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राजस्थान में पांचना बांध से जुड़े विवाद के चलते कमांड एरिया के किसानों का खंडीप गांव में 20 दिनों से चल रहा धरना समाप्त हो गया है। मंत्री किरोड़ी लाल मीणा, जो भाजपा के पांच विधायकों के साथ धरना स्थल पर पहुंचे थे, उन्होंने किसानों को आश्वस्त किया कि 1 जुलाई तक कमांड एरिया की नहरों में पानी खोल दिया जाएगा। मंत्री के इसी आश्वासन के बाद किसानों ने अपना 20 दिन का धरना समाप्त कर दिया।
Hanis Sheikh
राजस्थान में पांचना बांध से जुड़े विवाद के चलते कमांड एरिया के किसानों का खंडीप गांव में 20 दिनों से चल रहा धरना समाप्त हो गया है। मंत्री किरोड़ी लाल मीणा, जो भाजपा के पांच विधायकों के साथ धरना स्थल पर पहुंचे थे, उन्होंने किसानों को आश्वस्त किया कि 1 जुलाई तक कमांड एरिया की नहरों में पानी खोल दिया जाएगा। मंत्री के इसी आश्वासन के बाद किसानों ने अपना 20 दिन का धरना समाप्त कर दिया।
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- धौलपुर जिले के सरमथुरा उपखंड स्थित बिजौली वन विभाग नर्सरी में, वन विभाग द्वारा लगभग डेढ़ लाख फलदार, छायादार और औषधीय पौधे तैयार किए जा रहे हैं। इन पौधों को बरसात के दिनों में आम जनता में वितरित किया जाएगा। वन कर्मियों ने बताया कि अधिक से अधिक वृक्षारोपण करना ही उनका मुख्य लक्ष्य है।1
- सरमथुरा थाना परिसर में सामुदायिक संपर्क समूह (सीएलजी) की एक बैठक का आयोजन किया गया।1
- देवनारायण भगवान मंदिर हिगोटिया पाचना बांध से जुड़े मसले पर कल एक विशाल महापंचायत का आयोजन किया जा रहा है। आयोजकों ने आस-पास के क्षेत्रों से सभी लोगों से बड़ी संख्या में पहुँचकर इस महापंचायत को सफल बनाने का निवेदन किया है, जिसमें 700 से अधिक गाँवों के लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। यह आह्वान 'जय श्री देव नारायण' और 'जय जय गुर्जर' के उद्घोष के साथ किया गया है, जो इस आयोजन के महत्व और सामुदायिक भावना को दर्शाता है।1
- गंगापुर सिटी गांव, बाढ़ रॉयल, नयागांव और कैमला में स्थित नंगेश्वर बाबा की धूनी पर आयोजित 41 दिवसीय धूनी तपस्या का भव्य समापन किया गया। इस अवसर पर विशेष हवन का आयोजन हुआ, जिसके उपरांत भंडारे का कार्यक्रम भी सम्पन्न कराया गया। समापन समारोह के दौरान साधु-संतों को श्रद्धापूर्वक दक्षिणा भी प्रदान की गई।1
- ग्राम खण्डीप में पांचना बांध से कमाण्ड क्षेत्र की नहरों में पानी छोड़े जाने की मांग को लेकर चल रही किसान महापंचायत और धरना-प्रदर्शन 19वें दिन भी पूरे जोश और उत्साह के साथ जारी रहा। इस जल अधिकार आंदोलन को नई ऊर्जा और मजबूती प्रदान करने के लिए धरना स्थल पर हजारों की संख्या में पंच-पटेल, किसान, महिलाएं, पुरुष और युवा उपस्थित रहे। आज किसान महापंचायत के समर्थन में तहसील नादौती और टोडाभीम क्षेत्र के शेखपुरा, अखाड़ा, किरवाड़ा, सहजनपुर, भोपर, भादरपुर, सोप, कैमा, ल्हावद, तूमापुरा, मिलकसराय और महानन्दपुर ड्योढा सहित अनेक गांवों के पंच-पटेल, किसान, महिला-पुरुष और युवा भारी संख्या में धरना स्थल पर पहुंचे। पांचना कमाण्ड क्षेत्र विकास संघर्ष समिति और विधायक रामकेश मीना ने पुष्पवर्षा कर सभी का स्वागत किया और आंदोलन को समर्थन देने के लिए आभार व्यक्त किया। धरना स्थल पर टोंक-सवाई माधोपुर सांसद हरिश्चन्द्र मीना, टोडाभीम विधायक घनश्याम महर, पूर्व विधायक लाखन सिंह मीना और पूर्व मंत्री गोलमा देवी भी मौजूद रहीं। इन सभी जनप्रतिनिधियों ने किसानों को संबोधित करते हुए उनके संघर्ष को न्यायोचित बताया और आंदोलन को अपना समर्थन देते हुए किसानों का उत्साहवर्धन किया। पूर्व विधायक लाखन सिंह मीना ने घोषणा की कि जब तक कमाण्ड क्षेत्र की नहरों में पांचना बांध का पानी नहीं छोड़ा जाता, तब तक किसानों के हितों और अधिकारों की रक्षा के लिए हर प्रकार का संघर्ष जारी रहेगा। पांचना कमाण्ड क्षेत्र विकास संघर्ष समिति और विधायक रामकेश मीना ने 24 जून 2026 को समाज के सभी जनप्रतिनिधियों और नेताओं से, चाहे वे किसी भी राजनीतिक दल से जुड़े हों, खण्डीप धरना स्थल पर पहुंचकर किसानों के संघर्ष में भागीदारी निभाने का आह्वान किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह किसी राजनीतिक दल का नहीं, बल्कि किसानों के अधिकार और न्याय की लड़ाई का मंच है। टोडाभीम विधायक घनश्याम महर ने इस आह्वान का समर्थन करते हुए कहा कि यदि ये जनप्रतिनिधि 24 जून 2026 को धरना स्थल पर नहीं आते हैं, तो संघर्ष समिति और समाज उन पर कठोर