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चिकित्सकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग को लेकर बिहार राज्य स्वास्थ्य सेवा संघ के आह्वान पर भभुआ सदर अस्पताल सहित कैमूर जिले के सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों ने ओपीडी सेवा का बहिष्कार कर दिया। बुधवार सुबह से ही ओपीडी बंद रहने के कारण इलाज के लिए पहुंचे सैकड़ों मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। इस दौरान कई मरीज बिना इलाज कराए ही वापस लौट गए, जबकि कुछ मरीजों ने इलाज के लिए निजी अस्पतालों का रुख किया। सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. विनोद ने बताया कि अरवल के सिविल सर्जन और मोहनिया अनुमंडलीय अस्पताल के चिकित्सक डॉ. प्रदीप कुमार समेत कई डॉक्टरों के साथ हुई मारपीट की घटनाओं के विरोध में यह आंदोलन किया गया है। उन्होंने कहा कि सुरक्षित कार्य वातावरण के बिना गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं देना संभव नहीं है। चिकित्सकों ने अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने, पर्याप्त सुरक्षा बल की तैनाती और डॉक्टरों पर हमला करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए सरकार से शीघ्र ठोस कदम उठाने की अपील की है।

2 hrs ago
user_Om Prakash Tiwari
Om Prakash Tiwari
Newspaper advertising department Bhabua, Kaimur (Bhabua)•
2 hrs ago

चिकित्सकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग को लेकर बिहार राज्य स्वास्थ्य सेवा संघ के आह्वान पर भभुआ सदर अस्पताल सहित कैमूर जिले के सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों ने ओपीडी सेवा का बहिष्कार कर दिया। बुधवार सुबह से ही ओपीडी बंद

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रहने के कारण इलाज के लिए पहुंचे सैकड़ों मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। इस दौरान कई मरीज बिना इलाज कराए ही वापस लौट गए, जबकि कुछ मरीजों ने इलाज के लिए निजी अस्पतालों का रुख किया। सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ.

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विनोद ने बताया कि अरवल के सिविल सर्जन और मोहनिया अनुमंडलीय अस्पताल के चिकित्सक डॉ. प्रदीप कुमार समेत कई डॉक्टरों के साथ हुई मारपीट की घटनाओं के विरोध में यह आंदोलन किया गया है। उन्होंने कहा कि सुरक्षित कार्य वातावरण के बिना गुणवत्तापूर्ण

स्वास्थ्य सेवाएं देना संभव नहीं है। चिकित्सकों ने अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने, पर्याप्त सुरक्षा बल की तैनाती और डॉक्टरों पर हमला करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए सरकार से शीघ्र ठोस कदम उठाने की अपील की है।

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  • चिकित्सकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग को लेकर बिहार राज्य स्वास्थ्य सेवा संघ के आह्वान पर भभुआ सदर अस्पताल सहित कैमूर जिले के सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों ने ओपीडी सेवा का बहिष्कार कर दिया। बुधवार सुबह से ही ओपीडी बंद रहने के कारण इलाज के लिए पहुंचे सैकड़ों मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। इस दौरान कई मरीज बिना इलाज कराए ही वापस लौट गए, जबकि कुछ मरीजों ने इलाज के लिए निजी अस्पतालों का रुख किया। सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. विनोद ने बताया कि अरवल के सिविल सर्जन और मोहनिया अनुमंडलीय अस्पताल के चिकित्सक डॉ. प्रदीप कुमार समेत कई डॉक्टरों के साथ हुई मारपीट की घटनाओं के विरोध में यह आंदोलन किया गया है। उन्होंने कहा कि सुरक्षित कार्य वातावरण के बिना गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं देना संभव नहीं है। चिकित्सकों ने अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने, पर्याप्त सुरक्षा बल की तैनाती और डॉक्टरों पर हमला करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए सरकार से शीघ्र ठोस कदम उठाने की अपील की है।
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    चिकित्सकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग को लेकर बिहार राज्य स्वास्थ्य सेवा संघ के आह्वान पर भभुआ सदर अस्पताल सहित कैमूर जिले के सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों ने ओपीडी सेवा का बहिष्कार कर दिया। बुधवार सुबह से ही ओपीडी बंद रहने के कारण इलाज के लिए पहुंचे सैकड़ों मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। इस दौरान कई मरीज बिना इलाज कराए ही वापस लौट गए, जबकि कुछ मरीजों ने इलाज के लिए निजी अस्पतालों का रुख किया।

सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. विनोद ने बताया कि अरवल के सिविल सर्जन और मोहनिया अनुमंडलीय अस्पताल के चिकित्सक डॉ. प्रदीप कुमार समेत कई डॉक्टरों के साथ हुई मारपीट की घटनाओं के विरोध में यह आंदोलन किया गया है। उन्होंने कहा कि सुरक्षित कार्य वातावरण के बिना गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं देना संभव नहीं है। चिकित्सकों ने अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने, पर्याप्त सुरक्षा बल की तैनाती और डॉक्टरों पर हमला करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए सरकार से शीघ्र ठोस कदम उठाने की अपील की है।
    user_Om Prakash Tiwari
    Om Prakash Tiwari
    Newspaper advertising department Bhabua, Kaimur (Bhabua)•
    2 hrs ago
  • संत रामपाल जी महाराज केवल आध्यात्मिक ज्ञान ही नहीं दे रहे, बल्कि मानवता की रक्षा के लिए धरातल पर सेवा कार्य भी कर रहे हैं। वे दुखी, गरीब, किसान, मजदूर और असहाय परिवारों का सच्चा सहारा बनकर सामने आए हैं। शास्त्रों के अनुसार पूर्ण परमात्मा कबीर साहिब जी ही सर्व सृष्टि के रचनहार हैं, और संत रामपाल जी महाराज इसी तत्वज्ञान को प्रमाण सहित जगत के सामने रख रहे हैं। उनका उद्देश्य केवल सांसारिक सहायता देना नहीं, बल्कि मानव समाज को सुख, शांति, समृद्धि तथा मोक्ष का मार्ग बताते हुए जीवात्माओं को जन्म-मृत्यु के दुखद चक्र से निकालकर सतलोक की ओर ले जाना है। इस महान सेवा अभियान का हिस्सा बनने और संत रामपाल जी महाराज के मानव कल्याणकारी कार्यों को जन-जन तक पहुँचाने का आह्वान किया गया है। लोगों से हाथ जोड़कर उनका सम्मान करने और जरूरतमंद किसानों के चेहरों पर मुस्कान लाने के लिए इस जनसेवा अभियान में सहयोग करने की अपील की गई है।
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    संत रामपाल जी महाराज केवल आध्यात्मिक ज्ञान ही नहीं दे रहे, बल्कि मानवता की रक्षा के लिए धरातल पर सेवा कार्य भी कर रहे हैं। वे दुखी, गरीब, किसान, मजदूर और असहाय परिवारों का सच्चा सहारा बनकर सामने आए हैं। शास्त्रों के अनुसार पूर्ण परमात्मा कबीर साहिब जी ही सर्व सृष्टि के रचनहार हैं, और संत रामपाल जी महाराज इसी तत्वज्ञान को प्रमाण सहित जगत के सामने रख रहे हैं। उनका उद्देश्य केवल सांसारिक सहायता देना नहीं, बल्कि मानव समाज को सुख, शांति, समृद्धि तथा मोक्ष का मार्ग बताते हुए जीवात्माओं को जन्म-मृत्यु के दुखद चक्र से निकालकर सतलोक की ओर ले जाना है।

इस महान सेवा अभियान का हिस्सा बनने और संत रामपाल जी महाराज के मानव कल्याणकारी कार्यों को जन-जन तक पहुँचाने का आह्वान किया गया है। लोगों से हाथ जोड़कर उनका सम्मान करने और जरूरतमंद किसानों के चेहरों पर मुस्कान लाने के लिए इस जनसेवा अभियान में सहयोग करने की अपील की गई है।
    user_VIKESH DAS
    VIKESH DAS
    Farmer अधौरा, कैमूर (भभुआ), बिहार•
    5 hrs ago
  • डॉक्टरों के साथ लगातार हो रही मारपीट की घटनाओं के विरोध में बुधवार को पूरे बिहार के सरकारी अस्पतालों में ओपीडी सेवा पूरी तरह ठप रही। हालांकि, गंभीर मरीजों के इलाज के लिए इमरजेंसी सेवा सामान्य रूप से संचालित है। ओपीडी बंद रहने के कारण दूर-दराज के इलाकों से इलाज कराने पहुंचे मरीजों और उनके परिजनों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। चिकित्सकों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि अरवल जिले में सिविल सर्जन के साथ मारपीट हुई और कुछ दिन पहले कैमूर जिले के मोहनिया अनुमंडलीय अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर के साथ भी मारपीट की घटना घटी थी। डॉक्टरों का आरोप है कि इन घटनाओं के बाद भी प्रशासन की ओर से अब तक कोई संतोषजनक कार्रवाई नहीं की गई है। अनुमंडलीय अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. अविनाश सिंह ने बताया कि डॉक्टरों की सुरक्षा की मांग को लेकर पूरे बिहार में ओपीडी सेवा बंद रखी गई है।
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    डॉक्टरों के साथ लगातार हो रही मारपीट की घटनाओं के विरोध में बुधवार को पूरे बिहार के सरकारी अस्पतालों में ओपीडी सेवा पूरी तरह ठप रही। हालांकि, गंभीर मरीजों के इलाज के लिए इमरजेंसी सेवा सामान्य रूप से संचालित है। ओपीडी बंद रहने के कारण दूर-दराज के इलाकों से इलाज कराने पहुंचे मरीजों और उनके परिजनों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

