अररिया जिला के नगर परिषद क्षेत्र जोगबनी में बाल विवाह मुक्त भारत, नशामुक्त भारत, मानव तस्करी, बाल श्रम और बाल यौनशोषण के खिलाफ विभिन्न स्थानों पर जागरूकता अभियान चलाया गया। इस अभियान का आयोजन जागरण कल्याण भारती फारबिसगंज और जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन नई दिल्ली के संयुक्त तत्वाधान में किया गया। इस महत्वपूर्ण पहल में रेल पुलिस जोगबनी, आरपीएफ जोगबनी, जिला पुलिस जोगबनी और एसएसबी एफ कंपनी जोगबनी का भरपूर सहयोग मिला। इस जागरूकता अभियान में चंडीगढ़ (पंजाब) के छात्र प्रशांत कुमार व आदर्श जयसवाल और नोएडा के आदित्य कश्यप भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। ये वे छात्र हैं जो छुट्टी में घर आए हैं और जिन्हें किसी मान्यता प्राप्त गैर सरकारी संगठन में तीस दिवसीय अनिवार्य प्रशिक्षण लेना है। इन छात्रों द्वारा मंदिरों, धर्मगुरुओं और विद्यालयों में बैनर-पोस्टर लगाकर समाज को जागरूक किया जा रहा है। कार्यक्रम का उद्देश्य बाल विवाह जैसी कुप्रथा के खिलाफ समाज को सजग करना और इससे प्रभावित बच्चों व सरवाइवर्स को मुख्यधारा से जोड़ना है। इस दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने मिलकर बाल विवाह मुक्त समाज बनाने का संकल्प भी लिया। बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 के तहत शादी के लिए लड़की की उम्र कम से कम 18 वर्ष और लड़के की 21 वर्ष होना अनिवार्य है, और इसका उल्लंघन करने पर कड़ी सजा का प्रावधान है। यदि क्षेत्र में कहीं भी बाल विवाह हो रहा हो या किसी बच्चे की सुरक्षा दांव पर हो, तो जिला पदाधिकारी अररिया के जिला नियंत्रण कक्ष के आधिकारिक नंबर 06453-222309 पर तुरंत संपर्क किया जा सकता है। "सुरक्षित बचपन – सुरक्षित भविष्य" और "हर बच्चे का अधिकार – सुरक्षा, शिक्षा, सहभागिता और सम्मान" के संकल्प के साथ अररिया जिला को बाल विवाह मुक्त बनाने पर जोर दिया गया है।
अररिया जिला के नगर परिषद क्षेत्र जोगबनी में बाल विवाह मुक्त भारत, नशामुक्त भारत, मानव तस्करी, बाल श्रम और बाल यौनशोषण के खिलाफ विभिन्न स्थानों पर जागरूकता अभियान चलाया गया। इस अभियान का आयोजन जागरण कल्याण भारती फारबिसगंज और जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन नई दिल्ली के संयुक्त तत्वाधान में किया गया। इस महत्वपूर्ण पहल में रेल पुलिस जोगबनी, आरपीएफ जोगबनी, जिला पुलिस जोगबनी और एसएसबी एफ कंपनी जोगबनी का भरपूर सहयोग मिला। इस जागरूकता अभियान में चंडीगढ़ (पंजाब) के छात्र प्रशांत कुमार व आदर्श जयसवाल और नोएडा के आदित्य कश्यप भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। ये वे छात्र हैं जो छुट्टी में घर आए हैं और जिन्हें किसी मान्यता प्राप्त गैर सरकारी संगठन में तीस दिवसीय अनिवार्य प्रशिक्षण लेना है। इन छात्रों द्वारा मंदिरों, धर्मगुरुओं और विद्यालयों में बैनर-पोस्टर लगाकर समाज को जागरूक किया जा रहा है। कार्यक्रम का उद्देश्य बाल विवाह जैसी कुप्रथा के खिलाफ समाज को सजग करना और इससे प्रभावित बच्चों व सरवाइवर्स को मुख्यधारा से जोड़ना है। इस दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने मिलकर बाल विवाह मुक्त समाज बनाने का संकल्प भी लिया। बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 के तहत शादी के लिए लड़की की उम्र कम से कम 