प्रतापगढ़ जिले के छोटी तलाई गाँव में ठाकुरों के फले से लाखिया बीडा तक और रामदेव जी मंदिर से लाखिया बीडा तक का मार्ग चार-पांच सालों से पूरी तरह कच्चा और उबड़-खाबड़ है। आदिवासी इलाके में सड़कों का काम न होने से ग्रामीण लगातार परेशान हैं, जिन्होंने पंचायत में कई बार गुहार लगाई और आवेदन भी दिए, मगर सरपंच, विकास अधिकारी और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों की कथित लापरवाही के कारण अब तक इस पर कोई कार्य नहीं हुआ है। ग्रामीणों को इस मार्ग पर गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के मौसम में यह पूरा रास्ता गहरे कीचड़ में बदल जाता है, जिससे दुपहिया और अन्य वाहन फिसलने के कारण आए दिन दुर्घटनाएं होती हैं। कीचड़ के कारण वृद्धों, बीमार लोगों और स्कूली बच्चों का पैदल चलना भी दूभर हो जाता है, जिससे आवागमन पूरी तरह से ठप पड़ जाता है। इसके अलावा, मुख्य रास्ता खराब होने के कारण लोग खेतों के किनारे से निकलने को मजबूर हैं, जिससे फसलों को नुकसान होता है और ग्रामीणों के बीच आपसी विवाद और लड़ाई-झगड़े की स्थिति बनती है। लंबे समय तक कीचड़ और गंदा पानी जमा रहने से मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है, जिससे गांव में मौसमी बीमारियों के फैलने का खतरा लगातार बना हुआ है। इन गंभीर समस्याओं को देखते हुए, ग्रामीणों ने करबद्ध प्रार्थना की है कि उक्त दोनों कच्चे मार्गों पर जल्द से जल्द पट्टी-पठार रोड (सड़क) का निर्माण करवाया जाए। उनका कहना है कि इस कार्य की स्वीकृति मिलने पर पूरा ग्राम प्रशासन का सदैव आभारी रहेगा, क्योंकि प्रशासनिक अनदेखी के चलते यह महत्वपूर्ण कार्य आज भी लंबित है।
प्रतापगढ़ जिले के छोटी तलाई गाँव में ठाकुरों के फले से लाखिया बीडा तक और रामदेव जी मंदिर से लाखिया बीडा तक का मार्ग चार-पांच सालों से पूरी तरह कच्चा और उबड़-खाबड़ है। आदिवासी इलाके में सड़कों का काम न होने से ग्रामीण लगातार परेशान हैं, जिन्होंने पंचायत में कई बार गुहार लगाई और आवेदन भी दिए, मगर सरपंच, विकास अधिकारी और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों की कथित लापरवाही के कारण अब तक इस पर कोई कार्य नहीं हुआ है। ग्रामीणों को इस मार्ग पर गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के मौसम में यह पूरा रास्ता गहरे कीचड़ में बदल जाता है, जिससे दुपहिया और अन्य वाहन फिसलने के कारण आए दिन दुर्घटनाएं होती हैं। कीचड़ के कारण वृद्धों, बीमार लोगों और स्कूली बच्चों का पैदल चलना भी दूभर हो
जाता है, जिससे आवागमन पूरी तरह से ठप पड़ जाता है। इसके अलावा, मुख्य रास्ता खराब होने के कारण लोग खेतों के किनारे से निकलने को मजबूर हैं, जिससे फसलों को नुकसान होता है और ग्रामीणों के बीच आपसी विवाद और लड़ाई-झगड़े की स्थिति बनती है। लंबे समय तक कीचड़ और गंदा पानी जमा रहने से मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है, जिससे गांव में मौसमी बीमारियों के फैलने का खतरा लगातार बना हुआ है। इन गंभीर समस्याओं को देखते हुए, ग्रामीणों ने करबद्ध प्रार्थना की है कि उक्त दोनों कच्चे मार्गों पर जल्द से जल्द पट्टी-पठार रोड (सड़क) का निर्माण करवाया जाए। उनका कहना है कि इस कार्य की स्वीकृति मिलने पर पूरा ग्राम प्रशासन का सदैव आभारी रहेगा, क्योंकि प्रशासनिक अनदेखी के चलते यह महत्वपूर्ण कार्य आज भी लंबित है।
