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कानपुर देहात के गजनेर थाना क्षेत्र में विभिन्न स्थानों पर लड़ाई-झगड़े के मामले सामने आए। इन घटनाओं के बाद, दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर आरोप लगाते हुए शिकायती पत्र पुलिस को सौंपे। पुलिस ने इस मामले की जांच-पड़ताल की और माहौल बिगाड़ने के आरोप में दो लोगों के खिलाफ शांतिभंग की कार्रवाई की। थाना प्रभारी सूर्य प्रताप सिंह ने इस बात की पुष्टि की है कि दो व्यक्तियों पर शांतिभंग की धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है।
Arvind sharma kanpur dehat
कानपुर देहात के गजनेर थाना क्षेत्र में विभिन्न स्थानों पर लड़ाई-झगड़े के मामले सामने आए। इन घटनाओं के बाद, दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर आरोप लगाते हुए शिकायती पत्र पुलिस को सौंपे। पुलिस ने इस मामले की जांच-पड़ताल की और माहौल बिगाड़ने के आरोप में दो लोगों के खिलाफ शांतिभंग की कार्रवाई की। थाना प्रभारी सूर्य प्रताप सिंह ने इस बात की पुष्टि की है कि दो व्यक्तियों पर शांतिभंग की धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है।
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- ट्रेन में एक वेंडर द्वारा समोसे पर पैर रखे जाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है, जिसने यूजर्स के बीच भारी गुस्सा पैदा कर दिया है। इस वीडियो को लेकर लोगों में आक्रोश साफ देखा जा रहा है। वायरल वीडियो पर बढ़ती प्रतिक्रियाओं के बाद, रेलवे ने इस मामले पर अपनी सफाई पेश की है। रेलवे ने स्पष्ट रूप से कहा है कि उनकी किसी भी ट्रेन में ऐसा कोई भी वेंडर तैनात नहीं था जैसा कि वायरल वीडियो में दिखाया गया है।1
- उत्तर प्रदेश में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है, जिसके तहत 'सोलर दीदी' योजना शुरू की गई है। इस योजना के माध्यम से प्रदेश की महिलाओं को सौर ऊर्जा क्षेत्र में विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे वे तकनीकी रूप से सक्षम होकर रोजगार प्राप्त कर सकेंगी। चयनित महिलाओं को हर महीने ₹14,196 का मानदेय प्रदान किया जाएगा। योजना के अंतर्गत लाभार्थियों को मुफ्त सोलर प्लांट और इंडक्शन चूल्हा भी उपलब्ध कराया जाएगा, जिसका उद्देश्य स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देना और ग्रामीण क्षेत्रों में ऊर्जा आत्मनिर्भरता बढ़ाना है। सरकार का लक्ष्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ-साथ हरित ऊर्जा मिशन को गांव-गांव तक पहुंचाना है। इस पहल से महिलाएं न केवल अपने परिवार की आय बढ़ा पाएंगी, बल्कि समाज में अपनी नई पहचान भी बना सकेंगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह योजना ग्रामीण महिलाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर पैदा करेगी, जिससे प्रदेश में सौर ऊर्जा के उपयोग को तेजी से बढ़ावा मिलेगा।1
- जालौन के डकोर कोतवाली क्षेत्र के कुसमिलिया गांव में 25 मई की शाम एक भीषण अग्निकांड हुआ, जहाँ घूरे के ढेर से उठी एक चिंगारी ने तेज हवाओं और भीषण गर्मी के कारण विकराल रूप ले लिया। इस आग की चपेट में करीब 25 घर आ गए, जिससे कई परिवारों के कच्चे मकान, छप्पर, कपड़े, राशन और पूरी गृहस्थी जलकर राख हो गई। आग लगते ही गांव में अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई, जहाँ ग्रामीण अपने सामान बचाने में जुटे रहे, लेकिन अधिकांश लोग कुछ भी नहीं बचा सके। सूचना पर दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से आग पर काबू पाया गया; वहीं धुएं से बेहोश हुई एक महिला को तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना की जानकारी मिलने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तुरंत संज्ञान लिया और अधिकारियों को तत्काल राहत व सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय देर शाम स्वयं गांव पहुंचे और प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। उनके साथ प्रशासन, राजस्व, दमकल और पुलिस विभाग की टीमें भी मौके पर मौजूद थीं, जबकि एसडीएम ज्योति सिंह ने राहत कार्यों की निगरानी करते हुए कोटेदार को तत्काल राशन सामग्री उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। जिला प्रशासन ने संवेदनशीलता दिखाते हुए प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत सामग्री, भोजन और पीने के पानी की व्यवस्था की, साथ ही गांव में लंगर भी संचालित कराया गया। राजस्व विभाग की टीम द्वारा नुकसान का विस्तृत सर्वे किया जा रहा है, और दैवीय आपदा राहत मद से प्रभावित परिवारों के खातों में तत्काल आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की गई है। इसके अतिरिक्त, सभी प्रभावित परिवारों को मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत आवास स्वीकृत किए गए हैं, ताकि वे अपना उजड़ा आशियाना फिर से बसा सकें। जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय ने बताया कि बलराम प्रजापति, रामकिशोर प्रजापति, मंगल सिंह श्रीवास और भूरे सिंह राजपूत को 1 लाख 20 हजार रुपये की सहायता राशि स्वीकृत की गई है। वहीं, अन्य प्रभावित परिवारों को 4 हजार से 9 हजार रुपये तक की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। जिलाधिकारी ने प्रदेश सरकार की प्राथमिकता दोहराते हुए कहा कि आपदा की इस घड़ी में हर पीड़ित परिवार को तत्काल राहत और सम्मानजनक पुनर्वास मिलना चाहिए। उन्होंने भरोसा दिलाया कि प्रशासन केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि प्रभावित परिवारों को दोबारा सामान्य जीवन से जोड़ने तक हर संभव मदद उपलब्ध कराई जाएगी। प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई और राहत कार्यों से पीड़ित परिवारों को बड़ी राहत मिली है, जिससे उन्हें यह विश्वास हुआ है कि इस कठिन समय में वे अकेले नहीं हैं।1
- कानपुर देहात के फत्तेहपुर मुशंगार में 26 मई 2026 को 68वां वर्ष मनाया गया। इस आयोजन में सूफी जावेद सज्जादा नशीन, मोहम्मद अनीस साबरी कुद्दुसी और पीरे तरीकत व बाबुद्दीन खलकी कानमऊ भी शामिल थे।1
- उरई से दिल्ली जा रही एक निजी बस में मंगलवार शाम एक महिला सिपाही द्वारा कथित रूप से हंगामा किए जाने के कारण यात्रियों को घंटों परेशानी का सामना करना पड़ा। यह घटना अमर ट्रेवल्स की बस में हुई, जो उरई से टूरिस्ट पैकेज लेकर दिल्ली जा रही थी, जब एक सीट को लेकर विवाद खड़ा हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बस पूरी तरह भरी हुई थी। इसी दौरान एक महिला सिपाही बस में बैठने पर जोर देने लगी, लेकिन बस स्टाफ ने सीट उपलब्ध न होने की बात कही। इस पर महिला सिपाही कथित रूप से नाराज हो गई और अपना पुलिसिया रौब दिखाने लगी। आरोप है कि उसके फोन करने पर जालौन चौराहे पर डायल-112 पुलिस ने बस को रुकवा लिया। बस के काफी देर तक खड़े रहने से यात्री परेशान हो उठे और विरोध जताने लगे। इस दौरान महिला सिपाही और कुछ पुलिसकर्मियों पर यात्रियों से अभद्रता करने के भी आरोप लगे