नालंदा में ड्रैगन फ्रूट की खेतीकिसानों के लिए नया अवसर,JEETSU FARMS’ दे रहा ट्रेनिंग और मार्गदर्शन ड्रैगन फ्रूट क्या है? Dragon Fruit (जिसे पिटाया भी कहा जाता है) एक विदेशी फल है जो कैक्टस प्रजाति के पौधे पर उगता है। इसका पौधा कम पानी में भी बढ़ जाता है, इसलिए सूखे और कम उपजाऊ जमीन वाले क्षेत्रों में भी इसकी खेती संभव है। भारत में इसकी खेती तेजी से बढ़ रही है क्योंकि बाजार में इसकी कीमत अच्छी मिलती है। 🌱 ड्रैगन फ्रूट की खेती कैसे होती है जलवायु: 20-35°C तापमान उपयुक्त मिट्टी: अच्छी जल निकासी वाली बलुई या दोमट मिट्टी पौधे लगाने की दूरी: लगभग 6-8 फीट सिंचाई: बहुत कम पानी की जरूरत सहारा (सपोर्ट): पौधे को बढ़ने के लिए सीमेंट पोल या ट्रेलिस सिस्टम लगाया जाता है फल आने का समय: पौधा लगाने के 12-18 महीने बाद फल आने लगते हैं 🍎 ड्रैगन फ्रूट की प्रमुख किस्में रेड ड्रैगन फ्रूट – लाल गूदा व्हाइट ड्रैगन फ्रूट – सफेद गूदा येलो ड्रैगन फ्रूट – पीले छिलके वाला फल 💰 कमाई कितनी हो सकती है एक एकड़ में लगभग 1500-1700 पौधे लगाए जा सकते हैं तीसरे साल से अच्छी पैदावार शुरू होती है बाजार में कीमत लगभग ₹150-₹400 प्रति किलो तक मिल सकती है सही खेती करने पर किसान लाखों रुपये सालाना कमा सकते हैं 🏥 ड्रैगन फ्रूट खाने के फायदे हृदय के लिए लाभकारी कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित करने में मदद इम्युनिटी बढ़ाता है पाचन के लिए अच्छा हड्डियों और दांतों को मजबूत बनाता है एंटीऑक्सीडेंट से भरपूरनालंदा में ड्रैगन फ्रूट फार्मिंग का सुनहरा अवसर, किसानों को मिल रहा प्रशिक्षण और मार्गदर्शन 📌 सब हेडिंग नगरनौसा के चौरासी में JEETSU FARMS किसानों को दे रहा उच्च गुणवत्ता के पौधे और फ्री फार्मिंग गाइडेंस 🎤 एंकर इंट्रो नालंदा जिले में किसानों के लिए खेती का एक नया और लाभदायक विकल्प सामने आया है। ड्रैगन फ्रूट की खेती से किसानों की आय बढ़ाने की पहल की जा रही है। नगरनौसा प्रखंड के चौरासी गांव में स्थित JEETSU FARMS किसानों को ड्रैगन फ्रूट फार्मिंग के लिए प्रशिक्षण और पौधे उपलब्ध करा रहा है। 📹 रिपोर्ट नालंदा जिले के नगरनौसा प्रखंड अंतर्गत चौरासी गांव में स्थित JEETSU FARMS किसानों के लिए ड्रैगन फ्रूट की खेती का सुनहरा अवसर लेकर आया है। यहां किसानों को सी-वैरेटी के उच्च गुणवत्ता वाले पौधे उपलब्ध कराए जा रहे हैं। फार्म के संचालकों के अनुसार किसानों को यहां रूटेड पैकेट प्लांट्स, फ्री फार्मिंग गाइडेंस और खेती से जुड़ी पूरी जानकारी दी जा रही है। इसके साथ ही जरूरत पड़ने पर बाय-बैक सपोर्ट भी उपलब्ध कराया जाता है, जिससे किसानों को अपने उत्पाद बेचने में परेशानी न हो। ड्रैगन फ्रूट की खेती कम पानी में भी संभव है और बाजार में इसकी मांग तेजी से बढ़ रही है। यही कारण है कि यह खेती किसानों के लिए आय बढ़ाने का एक बेहतर विकल्प बनती जा रही है। फार्म पर किसानों के लिए फार्म विजिट की सुविधा भी उपलब्ध है, जहां वे खुद आकर खेती की तकनीक और पौधों की गुणवत्ता देख सकते हैं। 