- प्रतापगढ़ जिले के छोटी तलाई गाँव में ठाकुरों के फले से लाखिया बीडा तक और रामदेव जी मंदिर से लाखिया बीडा तक का मार्ग चार-पांच सालों से पूरी तरह कच्चा और उबड़-खाबड़ है। आदिवासी इलाके में सड़कों का काम न होने से ग्रामीण लगातार परेशान हैं, जिन्होंने पंचायत में कई बार गुहार लगाई और आवेदन भी दिए, मगर सरपंच, विकास अधिकारी और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों की कथित लापरवाही के कारण अब तक इस पर कोई कार्य नहीं हुआ है। ग्रामीणों को इस मार्ग पर गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के मौसम में यह पूरा रास्ता गहरे कीचड़ में बदल जाता है, जिससे दुपहिया और अन्य वाहन फिसलने के कारण आए दिन दुर्घटनाएं होती हैं। कीचड़ के कारण वृद्धों, बीमार लोगों और स्कूली बच्चों का पैदल चलना भी दूभर हो जाता है, जिससे आवागमन पूरी तरह से ठप पड़ जाता है। इसके अलावा, मुख्य रास्ता खराब होने के कारण लोग खेतों के किनारे से निकलने को मजबूर हैं, जिससे फसलों को नुकसान होता है और ग्रामीणों के बीच आपसी विवाद और लड़ाई-झगड़े की स्थिति बनती है। लंबे समय तक कीचड़ और गंदा पानी जमा रहने से मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है, जिससे गांव में मौसमी बीमारियों के फैलने का खतरा लगातार बना हुआ है। इन गंभीर समस्याओं को देखते हुए, ग्रामीणों ने करबद्ध प्रार्थना की है कि उक्त दोनों कच्चे मार्गों पर जल्द से जल्द पट्टी-पठार रोड (सड़क) का निर्माण करवाया जाए। उनका कहना है कि इस कार्य की स्वीकृति मिलने पर पूरा ग्राम प्रशासन का सदैव आभारी रहेगा, क्योंकि प्रशासनिक अनदेखी के चलते यह महत्वपूर्ण कार्य आज भी लंबित है।2
- राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले में एक नवजात बछड़े का कटा हुआ सिर मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई है। इस घटना को लेकर क्षेत्र में तनाव का माहौल है। मामला सामने आने के बाद विभिन्न हिंदू संगठनों ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई है। इन संगठनों ने स्थानीय प्रशासन से इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और गहन जांच कराने की पुरजोर मांग की है, ताकि दोषियों का पता लगाकर उनके खिलाफ उचित कार्रवाई की जा सके।1
- मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश पुलिस की कार्रवाई पर संतोष व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने समय रहते एक ऐसी साजिश का पर्दाफाश किया है, जो भविष्य में देश की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकती थी। मुख्यमंत्री के अनुसार, पुलिस ने न केवल एक संदिग्ध व्यक्ति को समय रहते दबोचा, बल्कि उसके पूरे नेटवर्क और षड्यंत्र का भी भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई के दौरान, जिहादी विचारधारा से संबंधित बड़ी मात्रा में साहित्य भी बरामद किया गया है। डॉ. यादव ने जोर देकर कहा कि यह कार्रवाई दर्शाती है कि मध्यप्रदेश पुलिस आतंकवाद और राष्ट्रविरोधी गतिविधियों के विरुद्ध प्रभावी एवं सक्षम कार्रवाई करने में पूरी तरह समर्थ है।1
