छतरपुर जिले के मऊ सहनिया विद्युत केंद्र के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत नैगुवां के सैकड़ों ग्रामीणों ने सोमवार को बिजली की गंभीर समस्या को लेकर विद्युत विभाग कार्यालय का घेराव किया। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव का ट्रांसफार्मर पिछले करीब डेढ़ माह से खराब पड़ा है, जिसके कारण पूरा गांव अंधेरे में रहने को मजबूर है। ग्रामीणों ने इससे पहले कई बार विभाग के अधिकारियों से शिकायत की थी, लेकिन विभाग की उदासीनता के कारण अब तक इस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। लगातार बिजली नहीं रहने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है, वहीं रात के समय पूरे गांव में अंधेरा छाया रहता है। अंधेरे के कारण जहरीले सांप, बिच्छू और अन्य कीड़े-मकोड़ों के निकलने का खतरा बना रहता है, जिससे ग्रामीणों में हमेशा भय का माहौल रहता है। गर्मी और उमस के बीच बिजली नहीं होने से दैनिक जीवन भी बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही ट्रांसफार्मर बदलकर बिजली आपूर्ति शुरू नहीं की गई, तो वे उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी बिजली विभाग की होगी।
छतरपुर जिले के मऊ सहनिया विद्युत केंद्र के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत नैगुवां के सैकड़ों ग्रामीणों ने सोमवार को बिजली की गंभीर समस्या को लेकर विद्युत विभाग कार्यालय का घेराव किया। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव का ट्रांसफार्मर पिछले करीब डेढ़ माह से खराब पड़ा है, जिसके कारण पूरा गांव अंधेरे में रहने को मजबूर है। ग्रामीणों ने इससे पहले कई बार विभाग के अधिकारियों से शिकायत की थी, लेकिन विभाग की उदासीनता के कारण अब तक इस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। लगातार बिजली नहीं रहने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है, वहीं रात के समय पूरे गांव में अंधेरा छाया रहता है। अंधेरे के कारण जहरीले सांप, बिच्छू और अन्य कीड़े-मकोड़ों के निकलने का खतरा बना रहता है, जिससे ग्रामीणों में हमेशा भय का माहौल रहता है। गर्मी और उमस के बीच बिजली नहीं होने से दैनिक जीवन भी बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही ट्रांसफार्मर बदलकर बिजली आपूर्ति शुरू नहीं की गई, तो वे उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी बिजली विभाग की होगी।
- छतरपुर के छत्रसाल चौक पर 21 जुलाई की शाम करीब 7:30 बजे जिला कांग्रेस, ब्लॉक कांग्रेस, यूथ कांग्रेस और एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। यह विरोध प्रदर्शन नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के साथ हुए लाठीचार्ज और राहुल गांधी की गिरफ्तारी के खिलाफ किया गया। बारिश के बीच बड़ी संख्या में जुटे कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला दहन कर शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की। पुलिस के मौके पर पहुंचने से पहले ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पुतला दहन कर दिया था। इसके बाद पुलिस ने जलते हुए पुतले पर पानी डालकर आग बुझाई। प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सीएसपी अरुण सोनी के नेतृत्व में सिटी कोतवाली और सिविल लाइन थाना पुलिस का बल तैनात रहा। पुलिस की मौजूदगी में यह प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।1
- छतरपुर के नौगांव में अधिकारियों ने रक्तदान को महादान बताते हुए मानवता का एक बड़ा संदेश दिया है। नौगांव एसडीएम गोपाल शरण पटेल और जनपद सीईओ प्रभाष राज घनघोरिया सहित कई विभागों के अधिकारियों व कर्मचारियों ने स्वयं आगे आकर ब्लड डोनेट बस में रक्तदान किया। इस अवसर पर अधिकारियों ने कहा कि रक्तदान करने से जरूरतमंद मरीजों को नया जीवन मिलता है और इससे समाज में मानवता की भावना और अधिक मजबूत होती है।1
- छतरपुर जिले के मऊ सहनिया विद्युत केंद्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत नैगुवां के सैकड़ों ग्रामीणों ने सोमवार को बिजली की गंभीर समस्या को लेकर विद्युत विभाग कार्यालय का घेराव कर दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव का ट्रांसफार्मर पिछले करीब डेढ़ माह से खराब पड़ा हुआ है, जिसके कारण पूरा गांव अंधेरे में रहने को मजबूर है। ग्रामीणों ने बताया कि ट्रांसफार्मर खराब होने के बाद कई बार बिजली विभाग के अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन उदासीनता के चलते अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। लगातार बिजली गुल रहने से बच्चों की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है। रात के समय पूरे गांव में घना अंधेरा छा जाता है, जिससे जहरीले सांप, बिच्छू और अन्य