📍 संपर्क ड्रैगन फ्रूट की खेती से जुड़ी जानकारी के लिए किसान चौरासी, नगरनौसा, नालंदा स्थित JEETSU FARMS से संपर्क कर सकते हैं। 📞 संपर्क नंबर: 70045 05936 📺 वंदे भारत न्यूज़, बिहारशरीफ – नालंदा
नालंदा में ड्रैगन फ्रूट की खेतीकिसानों के लिए नया अवसर,JEETSU FARMS’ दे रहा ट्रेनिंग और मार्गदर्शन ड्रैगन फ्रूट क्या है? Dragon Fruit (जिसे पिटाया भी कहा जाता है) एक विदेशी फल है जो कैक्टस प्रजाति के पौधे पर उगता है। इसका पौधा कम पानी में भी बढ़ जाता है, इसलिए सूखे और कम उपजाऊ जमीन वाले क्षेत्रों में भी इसकी खेती संभव है। भारत में इसकी खेती तेजी से बढ़ रही है क्योंकि बाजार में इसकी कीमत अच्छी मिलती है। 🌱 ड्रैगन फ्रूट की खेती कैसे होती है जलवायु: 20-35°C तापमान उपयुक्त मिट्टी: अच्छी जल निकासी वाली बलुई या दोमट मिट्टी पौधे लगाने की दूरी: लगभग 6-8 फीट सिंचाई: बहुत कम पानी की जरूरत सहारा (सपोर्ट): पौधे को बढ़ने के लिए सीमेंट पोल या ट्रेलिस सिस्टम लगाया जाता है फल आने का समय: पौधा लगाने के 12-18 महीने बाद फल आने लगते हैं 🍎 ड्रैगन फ्रूट की प्रमुख किस्में रेड ड्रैगन फ्रूट – लाल गूदा व्हाइट ड्रैगन फ्रूट – सफेद गूदा येलो ड्रैगन फ्रूट – पीले छिलके वाला फल 💰 कमाई कितनी हो सकती है एक एकड़ में लगभग 1500-1700 पौधे लगाए जा सकते हैं तीसरे साल से अच्छी पैदावार शुरू होती है बाजार में कीमत लगभग ₹150-₹400 प्रति किलो तक मिल सकती है सही खेती करने पर किसान लाखों रुपये सालाना कमा सकते हैं 🏥 ड्रैगन फ्रूट खाने के फायदे हृदय के लिए लाभकारी कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित करने में मदद इम्युनिटी बढ़ाता है पाचन के लिए अच्छा हड्डियों और दांतों को मजबूत बनाता है एंटीऑक्सीडेंट से भरपूरनालंदा में ड्रैगन फ्रूट फार्मिंग का सुनहरा अवसर, किसानों को मिल रहा प्रशिक्षण और मार्गदर्शन 📌 सब हेडिंग नगरनौसा के चौरासी में JEETSU FARMS किसानों को दे रहा उच्च गुणवत्ता के पौधे और फ्री फार्मिंग गाइडेंस 🎤 एंकर इंट्रो नालंदा जिले में किसानों के लिए खेती का एक नया और लाभदायक विकल्प सामने आया है। ड्रैगन फ्रूट की खेती से किसानों की आय बढ़ाने की पहल की जा रही है। नगरनौसा प्रखंड के चौरासी गांव में स्थित JEETSU FARMS किसानों को ड्रैगन फ्रूट फार्मिंग के लिए प्रशिक्षण और पौधे उपलब्ध करा रहा है। 