#धनबाद के देवली में स्कूली बच्चों की जान खतरे में, NH पार कर पहुंचते हैं स्कूल #स्कूल जाते छात्र और शिक्षक सड़क पर करते समय पकड़ते है लाल झंडा । #धनबाद: झारखंड के धनबाद जिले के देवली गांव में स्कूली बच्चों की सुरक्षा गंभीर चिंता का विषय बन गई है। दिल्ली-कोलकाता नेशनल हाईवे (NH) पर स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय के सैकड़ों छात्र-छात्राएं रोज अपनी जान जोखिम में डालकर स्कूल जाने को मजबूर हैं। बच्चों को तेज रफ्तार वाहनों के बीच जीटी रोड पार करनी पड़ती है। स्थिति इतनी भयावह है कि बच्चे सड़क पार करने से पहले भगवान से प्रार्थना करते हैं। कई बच्चे हाथों में झंडा लेकर सड़क पार करते हैं, वहीं शिक्षक लाल झंडा लेकर वाहनों को रोकने की कोशिश करते हैं, फिर भी दुर्घटना का खतरा बना रहता है। छात्रों ने बताया कि उन्हें सड़क पार करने में बहुत डर लगता है। वहीं अभिभावकों का कहना है कि पहले भी कई हादसे हो चुके हैं, जिससे उनका डर और बढ़ गया है। बच्चों के घर से निकलने के बाद अभिभावक हमेशा चिंता में रहते हैं।शिक्षकों के अनुसार, यह समस्या वर्षों से बनी हुई है। पहले भी कई बार सड़क पार करते समय बच्चे घायल हो चुके हैं, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया है। स्थानीय लोगों और पंचायत प्रतिनिधियों ने कई बार प्रशासन से फुट ओवरब्रिज बनाने की मांग की है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। स्कूल प्रबंधन भी बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित है, जिससे पढ़ाई पर भी असर पड़ रहा है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर कब तक मासूम बच्चे अपनी जान जोखिम में डालकर शिक्षा हासिल करेंगे? #Dhanbad #Jharkhand #SchoolSafety #SaveStudents #RoadSafety #NHAccidentRisk #DeoliVillage #EducationAtRisk #StudentSafety #SafeSchool #OverbridgeDemand #PublicIssue #BreakingNews #IndiaNews #SafetyFirst
#धनबाद के देवली में स्कूली बच्चों की जान खतरे में, NH पार कर पहुंचते हैं स्कूल #स्कूल जाते छात्र और शिक्षक सड़क पर करते समय पकड़ते है लाल झंडा । #धनबाद: झारखंड के धनबाद जिले के देवली गांव में स्कूली बच्चों की सुरक्षा गंभीर चिंता का विषय बन गई है। दिल्ली-कोलकाता नेशनल हाईवे (NH) पर स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय के सैकड़ों छात्र-छात्राएं रोज अपनी जान जोखिम में डालकर स्कूल जाने को मजबूर हैं। बच्चों को तेज रफ्तार वाहनों के बीच जीटी रोड पार करनी पड़ती है। स्थिति इतनी भयावह है कि
बच्चे सड़क पार करने से पहले भगवान से प्रार्थना करते हैं। कई बच्चे हाथों में झंडा लेकर सड़क पार करते हैं, वहीं शिक्षक लाल झंडा लेकर वाहनों को रोकने की कोशिश करते हैं, फिर भी दुर्घटना का खतरा बना रहता है। छात्रों ने बताया कि उन्हें सड़क पार करने में बहुत डर लगता है। वहीं अभिभावकों का कहना है कि पहले भी कई हादसे हो चुके हैं, जिससे उनका डर और बढ़ गया है। बच्चों के घर से निकलने के बाद अभिभावक हमेशा चिंता में रहते हैं।शिक्षकों के अनुसार, यह
समस्या वर्षों से बनी हुई है। पहले भी कई बार सड़क पार करते समय बच्चे घायल हो चुके हैं, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया है। स्थानीय लोगों और पंचायत प्रतिनिधियों ने कई बार प्रशासन से फुट ओवरब्रिज बनाने की मांग की है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। स्कूल प्रबंधन भी बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित है, जिससे पढ़ाई पर भी असर पड़ रहा है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर कब तक मासूम बच्चे अपनी जान जोखिम में डालकर शिक्षा हासिल करेंगे? #Dhanbad #Jharkhand #SchoolSafety #SaveStudents #RoadSafety #NHAccidentRisk #DeoliVillage #EducationAtRisk #StudentSafety #SafeSchool #OverbridgeDemand #PublicIssue #BreakingNews #IndiaNews #SafetyFirst