18 वर्ष और लड़के की 21 वर्ष होना अनिवार्य है, और इसका उल्लंघन करने पर कड़ी सजा का प्रावधान है। यदि क्षेत्र में कहीं भी बाल विवाह हो रहा हो या किसी बच्चे की सुरक्षा दांव पर हो, तो जिला पदाधिकारी अररिया के जिला नियंत्रण कक्ष के आधिकारिक नंबर 06453-222309 पर तुरंत संपर्क किया जा सकता है। "सुरक्षित बचपन – सुरक्षित भविष्य" और "हर बच्चे का अधिकार – सुरक्षा, शिक्षा, सहभागिता और सम्मान" के संकल्प के साथ अररिया जिला को बाल विवाह मुक्त बनाने पर जोर दिया गया है।
- Post by Umesh Yadab1
- अररिया जिला के नगर परिषद क्षेत्र जोगबनी में बाल विवाह मुक्त भारत, नशामुक्त भारत, मानव तस्करी, बाल श्रम और बाल यौनशोषण के खिलाफ विभिन्न स्थानों पर जागरूकता अभियान चलाया गया। इस अभियान का आयोजन जागरण कल्याण भारती फारबिसगंज और जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन नई दिल्ली के संयुक्त तत्वाधान में किया गया। इस महत्वपूर्ण पहल में रेल पुलिस जोगबनी, आरपीएफ जोगबनी, जिला पुलिस जोगबनी और एसएसबी एफ कंपनी जोगबनी का भरपूर सहयोग मिला। इस जागरूकता अभियान में चंडीगढ़ (पंजाब) के छात्र प्रशांत कुमार व आदर्श जयसवाल और नोएडा के आदित्य कश्यप भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। ये वे छात्र हैं जो छुट्टी में घर आए हैं और जिन्हें किसी मान्यता प्राप्त गैर सरकारी संगठन में तीस दिवसीय अनिवार्य प्रशिक्षण लेना है। इन छात्रों द्वारा मंदिरों, धर्मगुरुओं और विद्यालयों में बैनर-पोस्टर लगाकर समाज को जागरूक किया जा रहा है। कार्यक्रम का उद्देश्य बाल विवाह जैसी कुप्रथा के खिलाफ समाज को सजग करना और इससे प्रभावित बच्चों व सरवाइवर्स को मुख्यधारा से जोड़ना है। इस दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने मिलकर बाल विवाह मुक्त समाज बनाने का संकल्प भी लिया। बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 के तहत शादी के लिए लड़की की उम्र कम से कम 18 वर्ष और लड़के की 21 वर्ष होना अनिवार्य है, और इसका उल्लंघन करने पर कड़ी सजा का प्रावधान है। यदि क्षेत्र में कहीं भी बाल विवाह हो रहा हो या किसी बच्चे की सुरक्षा दांव पर हो, तो जिला पदाधिकारी अररिया के जिला नियंत्रण कक्ष के आधिकारिक नंबर 06453-222309 पर तुरंत संपर्क किया जा सकता है। "सुरक्षित बचपन – सुरक्षित भविष्य" और "हर बच्चे का अधिकार – सुरक्षा, शिक्षा, सहभागिता और सम्मान" के संकल्प के साथ अररिया जिला को बाल विवाह मुक्त बनाने पर जोर दिया गया है।1
- सुपौल के राघोपुर निवासी मोहम्मद यूसुफ खान को फोन पर जान से मारने की धमकी मिली है। इस संबंध में पीड़ित ने राघोपुर थानाध्यक्ष को एक लिखित आवेदन देकर अपनी शिकायत दर्ज कराई है।1
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- बिहार के अररिया जिले में नीट (NEET) पेपर लीक मामले को लेकर छात्रों ने जोरदार प्रदर्शन किया। इस मुद्दे पर अपना आक्रोश जताते हुए छात्रों ने सड़क पर उतरकर नारेबाजी की और मामले के खिलाफ विरोध दर्ज कराया।1
- बिहार के अररिया जिले में नीट (NEET) पेपर लीक मामले को लेकर छात्रों ने जोरदार प्रदर्शन किया। छात्रों ने परीक्षा में हुई कथित अनियमितताओं के विरोध में अपनी नाराजगी जाहिर की और सड़कों पर उतरकर अपना गुस्सा व्यक्त किया।1
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