चिकित्सकों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि अरवल जिले में सिविल सर्जन के साथ मारपीट हुई और कुछ दिन पहले कैमूर जिले के मोहनिया अनुमंडलीय अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर के साथ भी मारपीट की घटना घटी थी। डॉक्टरों का आरोप है कि इन घटनाओं के बाद भी प्रशासन की ओर से अब तक कोई संतोषजनक कार्रवाई नहीं की गई है। अनुमंडलीय अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. अविनाश सिंह ने बताया कि डॉक्टरों की सुरक्षा की मांग को लेकर पूरे बिहार में ओपीडी सेवा बंद रखी गई है।
    user_Vinod kumar singh
    Vinod kumar singh
    Local News Reporter Mohania, Kaimur (Bhabua)•
    10 hrs ago
  • राज्य सरकार के निर्देशानुसार कैमूर जिले के कुदरा प्रखंड अंतर्गत नेवराश पंचायत में जनसमस्याओं के त्वरित समाधान के उद्देश्य से 'सहयोग शिविर' का आयोजन किया गया। शिविर में प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी तथा मनरेगा के कार्यक्रम पदाधिकारी प्रभात कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने ग्रामीणों से सीधा संवाद स्थापित कर राजस्व व भूमि विवाद के मामलों की सुनवाई की और सामाजिक सुरक्षा पेंशन, राशन कार्ड, प्रधानमंत्री आवास योजना व अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं से संबंधित आवेदनों का मौके पर ही निस्तारण किया। अधिकारियों ने कहा कि सरकार की मंशा पंचायत स्तर पर ही समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करना है, ताकि ग्रामीणों को छोटे-छोटे कार्यों के लिए प्रखंड या जिला मुख्यालय का चक्कर न काटना पड़े। शिविर के दौरान स्वास्थ्य विभाग की ओर से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, कुदरा की प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. रीता कुमारी के नेतृत्व में विशेष स्वास्थ्य शिविर भी आयोजित किया गया। इसमें ग्रामीणों की स्वास्थ्य जांच की गई और जरूरतमंद मरीजों को निःशुल्क दवाएं वितरित की गईं। डॉ. रीता कुमारी ने ग्रामीणों से अपील की कि वे सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध पर्याप्त इलाज और दवाओं का लाभ उठाएं। नेवराश पंचायत में आयोजित इस सहयोग शिविर को लेकर ग्रामीणों में काफी उत्साह देखा गया। बड़ी संख्या में महिलाएं, बुजुर्ग और युवा अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि पंचायत स्तर पर ऐसे शिविर आयोजित होने से उनके समय और धन दोनों की बचत हो रही है और सरकारी योजनाओं का लाभ भी आसानी से मिल रहा है।
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    राज्य सरकार के निर्देशानुसार कैमूर जिले के कुदरा प्रखंड अंतर्गत नेवराश पंचायत में जनसमस्याओं के त्वरित समाधान के उद्देश्य से 'सहयोग शिविर' का आयोजन किया गया। शिविर में प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी तथा मनरेगा के कार्यक्रम पदाधिकारी प्रभात कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने ग्रामीणों से सीधा संवाद स्थापित कर राजस्व व भूमि विवाद के मामलों की सुनवाई की और सामाजिक सुरक्षा पेंशन, राशन कार्ड, प्रधानमंत्री आवास योजना व अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं से संबंधित आवेदनों का मौके पर ही निस्तारण किया। अधिकारियों ने कहा कि सरकार की मंशा पंचायत स्तर पर ही समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करना है, ताकि ग्रामीणों को छोटे-छोटे कार्यों के लिए प्रखंड या जिला मुख्यालय का चक्कर न काटना पड़े।

