डीग जिले के कामां कस्बे में गंगा दशहरा के अवसर पर एक बड़ा हादसा हो गया, जहाँ विमल कुंड के पास स्नान के लिए जा रहे श्रद्धालुओं की भीड़ में एक तेज रफ्तार कार घुस गई। इस घटना में करीब 20 लोग घायल हो गए, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार कामां की ओर से बहुत तेज गति से आ रही थी। भीड़ को देखकर चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका, और कार श्रद्धालुओं को टक्कर मारते हुए पलट गई। हादसे में घायल हुए कई लोगों को स्थानीय लोगों की मदद से तुरंत कामां अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने कुछ गंभीर रूप से घायल श्रद्धालुओं को जिला अस्पताल रेफर कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची और कार चालक को हिरासत में ले लिया। स्थानीय लोगों ने इस हादसे के लिए प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि गंगा दशहरा जैसे बड़े धार्मिक आयोजन के बावजूद, प्रशासन ने भारी वाहनों और तेज रफ्तार यातायात को रोकने के लिए पर्याप्त बैरिकेडिंग और सुरक्षा व्यवस्था नहीं की थी। लोगों का मानना है कि यदि समय रहते उचित प्रबंध किए जाते तो इस गंभीर हादसे को टाला जा सकता था।
डीग जिले के कामां कस्बे में गंगा दशहरा के अवसर पर एक बड़ा हादसा हो गया, जहाँ विमल कुंड के पास स्नान के लिए जा रहे श्रद्धालुओं की भीड़ में एक तेज रफ्तार कार घुस गई। इस घटना में करीब 20 लोग घायल हो गए, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार कामां की ओर से बहुत तेज गति से आ रही थी। भीड़ को देखकर चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका, और कार श्रद्धालुओं को टक्कर मारते हुए पलट गई। हादसे में घायल हुए कई लोगों को स्थानीय लोगों की मदद से तुरंत कामां अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने कुछ गंभीर रूप से घायल श्रद्धालुओं को जिला अस्पताल रेफर कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची और कार चालक को हिरासत में ले लिया। स्थानीय लोगों ने इस हादसे के लिए प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि गंगा दशहरा जैसे बड़े धार्मिक आयोजन के बावजूद, प्रशासन ने भारी वाहनों और तेज रफ्तार यातायात को रोकने के लिए पर्याप्त बैरिकेडिंग और सुरक्षा व्यवस्था नहीं की थी। लोगों का मानना है कि यदि समय रहते उचित प्रबंध किए जाते तो इस गंभीर हादसे को टाला जा सकता था।
- राजस्थान में पांचना बांध से जुड़े विवाद के चलते कमांड एरिया के किसानों का खंडीप गांव में 20 दिनों से चल रहा धरना समाप्त हो गया है। मंत्री किरोड़ी लाल मीणा, जो भाजपा के पांच विधायकों के साथ धरना स्थल पर पहुंचे थे, उन्होंने किसानों को आश्वस्त किया कि 1 जुलाई तक कमांड एरिया की नहरों में पानी खोल दिया जाएगा। मंत्री के इसी आश्वासन के बाद किसानों ने अपना 20 दिन का धरना समाप्त कर दिया।1
- पूर्व विधायक वाजिब अली अवैध हथियार के साथ एक व्यक्ति की तस्वीर लेकर भरतपुर स्थित कलेक्ट्रेट और एसपी कार्यालय पहुंचे, जहाँ उन्होंने पुलिस से इस मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग की। वाजिब अली ने यह तस्वीर दिखाते हुए बताया कि इसमें एक भाजपा नेता का बेटा गाड़ी पर हथियार लिए खड़ा है। वाजिब अली ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए स्पष्ट रूप से कहा कि अगर पुलिस में 'दम' है और कानून सबके लिए समान है, तो उन्हें इस मामले में कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए पूछा कि पुलिस देर रात 12 बजे किसी के घर में छापा मार सकती है, लेकिन दिन के उजाले में ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं करती। पूर्व विधायक ने यह भी कहा कि वह देखना चाहते हैं कि इस मामले में पुलिस क्या कदम उठाती है, इस बात पर जोर देते हुए कि कानून सभी के लिए बराबर होना चाहिए।1
- लद्दाख पर मिट्टी डालकर एक नाले को बंद कर दिया गया है।1
- राजस्थान के पाली जिले के रोहट थाना क्षेत्र के बागड़िया गांव से मानवता को झकझोर देने वाला एक क्रूर मामला सामने आया है, जहाँ अपने ससुराल आए एक युवक और उसके दोस्त को ग्रामीणों ने महज शक के आधार पर चोर समझ लिया। इसके बाद दोनों को रातभर रस्सी से बांधकर बेरहमी से पीटा गया। अगली सुबह सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुँचकर दोनों पीड़ितों को ग्रामीणों के चंगुल से छुड़ाया। पीड़ित पक्ष की शिकायत पर पुलिस ने 14 ग्रामीणों के खिलाफ नामजद मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित युवक अपने एक दोस्त के साथ देर शाम बागड़िया गांव स्थित अपने ससुराल आया था। रात के समय जब दोनों युवक गांव में किसी काम से