हैं। बताया जाता है कि महिला सिपाही ने जेल चौकी का स्टाफ भी मौके पर बुला लिया, जिससे काफी देर तक अफरा-तफरी और बहस का माहौल बना रहा। इसी बीच, किसी यात्री ने मामले की सूचना पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह को दी। उनके निर्देश पर कोतवाली प्रभारी आनंद सिंह ने मौके की जानकारी ली और हस्तक्षेप कर स्थिति को शांत कराया। सूत्रों के अनुसार, कोतवाल ने महिला सिपाही और जेल चौकी प्रभारी को फटकार भी लगाई, जिसके बाद बस को आगे रवाना किया गया। घटना के बाद यात्रियों में पुलिसकर्मियों के व्यवहार को लेकर नाराजगी देखी गई। अब यह सवाल उठ रहा है कि पुलिस वर्दी के कथित दुरुपयोग और अनुशासनहीनता के इस मामले में संबंधित महिला सिपाही के खिलाफ कोई विभागीय कार्रवाई होगी या नहीं।1
- रानिया नगर पंचायत के सफाई कर्मचारी पीएफ जमा न होने और वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर हल्लाबोल करते हुए धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। कर्मचारियों का आरोप है कि पिछले करीब डेढ़ साल से उनका पीएफ जमा नहीं किया गया है, वहीं लगातार काम लेने के बावजूद उनके वेतन में भी कोई बढ़ोतरी नहीं की जा रही है। अपनी इन्हीं मांगों को लेकर सफाई कर्मचारियों का धरना प्रदर्शन तीसरे दिन भी जारी रहा। रनिया के बीज गोदाम में धरने पर बैठे कर्मचारियों ने नगर पंचायत प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कर्मचारियों का साफ कहना है कि जब तक उन्हें पीएफ के भुगतान और वेतन बढ़ाने को लेकर कोई ठोस आश्वासन नहीं मिलता, तब तक उनका यह आंदोलन जारी रहेगा।1
- उत्तर प्रदेश में 'योगी मॉडल' के तहत कानून-व्यवस्था, इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। एक समय जो प्रदेश अपराध और अव्यवस्था के लिए जाना जाता था, आज वही उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट, धार्मिक पर्यटन और निवेश का एक प्रमुख केंद्र बनकर उभरा है। काशी, अयोध्या, मथुरा और प्रयागराज जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों पर अब देश ही नहीं, बल्कि दुनियाभर से बड़ी संख्या में पर्यटक पहुँच रहे हैं। बेहतर सड़कों, मजबूत सुरक्षा व्यवस्था और आधुनिक सुविधाओं के कारण उत्तर प्रदेश को 'नए भारत के ग्रोथ इंजन' के रूप में सफलतापूर्वक स्थापित किया गया है, जो राज्य की बदलती तस्वीर और बढ़ते विश्वास को दर्शाता है।1
- जालौन में रोडवेज कर्मचारियों ने एवीजी लॉजिस्टिक कंपनी पर गुंडागर्दी और दबंगई के गंभीर आरोप लगाए हैं, साथ ही चेतावनी दी है कि अगर उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो वे आंदोलन करने को विवश होंगे। कर्मचारियों का कहना है कि झांसी रीजन की एवीजी लॉजिस्टिक कंपनी के कर्मचारी लगातार अभद्रता करते हैं। रोडवेज स्टाफ ने आरोप लगाया है कि कंपनी के लोग बीच रास्ते में उनकी बसें रोककर चालक-परिचालकों को धमकाते हैं और उनके साथ मारपीट करने का प्रयास करते हैं। ये लोग खुद को पूरे उरई जिले का ठेकेदार बताकर रोडवेज कर्मियों पर दबाव बनाने की कोशिश करते हैं। इस दबंगई के कारण पीड़ित रोडवेज कर्मचारियों में भारी भय और नाराजगी का माहौल है, और उन्होंने प्रशासन से इस मामले में सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। कर्मचारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने उनकी समस्याओं पर जल्द ही ध्यान नहीं दिया और कोई समाधान नहीं निकाला, तो वे चक्का जाम कर आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।1