भोपाल के हबीबगंज जीआरपी थाने में एक स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें 200 से अधिक पुलिसकर्मियों और उनके परिजनों का स्वास्थ्य परीक्षण हुआ। पुलिसकर्मियों की 24 घंटे की ड्यूटी के कारण उनके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है, और वे अक्सर अपनी सेहत की अनदेखी कर गंभीर बीमारियों से जूझते हैं। इसी चिंता को ध्यान में रखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में यह मेडिकल कैंप लगाया गया। इसमें 14 विशेषज्ञ चिकित्सकों की एक टीम ने ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर, हृदय, आंख, दांत सहित अन्य सामान्य स्वास्थ्य संबंधी जांचें कीं और जरूरतमंदों को उचित चिकित्सकीय परामर्श तथा दवाइयां भी प्रदान की गईं। एसपी रेल अंकित जायसवाल ने बताया कि इस स्वास्थ्य शिविर का मुख्य उद्देश्य पुलिसकर्मियों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना, नियमित स्वास्थ्य परीक्षण को बढ़ावा देना और ड्यूटी के दौरान होने वाले शारीरिक व मानसिक तनाव से जुड़ी समस्याओं की समय रहते पहचान करना था। पुलिस इंस्पेक्टर सलोनी सिंह चौहान ने जानकारी दी कि भविष्य में भी ऐसे स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाते रहेंगे, ताकि पुलिस बल स्वस्थ और फिट रहकर अपनी जिम्मेदारियों का बेहतर ढंग से निर्वहन कर सके, जिससे पुलिसकर्मियों के साथ-साथ उनके परिवारों को भी स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलता रहेगा।
भोपाल के हबीबगंज जीआरपी थाने में एक स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें 200 से अधिक पुलिसकर्मियों और उनके परिजनों का स्वास्थ्य परीक्षण हुआ। पुलिसकर्मियों की 24 घंटे की ड्यूटी के कारण उनके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है, और वे अक्सर अपनी सेहत की अनदेखी कर गंभीर बीमारियों से जूझते हैं। इसी चिंता को ध्यान में रखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में यह मेडिकल कैंप लगाया गया। इसमें 14 विशेषज्ञ चिकित्सकों की एक टीम ने ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर, हृदय, आंख, दांत सहित अन्य सामान्य स्वास्थ्य संबंधी जांचें कीं और जरूरतमंदों को उचित चिकित्सकीय परामर्श तथा दवाइयां भी प्रदान की गईं। एसपी रेल अंकित जायसवाल ने बताया कि इस स्वास्थ्य शिविर का मुख्य उद्देश्य पुलिसकर्मियों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना, नियमित स्वास्थ्य परीक्षण को बढ़ावा देना और ड्यूटी के दौरान होने वाले शारीरिक व मानसिक तनाव से जुड़ी समस्याओं की समय रहते पहचान करना था। पुलिस इंस्पेक्टर सलोनी सिंह चौहान ने जानकारी दी कि भविष्य में भी ऐसे स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाते रहेंगे, ताकि पुलिस बल स्वस्थ और फिट रहकर अपनी जिम्मेदारियों का बेहतर ढंग से निर्वहन कर सके, जिससे पुलिसकर्मियों के साथ-साथ उनके परिवारों को भी स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलता रहेगा।
- डाबर ने भोपाल में अपने पुदीन हरा उत्पाद से संबंधित एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया। यह आयोजन भोपाल में हुआ था, और इसमें पुदीन हरा के संबंध में जानकारी साझा की गई।4
- मध्य प्रदेश पुलिस ने बढ़ते साइबर अपराध के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से एक प्रदेश स्तरीय पहल की है। इसके तहत, पुलिस द्वारा 15 दिवसीय 'सेफ क्लिक 2.0' साइबर सुरक्षा कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।1