कीड़े-मकोड़ों के निकलने का खतरा बना रहता है और ग्रामीणों में हमेशा डर का माहौल रहता है। इसके अलावा भीषण गर्मी और उमस के बीच बिजली न होने से लोगों का दैनिक जीवन भी बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। विभाग के रवैये से नाराज ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से मऊ सहनिया विद्युत केंद्र पहुंचकर जल्द से जल्द ट्रांसफार्मर बदलने और विद्युत आपूर्ति बहाल करने की मांग की है। ग्रामीणों ने सख्त चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही नया ट्रांसफार्मर लगाकर बिजली चालू नहीं की गई, तो वे उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी बिजली विभाग की होगी।1
- छतरपुर जिले के मऊ सहनिया विद्युत केंद्र के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत नैगुवां के सैकड़ों ग्रामीणों ने सोमवार को बिजली की गंभीर समस्या को लेकर विद्युत विभाग कार्यालय का घेराव किया। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव का ट्रांसफार्मर पिछले करीब डेढ़ माह से खराब पड़ा है, जिसके कारण पूरा गांव अंधेरे में रहने को मजबूर है। ग्रामीणों ने इससे पहले कई बार विभाग के अधिकारियों से शिकायत की थी, लेकिन विभाग की उदासीनता के कारण अब तक इस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। लगातार बिजली नहीं रहने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है, वहीं रात के समय पूरे गांव में अंधेरा छाया रहता है। अंधेरे के कारण जहरीले सांप, बिच्छू और अन्य कीड़े-मकोड़ों के निकलने का खतरा बना रहता है, जिससे ग्रामीणों में हमेशा भय का माहौल रहता है। गर्मी और उमस के बीच बिजली नहीं होने से दैनिक जीवन भी बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही ट्रांसफार्मर बदलकर बिजली आपूर्ति शुरू नहीं की गई, तो वे उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी बिजली विभाग की होगी।1
- मध्य प्रदेश विधानसभा में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लेकर सियासी बयानबाज़ी बेहद तेज़ हो गई है। सूबे के युवा कल्याण एवं खेल मंत्री कैलाश विश्वास सारंग ने यूसीसी का विरोध करने को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। मंत्री सारंग ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने विधानसभा में एक बार फिर अपना "हिंदू विरोधी चेहरा" दिखाया है। उनका दावा है कि समान नागरिक संहिता लागू होने के बाद प्रदेश में बहुविवाह जैसी प्रथाओं पर रोक लगेगी और हलाला जैसी कुप्रथा पूरी तरह समाप्त होगी, जिससे पूरे प्रदेश और देश में कानून की एकरूपता स्थापित हो सकेगी। उन्होंने कांग्रेस पर मुस्लिम तुष्टिकरण की राजनीति करने और सदन का दुरुपयोग करने का आरोप भी लगाया। खेल मंत्री ने साफ लहजे में कहा कि यूसीसी पारित हो चुका है और इसे हर हाल में लागू किया जाएगा। फिलहाल इस मुद्दे को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है, जहां भाजपा इसे समानता और एकरूपता की दिशा में बड़ा कदम बता रही है, वहीं कांग्रेस इस मुद्दे पर अपनी अलग आपत्तियां और तर्क सामने रख रही है।1
- छतरपुर शहर में गंगा सागर स्कूल के पास स्थित प्राचीन शिव मंदिर में 21 जुलाई की सुबह करीब 10:00 बजे शिवलिंग से एक नाग लिपटा हुआ दिखाई दिया, जिससे श्रद्धालुओं के बीच कौतूहल फैल गया। गर्भगृह में करीब दो घंटे तक नाग के मौजूद रहने के कारण श्रद्धालुओं ने सुरक्षित दूरी बनाकर बाहर से ही भगवान शिव के दर्शन किए। नाग के अपने आप मंदिर से बाहर निकलने के बाद ही नियमित पूजा-अर्चना दोबारा शुरू हो सकी। इस दौरान किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति नहीं बनी और कई श्रद्धालुओं ने इस घटना को आस्था और प्रकृति के अद्भुत संयोग के रूप में देखा।1
- छतरपुर में NEET पेपर लीक मामले को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के बीच उस समय भारी विवाद की स्थिति बन गई, जब एक युवक प्रदर्शन स्थल पर पहुंचकर "सोनम वांगचुक मुर्दाबाद" के नारे लगाने लगा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, युवक द्वारा अचानक नारे लगाए जाने पर प्रदर्शनकारियों ने इसका कड़ा विरोध किया, जिससे मौके पर तनावपूर्ण माहौल बन गया। आरोप है कि युवक प्रदर्शन के बीच माहौल बिगाड़ने और विवाद खड़ा करने की मंशा से वहां पहुंचा था। मामले की गंभीरता और बिगड़ती स्थिति को देखते हुए मौके पर मौजूद सीएसपी अरुण कुमार सोनी ने तत्काल हस्तक्षेप किया। उन्होंने युवक को कड़ी फटकार लगाते हुए तुरंत वहां से हटवा दिया, जिससे मामला शांत हुआ और किसी बड़ी अप्रिय घटना से बचाव हो सका। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है, हालांकि युवक की मंशा और पूरे घटनाक्रम को लेकर पुलिस की आधिकारिक जानकारी आना अभी बाकी है।1