरबार और इत्र की मनमोहक सुगंध ने पूरे वातावरण को दिव्य बना दिया था। मंदिर के पुजारी संतोष पाठक ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए निर्जला एकादशी के धार्मिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि इसे भीमसेनी एकादशी भी कहते हैं, क्योंकि पौराणिक कथाओं के अनुसार महाबली भीमसेन भोजन के बिना नहीं रह पाते थे। महर्षि वेदव्यास ने उन्हें वर्ष भर की सभी एकादशियों के फल की प्राप्ति के लिए केवल एक निर्जला एकादशी का व्रत रखने का उपदेश दिया था, तभी से यह एकादशी विशेष रूप से भीमसेन एकादशी के नाम से विख्यात हुई। 'निर्जला' का अर्थ है बिना जल के, और इस दिन साधक सूर्योदय से लेकर अगले दिन द्वादशी तक अन्न व जल दोनों का त्याग करते हैं। यह व्रत अत्यंत कठिन माना जाता है, पर इसकी महिमा महान है; धर्म शास्त्रों के अनुसार यह व्रत करने से मनुष्य के संचित पाप नष्ट होते हैं और उसे भगवान विष्णु का दिव्य आशीर्वाद प्राप्त होता है। संकीर्तन के समापन पर बाबा की भव्य आरती उतारी गई और हजारों भक्तों के बीच प्रसाद वितरण किया गया। समिति के सेवादारों ने कार्यक्रम को सफल बनाने में विशेष सहयोग दिया। इस अवसर पर अध्यक्ष दीपक राजपूत, महामंत्री अजय गुप्ता, संरक्षक अनिल जलोटा, संजू गुप्ता, अनिरुद्ध गुप्ता, बबलू जायसवाल, शिवम गुप्ता, मयंक, मीडिया प्रभारी सुधीर गुप्ता, संदीप जायसवाल, सौरभ जायसवाल, सुमित राठौर, मुकेश राठौर, प्रिंकल जलोटा, शोभित गुप्ता सहित भारी संख्या में श्याम प्रेमी उपस्थित थे।4
- लखीमपुर-खीरी में 26 यूपी बटालियन एनसीसी के कैडेटों ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से आयोजित एक पल्स पोलियो जागरूकता रैली में उत्साहपूर्वक सहभागिता की। इस रैली का प्राथमिक उद्देश्य “दो बूंद जिंदगी की” के जन-जागरूकता संदेश को हर घर तक पहुँचाना था, ताकि पोलियो उन्मूलन के प्रति समाज में चेतना का प्रसार हो सके। मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय से शुरू हुई इस रैली में एनसीसी कैडेटों ने हाथों में जागरूकता संबंधी तख्तियाँ और बैनर लेकर नगर के प्रमुख मार्गों पर भ्रमण किया। उन्होंने लोगों को पाँच वर्ष तक के प्रत्येक बच्चे को समय-समय पर पोलियो की खुराक अवश्य पिलाने के लिए प्रेरित किया। रैली के दौरान, कैडेटों ने “दो बूंद जिंदगी की, हर बच्चे की सुरक्षा की”, “पोलियो मुक्त भारत, हमारा संकल्प” और “हर बच्चा, हर बार – पोलियो की खुराक बार-बार” जैसे प्रेरक नारों के माध्यम से पोलियो उन्मूलन के प्रति व्यापक जन-जागरूकता का संदेश दिया। इस अभियान में आमजन ने भी गहरी रुचि दिखाई और पोलियो उन्मूलन के संकल्प को अपना समर्थन दिया। इस अवसर पर, 26 यूपी बटालियन एनसीसी के कैडेटों ने अनुशासन, सेवा-भाव और सामाजिक उत्तरदायित्व का उत्कृष्ट परिचय दिया। उनकी सक्रिय भागीदारी ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि राष्ट्र निर्माण और जनस्वास्थ्य अभियानों में युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। यह रैली केवल एक जागरूकता अभियान तक सीमित नहीं थी, बल्कि समाज के प्रति उत्तरदायित्व निभाने और “एक स्वस्थ, सुरक्षित एवं पोलियो मुक्त भारत” के संकल्प को साकार करने की दिशा में एक सार्थक पहल के रूप में सामने आई। एनसीसी कैडेटों ने अपने आदर्श वाक्य “एकता और अनुशासन” को चरितार्थ करते हुए समाज सेवा के प्रति अपनी दृढ़ प्रतिबद्धता का एक उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया।2
- पलिया नगर के मोहल्ला ढाकिन नई बस्ती स्थित एक खाली पड़े प्लॉट में शनिवार को एक अज्ञात अधेड़ का शव मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। शव पड़े होने की सूचना मिलते ही आसपास के लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई और पूरे मोहल्ले में हड़कंप मच गया। सूचना मिलने पर पलिया कोतवाली पुलिस तत्काल घटनास्थल पर पहुंची और निरीक्षण के बाद शव को अपने कब्जे में ले लिया। मृतक की उम्र लगभग 50 वर्ष बताई जा रही है, हालांकि अभी तक उसकी शिनाख्त नहीं हो सकी है। थानाध्यक्ष पंकज त्रिपाठी ने जानकारी दी कि पुलिस शव की पहचान कराने का प्रयास कर रही है। पहचान होने के बाद परिजनों को सूचित किया जाएगा। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की तैयारी की जा रही है, जिसकी रिपोर्ट के आधार पर ही मौत के सही कारणों का पता चल सकेगा। इसके उपरांत मामले में अग्रिम विधिक कार्रवाई की जाएगी।4