शिविर के दौरान स्वास्थ्य विभाग की ओर से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, कुदरा की प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. रीता कुमारी के नेतृत्व में विशेष स्वास्थ्य शिविर भी आयोजित किया गया। इसमें ग्रामीणों की स्वास्थ्य जांच की गई और जरूरतमंद मरीजों को निःशुल्क दवाएं वितरित की गईं। डॉ. रीता कुमारी ने ग्रामीणों से अपील की कि वे सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध पर्याप्त इलाज और दवाओं का लाभ उठाएं।

नेवराश पंचायत में आयोजित इस सहयोग शिविर को लेकर ग्रामीणों में काफी उत्साह देखा गया। बड़ी संख्या में महिलाएं, बुजुर्ग और युवा अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि पंचायत स्तर पर ऐसे शिविर आयोजित होने से उनके समय और धन दोनों की बचत हो रही है और सरकारी योजनाओं का लाभ भी आसानी से मिल रहा है।
    user_Satyam Kumar Upadhyay
    Satyam Kumar Upadhyay
    Local News Reporter Bhabua, Patna•
    17 hrs ago
  • संसद परिसर में धरने पर बैठे सांसद चंद्रशेखर आज़ाद से आज आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने मुलाकात की है। संजय सिंह ने धरने पर मौजूद चंद्रशेखर आज़ाद से मिलकर उनके प्रति अपना समर्थन जताया। संसद भवन परिसर में हुई इस मुलाकात और चंद्रशेखर आज़ाद के जारी धरने के घटनाक्रम को राजनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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    संसद परिसर में धरने पर बैठे सांसद चंद्रशेखर आज़ाद से आज आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने मुलाकात की है। संजय सिंह ने धरने पर मौजूद चंद्रशेखर आज़ाद से मिलकर उनके प्रति अपना समर्थन जताया। संसद भवन परिसर में हुई इस मुलाकात और चंद्रशेखर आज़ाद के जारी धरने के घटनाक्रम को राजनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
    user_Awaaz -e-Bharat
    Awaaz -e-Bharat
    चांद, कैमूर (भभुआ), बिहार•
    2 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के हमीरपुर स्थित राठ कस्बे की सरकारी सहकारी क्रय-विक्रय समिति का जर्जर भवन किसानों और कर्मचारियों के लिए गंभीर खतरे का सबब बना हुआ है। बरसात के दौरान छत टपकने से गोदाम में रखा यूरिया और डीएपी खाद भीग रहा है, जिससे किसानों को मजबूरी में गीली खाद लेनी पड़ रही है। इससे खाद की गुणवत्ता प्रभावित होने और आर्थिक नुकसान होने की आशंका बनी हुई है। खाद पाने के लिए किसानों को घंटों इसी खस्ताहाल भवन में इंतजार करना पड़ता है, जहां छत से प्लास्टर और ईंटें गिरती रहती हैं। पिछले तीन वर्षों में कई बार छत के टुकड़े गिर चुके हैं और कई किसान बाल-बाल बचे हैं। इसके बावजूद समिति के कर्मचारी भी इसी जर्जर भवन में बैठकर काम करने को मजबूर हैं। स्थानीय किसानों ने इस समस्या की जानकारी कई बार संबंधित अधिकारियों को दी, लेकिन न तो भवन की मरम्मत कराई गई और न ही कोई वैकल्पिक व्यवस्था की गई। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो बड़ा हादसा हो सकता है। किसानों ने मांग की है कि सहकारी समिति के लिए तत्काल नया भवन स्वीकृत किया जाए और जब तक नया भवन नहीं बनता, तब तक खाद वितरण और समिति का संचालन किसी सुरक्षित स्थान से कराया जाए। साथ ही जर्जर भवन में खाद भंडारण पर रोक लगाने और किसानों के बैठने व खाद वितरण की सुरक्षित व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की गई है। फिलहाल जर्जर भवन में समिति का संचालन जारी है और किसान अपनी जान जोखिम में डालकर खाद लेने को मजबूर हैं।
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    उत्तर प्रदेश के हमीरपुर स्थित राठ कस्बे की सरकारी सहकारी क्रय-विक्रय समिति का जर्जर भवन किसानों और कर्मचारियों के लिए गंभीर खतरे का सबब बना हुआ है। बरसात के दौरान छत टपकने से गोदाम में रखा यूरिया और डीएपी खाद भीग रहा है, जिससे किसानों को मजबूरी में गीली खाद लेनी पड़ रही है। इससे खाद की गुणवत्ता प्रभावित होने और आर्थिक नुकसान होने की आशंका बनी हुई है।

