कटनी जिले के बड़वारा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम विलायत कला में नियमों का सरेआम उल्लंघन कर संचालित हो रही एक शासकीय शराब दुकान के खिलाफ स्थानीय ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा है। दुकान को हटाने की मांग को लेकर ग्रामीणों का विरोध प्रदर्शन लगातार तेज होता जा रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह विवादित शराब दुकान विलायत कला के खमतरा तिराहे पर स्थित है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस दुकान के कारण नेशनल-स्टेट हाईवे पर आए दिन भारी जाम लगता है। उनका यह भी कहना है कि शराबियों की आवाजाही और अव्यवस्था के चलते इस क्षेत्र में सड़क दुर्घटनाओं का ग्राफ तेजी से बढ़ा है, जिससे राहगीरों और स्थानीय निवासियों का जीवन दूभर हो गया है। बढ़ती दुर्घटनाओं और क्षेत्र में फैल रही अशांति से परेशान होकर, सोमवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्रित हुए। उन्होंने तहसीलदार को एक लिखित ज्ञापन सौंपकर प्रशासनिक अधिकारी को क्षेत्र की गंभीर स्थिति से अवगत कराया और शराब दुकान को तत्काल प्रभाव से वहां से हटाने की मांग की। ग्रामीणों ने प्रशासन को स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि सात दिन के भीतर इस शराब दुकान को खमतरा तिराहे से हटाकर अन्यत्र स्थानांतरित नहीं किया गया, तो वे उग्र आंदोलन और चक्काजाम करने के लिए बाध्य होंगे, जिसकी समस्त जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण और स्थानीय युवा उपस्थित रहे, जिन्होंने प्रशासन से इस मामले में तुरंत सख्त कदम उठाने की अपील की। अब देखना यह होगा कि बड़वारा प्रशासन इस संवेदनशील मामले पर सात दिनों के भीतर क्या कार्रवाई करता है।
कटनी जिले के बड़वारा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम विलायत कला में नियमों का सरेआम उल्लंघन कर संचालित हो रही एक शासकीय शराब दुकान के खिलाफ स्थानीय ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा है। दुकान को हटाने की मांग को लेकर ग्रामीणों का विरोध प्रदर्शन लगातार तेज होता जा रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह विवादित शराब दुकान विलायत कला के खमतरा तिराहे पर स्थित है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस दुकान के कारण नेशनल-स्टेट हाईवे पर आए दिन भारी जाम लगता है। उनका यह भी कहना है कि शराबियों की आवाजाही और अव्यवस्था के चलते इस क्षेत्र में सड़क दुर्घटनाओं का ग्राफ तेजी से बढ़ा है, जिससे राहगीरों और स्थानीय निवासियों का जीवन दूभर हो गया है। बढ़ती दुर्घटनाओं और क्षेत्र में फैल रही अशांति से परेशान होकर, सोमवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्रित हुए। उन्होंने तहसीलदार को एक लिखित ज्ञापन सौंपकर प्रशासनिक अधिकारी को क्षेत्र की गंभीर स्थिति से अवगत कराया और शराब दुकान को तत्काल प्रभाव से वहां से हटाने की मांग की। ग्रामीणों ने प्रशासन को स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि सात दिन के भीतर इस शराब दुकान को खमतरा तिराहे से हटाकर अन्यत्र स्थानांतरित नहीं किया गया, तो वे उग्र आंदोलन और चक्काजाम करने के लिए बाध्य होंगे, जिसकी समस्त जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण और स्थानीय युवा उपस्थित रहे, जिन्होंने प्रशासन से इस मामले में तुरंत सख्त कदम उठाने की अपील की। अब देखना यह होगा कि बड़वारा प्रशासन इस संवेदनशील मामले पर सात दिनों के भीतर क्या कार्रवाई करता है।
