चित्तौड़गढ़ में डीएसटी और मंगलवाड़ थाना पुलिस ने एक संयुक्त कार्रवाई के दौरान एक पिकअप से परिवहन किए जा रहे करीब 3000 लीटर संदिग्ध केमिकल लिक्विड डिटर्जेंट को पिकअप सहित जब्त किया है। जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह के निर्देशानुसार, एएसपी गजेंद्र सिंह जोधा के मार्गदर्शन और डीएसपी बड़ीसादड़ी हरिश्चंद्र सिंह के सुपरविजन में मंगलवाड़ थानाधिकारी भवानी शंकर और डीएसटी टीम प्रभारी एएसआई सूरज कुमार ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया। पुलिस टीम ने नेशनल हाईवे नंबर 48 पर उदयपुर से चित्तौड़गढ़ मार्ग पर रातीमंगरी सरहद नंगावली में सतनाम पंजाबी ढाबा के सामने संदिग्ध पिकअप को रुकवाया। पुलिस द्वारा चालक से पूछताछ करने पर उसने अपना नाम संजय जैन (उम्र 45 वर्ष, निवासी महावीर भवन के पीछे, मंगलवाड़ चौराहा) बताया। पिकअप में लदे सामान के बारे में कोई संतोषजनक जवाब न मिलने पर जब गाड़ी की तलाशी ली गई, तो उसमें प्लास्टिक के 2 पीले और 10 नीले रंग के कुल 12 ड्रम मिले। इन ड्रमों में साबुन बनाने का केमिकल लिक्विड डिटर्जेंट भरा हुआ था और प्रत्येक ड्रम में करीब 250 किलो लिक्विड था। परिवहन के संबंध में संजय जैन द्वारा कोई भी वैध लाइसेंस या दस्तावेज पेश नहीं किया जा सका, जिसके कारण इस केमिकल लिक्विड के संदिग्ध और चोरी का होने की आशंका में कुल 3000 किलो केमिकल लिक्विड और पिकअप को जब्त कर लिया गया। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी संजय जैन के खिलाफ पहले से ही कुल 07 आपराधिक मामले दर्ज हैं, जो वर्तमान में विचाराधीन हैं। पुलिस ने पूरे मामले में नियमानुसार जब्ती की कार्रवाई करते हुए आगे का अनुसंधान शुरू कर दिया है।
चित्तौड़गढ़ में डीएसटी और मंगलवाड़ थाना पुलिस ने एक संयुक्त कार्रवाई के दौरान एक पिकअप से परिवहन किए जा रहे करीब 3000 लीटर संदिग्ध केमिकल लिक्विड डिटर्जेंट को पिकअप सहित जब्त किया है। जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह के निर्देशानुसार, एएसपी गजेंद्र सिंह जोधा के मार्गदर्शन और डीएसपी बड़ीसादड़ी हरिश्चंद्र सिंह के सुपरविजन में मंगलवाड़ थानाधिकारी भवानी शंकर और डीएसटी टीम प्रभारी एएसआई सूरज कुमार ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया। पुलिस टीम ने नेशनल हाईवे नंबर 48 पर उदयपुर से चित्तौड़गढ़ मार्ग पर रातीमंगरी सरहद नंगावली में सतनाम पंजाबी ढाबा के सामने संदिग्ध पिकअप को रुकवाया। पुलिस द्वारा चालक से पूछताछ करने पर उसने अपना नाम संजय जैन (उम्र 45 वर्ष, निवासी महावीर भवन के पीछे, मंगलवाड़ चौराहा) बताया। पिकअप में लदे सामान के बारे में कोई संतोषजनक जवाब न मिलने पर जब गाड़ी की तलाशी ली गई, तो उसमें प्लास्टिक के 2 पीले और 10 नीले रंग के कुल 12 ड्रम मिले। इन ड्रमों में साबुन बनाने का केमिकल लिक्विड डिटर्जेंट भरा हुआ था और प्रत्येक ड्रम में करीब 250 किलो लिक्विड था। परिवहन के संबंध में संजय जैन द्वारा कोई भी वैध लाइसेंस या दस्तावेज पेश नहीं किया जा सका, जिसके कारण इस केमिकल लिक्विड के संदिग्ध और चोरी का होने की आशंका में कुल 3000 किलो केमिकल लिक्विड और पिकअप को जब्त कर लिया गया। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी संजय जैन के खिलाफ पहले से ही कुल 07 आपराधिक मामले दर्ज हैं, जो वर्तमान में विचाराधीन हैं। पुलिस ने पूरे मामले में नियमानुसार जब्ती की कार्रवाई करते हुए आगे का अनुसंधान शुरू कर दिया है।
