विश्व फार्मासिस्ट दिवस पर धूमधाम से हुआ आयोजन स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने के लिए हर स्तर पर फार्मासिस्टों की नियुक्ति की मांग... विश्व फार्मासिस्ट दिवस पर धूमधाम से हुआ आयोजन स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने के लिए हर स्तर पर फार्मासिस्टों की नियुक्ति की मांग प्रयागराज। अखिल भारतीय फार्मासिस्ट एसोसिएशन की ओर से विश्व फार्मासिस्ट दिवस के अवसर पर प्रयागराज मंडल द्वारा जिला पंचायत सभागार में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में फार्मेसी शिक्षा जगत से जुड़े शिक्षकों, कॉलेजों के निदेशकों, प्राचार्यों, छात्र-छात्राओं सहित बड़ी संख्या में फार्मासिस्टों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में फार्मासिस्टों की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करने के साथ-साथ फार्मेसी पेशे से जुड़ी विभिन्न समस्याओं और भविष्य की आवश्यकताओं पर चर्चा करना रहा। कार्यक्रम का आयोजन अखिल भारतीय फार्मासिस्ट एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष शशि भूषण सिंह के निर्देशन तथा प्रदेश अध्यक्ष शिवकुमार के मार्गदर्शन में किया गया। कार्यक्रम में प्रयागराज मंडल के फार्मासिस्टों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। जिला पंचायत सभागार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान फार्मासिस्टों ने स्वास्थ्य व्यवस्था को बेहतर बनाने में अपनी भूमिका को लेकर विचार साझा किए और सरकार से फार्मासिस्टों के लिए रोजगार एवं नियुक्ति के अधिक अवसर उपलब्ध कराने की मांग की। कार्यक्रम में यूनाइटेड फार्मेसी कॉलेज के प्रिंसिपल सहित कई फार्मेसी कॉलेजों के डायरेक्टर, शिक्षक एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। इस अवसर पर फार्मेसी शिक्षा प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों को फार्मासिस्ट के रूप में समाज और स्वास्थ्य व्यवस्था के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझने तथा मरीजों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं में योगदान देने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम का संचालन नागेंद्र शुक्ला ने किया। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों एवं फार्मासिस्टों का स्वागत करते हुए विश्व फार्मासिस्ट दिवस की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि फार्मासिस्ट स्वास्थ्य व्यवस्था की एक महत्वपूर्ण कड़ी हैं और दवाओं के सही उपयोग, मरीजों को दवाओं की जानकारी देने तथा औषधि संबंधी जागरूकता बढ़ाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इस अवसर पर एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रशांत सिंह ने नवागंतुकों एवं कार्यक्रम में शामिल अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने फार्मेसी क्षेत्र से जुड़े युवाओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में फार्मासिस्टों की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण होती जा रही है। उन्होंने फार्मासिस्टों से अपने पेशे की गरिमा बनाए रखने और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करने का आह्वान किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सुधीर राय ने स्वास्थ्य क्षेत्र में फार्मासिस्टों की उपयोगिता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि किसी भी मजबूत स्वास्थ्य व्यवस्था में चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ और फार्मासिस्ट सहित सभी स्वास्थ्यकर्मियों की अपनी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। मरीज तक सही दवा पहुंचाने और दवाओं के सुरक्षित एवं उचित उपयोग के लिए प्रशिक्षित फार्मासिस्टों की आवश्यकता को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि बदलती स्वास्थ्य आवश्यकताओं को देखते हुए फार्मासिस्टों की जिम्मेदारियां भी बढ़ रही हैं। ऐसे में सरकार और संबंधित विभागों को फार्मासिस्टों की भूमिका को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है। कार्यक्रम के दौरान राकेश पांडे ने उत्तर प्रदेश सरकार के समक्ष फार्मासिस्टों की नियुक्ति को लेकर कई महत्वपूर्ण मांगें रखीं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने और प्रशिक्षित फार्मासिस्टों की सेवाओं का व्यापक उपयोग करने