- #viralvideo यह वीडियो धनबाद का बताया जा रहा है, जहां सांप को रेस्क्यू किया जा रहा था जो काफी जोख़िम भरा था इसमें छोटी सी गलती भी बड़ी घटना का कारण बन सकती थी। लेकिन इस तरह से रेस्क्यू करना बहादुरी का कार्य है । #jharkhand #BreakingNews1
- बरवाअड्डा. (प्रेम कुमार). थाना क्षेत्र के मिश्रीडीह मोड़ में आर्मी से रिटायर हवलदार कैलाश प्रसाद मिश्रा के घर को बदमाशों ने निशाना बनाते हुए लाखों रुपये की सम्पत्ति लूट ली. बताते चले की करीब दस की संख्या में पहुंचे नकाबपोश अपराधी देर रात घर के पिछले हिस्से से बांस की सीढ़ी के सहारे छत पर चढ़कर अंदर घुस हुए। घर में घुसते ही अपराधियों ने हथियार के बल पर सबसे पहले बच्चों को बंधक बना लिया। बच्चों के सहम जाने से घर के अन्य सदस्य भी डर गए और विरोध करने की स्थिति में नहीं रहे। इसके बाद डकैतों ने पूरे घर की तलाशी ली और एक-एक कमरे को खंगाल डाला। अपराधियों ने करीब साढ़े तीन लाख रुपये नकद और लगभग बीस लाख रुपये मूल्य के सोने-चांदी के गहनों की लूट कर ली। इतना ही नहीं, सबूत मिटाने के लिए घर में लगे सीसीटीवी कैमरों को क्षतिग्रस्त कर दिया और डीवीआर भी अपने साथ ले गए। गृहस्वामी कैलाश प्रसाद मिश्रा ने बताया कि वे रात में खाना खाने के बाद छत पर सोने चले गए थे। उन्हें आशंका है कि बदमाशों ने कोई नशीला पदार्थ सुंघा दिया, जिसके कारण इतनी बड़ी घटना के बावजूद उनकी नींद नहीं खुली। घटना के बाद रात करीब 2 बजे परिजनों ने पुलिस को सूचना दी, लेकिन पुलिस सुबह साढ़े चार बजे मौके पर पहुंची। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है। इस घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर लोगों में गहरी चिंता देखी जा रही है।1
- Post by राम पाण्डेय पत्रकार कतरास1
- Post by जनता न्यूज़ 241
- Post by Niraj Kumar1
- बलियापुर सांप्रदायिक हिंसा में पुलिस की नाकामी सामने आई है । दोषी खुलेआम घूम रहे हैं उन्हें राजनीति और प्रशासनिक समर्थन मिला हुआ है , वहीं निर्दोषों को जेल की सलाखों में कैद किया गया और उससे पहले उनकी काफी धुनाई थाने में की गई परेड कराया गया जैसे वह बहुत बड़े अपराधी हों 😳 सवाल यह उठता है कि पुलिस न्यायालय कैसे बन गई ? सजा देने का अधिकार किसने दिया बिना निष्पक्ष जांच के आनन फानन में। अगर न्यायालय द्वारा बाइज्जत रिहा किया गया तो फिर इन्हें सजा देने वालों को सजा कौन देगा ? यह एक बड़ा सवाल है 👉 मोहम्मद जहीरूद्दीन खान वरिष्ठ पत्रकार धनबाद 8789366223.1
- धनबाद,नगर निगम की बड़ी पहल: हर वार्ड में 15 सफाईकर्मी, पानी की समस्या पर बड़ा फैसला।1
- कतरास. (प्रेम कुमार). कतरास के राजबाड़ी केवट टोला निवासी नौरंगदेव कुमार केवट ने झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की परीक्षा पास कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। नौरंगदेव के पिता बीसीसीएल में कार्य करते हैं. सीमित संसाधनों के बावजूद नौरंगदेव ने अपनी मेहनत, लगन और दृढ़ संकल्प के बल पर यह महत्वपूर्ण सफलता हासिल की। इस खुशी के अवसर पर कतरास के सामाजिक कार्यकर्ता राजेश स्वर्णकार ने नौरंगदेव को मिठाई खिलाकर बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि एक साधारण परिवार से निकलकर इस तरह की सफलता प्राप्त करना पूरे केवट समाज और कतरास क्षेत्र के लिए काफ़ी गर्व की बात है। राजेश स्वर्णकार ने कहा कि नौरंगदेव की सफलता आज के युवाओं के लिए एक प्रेरणा है। यदि लक्ष्य निर्धारित कर मेहनत की जाए, तो किसी भी परिस्थिति में सफलता हासिल की जा सकती है। क्षेत्र में इस उपलब्धि को लेकर खुशी का माहौल है और लोग नौरंगदेव को लगातार शुभकामनाएं दे रहे हैं।1