- चित्तौड़गढ़ जिले के भदेसर उपखंड क्षेत्र के पीपलवास ग्राम पंचायत मुख्यालय स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के मुख्य द्वार पर ग्रामीणों और छात्र-छात्राओं ने ताला जड़ दिया है। शिक्षा विभाग द्वारा जारी की गई स्थानांतरण सूची के बाद शिक्षकों के रिक्त पदों को भरने की मांग को लेकर यह कड़ा विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। इस स्थानांतरण सूची के आने के बाद से भदेसर क्षेत्र के कई विद्यालयों में शिक्षकों के पद रिक्त हो गए हैं, जिससे बच्चों का शैक्षणिक कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। पीपलवास के अलावा भदेसर उपखंड मुख्यालय के मॉडल स्कूल और घनेत विद्यालय सहित कई अन्य जगहों पर भी शिक्षकों के पद खाली पड़े हुए हैं। पीपलवास के इस राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में कक्षा 1 से 12 तक 350 से अधिक छात्र-छात्राएं नामांकित हैं। इस वर्ष यहाँ कार्यरत तीन लेक्चरर और तीन सेकंड ग्रेड अध्यापकों का स्थानांतरण हो गया है, जबकि एक सेकंड ग्रेड अध्यापक का पद पहले से ही खाली चल रहा था। स्कूल में हिंदी, गणित, विज्ञान और अंग्रेजी जैसे महत्वपूर्ण विषयों के अध्यापकों के पद रिक्त होने से कुल सात शिक्षकों की कमी हो गई है, जिससे छात्रों की पढ़ाई पूरी तरह बाधित है। उग्र प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों और छात्रों ने स्कूल के शिक्षकों को भी भीतर प्रवेश करने नहीं दिया। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग है कि छात्रों के भविष्य को देखते हुए इन खाली पदों पर तुरंत शिक्षकों की नियुक्ति की जाए और जब तक ऐसा नहीं होता, उनका यह आंदोलन लगातार जारी रहेगा। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी इसे विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करार दिया है और ग्रामीणों के सुर में सुर मिलाते हुए ब्लॉक शिक्षा अधिकारी, संस्था प्रधान और अन्य जनप्रतिनिधियों से इस संबंध में तत्काल कार्रवाई करने का आग्रह किया है।2
- चितौड़गढ़ के गांधी नगर स्थित आकाशवाणी चौराहा पर मौजूद आयुष हॉस्पिटल में हुए सफल इलाज की कहानी खुद की जुबानी सुनिए। इस संबंध में अधिक जानकारी या संपर्क के लिए मोबाइल नंबर 8302083835 भी उपलब्ध कराया गया है।1
- चित्तौड़गढ़ जिले के भदेसर उपखंड क्षेत्र में पीपलवास ग्राम पंचायत मुख्यालय स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के मुख्य द्वार पर ग्रामीणों और छात्र-छात्राओं ने तालाबंदी कर दी है। शिक्षा विभाग द्वारा जारी की गई स्थानांतरण सूची के बाद शिक्षकों के रिक्त पदों को भरने की मांग को लेकर यह विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों और छात्रों ने स्कूल के शिक्षकों को भी परिसर के अंदर प्रवेश नहीं करने दिया। इस स्कूल में कक्षा 1 से 12 तक कुल 350 से अधिक छात्र-छात्राएं नामांकित हैं। इस वर्ष यहां कार्यरत तीन लेक्चरर और तीन सेकंड ग्रेड अध्यापकों का तबादला हो गया है, जबकि एक सेकंड ग्रेड अध्यापक का पद पहले से ही रिक्त था। इस तरह विद्यालय में कुल सात शिक्षकों के पद खाली हो गए हैं, जिससे शैक्षणिक कार्य पूरी तरह प्रभावित हो रहा है। इसके अतिरिक्त भदेसर उपखंड मुख्यालय के मॉडल स्कूल और घनेत विद्यालय सहित क्षेत्र के कई अन्य स्कूलों में भी शिक्षकों के पद खाली पड़े हुए हैं। प्रदर्शनकारियों ने साफ कर दिया है कि जब तक रिक्त पदों पर शिक्षकों की तुरंत नियुक्ति नहीं होती, उनका आंदोलन जारी रहेगा। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी इस समस्या को छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताते हुए जल्द नियुक्ति की मांग की है। ग्रामीणों ने ब्लॉक शिक्षा अधिकारी, संस्था प्रधान और अन्य जनप्रतिनिधियों से इस संबंध में तुरंत कार्रवाई करने की अपील की है।1
- मध्य प्रदेश में स्कूल शिक्षा विभाग ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में सरकारी शिक्षकों के प्रमोशन का नया फॉर्मूला तैयार किया है। इस नए नियम के तहत विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) की प्रक्रिया पहले ही आयोजित कर ली जाएगी, लेकिन शिक्षकों को पदोन्नति का वास्तविक लाभ शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) उत्तीर्ण करने के बाद ही मिलेगा। हालांकि, जैसे ही संबंधित शिक्षक टीईटी परीक्षा पास करेगा, उसे उसकी डीपीसी की प्रभावी तिथि से ही पदोन्नति का लाभ दे दिया जाएगा, जिससे उसकी वरिष्ठता, वेतन निर्धारण और अन्य सेवा संबंधी अधिकार पूरी तरह सुरक्षित रहेंगे। इस नए बदलाव का सबसे बड़ा असर वर्ष 1998 से 2009 के बीच नियुक्त हुए करीब 