निर्णय लेगा। उन्होंने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार में 'भोलू हलवाई' बैठा है जो जनता की सुध नहीं लेना चाहता और सिर्फ 'कचौड़ी-समौसे' के स्वाद का प्रचार कर रहा है, किसानों की समस्याओं और कमाण्ड क्षेत्र के अधिकारों की अनदेखी की जा रही है। विधायक रामकेश मीना ने बताया कि पूरे राजस्थान में इस आंदोलन की चर्चा दिल्ली तक है, और उन्होंने 27 जून तक का अल्टीमेटम देते हुए सरकार को हमारी नहरों में पानी खोलने का आदेश जारी करने की चेतावनी दी। उन्होंने सरकार पर हाईकोर्ट के आदेश और जनता की चिंता न करने का आरोप लगाया, और गृहमंत्री के खण्डीप न आने पर सवाल उठाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि एक भी जनहानि होती है तो ये किसान राजस्थान की सरकार को उखाड़ कर फेंक देंगे। समिति ने यह भी बताया कि 24 जून 2026 को किसान महापंचायत के समर्थन में झारेड़ा, सिंघनिया, श्यामपुर, मूंडरी, लालारामपुरा, गढ़ी पनमेड़ा, फाजीलाबाद, कंवरपुरा और मौसलपुर सहित अनेक गांवों के पंच-पटेल, किसान, युवा, महिलाएं और पुरुष सैकड़ों वाहनों के काफिले के साथ खण्डीप पहुंचेंगे। सांसद हरिशचन्द मीना ने कहा कि उनकी मांग सरकार से है, और यह माननीय कोर्ट का निर्णय है जिसकी पालना सरकार को करनी चाहिए। उन्होंने आंदोलन की सफलता पर विश्वास व्यक्त करते हुए डॉ. किरोड़ीलाल जी सहित सभी नेताओं से मंच पर आकर सरकार पर पानी खुलवाने के लिए दबाव बनाने का आग्रह किया।2
- भरतपुर संभाग के सबसे बड़े आरबीएम अस्पताल में सोमवार को मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। गैस्ट्रो विभाग के चिकित्सक पर आरोप है कि वे निर्धारित समय से करीब एक घंटे देरी से अस्पताल पहुंचे। इसके बाद भी डॉक्टर ने अपना चैंबर बंद रखा, जिसके चलते बाहर सैकड़ों मरीज चिकित्सकीय परामर्श के इंतजार में खड़े रहे। लंबे समय तक लाइन में खड़े रहने के बावजूद इलाज न मिलने से मरीजों और उनके परिजनों ने अस्पताल प्रशासन के खिलाफ नाराजगी व्यक्त की। मरीजों ने बताया कि अस्पताल में पहले से ही चिकित्सकों की कमी और लंबी प्रतीक्षा की समस्या है, ऐसे में डॉक्टरों की इस देरी और चैंबर बंद होने के कारण दूर-दराज से आए मरीजों को और भी अधिक कठिनाई उठानी पड़ी। मरीजों ने अस्पताल प्रशासन से इस मामले की जांच कर जिम्मेदार चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई करने और समय पर चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने की मांग की है। यह पूरी स्थिति डॉक्टर की मनमानी को लेकर मरीजों के हंगामे में बदल गई।1
- पांचना बांध से जुड़े मुद्दों और आत्मसम्मान की लड़ाई में गुर्जर समाज की महिलाओं की सक्रिय भागीदारी की गहन सराहना की गई है। पोस्ट में इन महिलाओं को उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए 'धन्य' कहा गया है, जो इस बात पर जोर देता है कि समाज की महिलाएं इस संघर्ष में अग्रणी भूमिका निभा रही हैं। इसके साथ ही, यह संदेश दिया गया है कि अब वह समय आ गया है जब गुर्जर समाज को अपनी एकता और अखंडता का परिचय देना चाहिए। यह आह्वान समाज के सभी सदस्यों से एकजुट होकर इन उद्देश्यों की पूर्ति के लिए खड़े होने का है। यह पूरा संदेश 'जय श्री देवनारायण भगवान की' के उद्घोष के साथ समाप्त होता है।1
- डीग जिले के कामां कस्बे में गंगा दशहरा के अवसर पर एक बड़ा हादसा हो गया, जहाँ विमल कुंड के पास स्नान के लिए जा रहे श्रद्धालुओं की भीड़ में एक तेज रफ्तार कार घुस गई। इस घटना में करीब 20 लोग घायल हो गए, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार कामां की ओर से बहुत तेज गति से आ रही थी। भीड़ को देखकर चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका, और कार श्रद्धालुओं को टक्कर मारते हुए पलट गई। हादसे में घायल हुए कई लोगों को स्थानीय लोगों की मदद से तुरंत कामां अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने कुछ गंभीर रूप से घायल श्रद्धालुओं को जिला अस्पताल रेफर कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची और कार चालक को हिरासत में ले लिया। स्थानीय लोगों ने इस हादसे के लिए प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि गंगा दशहरा जैसे बड़े धार्मिक आयोजन के बावजूद, प्रशासन ने भारी वाहनों और तेज रफ्तार यातायात को रोकने के लिए पर्याप्त बैरिकेडिंग और सुरक्षा व्यवस्था नहीं की थी। लोगों का मानना है कि यदि समय रहते उचित प्रबंध किए जाते तो इस गंभीर हादसे को टाला जा सकता था।1