बाहर निकले या घूम रहे थे, तभी कुछ ग्रामीणों की नजर उन पर पड़ी। बाहरी युवक होने के कारण ग्रामीणों को उन पर शक हो गया। बिना किसी सच्चाई को जाने या उनसे पूछताछ किए, ग्रामीणों ने आपा खो दिया और दोनों को पकड़कर रस्सियों से बांध दिया। पूरी रात उनके साथ बेरहमी से मारपीट की गई, जबकि युवक चिल्लाते रहे, खुद को बेकसूर बताते रहे और अपने ससुराल का हवाला देते रहे, लेकिन भीड़ के सिर पर खून सवार था। घटना की भनक जब अगली सुबह पुलिस और पीड़ित के परिजनों को लगी, तो रोहट थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और लहूलुहान हालत में दोनों युवकों को ग्रामीणों के कब्जे से मुक्त कराया। पुलिस ने दोनों को तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहाँ उनका इलाज चल रहा है। दोनों के शरीर पर गंभीर चोटों के निशान हैं। घटना के बाद पीड़ित के परिजनों में भारी आक्रोश है, जिनकी तहरीर पर पुलिस ने कानून हाथ में लेने वाले 14 ग्रामीणों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया है और आरोपियों की धरपकड़ के लिए दबिश दे रही है। दूसरी ओर, ग्रामीणों का तर्क है कि बागड़िया गांव में पिछले दो महीनों से लगातार चोरियों की वारदातें हो रही थीं, जिससे पूरा गांव परेशान और मुस्तैद था। रात में अजनबी युवकों को देखकर उन्हें चोर होने का अंदेशा हुआ, जिसके चलते उन्होंने उन्हें रोका और "पूछताछ" की। हालाँकि, पुलिस का कहना है कि ग्रामीणों का यह तर्क रातभर बंधक बनाकर बर्बरतापूर्वक पीटने के कृत्य को कतई सही नहीं ठहराता। पुलिस ने स्पष्ट किया कि किसी भी नागरिक को कानून हाथ में लेने का अधिकार नहीं है; यदि कोई संदिग्ध लगा था, तो ग्रामीणों को पुलिस को सूचना देनी चाहिए थी। पुलिस के अनुसार, बंधक बनाकर मारपीट करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है, 14 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और जल्द ही गिरफ्तारियां की जाएंगी।1
- कोलारी थाना क्षेत्र की ग्राम पंचायत कुरेंधा में, जाटव बस्ती के बगल की एक सड़क लंबे समय से खराब स्थिति में पड़ी है। इस जर्जर सड़क के कारण स्थानीय निवासियों को अत्यधिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए, सभी मंत्रियों, सरपंच, और विधायक सर से हाथ जोड़कर निवेदन किया गया है कि इस सड़क का निर्माण जल्द से जल्द पूरा करवाया जाए।1
- भरतपुर संभाग के सबसे बड़े आरबीएम अस्पताल का ब्लड बैंक गंभीर रक्त संकट से जूझ रहा है। अस्पताल को रोजाना 35 से 38 यूनिट ब्लड की आवश्यकता होती है, लेकिन लगातार बढ़ती मांग और रक्तदान शिविरों की कमी के कारण स्टॉक लगभग खत्म हो गया है। पिछले डेढ़ महीने से ब्लड की कमी चल रही है, और फिलहाल बैंक में केवल 60 से 70 यूनिट का औसत स्टॉक बचा है। इस संकट में 'ए पॉजिटिव' ब्लड की किल्लत सबसे ज्यादा है, जिसकी मांग जनाना अस्पताल में डिलीवरी के मामले बढ़ने से अचानक बढ़ गई है। ब्लड बैंक प्रशासन के अनुसार, सर्दियों के महीनों में नियमित शिविरों से पर्याप्त रक्त उपलब्ध होता है, जिसे अन्य ब्लड बैंकों को भी भेजा जा सकता है, लेकिन गर्मियों में दाता और शिविर आयोजक कम होते हैं। खून की कमी के कारण मरीजों के परिजन दिनभर ब्लड के लिए भटक रहे हैं। एक और बड़ी समस्या यह है कि कुछ रक्त उपलब्ध होने पर भी, रीजेंट की कमी के कारण उसे शुद्ध नहीं किया जा पा रहा है। ब्लड बैंक प्रशासन और पीएमओ डॉ. नगेंद्र भदौरिया ने सामाजिक संस्थाओं और आम जनता से आगे आकर रक्तदान करने की मार्मिक अपील की है, ताकि इस कमी को दूर किया जा सके। पीएमओ ने बताया कि रीजेंट की मांग भेज दी गई है और उनके जल्द आने से यह विशेष समस्या समाप्त हो जाएगी, जिससे ब्लड की आवश्यकता पूरी की जा सकेगी।3
- धौलपुर के बकालीमाई क्षेत्र में मंगलवार को एक ट्रांसफार्मर में अचानक आग लग जाने से पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। ट्रांसफार्मर से उठती आग की तेज़ लपटें और घना धुआं देखकर आसपास के लोगों में दहशत फैल गई, जिससे कुछ समय के लिए भय का वातावरण निर्मित हो गया। घटना की जानकारी मिलते ही तत्काल फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर सफलतापूर्वक काबू पाया। समय रहते आग बुझा दिए जाने से कोई बड़ा हादसा होने से टल गया। इस हादसे में किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है, जो एक राहत की बात रही। हालांकि, आग लगने के पीछे के कारणों का अभी तक पता नहीं चल सका है और संबंधित विभाग द्वारा इस मामले की जांच की जा रही है। स्थानीय निवासियों ने बताया कि फायर ब्रिगेड की तत्परता और त्वरित कार्रवाई के कारण स्थिति को जल्द ही नियंत्रण में कर लिया गया, जिससे लोगों की चिंता कम हुई।1