1.5 लाख प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षकों पर पड़ेगा, जिन्हें अब प्रमोशन पाने के लिए टीईटी उत्तीर्ण करना अनिवार्य होगा। मध्य प्रदेश में कुल प्राथमिक शिक्षकों की संख्या लगभग 1.70 लाख और माध्यमिक शिक्षकों की संख्या लगभग 1.45 लाख है। नियमों के अनुसार, वर्ष 2016 से पहले नियमित प्रमोशन पाकर हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूलों में पहुंच चुके शिक्षकों को टीईटी नहीं देनी होगी। वहीं, जो शिक्षक वर्तमान में केवल उच्च पद प्रभार पर कार्यरत हैं और उनका मूल पद माध्यमिक शिक्षक है, उन्हें नियमित प्रमोशन के लिए टीईटी पास करना ही होगा। व्यापम के माध्यम से वर्ष 2005 से पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण कर नियुक्त हुए शिक्षकों को भी प्रमोशन के लिए अलग से टीईटी पास करनी होगी, हालांकि सरकार इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में राहत मांगने की तैयारी कर रही है। इसके अतिरिक्त, जिन शिक्षकों की सेवानिवृत्ति में पांच वर्ष या उससे कम का समय बचा है (ऐसे करीब 17 हजार शिक्षक हैं), उन्हें सामान्य रूप से छूट है, लेकिन यदि वे पदोन्नति का लाभ लेना चाहते हैं तो उन्हें भी टीईटी उत्तीर्ण करनी होगी। लोक शिक्षण संचालनालय के आयुक्त अभिषेक सिंह ने बताया कि संचालनालय विधिक रूप से संपूर्ण प्रक्रिया का परीक्षण कर रहा है और आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।1
- चित्तौड़गढ़ के बेगू में हल्की-हल्की बारिश का दौर शुरू हो गया है। इस साल अब तक यहां पर इतनी बारिश नहीं हुई थी, जिसके बाद अब जाकर यह बदलाव देखने को मिल रहा है।1
- चित्तौड़गढ़ के घोसुंडा की निवासी सोहनी बाई वैष्णव पिछले 12 दिनों से अन्न और जल का पूरी तरह त्याग कर गीता श्रवण में लीन हैं। उन्होंने अपना भोजन और पानी छोड़ रखा है और वह निरंतर केवल गीता सुनने में ही मग्न हैं।1
- राजस्थान में अफीम उत्पादक किसानों की विभिन्न समस्याओं के समाधान को लेकर भारतीय किसान संघ की चित्तौड़ प्रांत इकाई ने मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा है। इस ज्ञापन के जरिए किसानों ने डोडाचूरा की सरकारी खरीद, उचित मुआवजा, एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/29 में संशोधन और अफीम का लाभकारी मूल्य निर्धारित करने जैसी कई महत्वपूर्ण मांगें उठाई हैं। किसान संघ का कहना है कि डोडाचूरा वर्तमान में किसानों के लिए भारी आर्थिक नुकसान का कारण बन रहा है। ऐसे में सरकार को या तो स्वयं उचित मूल्य पर इसकी खरीद करनी चाहिए या फिर किसानों को इसके बदले उचित मुआवजा देना चाहिए। इसके अलावा, एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/29 के दुरुपयोग को रोकने के लिए किसानों से स्वघोषणा पत्र लेकर उन्हें स्वयं ही डोडाचूरा नष्ट करने की अनुमति दी जानी चाहिए। संघ ने अफीम का समर्थन मूल्य भी लागत के अनुरूप न होने की बात कही है और प्रति हेक्टेयर औसत उत्पादन के आधार पर इसे बढ़ाकर लाभकारी मूल्य देने तथा मनरेगा की तर्ज पर अफीम क्षेत्र में मजदूर किसानों के कार्य दिवस बढ़ाने की मांग की है। ज्ञापन में यह भी स्पष्ट किया गया है कि डोडाचूरा में मॉर्फिन की मात्रा बेहद कम होती है, जबकि बाजार में मौजूद कई दवाओं में इससे कहीं अधिक मॉर्फिन पाई जाती है। इसके बावजूद किसानों पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाती है। इसलिए, डोडाचूरा को नारकोटिक्स एक्ट के कठोर प्रावधानों से मुक्त कर सामान्य कृषि अपशिष्ट की श्रेणी में रखा जाना चाहिए ताकि इसका सुरक्षित निस्तारण किया जा सके। भारतीय किसान संघ ने सरकार से इन मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने की पुरजोर मांग की है।3
- नीट (NEET) के बहाने देश की संसद को नेपाल बनाने की कोशिश कर रहे सीजेपी (CJP) के कार्यकर्ताओं ने पुलिस की अनुमति के बिना संसद में घुसने का प्रयास किया। कार्यकर्ताओं द्वारा बिना अनुमति संसद परिसर में प्रवेश की इस कोशिश के बाद पुलिस ने उन पर कार्रवाई करते हुए उनका 'तीर्थंमेंट' किया है।1