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मित्र भाई श्री अमित_राय_जिजौरा जी जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि/ विधानसभा प्रत्याशी निवाड़ी रहे अपने फलदान कार्यक्रम में सिर्फ_चाँदी_का_सिक्का_लिया बाकी सारा सामान पैसे बापिस लौटा दिए जो कि एक मिसाल पेश की दहेज के कारण कितने लोगों के घर उजड़ते है जिसके लिए श्री #अमित राय एवं उनके परिवार ने समाज को संदेश दिया है कि बहु ही बेटी है और बेटी ही दहेज है Saroj Premchandra Rai Sumit Shivam Rai Premchandra Rai Amit Shivam Rai
Dharmendra Raikwar
मित्र भाई श्री अमित_राय_जिजौरा जी जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि/ विधानसभा प्रत्याशी निवाड़ी रहे अपने फलदान कार्यक्रम में सिर्फ_चाँदी_का_सिक्का_लिया बाकी सारा सामान पैसे बापिस लौटा दिए जो कि एक मिसाल पेश की दहेज के कारण कितने लोगों के घर उजड़ते है जिसके लिए श्री #अमित राय एवं उनके परिवार ने समाज को संदेश दिया है कि बहु ही बेटी है और बेटी ही दहेज है Saroj Premchandra Rai Sumit Shivam Rai Premchandra Rai Amit Shivam Rai
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- निवाड़ी कलेक्टर श्रीमती जमुना भिड़े ने अवैध निवाड़ी जिले की अवैध कॉलोनीयों को लेकर पांच अवैध कॉलोनाइजरों को नोटिस किया जारी 17 मार्च को साक्ष सहित उपस्थित होने के दिए निर्देश,,,,1
- तकनीकि विशेषज्ञ प्रोग्राम कॉर्डिनेटर आपदा प्रबंध संस्थान गृह विभाग भोपाल श्री अभिषेक मिश्रा एवं तकनीकि विशेषज्ञ श्री तुषार गोलाईत ने आपदा प्रबंधन की जानकारी साझा की जिला स्तरीय 'इंसिडेंट रिस्पांस टीम' (IRT) की समीक्षा बैठक एवं प्रशिक्षण कार्यशाला संपन्न -- आज कलेक्टर श्रीमती जमुना भिड़े की अध्यक्षता एवं पुलिस अधीक्षक डॉ राय सिंह नरवरिया की उपस्थिति में जिला कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय इंसिडेंट रिस्पांस टीम (IRT) की एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला और समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले में किसी भी संभावित आपदा (Disaster) से निपटने के लिए पूर्व तैयारियों को पुख्ता करना और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना रहा। तैयारियों की समीक्षा बैठक में बाढ़, भूकंप, और आगजनी जैसी संभावित आपदाओं के समय त्वरित रिस्पांस के लिए टीम के सदस्यों की भूमिकाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों को इंसिडेंट रिस्पांस सिस्टम (IRS) के क्रियान्वयन के बारे में तकनीकी जानकारी दी गई, ताकि आपदा के समय कमांड और कंट्रोल सिस्टम सुचारू रूप से कार्य कर सके। कलेक्टर ने सभी संबंधित विभागों (स्वास्थ्य, पुलिस, राजस्व, और अग्निशमन) को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने स्तर पर उपलब्ध संसाधनों और उपकरणों का समय-समय पर ऑडिट करें। आपदा के समय सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए एक प्रभावी संचार तंत्र (Communication Network) विकसित करने पर जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि "आपदा प्रबंधन में 'गोल्डन ऑवर' (शुरुआती समय) सबसे महत्वपूर्ण होता है। यदि हमारी टीम प्रशिक्षित और सजग है, तो हम जान-माल के नुकसान को न्यूनतम कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि "भूकंप को रोका नहीं जा सकता है परन्तु सही जानकारी , जागरूकता एवं पूर्व तैयारी से भूकंप के प्रभाव से होने वाली क्षति को कम किया जा सकता है। आपदा प्रबंधन में 'इंसीडेंट रिस्पॉन्स सिस्टम' (IRS) की भूमिका और तैयारी किसी भी प्राकृतिक या मानव-निर्मित आपदा के समय जान-माल के नुकसान को न्यूनतम करने के लिए एक सुव्यवस्थित इंसीडेंट रिस्पॉन्स सिस्टम (IRS) सबसे प्रभावी हथियार है। प्रशासन और संगठनों को संकट के समय 'रिएक्ट' करने के बजाय 'रिस्पॉन्ड' करने की रणनीति पर काम करना चाहिए। आपदा प्रबंधन को सशक्त बनाने के लिए तकनीकि विशेषज्ञ प्रोग्राम कॉर्डिनेटर आपदा प्रबंध संस्थान गृह विभाग भोपाल श्री अभिषेक मिश्रा एवं तकनीकि विशेषज्ञ श्री तुषार गोलाईत निम्नलिखित महत्वपूर्ण सुझावों पर जोर दिया एवं जानकारी साझा की। पुलिस अधीक्षक डॉ राय सिंह नरवरिया ने कहा कि नदी किनारे बसे लोगों को नदी की गहराई की जानकारी प्रेषित की जाए तथा बचाव कार्य हेतु स्थानीय लोगों को प्रशिक्षित किया जाए। आपदा प्रबंधन को जमीनी स्तर पर क्रियाशील बनाना है, ताकि अधिक से अधिक लोगों को सुरक्षित किया जा सके। आपदा