यमुनानगर में पश्चिमी यमुना नहर से एक 24 वर्षीय युवती का शव बरामद किया गया है, जिसकी पहचान सुशीला के रूप में हुई है। मूल रूप से नेपाल की रहने वाली सुशीला कुछ दिन पहले ही बेहतर भविष्य और अपने परिवार के सपनों को पूरा करने की उम्मीद में यमुनानगर लौटी थी। परिजनों के अनुसार, 12 जून की शाम एक युवक उसे सैलून से अपने साथ लेकर गया था, जिसके बाद से सुशीला का कोई सुराग नहीं मिला। परिवार लगातार उसकी तलाश में भटक रहा था, आंखों में उम्मीद लिए हर दरवाजा खटखटाता रहा, लेकिन उन्हें इस अनहोनी का कोई अंदाजा नहीं था। शनिवार को फतेहगढ़ पुल पर उस युवक की बाइक लावारिस हालत में मिली, जिसने अनहोनी की आशंका को गहरा दिया। इसके बाद पुलिस और गोताखोर लगातार नहर में सुशीला की तलाश कर रहे थे, और अंततः बाड़ी माजरा पुल के पास नहर में युवती का शव तैरता हुआ मिला। शव को जब बाहर निकाला गया तो पानी में लंबे समय तक रहने के कारण उसका चेहरा पहचान से परे हो चुका था। सुशीला की बहन बेसब्री से मोर्चरी पहुंची, लेकिन वह अपनी बहन को पहचान नहीं पाई। तभी उसकी नजर सुशीला के उन पिंक एक्सटेंशन वाले नाखूनों पर पड़ी, जिन्हें उसने बड़े प्यार से सजवाया था और दो दिन पहले ही उनकी फोटो भेजकर अपनी खुशी जाहिर की थी। इन नाखूनों को देखते ही बहन की चीख निकल गई और मोर्चरी का माहौल मातम में बदल गया, जहाँ मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं। यह एक हृदयविदारक क्षण था, जहाँ जिन नाखूनों से सुशीला ने खुशी बांटी थी, वही उसकी पहचान का आखिरी सहारा बन गए। पुलिस अब इस पूरे मामले की जांच कर रही है।
यमुनानगर में पश्चिमी यमुना नहर से एक 24 वर्षीय युवती का शव बरामद किया गया है, जिसकी पहचान सुशीला के रूप में हुई है। मूल रूप से नेपाल की रहने वाली सुशीला कुछ दिन पहले ही बेहतर भविष्य और अपने परिवार के सपनों को पूरा करने की उम्मीद में यमुनानगर लौटी थी। परिजनों के अनुसार, 12 जून की शाम एक युवक उसे सैलून से अपने साथ लेकर गया था, जिसके बाद से सुशीला का कोई सुराग नहीं मिला। परिवार लगातार उसकी तलाश में भटक रहा था, आंखों में उम्मीद लिए हर दरवाजा खटखटाता रहा,
लेकिन उन्हें इस अनहोनी का कोई अंदाजा नहीं था। शनिवार को फतेहगढ़ पुल पर उस युवक की बाइक लावारिस हालत में मिली, जिसने अनहोनी की आशंका को गहरा दिया। इसके बाद पुलिस और गोताखोर लगातार नहर में सुशीला की तलाश कर रहे थे, और अंततः बाड़ी माजरा पुल के पास नहर में युवती का शव तैरता हुआ मिला। शव को जब बाहर निकाला गया तो पानी में लंबे समय तक रहने के कारण उसका चेहरा पहचान से परे हो चुका था। सुशीला की बहन बेसब्री से मोर्चरी पहुंची, लेकिन वह अपनी बहन को पहचान
नहीं पाई। तभी उसकी नजर सुशीला के उन पिंक एक्सटेंशन वाले नाखूनों पर पड़ी, जिन्हें उसने बड़े प्यार से सजवाया था और दो दिन पहले ही उनकी फोटो भेजकर अपनी खुशी जाहिर की थी। इन नाखूनों को देखते ही बहन की चीख निकल गई और मोर्चरी का माहौल मातम में बदल गया, जहाँ मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं। यह एक हृदयविदारक क्षण था, जहाँ जिन नाखूनों से सुशीला ने खुशी बांटी थी, वही उसकी पहचान का आखिरी सहारा बन गए। पुलिस अब इस पूरे मामले की जांच कर रही है।
- करनाल में 14 जून को एंटी करप्शन फाउंडेशन ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेंद्र अरोड़ा को न्यायालय में पेश किया गया। यह कार्रवाई जनता द्वारा प्रशासन को दी गई शिकायत के आधार पर शुरू हुई कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई। इस दौरान संबंधित प्रशासनिक अधिकारी और कानूनी प्रतिनिधि भी कोर्ट में उपस्थित रहे। मामले की सुनवाई के बाद न्यायालय आगामी कार्रवाई के संबंध में निर्णय लेगा। प्रशासनिक अधिकारियों ने पुष्टि की है कि मामले की जांच और कानूनी प्रक्रिया नियमानुसार जारी है। न्यायालय में हुई कार्यवाही और मामले से संबंधित विस्तृत जानकारी आधिकारिक आदेश जारी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। मामले में अंतिम निर्णय न्यायालय द्वारा दिया जाना अभी शेष है, और सभी पक्षों के प्रति निष्पक्षता बनाए रखते हुए केवल आधिकारिक तथ्यों के आधार पर ही जानकारी साझा करने पर जोर दिया गया है।2
