संसद के मानसून सत्र का पहला दिन भारी हंगामे की भेंट चढ़ गया। इस दौरान कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) द्वारा बुलाए गए 'संसद मार्च' ने भारी बवाल खड़ा कर दिया। प्रदर्शनकारियों को संसद भवन की ओर बढ़ने से रोकने के लिए सुरक्षा बलों ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले दागे। इस दौरान शास्त्री भवन और कॉन्स्टिट्यूशन क्लब के पास प्रदर्शनकारियों द्वारा बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश की गई, जिसके बाद सुरक्षा बलों ने कार्रवाई की। हालात इस कदर बिगड़ गए कि सुरक्षा के मद्देनजर संसद भवन के मुख्य गेट सहित कई द्वारों को थोड़ी देर के लिए बंद करना पड़ा और दिल्ली पुलिस कमिश्नर खुद संसद मार्ग थाने पहुंचे। इस झड़प में दिल्ली पुलिस के कई जवान भी घायल हो गए हैं। इस भारी हंगामे के बीच पुलिस ने कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए जंतर-मंतर पर लगाए गए सीजेपी के धरना स्थल और मंच को जबरन खाली करा दिया, जिसे प्रदर्शनकारियों ने अपनी लोकतांत्रिक आवाज दबाने की कोशिश बताया। पुलिस ने आरबीआई के पास से सीजेपी के कम से कम सात प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया, जबकि सीजेपी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास को डिप्टी कमिश्नर के दफ्तर ले जाया जा रहा है। सुरक्षा व्यवस्था और तनाव को देखते हुए जनपथ, पटेल चौक, राजीव चौक, केंद्रीय सचिवालय और सेवा तीर्थ जैसे प्रमुख मेट्रो स्टेशनों के एंट्री और एग्जिट गेट बंद कर दिए गए, जिससे कई यात्री अंदर ही फंसे रहे और ब्लूलाइन पर मेट्रो ट्रेनें लेट चलने लगीं। इस बीच, समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव, इकरा हसन और प्रिया सरोज सहित कई सपा सांसदों ने संसद से जंतर-मंतर तक पैदल मार्च निकाला। डिंपल यादव ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए इसे देश के इतिहास की सबसे अहंकारी, बेरहम और संवेदनहीन सरकार बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना वर्दी के आए कुछ पुलिसकर्मियों ने गुंडों जैसा व्यवहार करते हुए छात्रों को बेरहमी से पीटा, बिजली के झटके दिए और बेटियों के कपड़े तक फाड़ दिए। उन्होंने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाने की मांग करते हुए सरकार पर देश को संविधान के बजाय आरएसएस की विचारधारा से चलाने का आरोप लगाया। दूसरी ओर, सांसद चंद्रशेखर आजाद और शबाना आजमी केरल भवन के पास धरने पर बैठ गए, जिन्हें रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) ने दोनों तरफ से घेर लिया। धरने के दौरान शबाना आजमी की तबीयत बिगड़ गई और चंद्रशेखर को वहां से उठाने की तैयारी की जाने लगी। इस हंगामे के बीच राजनीतिक हलचल भी तेज रही, जहां शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की, वहीं सीजेपी का एक प्रतिनिधिमंडल जेपी नड्डा से मिलने पहुंचा। सीजेपी ने दावा किया है कि सरकार बातचीत के लिए तैयार है। इसके अलावा, भूख हड़ताल पर बैठे अभिजीत दिपके ने अपनी हड़ताल खत्म कर दी, जबकि सोनम वांगचुक ने अस्पताल प्रशासन से उन्हें संसद मार्च में शामिल होने देने की मांग की।
संसद के मानसून सत्र का पहला दिन भारी हंगामे की भेंट चढ़ गया। इस दौरान कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) द्वारा बुलाए गए 'संसद मार्च' ने भारी बवाल खड़ा कर दिया। प्रदर्शनकारियों को संसद भवन की ओर बढ़ने से रोकने के लिए सुरक्षा बलों ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले दागे। इस दौरान शास्त्री भवन और कॉन्स्टिट्यूशन क्लब के पास प्रदर्शनकारियों द्वारा बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश की गई, जिसके बाद सुरक्षा बलों ने कार्रवाई की। हालात इस कदर बिगड़ गए कि सुरक्षा के मद्देनजर संसद भवन के मुख्य गेट सहित कई द्वारों को थोड़ी देर के लिए बंद करना पड़ा और दिल्ली पुलिस कमिश्नर खुद संसद