के लिए हर स्तर पर फार्मासिस्टों की भर्ती निकाली जानी चाहिए। राकेश पांडे ने कहा कि फार्मासिस्टों की सेवाओं का उपयोग केवल अस्पतालों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि आवश्यकता के अनुसार सरकारी संस्थानों और सार्वजनिक सेवा से जुड़े विभिन्न स्थानों पर भी उनकी नियुक्ति की जानी चाहिए। उन्होंने मांग रखी कि प्रत्येक पुलिस थाने में कम से कम एक फार्मासिस्ट की नियुक्ति की व्यवस्था पर सरकार को विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों के साथ-साथ थानों पर आने वाले आम नागरिकों को भी कई बार प्राथमिक स्वास्थ्य संबंधी सहायता की आवश्यकता पड़ती है। ऐसे में प्रशिक्षित फार्मासिस्ट की उपलब्धता से दवाओं के संबंध में आवश्यक मार्गदर्शन और प्राथमिक स्वास्थ्य सहायता उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है। उन्होंने सरकारी अस्पतालों के विभिन्न वार्डों में भी फार्मासिस्टों की पर्याप्त संख्या में नियुक्ति की आवश्यकता बताई। उनका कहना था कि अस्पतालों में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है और दवाओं के प्रबंधन, वितरण एवं औषधि संबंधी जानकारी के लिए पर्याप्त संख्या में प्रशिक्षित फार्मासिस्टों की आवश्यकता होती है। राकेश पांडे ने जिला कचहरी और तहसीलों में भी फार्मासिस्टों की नियुक्ति की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि विभिन्न सरकारी संस्थानों में कर्मचारियों एवं आम नागरिकों के स्वास्थ्य से जुड़ी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए फार्मासिस्टों की सेवाओं का विस्तार किया जाना चाहिए। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों की स्वास्थ्य व्यवस्था पर विशेष जोर देते हुए कहा कि प्रदेश के गांवों में रहने वाली बड़ी आबादी को स्वास्थ्य सेवाओं के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। ऐसे में गांव-गांव में प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों की उपलब्धता जरूरी है। उन्होंने सरकार से मांग की कि कम से कम प्रत्येक गांव में एक फार्मासिस्ट की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में योजना बनाई जाए, ताकि ग्रामीण जनता को दवाओं एवं स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक जानकारी आसानी से मिल सके। उन्होंने कहा कि फार्मासिस्ट केवल दवा बेचने वाला व्यक्ति नहीं है, बल्कि वह औषधियों के सुरक्षित उपयोग, दवा की सही मात्रा, संभावित दुष्प्रभाव और दवाओं के रखरखाव जैसे महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी रखने वाला प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी है। इसलिए स्वास्थ्य व्यवस्था में फार्मासिस्टों की भूमिका को व्यापक रूप से स्वीकार करने की आवश्यकता है। राकेश पांडे ने कहा कि प्रदेश में बड़ी संख्या में फार्मेसी शिक्षित युवा रोजगार की प्रतीक्षा कर रहे हैं। सरकार यदि विभिन्न विभागों और संस्थानों में फार्मासिस्टों के नए पद सृजित कर भर्ती प्रक्रिया शुरू करती है तो इससे एक ओर स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिलेगी, वहीं दूसरी ओर फार्मेसी क्षेत्र में शिक्षित युवाओं को रोजगार के अवसर भी प्राप्त होंगे। कार्यक्रम में उपस्थित फार्मासिस्टों और फार्मेसी विद्यार्थियों ने भी फार्मासिस्टों की भूमिका, रोजगार, नियुक्ति और स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़े विषयों पर अपने विचार रखे। वक्ताओं ने कहा कि विश्व फार्मासिस्ट दिवस केवल एक उत्सव का अवसर नहीं है, बल्कि यह फार्मासिस्टों की जिम्मेदारियों और स्वास्थ्य क्षेत्र में उनके योगदान को समाज के सामने रखने का अवसर भी है। कार्यक्रम में फार्मेसी कॉलेजों के निदेशकों, प्राचार्यों, शिक्षकों और विद्यार्थियों की मौजूदगी ने आयोजन को विशेष रूप से महत्वपूर्ण बना दिया। वक्ताओं ने विद्यार्थियों से अपील की कि वे अपनी शिक्षा को केवल रोजगार प्राप्त करने तक सीमित न रखें, बल्कि समाज और मरीजों के हित को प्राथमिकता देते हुए अपने पेशे की जिम्मेदारियों को समझें। कार्यक्रम के दौरान फार्मासिस्टों ने एकजुटता का संदेश देते हुए कहा कि स्वास्थ्य व्यवस्था में फार्मासिस्टों की भूमिका को और अधिक मजबूत किए जाने की आवश्यकता है। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि फार्मासिस्टों से जुड़ी समस्याओं और मांगों को उचित मंच पर लगातार उठाया जाता रहेगा। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित अतिथियों, फार्मेसी कॉलेजों के प्रतिनिधियों, छात्र-छात्राओं और फार्मासिस्टों का आभार व्यक्त किया गया। आयोजन में बड़ी संख्या में फार्मासिस्टों की उपस्थिति रही। इस अवसर पर प्रशांत सिंह, सुनील कुमार यादव, अरविंद कुमार गुप्ता, आशीष यादव, नरेंद्र सिंह यादव, अभिनव शर्मा, राहुल त्रिपाठी, मिथिलेश कुमार सिंह, अरविंद कुमार पाल, भानु प्रताप सिंह, अभिषेक शुक्ला, विपुल विश्वकर्मा, महेंद्र यादव, सतवीर यादव, आशीष पटेल, पथ शुक्ला, राज शुक्ला, महेश आनंद मिश्रा समेत बड़ी संख्या में फार्मासिस्ट एवं फार्मेसी क्षेत्र से जुड़े लोग उपस्थित रहे। विश्व फार्मासिस्ट दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में फार्मासिस्टों की भूमिका, फार्मेसी शिक्षा और रोजगार के अवसरों के साथ-साथ प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया गया। कार्यक्रम में उठी मांगों के माध्यम से सरकार से अपेक्षा की गई कि फार्मासिस्टों के लिए विभिन्न विभागों में नए पदों का सृजन कर नियमित एवं पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाए, ताकि प्रशिक्षित फार्मासिस्टों की सेवाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाया जा सके।
विश्व फार्मासिस्ट दिवस पर धूमधाम से हुआ आयोजन स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने के लिए हर स्तर पर फार्मासिस्टों की नियुक्ति की मांग... विश्व फार्मासिस्ट दिवस पर धूमधाम से हुआ आयोजन स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने के लिए हर स्तर पर फार्मासिस्टों की नियुक्ति की मांग प्रयागराज। अखिल भारतीय फार्मासिस्ट एसोसिएशन की ओर से विश्व फार्मासिस्ट दिवस के अवसर पर प्रयागराज मंडल द्वारा जिला पंचायत सभागार में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में फार्मेसी शिक्षा जगत से जुड़े शिक्षकों, कॉलेजों के निदेशकों, प्राचार्यों, छात्र-छात्राओं सहित बड़ी संख्या में फार्मासिस्टों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में फार्मासिस्टों की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करने के साथ-साथ फार्मेसी पेशे से जुड़ी विभिन्न समस्याओं और भविष्य की आवश्यकताओं पर चर्चा करना रहा। कार्यक्रम का आयोजन अखिल भारतीय फार्मासिस्ट एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष शशि भूषण सिंह के निर्देशन तथा प्रदेश अध्यक्ष शिवकुमार के मार्गदर्शन में किया गया। कार्यक्रम में प्रयागराज मंडल के फार्मासिस्टों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। जिला पंचायत सभागार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान फार्मासिस्टों ने स्वास्थ्य व्यवस्था को बेहतर बनाने में अपनी भूमिका को लेकर विचार साझा किए और सरकार से फार्मासिस्टों के लिए रोजगार एवं नियुक्ति के अधिक अवसर उपलब्ध कराने की मांग की। कार्यक्रम में यूनाइटेड फार्मेसी कॉलेज के प्रिंसिपल सहित कई फार्मेसी कॉलेजों के डायरेक्टर, शिक्षक एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। इस अवसर पर फार्मेसी शिक्षा प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों को फार्मासिस्ट के रूप में समाज और स्वास्थ्य व्यवस्था के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझने तथा मरीजों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं में योगदान देने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम का संचालन नागेंद्र शुक्ला ने किया। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों एवं फार्मासिस्टों का स्वागत करते हुए विश्व फार्मासिस्ट दिवस की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि फार्मासिस्ट स्वास्थ्य व्यवस्था की एक महत्वपूर्ण कड़ी हैं और दवाओं के सही उपयोग, मरीजों को दवाओं की जानकारी देने तथा औषधि संबंधी जागरूकता बढ़ाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इस अवसर पर एसोसिएशन
के वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रशांत सिंह ने नवागंतुकों एवं कार्यक्रम में शामिल अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने फार्मेसी क्षेत्र से जुड़े युवाओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में फार्मासिस्टों की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण होती जा रही है। उन्होंने फार्मासिस्टों से अपने पेशे की गरिमा बनाए रखने और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करने का आह्वान किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सुधीर राय ने स्वास्थ्य क्षेत्र में फार्मासिस्टों की उपयोगिता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि किसी भी मजबूत स्वास्थ्य व्यवस्था में चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ और फार्मासिस्ट सहित सभी स्वास्थ्यकर्मियों की अपनी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। मरीज तक सही दवा पहुंचाने और दवाओं के सुरक्षित एवं उचित उपयोग के लिए प्रशिक्षित फार्मासिस्टों की आवश्यकता को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि बदलती स्वास्थ्य आवश्यकताओं को देखते हुए फार्मासिस्टों की जिम्मेदारियां भी बढ़ रही हैं। ऐसे में सरकार और संबंधित विभागों को फार्मासिस्टों की भूमिका को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है। कार्यक्रम के दौरान राकेश पांडे ने उत्तर प्रदेश सरकार के समक्ष फार्मासिस्टों की नियुक्ति को लेकर कई महत्वपूर्ण मांगें रखीं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने और प्रशिक्षित फार्मासिस्टों की सेवाओं का व्यापक उपयोग करने के लिए हर स्तर पर फार्मासिस्टों की भर्ती निकाली जानी चाहिए। राकेश पांडे ने कहा कि फार्मासिस्टों की सेवाओं का उपयोग केवल अस्पतालों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि आवश्यकता के अनुसार सरकारी संस्थानों और सार्वजनिक सेवा से जुड़े विभिन्न स्थानों पर भी उनकी नियुक्ति की जानी चाहिए। उन्होंने मांग रखी कि प्रत्येक पुलिस थाने में कम से कम एक फार्मासिस्ट की नियुक्ति की व्यवस्था पर सरकार को विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों के साथ-साथ थानों पर आने वाले आम नागरिकों को भी कई बार प्राथमिक स्वास्थ्य संबंधी सहायता की आवश्यकता पड़ती है। ऐसे में प्रशिक्षित फार्मासिस्ट की उपलब्धता से दवाओं के संबंध में आवश्यक मार्गदर्शन और
प्राथमिक स्वास्थ्य सहायता उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है। उन्होंने सरकारी अस्पतालों के विभिन्न वार्डों में भी फार्मासिस्टों की पर्याप्त संख्या में नियुक्ति की आवश्यकता बताई। उनका कहना था कि अस्पतालों में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है और दवाओं के प्रबंधन, वितरण एवं औषधि संबंधी जानकारी के लिए पर्याप्त संख्या में प्रशिक्षित फार्मासिस्टों की आवश्यकता होती है। राकेश पांडे ने जिला कचहरी और तहसीलों में भी फार्मासिस्टों की नियुक्ति की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि विभिन्न सरकारी संस्थानों में कर्मचारियों एवं आम नागरिकों के स्वास्थ्य से जुड़ी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए फार्मासिस्टों की सेवाओं का विस्तार किया जाना चाहिए। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों की स्वास्थ्य व्यवस्था पर विशेष जोर देते हुए कहा कि प्रदेश के गांवों में रहने वाली बड़ी आबादी को स्वास्थ्य सेवाओं के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। ऐसे में गांव-गांव में प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों की उपलब्धता जरूरी है। उन्होंने सरकार से मांग की कि कम से कम प्रत्येक गांव में एक फार्मासिस्ट की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में योजना बनाई जाए, ताकि ग्रामीण जनता को दवाओं एवं स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक जानकारी आसानी से मिल सके। उन्होंने कहा कि फार्मासिस्ट केवल दवा बेचने वाला व्यक्ति नहीं है, बल्कि वह औषधियों के सुरक्षित उपयोग, दवा की सही मात्रा, संभावित दुष्प्रभाव और दवाओं के रखरखाव जैसे महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी रखने वाला प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी है। इसलिए स्वास्थ्य व्यवस्था में फार्मासिस्टों की भूमिका को व्यापक रूप से स्वीकार करने की आवश्यकता है। राकेश पांडे ने कहा कि प्रदेश में बड़ी संख्या में फार्मेसी शिक्षित युवा रोजगार की प्रतीक्षा कर रहे हैं। सरकार यदि विभिन्न विभागों और संस्थानों में फार्मासिस्टों के नए पद सृजित कर भर्ती प्रक्रिया शुरू करती है तो इससे एक ओर स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिलेगी, वहीं दूसरी ओर फार्मेसी क्षेत्र में शिक्षित युवाओं को रोजगार के अवसर भी प्राप्त होंगे। कार्यक्रम में उपस्थित फार्मासिस्टों और फार्मेसी विद्यार्थियों ने भी फार्मासिस्टों की भूमिका, रोजगार, नियुक्ति और स्वास्थ्य व्यवस्था
