फिल्म एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत की जांच अब अंतिम चरण में है, जिससे यह साफ हो गया है कि यह केवल दहेज से जुड़ा मामला नहीं है, बल्कि अन्य कई पहलू भी इसमें शामिल हैं। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने ट्विशा के डिप्रेशन की वजह और ड्रग्स लेने के आरोपों की भी पड़ताल की है। अब तक की जांच से यह स्पष्ट हो चुका है कि समर्थ और ट्विशा के बीच प्रेग्नेंसी सबसे बड़ी कंट्रोवर्सी थी। सीबीआई की पूछताछ में यह खुलासा हुआ है कि समर्थ सिंह ने अपनी पत्नी से स्पष्ट शब्दों में सवाल किया था कि 'यह बच्चा किसका है!' इस घटना के बाद दोनों के संबंधों में ऐसी खटास आई कि स्थिति फिर कभी सामान्य नहीं हो सकी, जिसका कथित रूप से अंत ट्विशा की फांसी लगाने से हुआ। सीबीआई जांच में अहम परतें खुली हैं, जिसके अनुसार ट्विशा की प्रेग्नेंसी पर समर्थ सिंह ने सवाल उठाए थे, जो दोनों के बीच झगड़े की सबसे बड़ी वजह थी। समर्थ ने ट्विशा से स्पष्ट पूछा था, 'तुम प्रेग्नेंट कैसे हो सकती हो, यह किसका बच्चा है?' इस प्रश्न से ट्विशा क्षुब्ध हो गई थीं और उन्होंने अपनी मां को भी यह बात बताई थी। मां के इसे इग्नोर करने के लिए कहने के बाद भी ट्विशा शांत नहीं रह सकीं। जांच अधिकारियों के अनुसार, पूछताछ और डिजिटल एविडेंस ने इस तथ्य को पूर्णतः स्पष्ट कर दिया है कि प्रेग्नेंसी पर उठा यह विवाद इतना बढ़ा कि आखिरकार ट्विशा ने कथित रूप से आत्मघाती कदम उठा लिया। सीबीआई की जांच में आपसी सहमति से गर्भपात कराने की बात भी शामिल है। केंद्रीय जांच एजेंसी ने ट्विशा की संदिग्ध मौत के सभी अहम पहलुओं की पड़ताल पूरी कर ली है। अब सीबीआई चार्जशीट तैयार करने की तैयारी में है, जिसके लिए केस से जुड़ी कड़ियों को जोड़ा जा रहा है। इसमें आरोपियों के बयानों का मिलान, वारदात से संबंधित सभी सबूत और फॉरेंसिक रिपोर्ट के तथ्यों को शामिल किया जा रहा है। सीबीआई अधिकारी केस को अंतिम रूप देने के लिए विशेषज्ञों की राय भी ले रहे हैं।
फिल्म एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत की जांच अब अंतिम चरण में है, जिससे यह साफ हो गया है कि यह केवल दहेज से जुड़ा मामला नहीं है, बल्कि अन्य कई पहलू भी इसमें शामिल हैं। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने ट्विशा के डिप्रेशन की वजह और ड्रग्स लेने के आरोपों की भी पड़ताल की है। अब तक की जांच से यह स्पष्ट हो चुका है कि समर्थ और ट्विशा के बीच प्रेग्नेंसी सबसे बड़ी कंट्रोवर्सी थी। सीबीआई की पूछताछ में यह खुलासा हुआ है कि समर्थ सिंह ने अपनी पत्नी से स्पष्ट शब्दों में सवाल किया था कि 'यह बच्चा किसका है!' इस घटना के बाद दोनों के संबंधों में ऐसी खटास आई कि स्थिति फिर कभी सामान्य नहीं हो सकी, जिसका कथित रूप से अंत ट्विशा की फांसी लगाने से हुआ। सीबीआई जांच में अहम परतें खुली हैं, जिसके अनुसार ट्विशा की प्रेग्नेंसी पर समर्थ सिंह ने सवाल उठाए थे, जो दोनों के बीच झगड़े की सबसे बड़ी वजह थी। समर्थ ने ट्विशा से स्पष्ट पूछा था, 'तुम प्रेग्नेंट कैसे हो सकती हो, यह किसका बच्चा है?' इस प्रश्न से ट्विशा क्षुब्ध हो गई थीं और उन्होंने अपनी मां को भी यह बात बताई थी। मां के इसे इग्नोर करने के लिए कहने के बाद भी ट्विशा शांत नहीं रह सकीं। जांच अधिकारियों के अनुसार, पूछताछ और डिजिटल एविडेंस ने इस तथ्य को पूर्णतः स्पष्ट कर दिया है कि प्रेग्नेंसी पर उठा यह विवाद इतना बढ़ा कि आखिरकार ट्विशा ने कथित रूप से आत्मघाती कदम उठा लिया। सीबीआई की जांच में आपसी सहमति से गर्भपात कराने की बात भी शामिल है। केंद्रीय जांच एजेंसी ने ट्विशा की संदिग्ध मौत के सभी अहम पहलुओं की पड़ताल पूरी कर ली है। अब सीबीआई चार्जशीट तैयार करने की तैयारी में है, जिसके लिए केस से जुड़ी कड़ियों को जोड़ा जा रहा है। इसमें आरोपियों के बयानों का मिलान, वारदात से संबंधित सभी सबूत और फॉरेंसिक रिपोर्ट के तथ्यों को शामिल किया जा रहा है। सीबीआई अधिकारी केस को अंतिम रूप देने के लिए विशेषज्ञों की राय भी ले रहे हैं।
