बिहार के दरभंगा जिले में पत्रकारिता, जिसे लोकतंत्र का चौथा स्तंभ माना जाता है, आज खुद को असुरक्षित महसूस कर रही है। पिछले कुछ समय से यहां पत्रकारों पर लगातार हमले, उत्पीड़न और बिना जांच-पड़ताल के एकतरफा कानूनी कार्रवाई के मामले सामने आ रहे हैं, खासकर सच दिखाने वाले पत्रकारों पर झूठे मुकदमे दर्ज होने की घटनाओं ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं। इन्हीं मुद्दों को लेकर आज दरभंगा के तमाम मीडियाकर्मी 'पत्रकार मित्र' के बैनर तले एकजुट हुए और 'प्रेस क्लब दरभंगा' से कलेक्ट्रेट तथा टावर चौक तक एक विशाल और शांतिपूर्ण पैदल मार्च निकाला। इस दौरान पत्रकारों के हाथों में एक बड़ा बैनर था, जिस पर झूठे मुकदमों, उत्पीड़न और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हो रहे हमलों के विरोध में शांतिपूर्ण मार्च का संदेश साफ लिखा था। मार्च के बाद, पत्रकारों के एक प्रतिनिधिमंडल ने जिला प्रशासन के आला अधिकारियों से मुलाकात की और पुलिस उप महानिरीक्षक (DIG) तथा जिला पदाधिकारी (DM) को एक विस्तृत मांग-पत्र सौंपा। इस ज्ञापन पर संजय कुमार, अभिषेक कुमार, लाल बाबु बीरु सहित जिले के लगभग 30 प्रमुख पत्रकारों के हस्ताक्षर हैं। पत्रकारों की मुख्य मांगें स्पष्ट और न्यायसंगत हैं, जिनमें किसी भी पत्रकार पर प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने से पहले स्थानीय प्रशासन और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को सूचित करना; FIR से पहले संबंधित पत्रकार को अपना पक्ष रखने का पूरा मौका देना; मामले की शुरुआती जांच कम से कम डीएसपी (DSP) स्तर के सीनियर अधिकारी से कराना; और बिना पर्याप्त जांच व तथ्यों के सत्यापन के पत्रकारों की गिरफ्तारी या कोई भी कठोर कार्रवाई तुरंत रोकना शामिल है। इसी संदर्भ में, वैशाली (हाजीपुर) से जुड़े एक अन्य मामले का भी जिक्र सामने आया, जिसकी शिकायत सोशल मीडिया पर भ्रामक खबरें फैलाने के खिलाफ दर्ज कराई गई थी। इस मार्च के दौरान मीडियाकर्मियों ने साफ किया कि वे भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी आवाज दबाने नहीं देंगे। अधिकारियों ने भी आश्वासन दिया है कि एसएसपी के अवकाश से लौटने पर जल्द ही एक संयुक्त बैठक बुलाई जाएगी और सभी थानों को इसके लिए उचित निर्देश जारी किए जाएंगे। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन के इन आश्वासनों के बाद धरातल पर पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर क्या ठोस बदलाव आता है, क्योंकि पत्रकारों की यह स्पष्ट मांग है कि 'सत्य की आवाज को दबाना बंद करो'।
बिहार के दरभंगा जिले में पत्रकारिता, जिसे लोकतंत्र का चौथा स्तंभ माना जाता है, आज खुद को असुरक्षित महसूस कर रही है। पिछले कुछ समय से यहां पत्रकारों पर लगातार हमले, उत्पीड़न और बिना जांच-पड़ताल के एकतरफा कानूनी कार्रवाई के मामले सामने आ रहे हैं, खासकर सच दिखाने वाले पत्रकारों पर झूठे मुकदमे दर्ज होने की घटनाओं ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं। इन्हीं मुद्दों को लेकर आज दरभंगा के तमाम मीडियाकर्मी 'पत्रकार मित्र' के बैनर तले एकजुट हुए और 'प्रेस क्लब दरभंगा' से कलेक्ट्रेट तथा टावर चौक तक एक विशाल और शांतिपूर्ण पैदल मार्च निकाला। इस दौरान पत्रकारों के हाथों में एक बड़ा बैनर था, जिस पर झूठे मुकदमों, उत्पीड़न और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हो रहे हमलों के विरोध में शांतिपूर्ण मार्च का संदेश साफ लिखा था। मार्च के बाद, पत्रकारों के एक प्रतिनिधिमंडल ने जिला प्रशासन के आला अधिकारियों से मुलाकात की और पुलिस उप महानिरीक्षक (DIG) तथा जिला