अलवर में राज्यभर की आशा सहयोगिनियां पिछले 20 दिनों से लगातार आंदोलन कर रही हैं, जिसमें वे राज्य सरकार से उन्हें सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने और मासिक वेतन बढ़ाकर ₹24,000 करने की मांग उठा रही हैं। प्रदर्शन के दौरान, आशा सहयोगिनियों ने स्पष्ट किया कि उन्हें संविदा कर्मी के बजाय राज्य सरकार का नियमित कर्मचारी घोषित किया जाए और उनके भविष्य की सुरक्षा के लिए स्थायी नियुक्ति दी जाए। प्रदर्शनकारी आशा सहयोगिनियों का कहना है कि वर्तमान में उन्हें मात्र ₹4,900 प्रतिमाह मानदेय मिलता है, जो बढ़ती महंगाई के दौर में परिवार का पालन-पोषण करने के लिए बिल्कुल अपर्याप्त है। वे स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न महत्वपूर्ण योजनाओं में घर-घर जाकर मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण, जन-जागरूकता और अन्य स्वास्थ्य सेवाओं का कार्य करती हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें उचित वेतन और सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। वर्षों की सेवा के बावजूद नौकरी की कोई सुरक्षा न होने से उनके भविष्य को लेकर लगातार चिंता बनी रहती है। आशा सहयोगिनियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र ही सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो उनके आंदोलन को और भी तेज किया जाएगा। उन्होंने राज्य सरकार से संवेदनशीलता दिखाते हुए उनकी लंबे समय से लंबित मांगों का जल्द से जल्द समाधान करने की अपील की। इस अवसर पर राजवती, नीलम, सुनीता, गीत, कविता, मनीषा, बीना देवी, रेखा, सीमा, रानी, किरण, अनीता, सुशीला, संतोष, उर्मिला, मुनेश, शांति, संगीता, पूनम, शारदा सहित कई अन्य आशा सहयोगिनियां उपस्थित रहीं।
अलवर में राज्यभर की आशा सहयोगिनियां पिछले 20 दिनों से लगातार आंदोलन कर रही हैं, जिसमें वे राज्य सरकार से उन्हें सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने और मासिक वेतन बढ़ाकर ₹24,000 करने की मांग उठा रही हैं। प्रदर्शन के दौरान, आशा सहयोगिनियों ने स्पष्ट किया कि उन्हें संविदा कर्मी के बजाय राज्य सरकार का नियमित कर्मचारी घोषित किया जाए
और उनके भविष्य की सुरक्षा के लिए स्थायी नियुक्ति दी जाए। प्रदर्शनकारी आशा सहयोगिनियों का कहना है कि वर्तमान में उन्हें मात्र ₹4,900 प्रतिमाह मानदेय मिलता है, जो बढ़ती महंगाई के दौर में परिवार का पालन-पोषण करने के लिए बिल्कुल अपर्याप्त है। वे स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न महत्वपूर्ण योजनाओं में घर-घर जाकर मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण, जन-जागरूकता और अन्य
स्वास्थ्य सेवाओं का कार्य करती हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें उचित वेतन और सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। वर्षों की सेवा के बावजूद नौकरी की कोई सुरक्षा न होने से उनके भविष्य को लेकर लगातार चिंता बनी रहती है। आशा सहयोगिनियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र ही सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो उनके आंदोलन
को और भी तेज किया जाएगा। उन्होंने राज्य सरकार से संवेदनशीलता दिखाते हुए उनकी लंबे समय से लंबित मांगों का जल्द से जल्द समाधान करने की अपील की। इस अवसर पर राजवती, नीलम, सुनीता, गीत, कविता, मनीषा, बीना देवी, रेखा, सीमा, रानी, किरण, अनीता, सुशीला, संतोष, उर्मिला, मुनेश, शांति, संगीता, पूनम, शारदा सहित कई अन्य आशा सहयोगिनियां उपस्थित रहीं।
- KASHMEER SINGHअलवर, अलवर, राजस्थान💣1 hr ago