- शनिवार को भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और मध्यप्रदेश से राज्यसभा प्रत्याशी श्री तरुण चुघ एवं श्री रजनीश अग्रवाल ने भाजपा प्रदेश कार्यालय स्थित मंदिर में दर्शन-पूजन किया। इस दौरान उन्होंने पंडित दीनदयाल उपाध्याय और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर नमन भी किया। यह कार्यक्रम मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व विधायक श्री हेमंत खण्डेलवाल, पार्टी के प्रदेश प्रभारी डॉ. महेन्द्र सिंह और क्षेत्रीय संगठन महामंत्री श्री अजय जामवाल सहित कोर कमेटी के सदस्यों एवं वरिष्ठ नेतृत्व की उपस्थिति में संपन्न हुआ। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री जगदीश देवडा, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष व सांसद श्री विष्णुदत्त शर्मा, मध्यप्रदेश शासन के कैबिनेट मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय, श्री प्रहलाद पटेल, श्री राकेश सिंह, श्री विश्वास सारंग, श्री राकेश शुक्ला, श्री गौतम टेटवाल और श्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल भी मौजूद थे। इसके अतिरिक्त, मध्यप्रदेश वेयरहाउसिंग और लॉजिस्टिक्स कॉरपोरेशन के अध्यक्ष श्री संजय नगाईच, पूर्व मंत्री व विधायक श्री भूपेन्द्र सिंह, पूर्व मंत्री श्री अरविंद सिंह भदौरिया, पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष श्री शैलेन्द्र बरूआ, श्री रणवीर सिंह रावत, डॉ. निशांत खरे, श्री सुरेन्द्र शर्मा, प्रदेश महामंत्री श्री राहुल कोठारी, प्रदेश कार्यालय मंत्री श्री श्याम महाजन, प्रदेश मीडिया प्रभारी श्री आशीष उषा अग्रवाल, जिला अध्यक्ष श्री रविन्द्र यति, पूर्व सांसद श्री आलोक संजर और नगर निगम अध्यक्ष श्री किशन सूर्यवंशी सहित अन्य पार्टी पदाधिकारी व कार्यकर्ता भी इस कार्यक्रम में उपस्थित रहे।1
- भोपाल में कांग्रेस मुख्यालय परिसर से सामने आईं तस्वीरों ने पानी के लिए लोगों की जद्दोजहद को उजागर किया है, जो कई सवाल खड़े करती हैं। इन तस्वीरों में लोग छोटे कैन और बड़े डिब्बे संभाले हुए अपनी बारी का इंतजार करते दिखाई दे रहे हैं। इस मशक्कत में बच्चों की मौजूदगी सबसे ज्यादा ध्यान खींचती है, जो पानी जुटाने की इस कवायद का हिस्सा बने हुए हैं। यह दृश्य ऐसे समय में सामने आया है जब गर्मी अपने चरम पर है और पानी की अहमियत हर गुजरते दिन के साथ बढ़ती जा रही है। इस तरह लोगों को पानी जुटाने के लिए कतारों और इंतजार का सहारा लेना पड़े, तो यह सिर्फ एक तस्वीर नहीं, बल्कि शहर के सामने मौजूद एक बड़ी चुनौती की झलक है। ये तस्वीरें सवाल पूछती हैं कि राजधानी में विकास के बड़े-बड़े दावे किए जाने के बावजूद, क्या लोगों को पानी जैसी बुनियादी जरूरत के लिए भी संघर्ष करना पड़ेगा। पानी की हर बूंद की कीमत वही जानता है, जिसे उसे पाने के लिए रोज मशक्कत करनी पड़ती है, और ये तस्वीरें इसी दैनिक संघर्ष की कहानी बयां करती हैं।1
- भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव श्री तरुण चुघ और मध्यप्रदेश से राज्यसभा प्रत्याशी श्री रजनीश अग्रवाल ने आज भोपाल में विधानसभा पहुंचकर अपने नामांकन पत्र दाखिल किए। इस महत्वपूर्ण अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल, पार्टी के प्रदेश प्रभारी डॉ. महेन्द्र सिंह और पार्टी का वरिष्ठ नेतृत्व भी उपस्थित रहा।1
- भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव श्री तरुण चुघ और मध्यप्रदेश से राज्यसभा प्रत्याशी श्री रजनीश अग्रवाल ने शनिवार को भोपाल स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में दर्शन-पूजन किया। इस अवसर पर उन्होंने मंदिर में पूजा-अर्चना करने के बाद पंडित दीनदयाल उपाध्याय और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व विधायक श्री हेमंत खण्डेलवाल, पार्टी के प्रदेश प्रभारी डॉ. महेन्द्र सिंह और क्षेत्रीय संगठन महामंत्री श्री अजय जामवाल सहित कोर कमेटी के सदस्य और वरिष्ठ नेतृत्व उपस्थित रहा। इस महत्वपूर्ण आयोजन में उपमुख्यमंत्री श्री जगदीश देवडा, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष व सांसद श्री विष्णुदत्त शर्मा, मध्यप्रदेश शासन के कैबिनेट मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय, श्री प्रहलाद पटेल, श्री राकेश सिंह, श्री विश्वास सारंग, श्री राकेश शुक्ला, श्री गौतम टेटवाल और श्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल भी मौजूद रहे। इनके अतिरिक्त, मध्यप्रदेश वेयरहाउसिंग और लॉजिस्टिक्स कॉरपोरेशन के अध्यक्ष श्री संजय नगाईच, पूर्व मंत्री व विधायक श्री भूपेन्द्र सिंह, पूर्व मंत्री श्री अरविंद सिंह भदौरिया, पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष श्री शैलेन्द्र बरूआ, श्री रणवीर सिंह रावत, डॉ. निशांत खरे, श्री सुरेन्द्र शर्मा, प्रदेश महामंत्री श्री राहुल कोठारी, प्रदेश कार्यालय मंत्री श्री श्याम महाजन, प्रदेश मीडिया प्रभारी श्री आशीष उषा अग्रवाल, जिला अध्यक्ष श्री रविन्द्र यति, पूर्व सांसद श्री आलोक संजर और नगर निगम अध्यक्ष श्री किशन सूर्यवंशी सहित कई अन्य पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी उपस्थित थे।1
- भोपाल में गडरिया और लोहार समाज पर आए दिन हो रहे कथित अत्याचारों को लेकर समाज के लोग मैदान में उतर आए हैं। उन्होंने कर्मचारियों द्वारा की जा रही ₹100 और ₹50 की वसूली को तत्काल बंद करने की चेतावनी दी है। समाज ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि यदि यह अवैध वसूली नहीं रोकी गई, तो वे एक बड़ा आंदोलन शुरू करेंगे।1
- बरकतुल्लाह यूनिवर्सिटी का नाम बदलकर मां वाग्देवी भोजपाल विश्वविद्यालय किए जाने के प्रस्ताव को लेकर प्रतिक्रियाओं का दौर जारी है। इसी बीच, मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव मोहम्मद जहीर ने इस नाम परिवर्तन के मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि बरकतुल्लाह का नाम देश के स्वतंत्रता संग्राम और भोपाल की ऐतिहासिक पहचान से जुड़ा हुआ है। मोहम्मद जहीर ने इस बात पर जोर दिया कि मौलाना बरकतुल्लाह ने देश की आजादी के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया था, और ऐसे व्यक्तित्वों के नाम पर स्थापित संस्थानों की पहचान को बनाए रखना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि किसी भी ऐतिहासिक संस्थान का नाम बदलने से पहले समाज के सभी वर्गों की राय लेना अनिवार्य है। इसके साथ ही, उन्होंने यह भी इंगित किया कि विश्वविद्यालयों के सामने शिक्षा, शोध, संसाधनों और विद्यार्थियों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे हैं, जिन पर गंभीरता से काम करने की आवश्यकता है, और नाम परिवर्तन जैसे फैसलों पर व्यापक चर्चा होना जरूरी है। बरकतुल्लाह यूनिवर्सिटी के नाम परिवर्तन को लेकर प्रदेश में विभिन्न प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं, और यह मुद्दा अब सार्वजनिक चर्चा का विषय बन गया है। मोहम्मद जहीर ने अपने बयान में कहा, "बरकतुल्लाह सिर्फ एक नाम नहीं, बल्कि देश की आजादी की लड़ाई और भोपाल की विरासत का प्रतीक हैं।"1
- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की है कि किसानों की माँग को पूरा करते हुए उनकी सरकार कोलारस में चीनी फैक्ट्री को पुनः स्थापित करेगी।1
- CJP नेता अभिजीत डुबके दिल्ली एयरपोर्ट पर देखे गए हैं। अभिजीत डुबके को दिल्ली एयरपोर्ट से बाहर आते हुए देखा गया।1
- शनि जयंती के शुभ अवसर पर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान, पूर्ण आहुति का अनुष्ठान संपन्न हुआ और साथ ही घोड़े की नाल की अंगूठियों का भी वितरण किया गया।4