- सतना जिले में चंदन के पेड़ चोरी करने वाले एक गिरोह का नागौद पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस पारदी गिरोह की तीन महिलाओं समेत कुल 6 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पूछताछ के दौरान, गिरोह के सदस्यों ने नागौद, रामपुर बाघेलान, सिंहपुर, अमरपाटन और चौकी बाबूपुर जैसे विभिन्न इलाकों में चंदन के पेड़ चोरी की कई घटनाओं को अंजाम देने की बात स्वीकार की है। यह सफलता टीआई अशोक पांडेय के नेतृत्व में पुलिस टीम को मिली है।1
- एक तीखा और बार-बार दोहराया गया सवाल उठाया गया है, जिसमें नेताओं और अधिकारियों से पूछा जा रहा है कि क्या वे 'ऐसी जगह' में रह सकते हैं। इस प्रश्न को कई बार दोहराकर इस बात पर जोर दिया गया है कि जिस 'जगह' का जिक्र किया जा रहा है, वहां की परिस्थितियां संभवतः स्वीकार्य नहीं हैं। यह सवाल एक चुनौती के रूप में सामने आता है, जो उन जिम्मेदार लोगों से उन स्थितियों का अनुभव करने की अपेक्षा करता है, जिनका सामना अन्य लोग कर रहे होंगे।1
- मैहर के ग्राम डेल्हा में एक भव्य निःशुल्क नेत्र प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया। इस आयोजन की खास बात यह रही कि सरपंच अभिषेक जायसवाल ने इसमें सक्रिय और अहम भूमिका निभाई, जिनके प्रयासों और पहल से ही यह स्वास्थ्य शिविर संभव हो सका। शिविर में उपस्थित डॉक्टरों की टीम ने आंखों की देखभाल, बीमारियों की प्रारंभिक पहचान, उचित पोषण और नियमित जांच के महत्व पर ग्रामीणों को विस्तार से जानकारी प्रदान की। ग्रामीणों ने इस कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और विशेषज्ञों से अपने नेत्र स्वास्थ्य से जुड़े कई सवालों के समाधान भी प्राप्त किए। लोगों ने सरपंच की इस पहल की सराहना करते हुए मांग की कि गांव में स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच बेहतर बनाने के लिए ऐसे शिविरों का समय-समय पर आयोजन किया जाना चाहिए। यह निःशुल्क नेत्र प्रशिक्षण शिविर ग्राम डेल्हा में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक प्रभावी और अत्यंत सराहनीय कदम माना जा रहा है, जिससे ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को नेत्र स्वास्थ्य के प्रति जागरूक होने का महत्वपूर्ण अवसर मिला।4
- कटनी जिले के बड़वारा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम विलायत कला में नियमों का सरेआम उल्लंघन कर संचालित हो रही एक शासकीय शराब दुकान के खिलाफ स्थानीय ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा है। दुकान को हटाने की मांग को लेकर ग्रामीणों का विरोध प्रदर्शन लगातार तेज होता जा रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह विवादित शराब दुकान विलायत कला के खमतरा तिराहे पर स्थित है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस दुकान के कारण नेशनल-स्टेट हाईवे पर आए दिन भारी जाम लगता है। उनका यह भी कहना है कि शराबियों की आवाजाही और अव्यवस्था के चलते इस क्षेत्र में सड़क दुर्घटनाओं का ग्राफ तेजी से बढ़ा है, जिससे राहगीरों और स्थानीय निवासियों का जीवन दूभर हो गया है। बढ़ती दुर्घटनाओं और क्षेत्र में फैल रही अशांति से परेशान होकर, सोमवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्रित हुए। उन्होंने तहसीलदार को एक लिखित ज्ञापन सौंपकर प्रशासनिक अधिकारी को क्षेत्र की गंभीर स्थिति से अवगत कराया और शराब दुकान को तत्काल प्रभाव से वहां से हटाने की मांग की। ग्रामीणों ने प्रशासन को स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि सात दिन के भीतर इस शराब दुकान को खमतरा तिराहे से हटाकर अन्यत्र स्थानांतरित नहीं किया गया, तो वे उग्र आंदोलन और चक्काजाम करने के लिए बाध्य होंगे, जिसकी समस्त जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण और स्थानीय युवा उपस्थित रहे, जिन्होंने प्रशासन से इस मामले में तुरंत सख्त कदम उठाने की अपील की। अब देखना यह होगा कि बड़वारा प्रशासन इस संवेदनशील मामले पर सात दिनों के भीतर क्या कार्रवाई करता है।1