मार्ग थाने पहुंचे। इस झड़प में दिल्ली पुलिस के कई जवान भी घायल हो गए हैं। इस भारी हंगामे के बीच पुलिस ने कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए जंतर-मंतर पर लगाए गए सीजेपी के धरना स्थल और मंच को जबरन खाली करा दिया, जिसे प्रदर्शनकारियों ने अपनी लोकतांत्रिक आवाज दबाने की कोशिश बताया। पुलिस ने आरबीआई के पास से सीजेपी के कम से कम सात प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया, जबकि सीजेपी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास को डिप्टी कमिश्नर के दफ्तर ले जाया जा रहा है। सुरक्षा व्यवस्था और तनाव को देखते हुए जनपथ, पटेल चौक, राजीव चौक, केंद्रीय सचिवालय और सेवा तीर्थ जैसे प्रमुख मेट्रो स्टेशनों के एंट्री और एग्जिट गेट बंद कर दिए गए, जिससे कई यात्री अंदर ही फंसे रहे और ब्लूलाइन पर मेट्रो ट्रेनें लेट चलने लगीं। इस बीच, समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव, इकरा हसन और प्रिया सरोज सहित कई सपा सांसदों ने संसद से जंतर-मंतर तक पैदल मार्च निकाला। डिंपल यादव ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए इसे देश के इतिहास की सबसे अहंकारी, बेरहम और संवेदनहीन सरकार बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना वर्दी के आए कुछ पुलिसकर्मियों ने गुंडों जैसा व्यवहार करते हुए छात्रों को बेरहमी से पीटा, बिजली के झटके दिए और बेटियों के कपड़े तक फाड़ दिए। उन्होंने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाने की मांग करते हुए सरकार पर देश को संविधान के बजाय आरएसएस की विचारधारा से चलाने का आरोप लगाया। दूसरी ओर, सांसद चंद्रशेखर आजाद और शबाना आजमी केरल भवन के पास धरने पर बैठ गए, जिन्हें रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) ने दोनों तरफ से घेर लिया। धरने के दौरान शबाना आजमी की तबीयत बिगड़ गई और चंद्रशेखर को वहां से उठाने की तैयारी की जाने लगी। इस हंगामे के बीच राजनीतिक हलचल भी तेज रही, जहां शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की, वहीं सीजेपी का एक प्रतिनिधिमंडल जेपी नड्डा से मिलने पहुंचा। सीजेपी ने दावा किया है कि सरकार बातचीत के लिए तैयार है। इसके अलावा, भूख हड़ताल पर बैठे अभिजीत दिपके ने अपनी हड़ताल खत्म कर दी, जबकि सोनम वांगचुक ने अस्पताल प्रशासन से उन्हें संसद मार्च में शामिल होने देने की मांग की।
- मनासा में आयोजित जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में स्कूल बसों के चालकों और परिचालकों के चरित्र सत्यापन कराने के निर्देश दिए गए हैं।1
- राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले के कपासन स्थित हजरत दीवाना शाह रहमतुल्लाह अलैह की दरगाह पर 85वां सालाना उर्स मेला 21 जुलाई से 23 जुलाई 2026 तक आयोजित किया जाएगा। दरगाह प्रबंधन ने उर्स की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं और इस दौरान देश के अलग-अलग राज्यों से बड़ी संख्या में जायरीनों के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। तीन दिवसीय उर्स के दौरान चादरपोशी, फातिहा, महफिल-ए-समा और दुआओं के साथ विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उर्स मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए रेलवे प्रशासन ने भी विशेष इंतजाम किए हैं, जिसके तहत उत्तर पश्चिम रेलवे द्वारा 21 से 23 जुलाई के दौरान कपासन स्टेशन पर सात प्रमुख ट्रेनों का अस्थायी ठहराव स्वीकृत किया गया है। इसके अलावा, स्थानीय प्रशासन की ओर से सुरक्षा, यातायात नियंत्रण, पेयजल, चिकित्सा और अन्य आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने की तैयारियां की गई हैं। वहीं, दरगाह प्रबंधन ने भी जायरीनों से प्रशासन और आयोजन समिति के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए अनुशासन बनाए रखने की अपील की है। उल्लेखनीय है कि कपासन स्थित हजरत दीवाना शाह की दरगाह प्रदेश की प्रमुख सूफी दरगाहों में से एक है। यहाँ हर साल आयोजित होने वाले उर्स में राजस्थान समेत देश के कई राज्यों से हजारों अकीदतमंद पहुंचकर चादर पेश करते हैं और देश में अमन, भाईचारे व खुशहाली की दुआएं मांगते हैं।1