- मोहला-मानपुर जिले के गुंडरदेही गांव में एक तेज रफ्तार ट्रक की चपेट में आने से 10 वर्षीय एक मासूम की मौके पर ही मौत हो गई। इस दर्दनाक हादसे के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिला, जिसके चलते उन्होंने शव को सड़क पर रखकर राजनांदगांव–चंद्रपुर स्टेट हाईवे को जाम कर दिया। हादसे को अंजाम देने के बाद आरोपी ट्रक चालक पुलिस की बैरिकेडिंग तोड़ते हुए करीब 70 किलोमीटर तक फरार होता रहा। हालांकि, कोरकट्टी के पास ट्रक अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इसके बाद पुलिस ने घायल चालक को हिरासत में लेकर अस्पताल पहुंचाया। पुलिस इस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है और आरोपी चालक के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।1
- नगर से भोलू का नगला की ओर जाने वाली सड़क पर भारी मात्रा में गंदगी फैली हुई है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए, मांग की गई है कि इस गंदगी को जल्द से जल्द साफ किया जाए।1
- कोटपूतली-बहरोड़ में 27 जून, शुक्रवार को जिला कलेक्टर अपर्णा गुप्ता की अध्यक्षता में जिला कलेक्ट्रेट सभागार में ग्रामीण एवं शहरी सेवा शिविरों सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस दौरान जिला कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सेवा शिविरों के माध्यम से आमजन को सरकारी योजनाओं, सुविधाओं और सेवाओं का अधिकतम लाभ उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि ये शिविर केवल समस्याओं के समाधान का माध्यम नहीं हैं, बल्कि पात्र नागरिकों को उनके अधिकारों और सरकार की कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने का एक प्रभावी मंच भी हैं। बैठक में ग्रामीण एवं शहरी सेवा शिविरों की प्रगति की गहन समीक्षा करते हुए, जिला कलेक्टर ने यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि शिविरों में आने वाले प्रत्येक नागरिक को योजनाओं एवं सेवाओं की विस्तृत जानकारी मिले तथा पात्र व्यक्तियों को मौके पर ही लाभान्वित किया जाए। उन्होंने शिविरों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने पर जोर दिया ताकि अधिक से अधिक ग्रामीण एवं शहरी नागरिक इन आयोजनों का लाभ उठा सकें। इन शिविरों के माध्यम से प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना, पट्टा वितरण व नियमन, राजस्व रिकॉर्ड में नाम शुद्धिकरण, सीमाज्ञान, सहमति से विभाजन, फार्मर रजिस्ट्री, ई-धरती पोर्टल संबंधी कार्य, रास्तों के प्रकरण और अतिक्रमण हटाने जैसे विभिन्न विभागीय सेवाओं का लाभ आमजन को सरल व सुगम तरीके से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। जिला कलेक्टर ने समाज कल्याण विभाग की पालनहार, कन्यादान एवं एकल नारी योजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि सेवा शिविरों के माध्यम से पात्र लाभार्थियों का चिन्हीकरण कर उन्हें इन योजनाओं से जोड़ा जाए। इसके साथ ही, लंबित सत्यापन कार्यों को शीघ्र पूरा करने और नए पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए विशेष प्रयास करने को कहा गया। दिव्यांगजनों के लिए आयोजित यूडीआईडी शिविरों में प्रमाण-पत्र जारी करने की प्रक्रिया में तेजी लाने के भी निर्देश दिए गए। शिक्षा विभाग को विद्यालय परिसरों व खेल मैदानों को अतिक्रमण मुक्त कराने, महिला एवं बाल विकास विभाग को आंगनबाड़ी केंद्रों में शौचालय निर्माण व पट्टा संबंधी कार्य पूर्ण कराने तथा सहकारिता विभाग को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लंबित प्रकरणों का शिविरों के माध्यम से निस्तारण करने के निर्देश भी दिए गए। 