- फीफा वर्ल्ड कप 2026 के क्वार्टरफाइनल मैच शुरू होने से ठीक पहले टिकटों की कीमत में बड़ी गिरावट देखने को मिली है। रिपोर्ट के अनुसार, क्वार्टरफाइनल मैचों के टिकटों की कीमत में एक झटके में 60% तक की कमी आई है। इस भारी गिरावट का मुख्य कारण अमेरिका और पुर्तगाल जैसी टीमों का टूर्नामेंट से बाहर हो जाना बताया जा रहा है। इसके साथ ही, रोनाल्डो के टूर्नामेंट से बाहर होने के कारण भी मैच के टिकटों की मांग में उल्लेखनीय कमी आई है, जिससे कीमतों में यह गिरावट दर्ज की गई।1
- हाई न्यूज़ नेटवर्क ग्रुप ने नगर पालिका बड़वाह के अध्यक्ष श्री राकेश गुप्ता जी को उनके जन्मदिन के अवसर पर हार्दिक शुभकामनाएँ प्रेषित की हैं।1
- कैबिनेट मंत्री श्री चैतन्य काश्यप ने जानकारी दी है कि मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड से संबंधित नए कानूनों के अनुरूप बोर्ड का गठन करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। इस नई व्यवस्था के तहत, वक्फ बोर्ड में अब गैर-मुस्लिम समुदाय के प्रतिनिधियों को भी शामिल किया गया है।1
- सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे 'चीन 60 किमी भारत के अंदर घुस गया' के दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। भारत सरकार के PIB Fact Check ने इस तरह के वायरल दावों को भ्रामक करार दिया है। नागरिकों से आग्रह किया गया है कि वे किसी भी खबर को साझा करने से पहले आधिकारिक जानकारी की जांच अवश्य करें।1
- उत्तर प्रदेश के बरेली से एक झकझोर कर रख देने वाला दृश्य सामने आया है, जहां एक लाचार बुजुर्ग को अपनी बीमार पत्नी को इलाज न मिलने पर हाथ ठेले पर लादकर जिला अस्पताल पहुंचाना पड़ा। यह घटना सरकारी वादों की पोल खोलती है और इसे हमारे स्वास्थ्य तंत्र का आईना बताया गया है। इस तस्वीर के अनुसार, जहां सरकारी विज्ञापनों में स्वास्थ्य सेवाएँ दौड़ती दिखती हैं, वहीं ज़मीन पर एम्बुलेंस केवल कागज़ों में ही सायरन बजाती हैं। इमरजेंसी वार्ड, जिसे जीवन की अंतिम उम्मीद बताया गया है, वहां घंटों तक कोई देखने वाला नहीं था। बुजुर्ग की काँपती आवाज़ में जब यह आशंका झलकी कि "अगर यहाँ रही तो मर जाएगी", तब यह सिर्फ एक मरीज का नहीं बल्कि पूरी व्यवस्था पर सवाल खड़ा हो गया। करोड़ों के बजट, बैठकों और दावों के बावजूद, अगर एक बुजुर्ग को अपनी पत्नी के लिए ठेले को ही एम्बुलेंस बनाना पड़े, तो यह स्वास्थ्य सेवाओं की हकीकत और व्यवस्था की गहरी विफलता को दर्शाता है।1
- भोपाल के हबीबगंज जीआरपी थाने में एक स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें 200 से अधिक पुलिसकर्मियों और उनके परिजनों का स्वास्थ्य परीक्षण हुआ। पुलिसकर्मियों की 24 घंटे की ड्यूटी के कारण उनके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है, और वे अक्सर अपनी सेहत की अनदेखी कर गंभीर बीमारियों से जूझते हैं। इसी चिंता को ध्यान में रखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में यह मेडिकल कैंप लगाया गया। इसमें 14 विशेषज्ञ चिकित्सकों की एक टीम ने ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर, हृदय, आंख, दांत सहित अन्य सामान्य स्वास्थ्य संबंधी जांचें कीं और जरूरतमंदों को उचित चिकित्सकीय परामर्श तथा दवाइयां भी प्रदान की गईं। एसपी रेल अंकित जायसवाल ने बताया कि इस स्वास्थ्य शिविर का मुख्य उद्देश्य पुलिसकर्मियों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना, नियमित स्वास्थ्य परीक्षण को बढ़ावा देना और ड्यूटी के दौरान होने वाले शारीरिक व मानसिक तनाव से जुड़ी समस्याओं की समय रहते पहचान करना था। पुलिस इंस्पेक्टर सलोनी सिंह चौहान ने जानकारी दी कि भविष्य में भी ऐसे स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाते रहेंगे, ताकि पुलिस बल स्वस्थ और फिट रहकर अपनी जिम्मेदारियों का बेहतर ढंग से निर्वहन कर सके, जिससे पुलिसकर्मियों के साथ-साथ उनके परिवारों को भी स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलता रहेगा।1