#कांगड़ा:- नशा निवारण अभियान को लेकर नगर परिषद में बैठक, एसडीएम डॉ. अंजली गर्ग ने की अध्यक्षता में हुई #कांगड़ा:- नशा निवारण अभियान को लेकर नगर परिषद में बैठक, एसडीएम डॉ. अंजली गर्ग ने की अध्यक्षता 20 अगस्त, कांगड़ा। कांगड़ा में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से आज नगर परिषद कांगड़ा में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता एसडीएम कांगड़ा डॉ. अंजली गर्ग ने की। उनके साथ नगर परिषद अध्यक्षा सुमन वर्मा, उपाध्यक्ष राजकुमारी, सहित सदस्य मौजूद रहे। बैठक में नशे की रोकथाम, युवाओं को नशे से दूर रखने और समाज में नशे के दुष्प्रभावों को लेकर जागरूकता बढ़ाने सहित विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई। उन्होंने चिट्टे के खिलाफ जन भागीदारी को और अधिक जोड़ने की बात कही गई। इस दौरान अभियान के तहत चलाए जा रहे जागरूकता कार्यक्रमों की समीक्षा की गई और नशे की समस्या से निपटने के लिए प्रशासन, पुलिस, स्थानीय निकायों तथा आम जनता के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया गया। एसडीएम डॉ. अंजली गर्ग ने कहा कि नशा आज समाज के लिए एक गंभीर चुनौती बन चुका है। इससे निपटने के लिए केवल प्रशासनिक कार्रवाई ही नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी भी जरूरी है। उन्होंने युवाओं और बच्चों को नशे से दूर रखने के लिए जागरूकता अभियानों को और मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि नशा मुक्त समाज बनाने के लिए लोगों को आगे आकर प्रशासन का सहयोग करना चाहिए और नशे से संबंधित किसी भी गतिविधि की जानकारी संबंधित विभाग को देनी चाहिए। बैठक में अधिकारियों और संबंधित प्रतिनिधियों ने नशा निवारण अभियान को जमीनी स्तर तक पहुंचाने तथा अधिक से अधिक लोगों को इस अभियान से जोड़ने को लेकर अपने सुझाव भी रखे। कांगड़ा प्रशासन द्वारा नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को लेकर लगातार जागरूकता और कार्रवाई पर जोर दिया जा रहा है। अब देखना होगा कि इस अभियान को आगे किस तरह से और प्रभावी बनाया जाता है। कांगड़ा से तेजस्वी चौधरी की रिपोर्ट।
#कांगड़ा:- नशा निवारण अभियान को लेकर नगर परिषद में बैठक, एसडीएम डॉ. अंजली गर्ग ने की अध्यक्षता में हुई #कांगड़ा:- नशा निवारण अभियान को लेकर नगर परिषद में बैठक, एसडीएम डॉ. अंजली गर्ग ने की अध्यक्षता 20 अगस्त, कांगड़ा। कांगड़ा में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से आज नगर परिषद कांगड़ा में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता एसडीएम कांगड़ा डॉ. अंजली गर्ग ने की। उनके साथ नगर परिषद अध्यक्षा सुमन वर्मा, उपाध्यक्ष राजकुमारी, सहित सदस्य मौजूद रहे। बैठक में नशे की रोकथाम, युवाओं को नशे से दूर रखने और समाज में नशे के दुष्प्रभावों को लेकर जागरूकता बढ़ाने सहित विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई। उन्होंने चिट्टे के खिलाफ जन भागीदारी को और अधिक जोड़ने की बात कही गई। इस दौरान अभियान के तहत चलाए जा रहे जागरूकता कार्यक्रमों की समीक्षा की गई और नशे की समस्या से निपटने के लिए प्रशासन, पुलिस, स्थानीय निकायों तथा आम जनता के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया गया। एसडीएम डॉ. अंजली गर्ग ने कहा कि नशा आज समाज के लिए एक गंभीर चुनौती बन चुका है। इससे निपटने के लिए केवल प्रशासनिक कार्रवाई ही नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी भी जरूरी है। उन्होंने युवाओं और बच्चों को नशे से दूर रखने के लिए जागरूकता अभियानों को और मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि नशा मुक्त समाज बनाने के लिए लोगों को आगे आकर