बरेली के आंवला में भमोरा थाना क्षेत्र के मकरंदपुर रेलवे स्टेशन के निकट शनिवार सुबह रेलवे लाइन पर एक युवक का शव मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। सुबह करीब 6:30 बजे मकरंदपुर रेलवे स्टेशन के डाउन होम सिग्नल के पास ट्रैक पर शव पड़ा होने की सूचना रेलवे कर्मचारियों को मिली, जिसके बाद स्टेशन प्रशासन ने तत्काल भमोरा पुलिस को इसकी जानकारी दी। सूचना मिलते ही भमोरा पुलिस, रेलवे सुरक्षा बल और राजकीय रेलवे पुलिस की टीमें मौके पर पहुंच गईं। पुलिस और रेलवे अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आसपास के लोगों से पूछताछ की। जांच के दौरान मृतक की पहचान शाहजहांपुर जनपद के निगोही निवासी अनूप (35) पुत्र मुनेश कुमार के रूप में हुई। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि युवक की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसकी जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट व अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बरेली के आंवला में भमोरा थाना क्षेत्र के मकरंदपुर रेलवे स्टेशन के निकट शनिवार सुबह रेलवे लाइन पर एक युवक का शव मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। सुबह करीब 6:30 बजे मकरंदपुर रेलवे स्टेशन के डाउन होम सिग्नल के पास ट्रैक पर शव पड़ा होने की सूचना रेलवे कर्मचारियों को मिली, जिसके बाद स्टेशन प्रशासन ने तत्काल भमोरा पुलिस को इसकी जानकारी दी। सूचना मिलते ही भमोरा पुलिस, रेलवे सुरक्षा बल और राजकीय रेलवे पुलिस की टीमें मौके पर पहुंच गईं। पुलिस और रेलवे अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आसपास के लोगों से पूछताछ की। जांच के दौरान मृतक की पहचान शाहजहांपुर जनपद के निगोही निवासी अनूप (35) पुत्र मुनेश कुमार के रूप में हुई। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि युवक की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसकी जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट व अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- उत्तर प्रदेश के मेरठ पहुंचे समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक दलित छात्रा की हत्या के मामले में पीड़ित परिजनों से मुलाकात की है। इस दौरान उन्होंने घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की लड़ाई में उनके साथ मजबूती से खड़े रहने का पूरा भरोसा दिया। अखिलेश यादव ने इस मामले में दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने और पीड़ित परिवार को जल्द से जल्द न्याय दिलाने की मांग की है।1
- बरेली में आयोजित होने वाले 108वें उर्स-ए-आला हजरत की तारीखों को लेकर संशय की स्थिति बनी हुई है। पहले इस बड़े धार्मिक आयोजन के लिए 8, 9 और 10 अगस्त की तारीखें प्रस्तावित मानी जा रही थीं। हालांकि, हाल ही में जिलाधिकारी (DM) और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) की मौजूदगी में संपन्न हुई पीस कमेटी की बैठक के बाद से तारीखों में संभावित बदलाव को लेकर अटकलें काफी तेज हो गई हैं। इस बीच, जमात रज़ा-ए-मुस्तफ़ा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सलमान हसन खान कादरी द्वारा जारी एक पत्र ने इस मामले को और हवा दे दी है। पत्र के अनुसार, उर्स-ए-आला हजरत की अंतिम तारीखें तय करने के लिए वरिष्ठ उलेमा-ए-किराम की एक उच्च स्तरीय टीम का गठन किया गया है। इस टीम में देश के कई प्रमुख इस्लामी विद्वान और मुफ्ती शामिल हैं, जो सभी धार्मिक, प्रशासनिक और अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं पर गंभीरता से विचार-विमर्श करेंगे और अपनी सिफारिशें दरगाह आला हजरत के जिम्मेदारों को सौंपेंगे। पत्र में स्पष्ट किया गया है कि यह एक बेहद महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजन है, इसलिए तारीखों का निर्धारण पूरी गंभीरता और आपसी मशवरे के बाद ही किया जाएगा। फिलहाल, उर्स की तारीखों में किसी भी प्रकार के बदलाव की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, जिसके चलते पूर्व घोषित 8, 9 और 10 अगस्त की तारीखें ही चर्चा के केंद्र में हैं। अब सभी की नजरें दरगाह आला हजरत और संबंधित जिम्मेदारों के अंतिम फैसले पर टिकी हैं कि उर्स पहले से तय तारीखों पर ही संपन्न होगा या इसमें कोई बदलाव किया जाएगा।1