- छोटी सादड़ी के पास स्थित चमत्कारी शनि देव मंदिर बड़ी में भीषण गर्मी के बावजूद भी भक्तों की आस्था में कोई कमी नहीं आई है। विशेषकर शनिवार के दिन, यहाँ भक्तों का जन सैलाब उमड़ पड़ता है, जहाँ श्रद्धालु पैदल चलकर या वाहनों से शनि देव के दर्शनों के लिए पहुँचते हैं। इस मंदिर की एक खास बात यह है कि भक्त यहाँ चढ़ाया जाने वाला तेल वापस अपने साथ ले जाते हैं, क्योंकि इस तेल को दर्द निवारक और चमत्कारी माना जाता है।4
- किसानों की आवाज बुलंद करने वाले भाजपा किसान मोर्चा प्रतापगढ़ जिलाध्यक्ष प्रेम सिंह झाला का एक सड़क हादसे में निधन हो गया, जिससे जिले भर में शोक की लहर दौड़ गई है। जानकारी के अनुसार, प्रेम सिंह झाला जयपुर में आयोजित भारतीय जनता पार्टी के एक किसान सम्मेलन में प्रतापगढ़ जिले के किसानों के साथ बस से शामिल होकर गए थे, जहां मुख्यमंत्री ने भी शिरकत की थी। सम्मेलन की समाप्ति के बाद लौटते समय, बगरू में बस खराब हो गई थी। प्रेम सिंह झाला स्वयं किसी बस मैकेनिक को ढूंढने के लिए सड़क पर निकले थे, तभी वह एक वाहन की चपेट में आने से गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तुरंत एसएमएस हॉस्पिटल जयपुर में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान रात में उनका निधन हो गया। सूचना मिलने पर बड़ी संख्या में भारतीय जनता पार्टी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता एसएमएस अस्पताल पहुंचे थे। निधन की खबर मिलते ही परिवारजन जयपुर के लिए रवाना हो गए। प्रेम सिंह झाला का पार्थिव शरीर शनिवार दोपहर को धरियावद लाया गया, जहां बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी, कार्यकर्ता, मित्रजन, जनप्रतिनिधि, ग्रामीण और क्षेत्र के किसान उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए एकत्रित हुए। इस दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष महावीर कृष्णावत और विधायक प्रत्याशी कन्हैयालाल मीणा ने प्रेम सिंह झाला के निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए परिजनों को ढांढस बंधाया। उन्होंने प्रेम सिंह झाला को वरिष्ठ, पार्टीनिष्ठ, ईमानदार और किसान हितैषी व्यक्तित्व बताते हुए उनके आकस्मिक निधन को भारतीय जनता पार्टी के लिए एक अपूरणीय क्षति करार दिया। उन्होंने कहा कि प्रेम सिंह झाला के कार्यों, समर्पण और सरल व्यवहार को सदैव याद किया जाएगा। प्रेम सिंह झाला पास ही के गांव जेलदा के निवासी थे।4
- राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले में 139 कार्टन शराब के एक बड़े घोटाले का पर्दाफाश हुआ है। इस मामले में जब्त की गई शराब को नष्ट करने के बजाय एक ठेकेदार को बेच दिया गया, जिससे गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। इस पूरे प्रकरण में आबकारी निरीक्षक सहित कई पुलिसकर्मियों पर गाज गिरी है और उनके खिलाफ कार्रवाई की गई है।1
- मन्दसौर के नापा खेड़ा टकरावद मांग क्षेत्र में स्थित एसबीआई पेट्रोल पंप के सामने एक सड़क दुर्घटना हुई है। इस घटना में एक स्कॉर्पियो गाड़ी शामिल थी, जिसमें टक्कर के बाद गाड़ी बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई और लहूलुहान अवस्था में बताई गई। दुर्घटना के बाद यह स्कॉर्पियो गाड़ी मौके से लापता हो गई है।1