से जुड़े विषयों पर अपने विचार रखे। वक्ताओं ने कहा कि विश्व फार्मासिस्ट दिवस केवल एक उत्सव का अवसर नहीं है, बल्कि यह फार्मासिस्टों की जिम्मेदारियों और स्वास्थ्य क्षेत्र में उनके योगदान को समाज के सामने रखने का अवसर भी है। कार्यक्रम में फार्मेसी कॉलेजों के निदेशकों, प्राचार्यों, शिक्षकों और विद्यार्थियों की मौजूदगी ने आयोजन को विशेष रूप से महत्वपूर्ण बना दिया। वक्ताओं ने विद्यार्थियों से अपील की कि वे अपनी शिक्षा को केवल रोजगार प्राप्त करने तक सीमित न रखें, बल्कि समाज और मरीजों के हित को प्राथमिकता देते हुए अपने पेशे की जिम्मेदारियों को समझें। कार्यक्रम के दौरान फार्मासिस्टों ने एकजुटता का संदेश देते हुए कहा कि स्वास्थ्य व्यवस्था में फार्मासिस्टों की भूमिका को और अधिक मजबूत किए जाने की आवश्यकता है। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि फार्मासिस्टों से जुड़ी समस्याओं और मांगों को उचित मंच पर लगातार उठाया जाता रहेगा। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित अतिथियों, फार्मेसी कॉलेजों के प्रतिनिधियों, छात्र-छात्राओं और फार्मासिस्टों का आभार व्यक्त किया गया। आयोजन में बड़ी संख्या में फार्मासिस्टों की उपस्थिति रही। इस अवसर पर प्रशांत सिंह, सुनील कुमार यादव, अरविंद कुमार गुप्ता, आशीष यादव, नरेंद्र सिंह यादव, अभिनव शर्मा, राहुल त्रिपाठी, मिथिलेश कुमार सिंह, अरविंद कुमार पाल, भानु प्रताप सिंह, अभिषेक शुक्ला, विपुल विश्वकर्मा, महेंद्र यादव, सतवीर यादव, आशीष पटेल, पथ शुक्ला, राज शुक्ला, महेश आनंद मिश्रा समेत बड़ी संख्या में फार्मासिस्ट एवं फार्मेसी क्षेत्र से जुड़े लोग उपस्थित रहे। विश्व फार्मासिस्ट दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में फार्मासिस्टों की भूमिका, फार्मेसी शिक्षा और रोजगार के अवसरों के साथ-साथ प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया गया। कार्यक्रम में उठी मांगों के माध्यम से सरकार से अपेक्षा की गई कि फार्मासिस्टों के लिए विभिन्न विभागों में नए पदों का सृजन कर नियमित एवं पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाए, ताकि प्रशिक्षित फार्मासिस्टों की सेवाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाया जा सके।
- थाना मऊआइमा पुलिस टीम द्वारा 01 अभियुक्त गिरफ्तार, कब्जे से चोरी की 01 मोटरसाइकिल बरामद । थाना मऊआइमा पुलिस टीम द्वारा 01 अभियुक्त गिरफ्तार, कब्जे से चोरी की 01 मोटरसाइकिल बरामद थाना मऊआइमा पुलिस टीम द्वारा रात्रि चेकिंग के दौरान मुखविर द्वारा थाना मऊआइमा क्षेत्रान्तर्गत ग्राम नेवादा से दुबाही नहर पुलिया की तरफ 01 व्यक्ति चोरी की मोटरसाइकिल लेकर आने की सूचना पर थाना मऊआइमा पुलिस द्वारा थाना मऊआइमा क्षेत्रान्तर्गत दुबाही नहर पुलिया के पहुंचकर चेकिंग की जा रही थी । कुछ समय पश्चात सामने से आ रहे मोटरसाइकिल सवार को रोकते हुए पूछताछ की गयी तो अपना नाम विवेक कुमार उर्फ डुल्लू पुत्र विरेन्द्र कुमार उर्फ मुंशी निवासी रामनगर गनसियारी थाना मऊआइमा कमिश्नरेट प्रयागराज बताया जिसके पास से चोरी की 01 YAMAHA R15 मोटरसाइकिल बरामद की गयी । उक्त गिरफ्तारी/बरामदगी के आधार पर थाना मऊआइमा पर मु0अ0सं0-340/26 धारा-317(2) भा0न्या0सं0 पंजीकृत कर नियमानुसार अग्रिम विधिक कार्यवाही की गयी ।1
- थाना घूरपुर में सम्पूर्ण समाधान दिवस पर जनसुनवाई की गई प्रयागराज घूरपुर आज दिनांक 26.09.2026 को पुलिस उपायुक्त यमुनानगर श्री विवेक चन्द्र यादव एवं उपजिलाधिकारी / सहायक पुलिस आयुक्त कौंधियारा अब्दुल सलाम खान द्वारा थाना घूरपुर में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस के अवसर पर जनसुनवाई की गयी।जनसुनवाई के दौरान फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता पूर्वक सुना गया तथा प्राप्त शिकायतों के समयबद्ध, प्राथमिकता के आधार पर एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण हेतु सम्बन्धित अधिकारियों / कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये।इस अवसर पर थानाध्यक्ष घूरपुर अतुल मिश्र सहित अन्य उपनिरीक्षक एवं पुलिसकर्मी उपस्थित रहे।1