- मैहर में अखिल भारतीय कूर्मि क्षत्रिय महासभा जिला इकाई मैहर द्वारा कटनी रोड स्थित पटेल मैरिज गार्डन (चिलौध) में आयोजित "प्रतिभा-जननी सम्मान समारोह" शिक्षा, संस्कार और मातृशक्ति के सम्मान का एक ऐतिहासिक संगम बन गया। महासभा की राष्ट्रीय महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष और पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष डॉ. रश्मि सिंह की अगुवाई में आयोजित इस भव्य समारोह में हजारों लोगों की उपस्थिति ने इसे एक जनआंदोलन का रूप दे दिया। इस समारोह में सतना और मैहर जिले के विभिन्न विद्यालयों और महाविद्यालयों के 1759 मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया, जिन्होंने वर्ष 2025-26 की 10वीं, 12वीं एवं महाविद्यालयीन परीक्षाओं में 60 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त किए थे। कार्यक्रम की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह रही कि इन बच्चों की सफलता के पीछे महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली उनकी माताओं को भी मंच पर आमंत्रित कर सम्मानित किया गया, जिससे यह आयोजन केवल प्रतिभा सम्मान तक सीमित न रहकर मातृशक्ति के सम्मान का एक प्रेरणादायी उदाहरण बन गया। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में डॉ. रश्मि सिंह ने बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य क्षेत्र के बच्चों, विशेषकर बेटियों को शिक्षा के प्रति जागरूक करना है, ताकि वे डॉक्टर, इंजीनियर, प्रशासनिक अधिकारी जैसे उच्च पदों पर पहुंचकर देश और समाज का नाम रोशन कर सकें। उन्होंने माताओं से बच्चों की शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आह्वान किया। मुख्य अतिथि एवं महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष सर्वेश कटियार ने समारोह को ऐतिहासिक बताते हुए प्रतिभा और मातृशक्ति को एक साथ सम्मानित करने के इस प्रयास को समाज के लिए अनुकरणीय बताया, जो युवाओं का मनोबल बढ़ाने के साथ समाज को नई दिशा देता है। विशिष्ट अतिथि एवं उत्तर प्रदेश प्रदेश अध्यक्ष, पूर्व सांसद बाल कुमार पटेल ने छात्र-छात्राओं के साथ उनकी माताओं का सम्मान देखना अपने जीवन का अविस्मरणीय अनुभव बताया और डॉ. रश्मि सिंह की सोच और नेतृत्व की मुक्तकंठ से प्रशंसा की। डॉ. पृथ्वीराज सिंह ने अपने संघर्षपूर्ण जीवन के अनुभव साझा करते हुए विद्यार्थियों को विपरीत परिस्थितियों में भी लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने का संदेश दिया, जबकि डीएसपी वर्षा पटेल ने स्वागत भाषण देकर अतिथियों का अभिनंदन किया। समारोह में प्रो. चंदन सिंह, विकास सिंह और ए.के.एस. विश्वविद्यालय मैहर के सेंटर हेड राजू द्विवेदी ने विद्यार्थियों को करियर निर्माण, उच्च शिक्षा और भविष्य की संभावनाओं पर महत्वपूर्ण मार्गदर्शन भी प्रदान किया, जो कार्यक्रम का एक अतिरिक्त आकर्षण रहा। इस भव्य आयोजन में मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ सहित विभिन्न राज्यों से समाज के राष्ट्रीय और प्रांतीय पदाधिकारी, जिनमें गिरिधर कुमायूं, चंद्रभूषण सिंह वर्मा, डॉ. हेम कुमारी कर्मी, प्रतिपाल पटेल, कुंवर सिंह, मान सिंह, अखिलेश सिंह भरहुत, अयोध्या सिंह, कोदलाल सिंह और जिला अध्यक्ष अखिलेश सिंह सलैया प्रमुख थे, उपस्थित रहे। इसके अलावा, दवाई सारथी पद्मचंद जैन सहित क्षेत्र के अनेक समाजसेवी और जनप्रतिनिधियों, जैसे बबलू सिंह सोनवारी, वीरेंद्र सिंह मगरौरा, रामकलेश सिंह बरेठी, राघवेंद्र कुमार मिश्रा, रामचरण सिंह, सूर्यकांत त्रिपाठी, चंद्रभान तिवारी, शशांक पटेल, प्रदीप पटेल, बलिराम सिंह, चंद्रभान सिंह, मान सिंह पिथौराबाद, संतोष सिंह, शिवानंद सिंह, मोहन सिंह, अमन प्रताप सिंह, पुष्पेंद्र सिंह और उदयभान सिंह की सक्रिय भागीदारी ने कार्यक्रम को सफल बनाया। शिक्षा, संस्कार और नारी सम्मान के संदेश से परिपूर्ण इस ऐतिहासिक आयोजन का समापन सभी अतिथियों, विद्यार्थियों, माताओं और समाजबंधुओं के लिए भव्य प्रीतिभोज के साथ हुआ। उपस्थित लोगों ने इसे मातृशक्ति के सम्मान और शिक्षा के प्रसार की दिशा में एक यादगार अध्याय के रूप में दर्ज बताया।4