- बदायूं जिले के बिनावर थाना क्षेत्र के एक गांव में रहने वाली पिंकी मौर्या ने अपने पति प्रमोद कुमार पर गंभीर आरोप लगाते हुए न्याय की गुहार लगाई है। पीड़िता की शादी 20 जून 2005 को प्रमोद कुमार से हिंदू रीति-रिवाज से हुई थी और उनके दो बेटे हैं। पिंकी का आरोप है कि उसके पति के पिछले कुछ सालों से एक अन्य महिला से संबंध हैं, जिसके चलते 2 जुलाई 2026 की दोपहर करीब 3 बजे पति ने बिना तलाक दिए उसे और उसके बच्चों को घर से निकाल दिया। जब वह अपने भाई और बेटों के साथ वापस घर लौटी, तो पति और उस आरोपी महिला ने मिलकर उनके साथ मारपीट की और उन्हें जान से मारने की धमकी दी। पीड़िता द्वारा मौके पर 112 नंबर पर कॉल करने के बावजूद पुलिस बिना कोई कार्रवाई किए वापस लौट गई। इस घटना के 10 दिन बीत जाने के बाद भी पीड़िता को बिनावर कोतवाली से कोई न्याय नहीं मिला है। पीड़िता का आरोप है कि बिनावर कोतवाली में फरियादियों की सुनवाई नहीं होती और वरिष्ठ अधिकारियों को गुमराह करने के लिए आईजीआरएस (IGRS) पोर्टल पर भी झूठी रिपोर्ट लगा दी जाती है। बेघर होकर बच्चों के साथ दर-दर भटकने को मजबूर पीड़िता ने अब बदायूं के एसएसपी (SSP) को प्रार्थना पत्र देकर आरोपी पति और महिला पर घरेलू हिंसा व मारपीट की धाराओं में केस दर्ज करने की मांग की है। साथ ही, उसने बच्चों के साथ घर में सुरक्षित रहने की व्यवस्था कराने की अपील करते हुए कहा है, "मेरे दो छोटे-छोटे बच्चे हैं। अगर पुलिस मदद नहीं करेगी तो हम कहां जाएंगे।"1
- बदायूं में रिश्तों की आड़ में रची गई साजिश और खामोशी के पीछे छिपे खून के राज का एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है जिसने हर किसी को सन्न कर दिया है। प्यार, मोहब्बत और भरोसे के बाद बेवफाई का ऐसा खूनी अंजाम देखने को मिला है, जिसने सबको चौंका दिया है। आखिर इस वारदात को किसने, क्यों और कैसे अंजाम दिया, इस सनसनीखेज हत्याकांड का पूरा सच 'Aaj Ki Khabar' के स्पेशल क्राइम शो '#गुनाह' में दिखाया जाएगा। बदायूं की इस खौफनाक 'क्राइम स्टोरी' का पूरा सच जल्द ही सामने आने वाला है।1
- बरेली में साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे 'ऑपरेशन सीवाई-वज्र' के तहत पुलिस ने लगातार तीसरे दिन बड़ी कार्रवाई करते हुए चार साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। एसओजी, साइबर सेल और साइबर थाने की संयुक्त टीम ने इन आरोपियों को दबोचा है। इनके बैंक खातों में साइबर ठगी की 6.44 लाख रुपये से अधिक की संदिग्ध धनराशि का लेनदेन मिला है। गिरफ्तार किए गए इन चारों आरोपियों के खिलाफ एनसीआरपी पोर्टल पर पहले से ही 11 साइबर फ्रॉड की शिकायतें दर्ज हैं। पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि ये आरोपी बिहार और कर्नाटक समेत कई राज्यों के लोगों को डरा-धमकाकर, लालच देकर या उनके बैंक खाते हैक करके साइबर ठगी को अंजाम देते थे। ठगी की रकम को पहले एक खाते में मंगाया जाता था और फिर उसे अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कर नकदी निकाल ली जाती थी, जिसे ये आपस में बांट लेते थे। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे ठगी की रकम से अपने महंगे शौक पूरे करते थे। पुलिस ने इनके कब्जे से एक आईफोन-13 और एक आईफोन-16 बरामद किया है। थाना कैंट पुलिस ने तीन आरोपियों आनंद कुमार, विक्की श्रीवास्तव और सुमित श्रीवास्तव को गिरफ्तार किया है, जिनके बैंक खातों में 3,41,424 रुपये का संदिग्ध लेनदेन मिला। इन तीनों ने अपने साथियों के साथ मिलकर ठगी की रकम निकालने की बात कबूल की है, जिसके बाद इनके खिलाफ कैंट थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। इनके खिलाफ एनसीआरपी पोर्टल पर सात शिकायतें पहले से दर्ज हैं। वहीं, संयुक्त टीम ने बहेड़ी क्षेत्र से मोहम्मद शादाब को गिरफ्तार किया है, जिसके खाते में 3,03,383 रुपये का संदिग्ध लेनदेन मिला है। शादाब के खिलाफ बहेड़ी थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है और उसके खिलाफ भी एनसीआरपी पोर्टल पर चार शिकायतें दर्ज हैं। सभी चारों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है और पुलिस अब पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ रही है।2
- बरेली और बदायूं के पास पीलीभीत-पूरनपुर हाईवे पर शुक्रवार की रात एक दर्दनाक हादसा हुआ है, जहां पूरनपुर से पीलीभीत के रास्ते जा रहे एक चलते ट्रक में अचानक भीषण आग लग गई। इस भयानक हादसे में ट्रक के ड्राइवर और क्लीनर की मौत हो चुकी है। 12 जुलाई की इस बड़ी घटना के बारे में बताया जा रहा है कि हाईवे पर चलते ट्रक में आग इतनी भीषण थी कि चालक की जिंदा जलकर मौत हो गई। हादसे के वक्त इस ट्रक में भारी मात्रा में प्लास्टिक के टुकड़े लदे हुए थे।1