- सरस्वती विद्या मंदिर माधव ज्ञान केंद्र में ‘वंदे मातरम् के 150 वें वर्ष’ पर हुआ सामूहिक गायन प्रयागराज। नैनी सरस्वती विद्या मंदिर माधव ज्ञान केंद्र में विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान द्वारा संचालित ‘नमामि भारतम्’ कार्यक्रम के तहत ‘वंदे मातरम् के 150 वें वर्ष’ के अवसर पर सामूहिक गायन कार्यक्रम आयोजित किया गया। शनिवार को सुबह 11 बजे आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों समेत कुल 2127 लोगों ने एक समय, एक लय और एक स्वर में राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ का सामूहिक गायन किया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि इवनिंग क्रिश्चियन कॉलेज, प्रयागराज के प्रोफेसर डॉ. प्रेम प्रकाश सिंह, विशिष्ट अतिथि सह जिला विद्यालय निरीक्षक प्रयागराज अजय कुमार गिरि, कार्यक्रम अध्यक्ष एवं भारतीय रेलवे के यातायात निरीक्षक पवन कुमार पांडे तथा विद्यालय के प्रधानाचार्य अजय कुमार मिश्र ने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन और भारत माता के चित्र पर पुष्पार्चन कर किया। प्रधानाचार्य अजय कुमार मिश्र ने अतिथियों का स्वागत करते हुए उन्हें श्रीफल, अंगवस्त्र और स्मृति चिह्न भेंटकर सम्मानित किया। मुख्य अतिथि डॉ. प्रेम प्रकाश सिंह, विशिष्ट अतिथि अजय कुमार गिरि और कार्यक्रम अध्यक्ष पवन कुमार पांडे ने अपने संबोधन में राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के ऐतिहासिक, राष्ट्रीय और सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डाला। निर्धारित समय पर विद्यालय परिसर में सामूहिक रूप से ‘वंदे मातरम्’ का गायन किया गया। इस दौरान पूरा विद्यालय परिसर राष्ट्रभावना से ओत-प्रोत नजर आया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों, आचार्य-आचार्याओं और अभिभावकों सहित 2127 लोगों ने सहभागिता की। अंत में प्रधानाचार्य अजय कुमार मिश्र ने मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथि, कार्यक्रम अध्यक्ष, विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों के प्रति आभार जताया। उन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग करने वाले सभी लोगों का धन्यवाद किया।1
- पूज्य गुरुदेव महंत नरेंद्र गिरि की पांचवीं पुण्य स्मरण बेला पर समाधि पूजन, देशभर से जुटे साधु-संत प्रयागराज। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के पूर्व अध्यक्ष कैलाशवासी महंत नरेंद्र गिरि जी महाराज की पांचवीं पुण्य स्मरण बेला पर शनिवार को अल्लापुर स्थित श्री मठ बाघंबरी गद्दी में समाधि पूजन किया गया। दो दिवसीय कार्यक्रम के अंतिम दिन देशभर से साधु-संत और महात्मा श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए बाघंबरी मठ पहुंचे।मठ के महंत बलबीर गिरि जी महाराज के साथ अखाड़े के पंच परमेश्वर, महामंडलेश्वर और संतों ने विधि-विधान से समाधि पूजन किया। इस अवसर पर मठ को फूलों और झालरों से सजाया गया था। देश के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे संतों ने महंत नरेंद्र गिरि जी महाराज की समाधि पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और प्रार्थना की।कार्यक्रम के तहत सुबह समाधि स्थल पर अभिषेक किया गया। इसके बाद पंच परमेश्वर, ब्राह्मणों और महामंडलेश्वरों द्वारा गृह शांति एवं विष्णु सहस्रनाम हवन किया गया। हवन के उपरांत समाधि पूजन और पुष्पांजलि कार्यक्रम संपन्न हुआ।समाधि पूजन में एक हजार से अधिक साधु-संत शामिल हुए। पूजन के बाद दोपहर 12 बजे से श्रद्धालुओं और संतों के लिए प्रसाद वितरण शुरू किया गया। महंत बलबीर गिरि जी महाराज ने कहा कि पूज्य गुरुजी अपने विचारों और कार्यों के माध्यम से सदैव लोगों के बीच जीवित रहेंगे। उन्होंने देशभर से पहुंचे साधु-संतों का स्वागत एवं आभार व्यक्त किया।2