पदाधिकारी (DM) को एक विस्तृत मांग-पत्र सौंपा। इस ज्ञापन पर संजय कुमार, अभिषेक कुमार, लाल बाबु बीरु सहित जिले के लगभग 30 प्रमुख पत्रकारों के हस्ताक्षर हैं। पत्रकारों की मुख्य मांगें स्पष्ट और न्यायसंगत हैं, जिनमें किसी भी पत्रकार पर प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने से पहले स्थानीय प्रशासन और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को सूचित करना; FIR से पहले संबंधित पत्रकार को अपना पक्ष रखने का पूरा मौका देना; मामले की शुरुआती जांच कम से कम डीएसपी (DSP) स्तर के सीनियर अधिकारी से कराना; और बिना पर्याप्त जांच व तथ्यों के सत्यापन के पत्रकारों की गिरफ्तारी या कोई भी कठोर कार्रवाई तुरंत रोकना शामिल है। इसी संदर्भ में, वैशाली (हाजीपुर) से जुड़े एक अन्य मामले का भी जिक्र सामने आया, जिसकी शिकायत सोशल मीडिया पर भ्रामक खबरें फैलाने के खिलाफ दर्ज कराई गई थी। इस मार्च के दौरान मीडियाकर्मियों ने साफ किया कि वे भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी आवाज दबाने नहीं देंगे। अधिकारियों ने भी आश्वासन दिया है कि एसएसपी के अवकाश से लौटने पर जल्द ही एक संयुक्त बैठक बुलाई जाएगी और सभी थानों को इसके लिए उचित निर्देश जारी किए जाएंगे। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन के इन आश्वासनों के बाद धरातल पर पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर क्या ठोस बदलाव आता है, क्योंकि पत्रकारों की यह स्पष्ट मांग है कि 'सत्य की आवाज को दबाना बंद करो'।
- सर्जना निखार शिविर के दौरान छात्राओं के बीच भारी उत्साह और जोश देखा गया। इस आयोजन में बड़ी संख्या में भीड़ भी मौजूद थी।1
- दरभंगा जिले के कमतौल थाना क्षेत्र के ब्रह्मपुर में अपनी पत्नी की गोली मारकर हत्या करने के आरोपी पति को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने इस मामले के मुख्य आरोपी सीसीर भारद्वाज को देसी पिस्टल के साथ पकड़ा है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी पति को जेल भेज दिया गया है।1
- सहयोग शिविरों में राजस्व से जुड़े मामलों की पहुँच अधिक देखी जाती है। हालाँकि, इन शिविरों में आने वाले इन मामलों में समस्याओं के समाधान का प्रतिशत अपेक्षाकृत कम रहता है।1
- बिहार के दरभंगा जिले में पत्रकारिता, जिसे लोकतंत्र का चौथा स्तंभ माना जाता है, आज खुद को असुरक्षित महसूस कर रही है। पिछले कुछ समय से यहां पत्रकारों पर लगातार हमले, उत्पीड़न और बिना जांच-पड़ताल के एकतरफा कानूनी कार्रवाई के मामले सामने आ रहे हैं, खासकर सच दिखाने वाले पत्रकारों पर झूठे मुकदमे दर्ज होने की घटनाओं ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं। इन्हीं मुद्दों को लेकर आज दरभंगा के तमाम मीडियाकर्मी 'पत्रकार मित्र' के बैनर तले एकजुट हुए और 'प्रेस क्लब दरभंगा' से कलेक्ट्रेट तथा टावर चौक तक एक विशाल और शांतिपूर्ण पैदल मार्च निकाला। इस दौरान पत्रकारों के हाथों में एक बड़ा बैनर था, जिस पर झूठे मुकदमों, उत्पीड़न और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हो रहे हमलों के विरोध में शांतिपूर्ण मार्च का संदेश साफ लिखा था। मार्च के बाद, पत्रकारों के एक प्रतिनिधिमंडल ने जिला प्रशासन के आला अधिकारियों से मुलाकात की और पुलिस उप महानिरीक्षक (DIG) तथा जिला पदाधिकारी (DM) को एक विस्तृत मांग-पत्र सौंपा। इस ज्ञापन पर संजय कुमार, अभिषेक कुमार, लाल बाबु बीरु सहित जिले के लगभग 30 प्रमुख पत्रकारों के हस्ताक्षर हैं। पत्रकारों की मुख्य मांगें स्पष्ट और न्यायसंगत हैं, जिनमें किसी भी पत्रकार पर प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने से पहले स्थानीय प्रशासन और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को सूचित करना; FIR से पहले संबंधित पत्रकार को अपना पक्ष रखने का पूरा मौका देना; मामले की शुरुआती जांच कम से कम डीएसपी (DSP) स्तर के सीनियर अधिकारी से कराना; और बिना पर्याप्त जांच व तथ्यों के सत्यापन के पत्रकारों की गिरफ्तारी या कोई भी कठोर कार्रवाई तुरंत रोकना शामिल है। इसी संदर्भ में, वैशाली (हाजीपुर) से जुड़े एक अन्य मामले का भी जिक्र सामने आया, जिसकी शिकायत सोशल मीडिया पर भ्रामक खबरें फैलाने के खिलाफ दर्ज कराई गई थी। इस मार्च के दौरान मीडियाकर्मियों ने साफ किया कि वे भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी आवाज दबाने नहीं देंगे। अधिकारियों ने भी आश्वासन दिया है कि एसएसपी के अवकाश से लौटने पर जल्द ही एक संयुक्त बैठक बुलाई जाएगी और सभी थानों को इसके लिए उचित निर्देश जारी किए जाएंगे। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन के इन आश्वासनों के बाद धरातल पर पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर क्या ठोस बदलाव आता है, क्योंकि पत्रकारों की यह स्पष्ट मांग है कि 'सत्य की आवाज को दबाना बंद करो'।1
- दरभंगा में ट्रैफिक पुलिस ने बिना हेलमेट पहने वाहन चालकों के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई की है। इस अचानक और तेज अभियान के कारण इलाके में हड़कंप मच गया है, जहाँ पुलिस धड़ाधड़ उन लोगों पर शिकंजा कस रही थी जो बिना हेलमेट के वाहन चला रहे थे।1
- दरभंगा के लहेरियासराय-बहेड़ी मुख्य मार्ग स्थित शिमरी में वैश्य पोद्दार महासभा, दरभंगा द्वारा एक भव्य जिला प्रतिभा सम्मान समारोह सह प्रदेश युवा कौशल सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम बड़े ही धूमधाम और उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ, जिसमें जिलेभर की प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। समारोह में बिहार सरकार के मंत्री डॉ. रामचंद्र प्रसाद साह और पूर्व विधायक अमरनाथ गामी सहित कई अन्य गणमान्य अतिथियों ने शिरकत की। कार्यक्रम में पहुंचे सभी अतिथियों का मिथिला की पारंपरिक पाग और चादर भेंट कर सम्मानपूर्वक स्वागत किया गया। इस अवसर पर जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए मेधावी छात्र-छात्राओं तथा युवा प्रतिभाओं को उनकी उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिए पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। वक्ताओं ने इस दौरान इस बात पर जोर दिया कि प्रतिभाओं का सम्मान समाज को नई दिशा देने का कार्य करता है और युवाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता है। कार्यक्रम के दौरान समाज के विकास, शिक्षा और युवा कौशल संवर्धन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। इस आयोजन में समाज के लोगों, अभिभावकों एवं गणमान्य नागरिकों की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही, जिससे पूरे समारोह का माहौल बेहद उत्साहपूर्ण बना रहा।1
- बिहार सरकार के पिछड़ा एवं अतिपिछड़ा समाज कल्याण मंत्री श्री रामा निषाद जी ने कटरा प्रखंड मुख्यालय का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न सरकारी योजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा की। मंत्री जी ने आम लोगों की समस्याओं को भी सुना और जनकल्याणकारी योजनाओं की जमीनी स्थिति के बारे में विस्तृत जानकारी ली।1
- दरभंगा में मोहर्रम पर्व की शुरुआत हो गई है, जिसका आगाज विका साह सलानी मजार से मिट्टी लाकर किया गया। इस धार्मिक आयोजन में 20 से अधिक अखाड़े शामिल हुए।1