📹 रिपोर्ट नालंदा जिले के नगरनौसा प्रखंड अंतर्गत चौरासी गांव में स्थित JEETSU FARMS किसानों के लिए ड्रैगन फ्रूट की खेती का सुनहरा अवसर लेकर आया है। यहां किसानों को सी-वैरेटी के उच्च गुणवत्ता वाले पौधे उपलब्ध कराए जा रहे हैं। फार्म के संचालकों के अनुसार किसानों को यहां रूटेड पैकेट प्लांट्स, फ्री फार्मिंग गाइडेंस और खेती से जुड़ी पूरी जानकारी दी जा रही है। इसके साथ ही जरूरत पड़ने पर बाय-बैक सपोर्ट भी उपलब्ध कराया जाता है, जिससे किसानों को अपने उत्पाद बेचने में परेशानी न हो। ड्रैगन फ्रूट की खेती कम पानी में भी संभव है और बाजार में इसकी मांग तेजी से बढ़ रही है। यही कारण है कि यह खेती किसानों के लिए आय बढ़ाने का एक बेहतर विकल्प बनती जा रही है। फार्म पर किसानों के लिए फार्म विजिट की सुविधा भी उपलब्ध है, जहां वे खुद आकर खेती की तकनीक और पौधों की गुणवत्ता देख सकते हैं। 📍 संपर्क ड्रैगन फ्रूट की खेती से जुड़ी जानकारी के लिए किसान चौरासी, नगरनौसा, नालंदा स्थित JEETSU FARMS से संपर्क कर सकते हैं। 📞 संपर्क नंबर: 70045 05936 📺 वंदे भारत न्यूज़, बिहारशरीफ – नालंदा
- 201 कन्याओं की भव्य कलश यात्रा से गूंजा शाहपुर, संकट मोचन मंदिर में शुरू हुआ तीन दिवसीय अनुष्ठान, एंकर, नालंदा जिले के रहुई प्रखंड अंतर्गत पतासंग पंचायत के शाहपुर गांव स्थित संकट मोचन मंदिर में तीन दिवसीय भव्य धार्मिक अनुष्ठान का शुभारंभ पूरे विधि-विधान और श्रद्धा के साथ किया गया। इस आयोजन की शुरुआत 201 कुमारी कन्याओं एवं महिलाओं द्वारा भव्य कलश यात्रा के साथ हुई, जिसमें सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। कलश यात्रा मंदिर परिसर से निकलकर कादी बीघा तलाव पहुंची, जहां जलभरण के बाद पूरे गांव का भ्रमण करते हुए पुनः मंदिर पहुंचकर कलश की स्थापना की गई। कलश यात्रा के दौरान महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में सिर पर कलश लेकर भक्ति गीत गाते हुए चल रही थीं, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। गांव के विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं द्वारा इस यात्रा का भव्य स्वागत किया गया। इसके बाद मंदिर परिसर में विधिवत पूजा-अर्चना कर 24 घंटे का अखंड कीर्तन शुरू किया गया। कीर्तन मंडली के भजन-कीर्तन से पूरा इलाका भक्ति रस में सराबोर हो गया है। इस आयोजन की खास बात यह रही कि इसमें युवा, बुजुर्ग, महिलाएं और छोटे-छोटे बच्चे भी बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। श्रद्धालु लगातार मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना कर रहे हैं और कीर्तन में भाग लेकर पुण्य अर्जित कर रहे हैं। आयोजन समिति के संयोजक सुदामा कुमार, विक्की कुमार, राजीव कुमार, पुजारी रंजीत कुमार, वीरू यादव, सुरेंद्र यादव, नवीन यादव, सौरभ यादव, मुन्ना गिरी और सतेंद्र यादव समेत अन्य सदस्यों ने बताया कि यह धार्मिक अनुष्ठान तीन दिनों तक चलेगा। उन्होंने जानकारी दी कि शनिवार को हवन के साथ भव्य भंडारे का आयोजन किया