- मानस बिहार में 30 वर्षीय युवक की संदिग्ध मौत, परिजनों ने जताई हत्या की आशंका घर से दोपहर 12 बजे निकला था युवक, मानस बिहार कॉलोनी कैसे पहुंचा इसकी जानकारी नहीं; पुलिस जांच में जुटी करछना। संगम नगरी प्रयागराज के यमुनापार क्षेत्र में नैनी थाना क्षेत्र अंतर्गत मानस बिहार कॉलोनी में शुक्रवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब करीब 30 वर्षीय युवक का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने की सूचना सामने आई। मृतक की पहचान भूपेंद्र कुमार सोनी पुत्र नींबू लाल सोनी, निवासी चम्पतपुर, घूरपुर, प्रयागराज के रूप में बताई जा रही है। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार भूपेंद्र कुमार सोनी शुक्रवार को करीब दोपहर 12 बजे अपने घर से निकला था। इसके बाद वह मानस बिहार कॉलोनी कैसे पहुंचा, इस संबंध में फिलहाल परिजनों और पुलिस के पास स्पष्ट जानकारी नहीं है। युवक की मौत की सूचना मिलने के बाद परिजन मौके पर पहुंचे और उन्होंने युवक की मौत को लेकर हत्या की आशंका जताते हुए जांच की मांग की। परिजनों का कहना है कि युवक को कथित तौर पर फोन करके कहीं बुलाया गया था। हालांकि उसे किसने फोन किया, वह किसके बुलाने पर घर से निकला और मानस बिहार कॉलोनी तक कैसे पहुंचा, इन सभी बिंदुओं की अभी पुलिस जांच कर रही है। फोन कॉल और युवक की गतिविधियों से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच के बाद ही घटना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। घटना की सूचना मिलने पर नैनी थाना प्रभारी तथा एडीए चौकी प्रभारी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस टीम घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ ही आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है। युवक वहां किन परिस्थितियों में पहुंचा और उसकी मौत कैसे हुई, यह पता लगाने के लिए पुलिस विभिन्न पहलुओं पर जांच कर रही है। बताया जा रहा है कि भूपेंद्र कुमार सोनी दो भाइयों में सबसे छोटा था। उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत की खबर से परिवार में कोहराम मचा हुआ है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार की ओर से हत्या की आशंका जताए जाने के बाद मामले को लेकर क्षेत्र में भी तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। फिलहाल पुलिस की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि युवक की मौत हत्या, दुर्घटना या किसी अन्य परिस्थिति में हुई है। पुलिस द्वारा पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई किए जाने की बात कही जा रही है। पुलिस मृतक के मोबाइल फोन, कॉल डिटेल और उसके घर से निकलने के बाद की गतिविधियों की जानकारी जुटाने में भी लग सकती है। समाचार लिखे जाने तक घटना के कारणों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी थी। पुलिस जांच पूरी होने और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की वास्तविक वजह सामने आने की उम्मीद है।1
- प्रयागराज में मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन पोस्टर जलाकर इस्तीफे की मांग प्रयागराज में मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन, पोस्टर जलाकर इस्तीफे की मांग प्रयागराज। सिविल लाइंस स्थित गिरजाघर के पास शुक्रवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। वरिष्ठ कांग्रेस नेता इरशाद उल्ला के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त के पोस्टर को आग के हवाले कर अपना विरोध जताया। प्रदर्शनकारी कार्यकर्ताओं ने चुनाव प्रक्रिया में निष्पक्षता को लेकर सवाल उठाते हुए मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे और उन्हें पद से हटाने की मांग की। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने “ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दो”, “ज्ञानेश कुमार मुर्दाबाद” और “ज्ञानेश कुमार को बर्खास्त करो” जैसे नारे लगाए। कांग्रेस की ओर से यह प्रदर्शन देशभर में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ चलाए जा रहे विरोध कार्यक्रमों के बीच किया गया। कांग्रेस ने 25 सितंबर को विभिन्न स्थानों पर प्रदर्शन का आह्वान किया था। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यदि निर्वाचन आयोग जैसी संवैधानिक संस्था की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठते हैं, तो यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय है। वहीं, प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित किए जाने की मांग उठाई। प्रदर्शन में मुस्तकीम अटाला, फैजुल हसन, इम्तियाज सिद्दीकी, आसिफ अहमद, मोहम्मद आरिफ और आरती पाल समेत अन्य कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।1