- मैहर में हुई पहली बारिश ने नगर पालिका की मानसून तैयारियों और जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल दी है। वार्ड क्रमांक 21 में रहने वाले अशोक कुमार सोनी के घर में नाले का गंदा पानी घुस जाने से परिवार को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। यह घटना नगर पालिका के मानसून पूर्व नालों की सफाई और आवश्यक व्यवस्थाओं के दावों की सच्चाई को उजागर करती है। सतना रोड स्थित बाबा तालाब के सामने अशोक कुमार सोनी के मकान में बारिश के दौरान नाले का दूषित पानी घुस गया, जिससे घर के आंगन और कमरों में गंदा पानी भर गया। इससे घरेलू सामान प्रभावित हुए और परिवार के सदस्यों को पानी निकालने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि नालों की समय पर सफाई न होने और जल निकासी व्यवस्था के कमजोर होने के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है। क्षेत्रवासियों ने चिंता जताई है कि नाले का गंदा पानी घरों में भरने से न केवल आर्थिक नुकसान होता है, बल्कि स्वास्थ्य संबंधी गंभीर खतरे भी पैदा होते हैं। दूषित पानी के संपर्क में आने से डेंगू, मलेरिया, टाइफाइड, हैजा, डायरिया, त्वचा रोग और अन्य संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका बढ़ जाती है, खासकर छोटे बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों के लिए यह स्थिति अधिक जोखिमपूर्ण हो सकती है। निवासियों ने नगर पालिका से तत्काल प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण करने और जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने की मांग की है। उन्होंने प्राथमिकता के आधार पर नालों की सफाई और आवश्यक सुधार कार्य कराने की अपील की है, ताकि आगामी बारिश में लोग ऐसी समस्याओं और संभावित बीमारियों के खतरे से बच सकें। पहली ही बरसात में घरों तक पहुंचे नाले के गंदे पानी ने नगर पालिका की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं, और अब देखना होगा कि जिम्मेदार अधिकारी इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए कितनी तत्परता दिखाते हैं।2
- मैहर नगर पालिका परिषद के मुख्य नगरपालिका अधिकारी (सीएमओ) प्रिंस अग्रवाल ने शहर की स्वच्छता और जल निकासी व्यवस्था को लेकर सक्रियता दिखाते हुए रेलवे स्टेशन क्षेत्र में एक विशेष सफाई अभियान चलाया। यह कदम बीते दिन हुई सिर्फ आधे घंटे की बारिश के बाद रेलवे स्टेशन परिसर और आसपास के क्षेत्र में हुए गंभीर जलभराव के परिणामस्वरूप उठाया गया, जिससे यात्रियों और श्रद्धालुओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा था। इस मामले की गंभीरता को समझते हुए, सीएमओ प्रिंस अग्रवाल ने तत्काल संज्ञान लिया और आज स्वयं मौके पर पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण किया। उनके नेतृत्व में चले इस विशेष सफाई अभियान के कारण, आधे घंटे की बारिश के बाद उत्पन्न हुई जलभराव की समस्या का तत्काल समाधान किया जा सका।3
- आज मैहर जिले में रेल रोको आंदोलन किया गया, जहाँ ग्रामीणों का तीव्र आक्रोश स्पष्ट रूप से सामने आया। इस प्रदर्शन में भारी संख्या में लोगों ने भाग लिया। प्रदर्शनकारियों का साफ कहना है कि जब तक उनकी माँगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक वे इस आंदोलन को जारी रखेंगे।1