जाएगा, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद की व्यवस्था की गई है। समिति और स्थानीय युवाओं द्वारा आयोजन की सभी व्यवस्थाएं की जा रही हैं, ताकि किसी भी श्रद्धालु को असुविधा न हो। साथ ही सुरक्षा और साफ-सफाई का भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि ऐसे धार्मिक आयोजन से समाज में भाईचारा और एकता मजबूत होती है, वहीं बुजुर्गों का मानना है कि अखंड कीर्तन से गांव में सुख-शांति और समृद्धि आती है। फिलहाल शाहपुर गांव का संकट मोचन मंदिर पूरी तरह भक्ति के रंग में रंगा हुआ है, जहां हर ओर भजन-कीर्तन और श्रद्धा की गूंज सुनाई दे रही है।1
- कॉपी कॉपी बोलेली छठी माता ♥️🙏1
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- ईद पर दानिश मलिक का संदेश—प्यार और भाईचारे से समाज मजबूत!1
- नालंदा में ड्रैगन फ्रूट की खेतीकिसानों के लिए नया अवसर,JEETSU FARMS’ दे रहा ट्रेनिंग और मार्गदर्शन ड्रैगन फ्रूट क्या है? Dragon Fruit (जिसे पिटाया भी कहा जाता है) एक विदेशी फल है जो कैक्टस प्रजाति के पौधे पर उगता है। इसका पौधा कम पानी में भी बढ़ जाता है, इसलिए सूखे और कम उपजाऊ जमीन वाले क्षेत्रों में भी इसकी खेती संभव है। भारत में इसकी खेती तेजी से बढ़ रही है क्योंकि बाजार में इसकी कीमत अच्छी मिलती है। 🌱 ड्रैगन फ्रूट की खेती कैसे होती है जलवायु: 20-35°C तापमान उपयुक्त मिट्टी: अच्छी जल निकासी वाली बलुई या दोमट मिट्टी पौधे लगाने की दूरी: लगभग 6-8 फीट सिंचाई: बहुत कम पानी की जरूरत सहारा (सपोर्ट): पौधे को बढ़ने के लिए सीमेंट पोल या ट्रेलिस सिस्टम लगाया जाता है फल आने का समय: पौधा लगाने के 12-18 महीने बाद फल आने लगते हैं 🍎 ड्रैगन फ्रूट की प्रमुख किस्में रेड ड्रैगन फ्रूट – लाल गूदा व्हाइट ड्रैगन फ्रूट – सफेद गूदा येलो ड्रैगन फ्रूट – पीले छिलके वाला फल 💰 कमाई कितनी हो सकती है एक एकड़ में लगभग 1500-1700 पौधे लगाए जा सकते हैं तीसरे साल से अच्छी पैदावार शुरू होती है बाजार में कीमत लगभग ₹150-₹400 प्रति किलो तक मिल सकती है सही खेती करने पर किसान लाखों रुपये सालाना कमा सकते हैं 🏥 ड्रैगन फ्रूट खाने के फायदे हृदय के लिए लाभकारी कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित करने में मदद इम्युनिटी बढ़ाता है पाचन के लिए अच्छा हड्डियों और दांतों को मजबूत बनाता है एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर1