खाद पाने के लिए किसानों को घंटों इसी खस्ताहाल भवन में इंतजार करना पड़ता है, जहां छत से प्लास्टर और ईंटें गिरती रहती हैं। पिछले तीन वर्षों में कई बार छत के टुकड़े गिर चुके हैं और कई किसान बाल-बाल बचे हैं। इसके बावजूद समिति के कर्मचारी भी इसी जर्जर भवन में बैठकर काम करने को मजबूर हैं। स्थानीय किसानों ने इस समस्या की जानकारी कई बार संबंधित अधिकारियों को दी, लेकिन न तो भवन की मरम्मत कराई गई और न ही कोई वैकल्पिक व्यवस्था की गई। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो बड़ा हादसा हो सकता है।

किसानों ने मांग की है कि सहकारी समिति के लिए तत्काल नया भवन स्वीकृत किया जाए और जब तक नया भवन नहीं बनता, तब तक खाद वितरण और समिति का संचालन किसी सुरक्षित स्थान से कराया जाए। साथ ही जर्जर भवन में खाद भंडारण पर रोक लगाने और किसानों के बैठने व खाद वितरण की सुरक्षित व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की गई है। फिलहाल जर्जर भवन में समिति का संचालन जारी है और किसान अपनी जान जोखिम में डालकर खाद लेने को मजबूर हैं।
    user_राज कुमार सोनकर पत्रकार
    राज कुमार सोनकर पत्रकार
    Court reporter चकिया, चंदौली, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • बिहार के कैमूर जिला स्थित सदर अस्पताल भभुआ में छह बेड वाले अत्याधुनिक आईसीयू (गहन चिकित्सा इकाई) का वर्चुअल माध्यम से मुख्यमंत्री द्वारा शुभारंभ किया गया। इस लोकार्पण कार्यक्रम में जिला पदाधिकारी नितिन कुमार सिंह, जिला परिषद अध्यक्ष रिंकी सिंह, नगर परिषद सभापति रविता पटेल, सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. विनोद, डॉ. आर. चौधरी, डीपीएम ऋषिकेश जायसवाल, प्रबंधक शैलेन्द कुमार और लेखा प्रबंधक प्रभात कुमार सहित स्वास्थ्य विभाग के कई अधिकारी एवं कर्मी मौजूद रहे। कार्यक्रम के बाद जिलाधिकारी नितिन कुमार सिंह ने आईसीयू वार्ड का निरीक्षण कर वहां स्थापित जीवनरक्षक उपकरणों और अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि अत्याधुनिक आईसीयू की शुरुआत जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जिससे गंभीर मरीजों को समय पर गहन चिकित्सा सुविधा मिलेगी और हायर सेंटर रेफर करने की आवश्यकता घटेगी। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस 6 बेड के आईसीयू में चौबीसों घंटे मरीजों की चिकित्सकीय निगरानी की जाएगी, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को आर्थिक व मानसिक राहत मिलेगी।
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    बिहार के कैमूर जिला स्थित सदर अस्पताल भभुआ में छह बेड वाले अत्याधुनिक आईसीयू (गहन चिकित्सा इकाई) का वर्चुअल माध्यम से मुख्यमंत्री द्वारा शुभारंभ किया गया। इस लोकार्पण कार्यक्रम में जिला पदाधिकारी नितिन कुमार सिंह, जिला परिषद अध्यक्ष रिंकी सिंह, नगर परिषद सभापति रविता पटेल, सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. विनोद, डॉ. आर. चौधरी, डीपीएम ऋषिकेश जायसवाल, प्रबंधक शैलेन्द कुमार और लेखा प्रबंधक प्रभात कुमार सहित स्वास्थ्य विभाग के कई अधिकारी एवं कर्मी मौजूद रहे।