'कर्मभूमि से मातृभूमि अभियान' की समीक्षा के दौरान जिला कलेक्टर ने भूजल पुनर्भरण संरचनाओं के निर्माण कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने का आह्वान किया और जल संरक्षण से जुड़े कार्यों को जनभागीदारी के साथ प्रभावी रूप से आगे बढ़ाने पर बल दिया। बैठक के अंत में, जनसुनवाई के लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए सभी अधिकारियों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए गए। जिला कलेक्टर ने जोर देकर कहा कि ग्रामीण एवं शहरी सेवा शिविर प्रशासन और आमजन के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं, जो प्रत्येक पात्र नागरिक तक सरकारी योजनाओं, सुविधाओं और सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करते हुए जिले में सुशासन की भावना को मजबूत करते हुए सहायक अतिरिक्त जिला कलेक्टर ओमप्रकाश सहारण, उपखंड अधिकारी कोटपूतली योगेश सिंह देवल, उपखंड अधिकारी पावटा बृजेश चौधरी, नगर परिषद कोटपूतली के आयुक्त अरुण शर्मा, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधीक्षण अभियंता रामनिवास यादव, जिला शिक्षा अधिकारी प्रकाशचंद मीणा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे, जबकि अन्य ब्लॉक स्तरीय अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।1
- दौसा जिले के रामगढ़ पचवारा पुलिस थाना ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए कानपुर से चोरी हुई ₹1 करोड़ मूल्य की 285 बोरी सुपारी बरामद की है। इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी साबिर खान को कानपुर नगर, उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने चोरी में इस्तेमाल किए गए वाहन (नंबर HR 38 Y 9519) को भी जब्त किया है। इसके अतिरिक्त, इस प्रकरण में चोरी हुए कंटेनर (नंबर RJ 11 GC 5215) को सवाईमाधोपुर से बरामद किया गया है।4
- राजस्थान के डीग जिले के बृजनगर में 27 जून, शनिवार को जाटव समाज द्वारा अंबेडकर धर्मशाला निर्माण कार्य का भूमि पूजन विधि-विधान से संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राजस्थान सरकार के गृह, गोपालन, पशुपालन, डेयरी एवं मत्स्य विभाग के राज्यमंत्री जवाहर सिंह बेढम रहे। उन्होंने इस अवसर पर समाज के प्रबुद्धजनों और युवाओं से सीधा संवाद किया और सामाजिक सरोकारों में बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाने का आह्वान किया। गृह राज्यमंत्री श्री बेढम ने अपने संबोधन में कहा कि विभिन्न समाजों द्वारा समय-समय पर धर्मशालाओं के निर्माण का मुख्य उद्देश्य सामूहिक कार्यक्रमों को सुगमता से संपन्न कराना होता है। उन्होंने इस भवन को बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की विचारधारा, सामाजिक न्याय और शिक्षा के संदेश को आगे बढ़ाने वाला बताया। श्री बेढम के अनुसार, यह धर्मशाला सामाजिक, शैक्षिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों का केंद्र बनकर समाज को नई दिशा देगी, साथ ही यह शैक्षणिक गतिविधियों को संचालित करने, महत्वपूर्ण विषयों पर संगोष्ठियां व बैठकें आयोजित करने तथा बाहर से आने वाले अतिथियों को सुलभ आश्रय प्रदान करने का एक सशक्त माध्यम बनेगी। उन्होंने डॉ. भीमराव अंबेडकर के योगदान को रेखांकित करते हुए कहा कि यह धर्मशाला एक सशक्त व समरस समाज की उनकी परिकल्पना को धरातल पर आगे बढ़ाने का सराहनीय प्रयास है। गृह राज्यमंत्री ने जोर दिया कि यह भवन आगामी समय में केवल एक ढांचा न रहकर सामाजिक, शैक्षिक एवं सांस्कृतिक चेतना का एक प्रमुख केंद्र बनेगा, जो समाज के उत्थान को नई दिशा प्रदान करेगा। कार्यक्रम के अंत में स्वागतकर्ताओं और जाटव समाज के पदाधिकारियों ने मुख्य अतिथि का आभार व्यक्त किया।1