- ड्रैगन फ्रूट क्या है? Dragon Fruit (जिसे पिटाया भी कहा जाता है) एक विदेशी फल है जो कैक्टस प्रजाति के पौधे पर उगता है। इसका पौधा कम पानी में भी बढ़ जाता है, इसलिए सूखे और कम उपजाऊ जमीन वाले क्षेत्रों में भी इसकी खेती संभव है। भारत में इसकी खेती तेजी से बढ़ रही है क्योंकि बाजार में इसकी कीमत अच्छी मिलती है। 🌱 ड्रैगन फ्रूट की खेती कैसे होती है जलवायु: 20-35°C तापमान उपयुक्त मिट्टी: अच्छी जल निकासी वाली बलुई या दोमट मिट्टी पौधे लगाने की दूरी: लगभग 6-8 फीट सिंचाई: बहुत कम पानी की जरूरत सहारा (सपोर्ट): पौधे को बढ़ने के लिए सीमेंट पोल या ट्रेलिस सिस्टम लगाया जाता है फल आने का समय: पौधा लगाने के 12-18 महीने बाद फल आने लगते हैं 🍎 ड्रैगन फ्रूट की प्रमुख किस्में रेड ड्रैगन फ्रूट – लाल गूदा व्हाइट ड्रैगन फ्रूट – सफेद गूदा येलो ड्रैगन फ्रूट – पीले छिलके वाला फल 💰 कमाई कितनी हो सकती है एक एकड़ में लगभग 1500-1700 पौधे लगाए जा सकते हैं तीसरे साल से अच्छी पैदावार शुरू होती है बाजार में कीमत लगभग ₹150-₹400 प्रति किलो तक मिल सकती है सही खेती करने पर किसान लाखों रुपये सालाना कमा सकते हैं 🏥 ड्रैगन फ्रूट खाने के फायदे हृदय के लिए लाभकारी कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित करने में मदद इम्युनिटी बढ़ाता है पाचन के लिए अच्छा हड्डियों और दांतों को मजबूत बनाता है एंटीऑक्सीडेंट से भरपूरनालंदा में ड्रैगन फ्रूट फार्मिंग का सुनहरा अवसर, किसानों को मिल रहा प्रशिक्षण और मार्गदर्शन 📌 सब हेडिंग नगरनौसा के चौरासी में JEETSU FARMS किसानों को दे रहा उच्च गुणवत्ता के पौधे और फ्री फार्मिंग गाइडेंस 🎤 एंकर इंट्रो नालंदा जिले में किसानों के लिए खेती का एक नया और लाभदायक विकल्प सामने आया है। ड्रैगन फ्रूट की खेती से किसानों की आय बढ़ाने की पहल की जा रही है। नगरनौसा प्रखंड के चौरासी गांव में स्थित JEETSU FARMS किसानों को ड्रैगन फ्रूट फार्मिंग के लिए प्रशिक्षण और पौधे उपलब्ध करा रहा है। 📹 रिपोर्ट नालंदा जिले के नगरनौसा प्रखंड अंतर्गत चौरासी गांव में स्थित JEETSU FARMS किसानों के लिए ड्रैगन फ्रूट की खेती का सुनहरा अवसर लेकर आया है। यहां किसानों को सी-वैरेटी के उच्च गुणवत्ता वाले पौधे उपलब्ध कराए जा रहे हैं। फार्म के संचालकों के अनुसार किसानों को यहां रूटेड पैकेट प्लांट्स, फ्री फार्मिंग गाइडेंस और खेती से जुड़ी पूरी जानकारी दी जा रही है। इसके साथ ही जरूरत पड़ने पर बाय-बैक सपोर्ट भी उपलब्ध कराया जाता है, जिससे किसानों को अपने उत्पाद बेचने में परेशानी न हो। ड्रैगन फ्रूट की खेती कम पानी में भी संभव है और बाजार में इसकी मांग तेजी से बढ़ रही है। यही कारण है कि यह खेती किसानों के लिए आय बढ़ाने का एक बेहतर विकल्प बनती जा रही है। फार्म पर किसानों के लिए फार्म विजिट की सुविधा भी उपलब्ध है, जहां वे खुद आकर खेती की तकनीक और पौधों की गुणवत्ता देख सकते हैं। 📍 संपर्क ड्रैगन फ्रूट की खेती से जुड़ी जानकारी के लिए किसान चौरासी, नगरनौसा, नालंदा स्थित JEETSU FARMS से संपर्क कर सकते हैं। 📞 संपर्क नंबर: 70045 05936 📺 वंदे भारत न्यूज़, बिहारशरीफ – नालंदा1
- Post by VN News Bihar1
- आज रविवार है सूर्य देव का बार है 💫🌺🙏🚩1