- चित्तौड़गढ़ में पुलिस की यातायात शाखा द्वारा पुलिस लाइन स्थित सामुदायिक भवन में एक दिवसीय बेसिक लाइफ सपोर्ट (BLS) एवं सीपीआर (CPR) प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गजेन्द्र सिंह जौधा के निर्देशन में आयोजित इस शिविर का मुख्य उद्देश्य पुलिसकर्मियों, विद्यार्थियों, सिविल डिफेंस स्वयंसेवकों, पुलिस मित्रों, परिवहन संघों, औद्योगिक क्षेत्र के कर्मचारियों और आम नागरिकों को आपातकालीन स्थितियों में जीवन बचाने की तकनीकों से अवगत कराना था। शिविर के दौरान विशेषज्ञ डॉ. पंकज गुप्ता और उनकी मेडिकल टीम ने प्रतिभागियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। इसके तहत एबीसी (Airway, Breathing, Circulation) तकनीक, श्वास मार्ग खोलने, कृत्रिम सांस देने और छाती दबाने (Chest Compressions) की सही प्रक्रिया की महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं। विशेषज्ञों ने जोर देकर बताया कि मेडिकल इमरजेंसी के शुरुआती 'गोल्डन ऑवर' में यदि सही समय पर बीएलएस और सीपीआर मिल जाए, तो मरीज की जान बचने की संभावना काफी बढ़ जाती है। पुलिस विभाग ने भविष्य में भी इस तरह के जन-जागरूकता और प्रशिक्षण शिविर आयोजित करने की प्रतिबद्धता जताई है।3
- चित्तौड़गढ़ से तीन प्रमुख खबरें सामने आ रही हैं। इनमें क्रिकेट संघ के चुनाव, ऑटो चालकों की मांगें और साँवलिया धाम महोत्सव के आयोजन को लेकर की जा रही तैयारियां मुख्य रूप से शामिल हैं।1
- चित्तौड़गढ़ में डीएसटी और मंगलवाड़ थाना पुलिस ने एक संयुक्त कार्रवाई के दौरान एक पिकअप से परिवहन किए जा रहे करीब 3000 लीटर संदिग्ध केमिकल लिक्विड डिटर्जेंट को पिकअप सहित जब्त किया है। जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह के निर्देशानुसार, एएसपी गजेंद्र सिंह जोधा के मार्गदर्शन और डीएसपी बड़ीसादड़ी हरिश्चंद्र सिंह के सुपरविजन में मंगलवाड़ थानाधिकारी भवानी शंकर और डीएसटी टीम प्रभारी एएसआई सूरज कुमार ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया। पुलिस टीम ने नेशनल हाईवे नंबर 48 पर उदयपुर से चित्तौड़गढ़ मार्ग पर रातीमंगरी सरहद नंगावली में सतनाम पंजाबी ढाबा के सामने संदिग्ध पिकअप को रुकवाया। पुलिस द्वारा चालक से पूछताछ करने पर उसने अपना नाम संजय जैन (उम्र 45 वर्ष, निवासी महावीर भवन के पीछे, मंगलवाड़ चौराहा) बताया। पिकअप में लदे सामान के बारे में कोई संतोषजनक जवाब न मिलने पर जब गाड़ी की तलाशी ली गई, तो उसमें प्लास्टिक के 2 पीले और 10 नीले रंग के कुल 12 ड्रम मिले। इन ड्रमों में साबुन बनाने का केमिकल लिक्विड डिटर्जेंट भरा हुआ था और प्रत्येक ड्रम में करीब 250 किलो लिक्विड था। परिवहन के संबंध में संजय जैन द्वारा कोई भी वैध लाइसेंस या दस्तावेज पेश नहीं किया जा सका, जिसके कारण इस केमिकल लिक्विड के संदिग्ध और चोरी का होने की आशंका में कुल 3000 किलो केमिकल लिक्विड और पिकअप को जब्त कर लिया गया। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी संजय जैन के खिलाफ पहले से ही कुल 07 आपराधिक मामले दर्ज हैं, जो वर्तमान में विचाराधीन हैं। पुलिस ने पूरे मामले में नियमानुसार जब्ती की कार्रवाई करते हुए आगे का अनुसंधान शुरू कर दिया है।1
- चित्तौड़गढ़ के घोसुंडा की निवासी सोहनी बाई वैष्णव पिछले 12 दिनों से अन्न और जल का पूरी तरह त्याग कर गीता श्रवण में लीन हैं। उन्होंने अपना भोजन और पानी छोड़ रखा है और वह निरंतर केवल गीता सुनने में ही मग्न हैं।1
- मध्य प्रदेश के जावद में स्थित गोरखनाथ आश्रम पर एक जानलेवा हमला हुआ है, जहां एक संत को निशाना बनाया गया। जावद में संत के ऊपर हुए इस जानलेवा हमले को लेकर एसपी को ज्ञापन सौंपा गया है।1