- थाना समाधान दिवस में तीन शिकायतें पहुंचीं, दो राजस्व व एक पुलिस विभाग से संबंधित राजस्व की एक शिकायत का मौके पर हुआ निस्तारण, शेष शिकायतों के समयबद्ध समाधान के निर्देश प्रयागराज। खीरी थाना परिसर में शनिवार को थाना समाधान दिवस एसडीएम कोरांव टीपी (ठाकुर प्रसाद) सिंह के नेतृत्व एवं थानाध्यक्ष वीर प्रताप सिंह की अध्यक्षता में आयोजित किया गया। इस दौरान कुल तीन शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें दो राजस्व विभाग और एक पुलिस विभाग से संबंधित रही। राजस्व विभाग से संबंधित एक शिकायत का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया, जबकि अन्य शिकायतों के शीघ्र निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया। समाधान दिवस में एसडीएम टीपी सिंह ने फरियादियों की समस्याएं गंभीरता से सुनीं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को शिकायतों की जांच कर नियमानुसार एवं समयबद्ध तरीके से निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने फरियादियों को उनकी समस्याओं के गुणवत्तापूर्ण समाधान का भरोसा दिलाया। इस अवसर पर मेजा के नायब तहसीलदार चंदन पाल, उपनिरीक्षक हरेन्द्र यादव, सोनजीत यादव, मनोज कुमार, राम प्रवेश मौर्य, महिला उपनिरीक्षक निकिता वर्मा, दीवान राजेश सिंह, मुंशी भूपेंद्र यादव, सीसीटीएनएस कर्मी शिव कुमार व रामसूरत, महिला कांस्टेबल मंजू समेत थाना पुलिस एवं राजस्व विभाग के कर्मचारी मौजूद रहे।3
- मिशन 2027 को लेकर बूथ स्तर तक पहुंचने पर जोर, जिलेवार घोषणा पत्र के लिए मांगे गए सुझाव प्रयागराज समाजवादी पार्टी के मिशन 2027 को लेकर आयोजित बैठक में बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने और जनता की समस्याओं को समझने पर मिशन 2027 को लेकर बूथ स्तर तक पहुंचने पर जोर, जिलेवार घोषणा पत्र के लिए मांगे गए सुझाव प्रयागराज। समाजवादी पार्टी के मिशन 2027 को लेकर आयोजित बैठक में बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने और जनता की समस्याओं को समझने पर जोर दिया गया। बैठक में कार्यकारिणी के सदस्यों ने विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की और आगामी चुनाव के लिए सुझाव प्रस्तुत किए। समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव मुहम्मद शारिक ने बताया कि बैठक में पीडीए से जुड़े लोगों की समस्याओं को बूथ स्तर तक जाकर सुनने और उनकी जानकारी पार्टी नेतृत्व तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में पीड़ित, दुखी और असहाय लोगों से संपर्क कर उनकी समस्याओं, बच्चों की शिक्षा और रोजगार से जुड़ी स्थिति की जानकारी जुटाने पर जोर दिया गया है। उन्होंने बताया कि आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक जिले का अलग घोषणा पत्र तैयार किए जाने की बात कही गई है। इसके लिए जिले और बूथ स्तर से सुझाव लिए जाएंगे। इन सुझावों के आधार पर स्थानीय समस्याओं और आवश्यकताओं को घोषणा पत्र में शामिल करने की योजना है। शारिक ने बैठक में प्रयागराज के नैनी औद्योगिक क्षेत्र में बंद पड़ी फैक्ट्रियों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि बंद औद्योगिक इकाइयों को दोबारा शुरू करने का विषय घोषणा पत्र में शामिल किया जाना चाहिए। उनके मुताबिक, औद्योगिक इकाइयों के संचालन से युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ सकते हैं और परिवारों की आर्थिक स्थिति में सुधार हो सकता है। उन्होंने महिलाओं से जुड़े आर्थिक मुद्दे का भी उल्लेख किया। शारिक के अनुसार, बैठक में पार्टी कार्यकर्ताओं को महिलाओं और बहनों तक पार्टी की प्रस्तावित योजनाओं की जानकारी पहुंचाने को कहा गया। उन्होंने दावा किया कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर महिलाओं को प्रतिवर्ष दो लाख रुपये देने का प्रस्ताव रखा गया है। बैठक में शिक्षा के क्षेत्र में मुफ्त शिक्षा सहित विभिन्न मुद्दों पर भी चर्चा हुई। शारिक ने कहा कि घोषणा पत्र में पीडीए परिवारों की शिक्षा, रोजगार और अन्य स्थानीय समस्याओं को शामिल करने के लिए बूथ स्तर से जानकारी जुटाई जाएगी। प्रदेश सचिव ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ता बड़ी संख्या में बूथों पर जाकर लोगों से संपर्क कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि जनता की समस्याओं को समझने और उन्हें पार्टी के प्रस्तावित घोषणा पत्र में शामिल करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। — मुहम्मद शारिक प्रदेश सचिव, समाजवादी पार्टी, उत्तर प्रदेश1