- यमुनानगर जिले के बिलासपुर में, असगरपुर रोड पर काला आम्ब शहडोरा बिल्डिंग का निर्माण कार्य जारी है।1
- सहारनपुर के बेहट रोड स्थित एक निजी अस्पताल में डिलीवरी के दौरान नवजात शिशु की मौत के बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। वीडियो में परिजन अस्पताल स्टाफ पर घोर लापरवाही का आरोप लगाते हुए नजर आ रहे हैं। यह घटना शनिवार की बताई जा रही है, जिसका वीडियो रविवार सुबह 11 बजे सामने आया। देहात कोतवाली क्षेत्र के हनुमान नगर निवासी शुभम पांचाल अपनी पत्नी काजल को प्रसव पीड़ा होने पर भगवती कॉलोनी के पास इस निजी अस्पताल लेकर पहुंचे थे। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में ऑपरेशन के जरिए डिलीवरी कराई गई, और बच्चे के रोने की आवाज आने के कुछ देर बाद ही स्टाफ ने नवजात की मौत की सूचना दी। इस जानकारी के बाद परिजन आक्रोशित हो गए और अस्पताल में हंगामा शुरू कर दिया। उन्होंने अस्पताल संचालकों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वे मेडिकल स्टोर की आड़ में क्लीनिक चला रहे हैं और उनके पास आवश्यक दस्तावेज पूरे नहीं हैं। परिजनों ने डॉक्टरों की डिग्री और अस्पताल की व्यवस्थाओं की गहन जांच की भी मांग की है। घटना की सूचना मिलते ही देहात कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने नवजात के शव को तुरंत कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। सीओ द्वितीय मनोज कुमार यादव ने पुष्टि करते हुए बताया कि निजी अस्पताल में नवजात की मौत का मामला सामने आया है और पोस्टमार्टम कराया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।1
- शाहाबाद मारकंडा स्थित जगज्योति दरबार में महंत राजेंद्र पुरी जी महाराज ने एक महत्वपूर्ण संदेश दिया है। उन्होंने स्पष्ट रूप से बताया कि इंसान का भविष्य उसके अपने कर्मों से ही निर्धारित होता है।1
- यमुनानगर के गधौली माजरा गांव की रहने वाली 17 वर्षीय दसवीं कक्षा की छात्रा हैप्पी रानी ने पश्चिमी यमुना नहर में छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली है। उसका शव शनिवार देर शाम हमीदा हेड के पास से बरामद कर लिया गया। पुलिस अब छात्रा की मौत के कारणों की गहन जांच में जुट गई है। शव का रविवार को पोस्टमार्टम कराया जाएगा, जिसके बाद उसे परिजनों को सौंप दिया जाएगा।2
- यमुनानगर में पश्चिमी यमुना नहर से एक 24 वर्षीय युवती का शव बरामद किया गया है, जिसकी पहचान सुशीला के रूप में हुई है। मूल रूप से नेपाल की रहने वाली सुशीला कुछ दिन पहले ही बेहतर भविष्य और अपने परिवार के सपनों को पूरा करने की उम्मीद में यमुनानगर लौटी थी। परिजनों के अनुसार, 12 जून की शाम एक युवक उसे सैलून से अपने साथ लेकर गया था, जिसके बाद से सुशीला का कोई सुराग नहीं मिला। परिवार लगातार उसकी तलाश में भटक रहा था, आंखों में उम्मीद लिए हर दरवाजा खटखटाता रहा, लेकिन उन्हें इस अनहोनी का कोई अंदाजा नहीं था। शनिवार को फतेहगढ़ पुल पर उस युवक की बाइक लावारिस हालत में मिली, जिसने अनहोनी की आशंका को गहरा दिया। इसके बाद पुलिस और गोताखोर लगातार नहर में सुशीला की तलाश कर रहे थे, और अंततः बाड़ी माजरा पुल के पास नहर में युवती का शव तैरता हुआ मिला। शव को जब बाहर निकाला गया तो पानी में लंबे समय तक रहने के कारण उसका चेहरा पहचान से परे हो चुका था। सुशीला की बहन बेसब्री से मोर्चरी पहुंची, लेकिन वह अपनी बहन को पहचान नहीं पाई। तभी उसकी नजर सुशीला के उन पिंक एक्सटेंशन वाले नाखूनों पर पड़ी, जिन्हें उसने बड़े प्यार से सजवाया था और दो दिन पहले ही उनकी फोटो भेजकर अपनी खुशी जाहिर की थी। इन नाखूनों को देखते ही बहन की चीख निकल गई और मोर्चरी का माहौल मातम में बदल गया, जहाँ मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं। यह एक हृदयविदारक क्षण था, जहाँ जिन नाखूनों से सुशीला ने खुशी बांटी थी, वही उसकी पहचान का आखिरी सहारा बन गए। पुलिस अब इस पूरे मामले की जांच कर रही है।3