कार्यक्रम के बाद जिलाधिकारी नितिन कुमार सिंह ने आईसीयू वार्ड का निरीक्षण कर वहां स्थापित जीवनरक्षक उपकरणों और अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि अत्याधुनिक आईसीयू की शुरुआत जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जिससे गंभीर मरीजों को समय पर गहन चिकित्सा सुविधा मिलेगी और हायर सेंटर रेफर करने की आवश्यकता घटेगी। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस 6 बेड के आईसीयू में चौबीसों घंटे मरीजों की चिकित्सकीय निगरानी की जाएगी, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को आर्थिक व मानसिक राहत मिलेगी।
    user_Om Prakash Tiwari
    Om Prakash Tiwari
    Newspaper advertising department Bhabua, Kaimur (Bhabua)•
    3 hrs ago
  • जंतर मंतर पर अपनी माँगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे लोगों पर हुए बल प्रयोग और लाठीचार्ज को लेकर गहरा दुख और चिंता व्यक्त की गई है। संवाद के स्थान पर लाठियों का इस्तेमाल होने से किसी एक पक्ष की हार नहीं होती, बल्कि पूरे लोकतंत्र के विश्वास पर गहरी चोट पहुँचती है। यह स्थिति हर संवेदनशील मन को बेचैन करने वाली है। प्रदर्शनकारियों की भीड़ में अपने बच्चों के भविष्य के लिए लड़ रहे पिता, अपने अधिकारों की आवाज़ उठाती बेटियाँ, शिक्षक, कर्मचारी, किसान और युवा शामिल हैं जिनकी उम्मीदें धीरे-धीरे टूट रही हैं। जब ऐसी आवाज़ों का जवाब डंडों से दिया जाता है, तो नागरिकों के बीच खामोशी बढ़ती है और व्यवस्था से विश्वास घटने लगता है। सत्ता की असली ताकत उसकी शक्ति में नहीं, बल्कि उसकी संवेदनशीलता में निहित होती है। इसके साथ ही, विरोध प्रदर्शन भी संयम, अनुशासन और शांति के साथ होना चाहिए। इतिहास गवाह है कि विचारों को कभी लाठियों से हराया नहीं जा सकता। आवाज़ों को दबाया तो जा सकता है, लेकिन समाप्त नहीं किया जा सकता। लोकतंत्र की वास्तविक पहचान केवल चुनाव कराने में नहीं, बल्कि असहमति को सम्मानपूर्वक सुनने में है। आज आवश्यकता जीत या हार तय करने की नहीं, बल्कि संवाद पुनः शुरू करने की है ताकि ऐसा भारत बन सके जहाँ नागरिकों को अपनी बात कहने से डर न लगे और पुलिस को अपने ही लोगों पर लाठी उठाने की नौबत न आए।
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    जंतर मंतर पर अपनी माँगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे लोगों पर हुए बल प्रयोग और लाठीचार्ज को लेकर गहरा दुख और चिंता व्यक्त की गई है। संवाद के स्थान पर लाठियों का इस्तेमाल होने से किसी एक पक्ष की हार नहीं होती, बल्कि पूरे लोकतंत्र के विश्वास पर गहरी चोट पहुँचती है। यह स्थिति हर संवेदनशील मन को बेचैन करने वाली है।

प्रदर्शनकारियों की भीड़ में अपने बच्चों के भविष्य के लिए लड़ रहे पिता, अपने अधिकारों की आवाज़ उठाती बेटियाँ, शिक्षक, कर्मचारी, किसान और युवा शामिल हैं जिनकी उम्मीदें धीरे-धीरे टूट रही हैं। जब ऐसी आवाज़ों का जवाब डंडों से दिया जाता है, तो नागरिकों के बीच खामोशी बढ़ती है और व्यवस्था से विश्वास घटने लगता है। सत्ता की असली ताकत उसकी शक्ति में नहीं, बल्कि उसकी संवेदनशीलता में निहित होती है। इसके साथ ही, विरोध प्रदर्शन भी संयम, अनुशासन और शांति के साथ होना चाहिए।

इतिहास गवाह है कि विचारों को कभी लाठियों से हराया नहीं जा सकता। आवाज़ों को दबाया तो जा सकता है, लेकिन समाप्त नहीं किया जा सकता। लोकतंत्र की वास्तविक पहचान केवल चुनाव कराने में नहीं, बल्कि असहमति को सम्मानपूर्वक सुनने में है। आज आवश्यकता जीत या हार तय करने की नहीं, बल्कि संवाद पुनः शुरू करने की है ताकि ऐसा भारत बन सके जहाँ नागरिकों को अपनी बात कहने से डर न लगे और पुलिस को अपने ही लोगों पर लाठी उठाने की नौबत न आए।
    user_राष्ट्र नमन प्रेस
    राष्ट्र नमन प्रेस
    Local Politician चेनारी, रोहतास, बिहार•
    9 hrs ago
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