प्रबंधन हेतु प्रारंभिक व्यवस्थाएं जैसे रस्सा, इमरजेंसी लाइट, स्थानीय तैराक इत्यादि मुहैया कराना सुनिश्चित करें। इमरजेंसी उपकरणों की व्यवस्था करना सुनिश्चित करें। कमांड और कंट्रोल का स्पष्ट ढांचा तकनीकि विशेषज्ञ प्रोग्राम कॉर्डिनेटर श्री मिश्रा ने बताया कि आपदा के समय भ्रम से बचने के लिए एक यूनिफाइड कमांड (Unified Command) का होना जरूरी है। इसमें पुलिस, फायर ब्रिगेड, स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन के बीच तालमेल और आदेश की श्रृंखला (Chain of Command) बिल्कुल स्पष्ट होनी चाहिए। पूर्व-चेतावनी प्रणाली (Early Warning Systems) तकनीक का लाभ उठाते हुए सटीक पूर्वानुमान और चेतावनी प्रणालियों को मजबूत करें। सही समय पर दी गई सूचना लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने (Evacuation) के लिए कीमती समय प्रदान करती है।संसाधन मैपिंग (Resource Mapping) आपदा आने से पहले ही उपलब्ध संसाधनों जैसे एम्बुलेंस, राहत सामग्री, स्वयंसेवक और उपकरणों—की एक विस्तृत सूची और उनकी लोकेशन का डेटाबेस तैयार रखें। संकट के समय सही संसाधन की सही जगह उपलब्धता ही जीवन बचाती है। नियमित मॉक ड्रिल और प्रशिक्षण तैयारी केवल कागजों पर नहीं होनी चाहिए। विभिन्न आपदा परिदृश्यों (जैसे बाढ़, भूकंप या आग) पर आधारित नियमित मॉक ड्रिल का आयोजन करें। इससे रिस्पॉन्स टीम की प्रतिक्रिया की गति (Response Time) में सुधार होता है। संचार के वैकल्पिक माध्यम बड़ी आपदाओं में अक्सर मोबाइल नेटवर्क और बिजली ठप हो जाती है। ऐसे में सैटेलाइट फोन, रेडियो संचार (HAM Radio) और वायरलेस नेटवर्क जैसे वैकल्पिक साधनों को तैयार रखना अनिवार्य है। सामुदायिक भागीदारी (Community Involvement) प्रशासन के पहुँचने से पहले स्थानीय लोग 'फर्स्ट रिस्पॉन्डर' होते हैं। स्थानीय समुदायों को बुनियादी प्राथमिक चिकित्सा और बचाव कार्यों का प्रशिक्षण देकर आपदा प्रबंधन को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। "आपदा प्रबंधन में हर सेकंड की कीमत होती है। एक पूर्व-निर्धारित इंसीडेंट रिस्पॉन्स प्लान न केवल अव्यवस्था को रोकता है, बल्कि राहत कार्यों में सटीकता लाता है।" बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री रोहन सक्सेना, एसडीएम श्री अशोक कुमार सेन, डिप्टी कलेक्टर सुश्री विनीता जैन, सुश्री मनीषा जैन, सुश्री स्वाति सिंह, आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सदस्य और जिले के सभी महत्वपूर्ण विभागों के नोडल अधिकारी उपस्थित रहे।3
- झांसी वसुंधरा सृजन समिति द्वारा होली मिलन समारोह का आयोजन आदरणीय हैप्पी चावला जी की अध्यक्षता में हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम में समिति के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने एक-दूसरे को अबीर-गुलाल एवं चंदन का तिलक लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं और आपसी प्रेम, भाईचारे व सामाजिक एकता का संदेश दिया। समारोह में उपस्थित सभी साथियों ने मिलकर होली के पर्व को उत्साहपूर्वक मनाया तथा समाज सेवा और सामाजिक सरोकारों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।कार्यक्रम के अंत में प्रिंस गुप्ता जी ने सभी अतिथियों एवं सदस्यों का आभार व्यक्त किया।1
- बबीना-झांसी (उत्तर प्रदेश)। इस्लाम धर्म को मानने वाले लोगों के लिए रमजान का पवित्र महीना बरकत, इबादत और रहमत का महीना माना जाता है। रमजान माह के अंतिम शुक्रवार को अलविदा जुमा के नाम से जाना जाता है। इस खास दिन मस्जिदों को भव्य रूप से सजाया जाता है और नमाज अदा करने के लिए अकीदतमंदों में विशेष उत्साह देखने को मिलता है।1
- Post by Mohammad Irshad3
- बबीना (झांसी)। थाना बबीना पुलिस ने अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एक महिला को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार 13 मार्च 2026 को काली पहाड़िया के ऊपर ग्राम सिमरावारी क्षेत्र में छापेमारी के दौरान आरोपी महिला के कब्जे से प्लास्टिक की बोरी में रखी 50 पन्नियों में करीब 10 लीटर कच्ची देशी शराब बरामद की गई। पुलिस ने आरोपी महिला श्रीमती रागिनी पत्नी रामचन्द्र मनोरिया, निवासी वार्ड नंबर 24 मथुरा कॉलोनी सिमराहा को हिरासत में लेकर उसके खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा 60(1) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। मामले की जांच उपनिरीक्षक राजेश कुमार द्वारा की जा रही है।1
- Post by Dharmendra Raikwar1