- लखीमपुर के ओयल कस्बे में मोहर्रम का जुलूस लखीमपुर, सीतापुर और नेशनल हाईवे मार्ग से होते हुए कर्बला की ओर रवाना हो चुका है। इस दौरान, ओयल पुलिस चौकी प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट है और कस्बे के चप्पे-चप्पे पर कड़ी नजर रखी जा रही है, जिससे वाहनों की आवाजाही में कोई परेशानी न हो।1
- अखिल भारतीय खेत एवं ग्रामीण मजदूर सभा, उत्तर प्रदेश के आह्वान पर गुरुवार, 25 जून को प्रदेशव्यापी कार्यक्रम के तहत गोला गोकर्णनाथ/लखीमपुर खीरी के ब्लॉक मुख्यालय पर एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया गया। इस प्रदर्शन के उपरांत, संगठन के पदाधिकारियों ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम संबोधित एक ज्ञापन खंड विकास अधिकारी को सौंपते हुए ग्रामीण मजदूरों और गरीबों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की। ज्ञापन में संगठन ने प्रमुखता से मांग की कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत सभी जॉब कार्ड धारकों को नियमित रोजगार उपलब्ध कराया जाए, साथ ही 18 वर्ष से अधिक आयु के सभी मजदूरों के जॉब कार्ड बनाए जाएं। इसके अतिरिक्त, मनरेगा के तहत वर्तमान मजदूरी दर को बढ़ाकर ₹729 प्रतिदिन किए जाने की मांग भी उठाई गई। संगठन ने प्रदेश में बिजली की बढ़ी हुई दरों और स्मार्ट मीटर व्यवस्था पर गंभीर आपत्ति जताते हुए बिजली की दरों में वृद्धि वापस लेने, स्मार्ट मीटर पर तत्काल रोक लगाने तथा सभी उपभोक्ताओं को 200 यूनिट मुफ्त बिजली उपलब्ध कराने की मांग की। इनके अलावा, ज्ञापन में माइक्रोफाइनेंस कंपनियों एवं निजी संस्थाओं द्वारा ग्रामीण गरीबों से की जा रही कथित मनमानी पर रोक लगाने, ₹2 लाख तक के कर्ज माफ करने और आरबीआई की गाइडलाइन का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराने की मांग भी शामिल थी। संगठन ने यह भी मांग की कि प्रदेश में बंजर, परती एवं आबादी की भूमि पर बसे लोगों को उजाड़ने के बजाय उनका विधिवत पुनर्वास किया जाए और ग्रामीण क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। धरना-प्रदर्शन के दौरान संगठन के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी इन मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो भविष्य में इस आंदोलन को और भी व्यापक रूप दिया जाएगा।4
- उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले के निघासन थाना क्षेत्र की झंडी चौकी अंतर्गत पचपेड़ी गांव में मोहर्रम के दौरान बनाए जा रहे 55 फीट ऊँचे ताजिए पर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया। मानक से अधिक ऊंचाई का ताजिया तैयार किए जाने की सूचना मिलने के बाद तहसील और पुलिस प्रशासन तुरंत मौके पर पहुँचा। प्रशासन ने ताजिए को गिराकर उसकी ऊंचाई कम करवाई, जिसके बाद ग्रामीणों में भारी नाराजगी और आक्रोश देखा गया। प्रशासन की इस कार्रवाई से गुस्साए ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ताजिया खड़ा होने के बाद उसे जबरन गिराकर काटा गया, जिससे उनकी धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। स्थानीय लोगों ने यह सवाल भी उठाया कि जब पूरी रात ताजिया तैयार किया जा रहा था, तो झंडी चौकी पुलिस को इसकी भनक क्यों नहीं लगी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम और सीओ मौके पर पहुंचे। उन्होंने लोगों से बातचीत कर माहौल को शांत कराया और स्थिति को नियंत्रण में लिया। एहतियात के तौर पर गांव में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। फिलहाल, क्षेत्र में स्थिति नियंत्रित बताई जा रही है और प्रशासन पूरे मामले पर अपनी नजर बनाए हुए है।2