- कोलवा पुलिस ने कुंडल मुख्यालय क्षेत्र में अवैध खनन और बजरी परिवहन के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई की है। शनिवार को पुलिस टीम ने दो अवैध बजरी से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त की और उनके दो चालकों को हिरासत में लेकर गिरफ्तार किया। थाना अधिकारी मनोहर लाल ने बताया कि यह कार्रवाई महानिरीक्षक पुलिस जयपुर रेंज जयपुर राहुल प्रकाश (आईपीएस) के निर्देशन तथा जिला पुलिस अधीक्षक दौसा पियूष दीक्षित (आईपीएस) के मार्गदर्शन में की गई। इस दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दौसा शंकर लाल (आरपीएस) और वृताधिकारी वृत्त बांदीकुई लक्ष्मीकांत शर्मा (आरपीएस) ने भी पर्यवेक्षण किया। महानिरीक्षक पुलिस जयपुर रेंज द्वारा चलाए जा रहे एरिया डोमिनेशन अभियान के तहत, पुलिस टीम ने गश्त के दौरान जांच में इन ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को पकड़ा। जब्त किए गए वाहन फर्ग्यूसन डीआई-241 ट्रैक्टर बिना नंबर के थे और दोनों ट्रॉलियों में बजरी भरी हुई थी। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान रामगोपाल (28) पुत्र भंवर लाल मीणा, निवासी थाना कोलवा, जिला दौसा और देवराज पुत्र जयसिंह जोगी, निवासी भांवता, थाना कोलवा, जिला दौसा के रूप में हुई है। इस संबंध में पुलिस ने प्रकरण संख्या 133/26 और 134/26 दर्ज किया है। आरोपियों के विरुद्ध धारा 4/21 एमएमडीआर एक्ट एवं धारा 303(2) बीएनएस के तहत मामला पंजीबद्ध कर अनुसंधान शुरू कर दिया गया है। थानाधिकारी मनोहर लाल ने यह भी बताया कि अवैध खनन और बजरी परिवहन के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा।2
- डीग जिले के बृजनगर में शनिवार, 27 जून को अंबेडकर धर्मशाला के निर्माण कार्य का भूमि पूजन विधि-विधान से संपन्न हुआ। राजस्थान सरकार के गृह, गोपालन, पशुपालन, डेयरी एवं मत्स्य विभाग के राज्यमंत्री जवाहर सिंह बेढम ने समस्त जाटव समाज बृजनगर के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में शिलान्यास किया। मुख्य अतिथि के रूप में समारोह में उपस्थित रहे राज्यमंत्री बेढम ने समाज के प्रबुद्धजनों और युवाओं से सीधा संवाद किया, साथ ही उनसे सामाजिक सरोकारों में बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाने का आह्वान किया। उन्होंने अपने संबोधन में इस बात पर जोर दिया कि विभिन्न समाजों द्वारा निर्मित धर्मशालाएं, आश्रय स्थल और सामाजिक भवन सामूहिक कार्यक्रमों को सुगमता से संपन्न करने के उद्देश्य से बनाए जाते हैं। राज्यमंत्री बेढम ने अंबेडकर धर्मशाला के बहुआयामी महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि यह भवन शैक्षणिक गतिविधियों को संचालित करने, महत्वपूर्ण विषयों पर संगोष्ठियां व बैठकें आयोजित करने और बाहर से आने वाले अतिथियों को सुलभ आश्रय प्रदान करने का एक सशक्त माध्यम बनेगा। उन्होंने बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के योगदान को याद करते हुए बताया कि सामाजिक न्याय, समान अवसर और शिक्षा के माध्यम से एक सशक्त व समरस समाज की उनकी परिकल्पना को यह धर्मशाला धरातल पर आगे बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण और सराहनीय प्रयास है। बेढम ने विश्वास व्यक्त किया कि यह भवन भविष्य में केवल एक ढांचा न रहकर सामाजिक, शैक्षिक एवं सांस्कृतिक चेतना का एक प्रमुख केंद्र बनेगा, जो समाज के उत्थान को नई दिशा प्रदान करेगा। कार्यक्रम के अंत में, स्वागतकर्ताओं और जाटव समाज के पदाधिकारियों द्वारा मुख्य अतिथि जवाहर सिंह बेढम का आभार व्यक्त किया गया।4
- लुधियाना में मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ को सुना।1
- उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के टप्पल थाना क्षेत्र में एक हादसा हुआ। इस घटना के कारण पूरे क्षेत्र में मौत का मंजर पसरा हुआ है।1