भोपाल में कांग्रेस मुख्यालय परिसर से सामने आईं तस्वीरों ने पानी के लिए लोगों की जद्दोजहद को उजागर किया है, जो कई सवाल खड़े करती हैं। इन तस्वीरों में लोग छोटे कैन और बड़े डिब्बे संभाले हुए अपनी बारी का इंतजार करते दिखाई दे रहे हैं। इस मशक्कत में बच्चों की मौजूदगी सबसे ज्यादा ध्यान खींचती है, जो पानी जुटाने की इस कवायद का हिस्सा बने हुए हैं। यह दृश्य ऐसे समय में सामने आया है जब गर्मी अपने चरम पर है और पानी की अहमियत हर गुजरते दिन के साथ बढ़ती जा रही है। इस तरह लोगों को पानी जुटाने के लिए कतारों और इंतजार का सहारा लेना पड़े, तो यह सिर्फ एक तस्वीर नहीं, बल्कि शहर के सामने मौजूद एक बड़ी चुनौती की झलक है। ये तस्वीरें सवाल पूछती हैं कि राजधानी में विकास के बड़े-बड़े दावे किए जाने के बावजूद, क्या लोगों को पानी जैसी बुनियादी जरूरत के लिए भी संघर्ष करना पड़ेगा। पानी की हर बूंद की कीमत वही जानता है, जिसे उसे पाने के लिए रोज मशक्कत करनी पड़ती है, और ये तस्वीरें इसी दैनिक संघर्ष की कहानी बयां करती हैं।
भोपाल में कांग्रेस मुख्यालय परिसर से सामने आईं तस्वीरों ने पानी के लिए लोगों की जद्दोजहद को उजागर किया है, जो कई सवाल खड़े करती हैं। इन तस्वीरों में लोग छोटे कैन और बड़े डिब्बे संभाले हुए अपनी बारी का इंतजार करते दिखाई दे रहे हैं। इस मशक्कत में बच्चों की मौजूदगी सबसे ज्यादा ध्यान खींचती है, जो पानी जुटाने की इस कवायद का हिस्सा बने हुए हैं। यह दृश्य ऐसे समय में सामने आया है जब गर्मी अपने चरम पर है और पानी की अहमियत हर गुजरते दिन के साथ बढ़ती जा रही है। इस तरह लोगों को पानी जुटाने के लिए कतारों और इंतजार का सहारा लेना पड़े, तो यह सिर्फ एक तस्वीर नहीं, बल्कि शहर के सामने मौजूद एक बड़ी चुनौती की झलक है। ये तस्वीरें सवाल पूछती हैं कि राजधानी में विकास के बड़े-बड़े दावे किए जाने के बावजूद, क्या लोगों को पानी जैसी बुनियादी जरूरत के लिए भी संघर्ष करना पड़ेगा। पानी की हर बूंद की कीमत वही जानता है, जिसे उसे पाने के लिए रोज मशक्कत करनी पड़ती है, और ये तस्वीरें इसी दैनिक संघर्ष की कहानी बयां करती हैं।
- मध्य प्रदेश के भोपाल में बरकत उल्लाह यूनिवर्सिटी का नाम बदलने के कार्यपरिषद के प्रस्ताव को लेकर कड़ा विरोध दर्ज कराया गया है। महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी जनाब बरकतुल्लाह भोपाली के नाम से दशकों से स्थापित इस विश्वविद्यालय का नाम बदलने के प्रस्ताव को देश की आज़ादी में उनके अहम योगदान का अपमान बताया जा रहा है। इसी के विरोध में आज राज्यपाल महोदय और उच्च शिक्षा अधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा गया है। विरोध करने वालों ने इस मामले को संविधान का "वायलेंस" बताते हुए महामहिम राष्ट्रपति महोदय जी को भी एक पत्र भेजा है। उन्हें पूरी उम्मीद है कि मध्य प्रदेश सरकार इस प्रस्ताव को तुरंत निरस्त करेगी।1
- भोपाल के अयोध्या नगर में देर रात करीब 3 बजे एक युवक पर चार बदमाशों ने जानलेवा हमला कर दिया। युवक अपने भाई की मदद के लिए सड़क पर निकला था, जिसका पेट्रोल खत्म हो गया था। यह मदद उसे भारी पड़ गई, क्योंकि बदमाशों ने उसे गालियां दीं, डंडों से मारा और जानलेवा वार किए। बीच-बचाव करने आए उसके साथी को भी नहीं बख्शा गया, जिसके सिर पर गंभीर चोटें आईं। हमला करने के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए। हालांकि, पुलिस ने फुर्ती दिखाते हुए अब पहले जैसी ढिलाई नहीं बरती। तकनीकी ट्रैकिंग और ताबड़तोड़ दबिश के बाद पुलिस ने चारों आरोपियों को छिंदवाड़ा और बैतूल से धर दबोचा। सभी गिरफ्तार आरोपियों को तुरंत जेल भेज दिया गया है। इस कार्रवाई के बाद यह सवाल उठता है कि क्या रात का गुंडा राज खत्म हो गया है, या यह सिर्फ एक घटना का अंत है।2
- जिंसी से चिकलोद रोड पर स्थित राजधानी पेट्रोल पंप के सामने आधे घंटे से अधिक समय तक भीषण जाम की स्थिति बनी रही। यह जाम नगर निगम द्वारा सड़क के बीचों-बीच वाहन लगाकर सफाई कार्य करने के कारण लगा, जिससे राहगीरों को रास्ते से निकलने में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ा।1
- मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में कांग्रेस मुख्यालय परिसर से सामने आई तस्वीरों ने पानी की किल्लत को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इन तस्वीरों में लोग, छोटे कैन से लेकर बड़े डिब्बे तक संभाले, पानी की तलाश में कतार में खड़े दिखाई दे रहे हैं। सबसे ज्यादा ध्यान खींचने वाली बात यह है कि इस जद्दोजहद का हिस्सा बने बच्चों की मौजूदगी भी साफ नजर आ रही है। गर्मी अपने चरम पर है और हर बीतते दिन के साथ पानी की अहमियत बढ़ती जा रही है। ऐसे में, जब राजधानी में विकास के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, लोगों को पानी जैसी बुनियादी जरूरत को पूरा करने के लिए इस तरह कतारों में खड़ा होना पड़े और इंतजार करना पड़े, तो यह सिर्फ एक तस्वीर नहीं, बल्कि शहर की एक बड़ी चुनौती की झलक है। ये तस्वीरें सवाल उठा रही हैं कि क्या पानी जैसी मूलभूत आवश्यकता के लिए भी लोगों को संघर्ष करना पड़ेगा? पानी की हर बूंद की कीमत वही जानता है, जिसे उसे पाने के लिए हर दिन मशक्कत करनी पड़ती है।1
- नटराज परफार्मिंग आर्ट्स सोसाइटी द्वारा रविन्द्र भवन भोपाल में तरंग कला महोत्सव 6.0 डांस एंड थियेटर फेस्टिवल का आयोजन किया गया। इस सांस्कृतिक कार्यक्रम की पूरी खबर देखने के लिए पाठकों से आग्रह किया गया है।4
- भोपाल में कांग्रेस मुख्यालय परिसर से सामने आईं तस्वीरों ने पानी के लिए लोगों की जद्दोजहद को उजागर किया है, जो कई सवाल खड़े करती हैं। इन तस्वीरों में लोग छोटे कैन और बड़े डिब्बे संभाले हुए अपनी बारी का इंतजार करते दिखाई दे रहे हैं। इस मशक्कत में बच्चों की मौजूदगी सबसे ज्यादा ध्यान खींचती है, जो पानी जुटाने की इस कवायद का हिस्सा बने हुए हैं। यह दृश्य ऐसे समय में सामने आया है जब गर्मी अपने चरम पर है और पानी की अहमियत हर गुजरते दिन के साथ बढ़ती जा रही है। इस तरह लोगों को पानी जुटाने के लिए कतारों और इंतजार का सहारा लेना पड़े, तो यह सिर्फ एक तस्वीर नहीं, बल्कि शहर के सामने मौजूद एक बड़ी चुनौती की झलक है। ये तस्वीरें सवाल पूछती हैं कि राजधानी में विकास के बड़े-बड़े दावे किए जाने के बावजूद, क्या लोगों को पानी जैसी बुनियादी जरूरत के लिए भी संघर्ष करना पड़ेगा। पानी की हर बूंद की कीमत वही जानता है, जिसे उसे पाने के लिए रोज मशक्कत करनी पड़ती है, और ये तस्वीरें इसी दैनिक संघर्ष की कहानी बयां करती हैं।1
- भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव श्री तरुण चुघ और मध्यप्रदेश से राज्यसभा प्रत्याशी श्री रजनीश अग्रवाल ने आज भोपाल में विधानसभा पहुंचकर अपने नामांकन पत्र दाखिल किए। इस महत्वपूर्ण अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल, पार्टी के प्रदेश प्रभारी डॉ. महेन्द्र सिंह और पार्टी का वरिष्ठ नेतृत्व भी उपस्थित रहा।1
- भोपाल क्राइम ब्रांच ने नशे के कारोबार पर बड़ी कार्रवाई करते हुए दो अलग-अलग अभियानों में कुल तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन गिरफ्तारियों के दौरान आरोपियों के कब्जे से 2 किलो 681 ग्राम गांजा, एक मोटरसाइकिल, दो मोबाइल फोन और नकदी जब्त की गई है, जिसकी कुल कीमत लगभग 1.41 लाख रुपये आंकी गई है। पहली कार्रवाई भीमनगर स्थित एक किराना दुकान पर की गई, जहाँ 69 वर्षीय महिला राजवती राय के पास से 756 ग्राम गांजा बरामद हुआ। महिला के कब्जे से गांजा बिक्री के रूप में 1000 रुपये नकद भी जब्त किए गए। दूसरी कार्रवाई में, वीआईपी गेस्ट हाउस के पीछे से अर्जुन गोस्वामी और मनीष शुक्ला को 1 किलो 925 ग्राम गांजे के साथ पकड़ा गया। ये दोनों आरोपी मोटरसाइकिल पर गांजा बेचने के लिए ग्राहक का इंतजार करते हुए पाए गए। बताया गया है कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों के खिलाफ पहले से ही कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। क्राइम ब्रांच को इन आरोपियों के मादक पदार्थ तस्करी नेटवर्क से जुड़े होने के संकेत मिले हैं, और सप्लायरों की तलाश जारी है। वर्ष 2026 में अब तक भोपाल क्राइम ब्रांच कुल 81.938 किलोग्राम अवैध गांजा जब्त कर चुकी है।1