प्रशासन का सहयोग करना चाहिए और नशे से संबंधित किसी भी गतिविधि की जानकारी संबंधित विभाग को देनी चाहिए। बैठक में अधिकारियों और संबंधित प्रतिनिधियों ने नशा निवारण अभियान को जमीनी स्तर तक पहुंचाने तथा अधिक से अधिक लोगों को इस अभियान से जोड़ने को लेकर अपने सुझाव भी रखे। कांगड़ा प्रशासन द्वारा नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को लेकर लगातार जागरूकता और कार्रवाई पर जोर दिया जा रहा है। अब देखना होगा कि इस अभियान को आगे किस तरह से और प्रभावी बनाया जाता है। कांगड़ा से तेजस्वी चौधरी की रिपोर्ट।
- #कांगड़ा:- नशा निवारण अभियान को लेकर नगर परिषद में बैठक, एसडीएम डॉ. अंजली गर्ग ने की अध्यक्षता में हुई #कांगड़ा:- नशा निवारण अभियान को लेकर नगर परिषद में बैठक, एसडीएम डॉ. अंजली गर्ग ने की अध्यक्षता 20 अगस्त, कांगड़ा। कांगड़ा में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से आज नगर परिषद कांगड़ा में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता एसडीएम कांगड़ा डॉ. अंजली गर्ग ने की। उनके साथ नगर परिषद अध्यक्षा सुमन वर्मा, उपाध्यक्ष राजकुमारी, सहित सदस्य मौजूद रहे। बैठक में नशे की रोकथाम, युवाओं को नशे से दूर रखने और समाज में नशे के दुष्प्रभावों को लेकर जागरूकता बढ़ाने सहित विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई। उन्होंने चिट्टे के खिलाफ जन भागीदारी को और अधिक जोड़ने की बात कही गई। इस दौरान अभियान के तहत चलाए जा रहे जागरूकता कार्यक्रमों की समीक्षा की गई और नशे की समस्या से निपटने के लिए प्रशासन, पुलिस, स्थानीय निकायों तथा आम जनता के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया गया। एसडीएम डॉ. अंजली गर्ग ने कहा कि नशा आज समाज के लिए एक गंभीर चुनौती बन चुका है। इससे निपटने के लिए केवल प्रशासनिक कार्रवाई ही नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी भी जरूरी है। उन्होंने युवाओं और बच्चों को नशे से दूर रखने के लिए जागरूकता अभियानों को और मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि नशा मुक्त समाज बनाने के लिए लोगों को आगे आकर प्रशासन का सहयोग करना चाहिए और नशे से संबंधित किसी भी गतिविधि की जानकारी संबंधित विभाग को देनी चाहिए। बैठक में अधिकारियों और संबंधित प्रतिनिधियों ने नशा निवारण अभियान को जमीनी स्तर तक पहुंचाने तथा अधिक से अधिक लोगों को इस अभियान से जोड़ने को लेकर अपने सुझाव भी रखे। कांगड़ा प्रशासन द्वारा नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को लेकर लगातार जागरूकता और कार्रवाई पर जोर दिया जा रहा है। अब देखना होगा कि इस अभियान को आगे किस तरह से और प्रभावी बनाया जाता है। कांगड़ा से तेजस्वी चौधरी की रिपोर्ट।1
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- विभागीय कार्यालय में मेरा कोई हस्ताक्षर नहीं जनता के हितों की रक्षा करना मेरा कार्य सुजानपुर : सुजानपुर विधायक कैप्टन रंजीत सिंह ने पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि विभागीय कार्यालय में मेरा कोई हस्ताक्षर नहीं हैं। उन्होंने कहा कि जनता के हितों की रक्षा करना मेरा कार्य हैं।1
- जब तक कुलपति नहीं आएंगे, तब तक भूख हड़ताल रहेगी जारी” — भवानी ठाकुर HPTU की समस्याओं को लेकर ABVP का आंदोलन तेज, छात्र हितों के लिए आर-पार की लड़ाई का ऐलान हमीरपुर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) हिमाचल प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय इकाई द्वारा विश्वविद्यालय की विभिन्न ज्वलंत समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर भूख हड़ताल शुरू की गई है। विद्यार्थी परिषद ने स्पष्ट किया है कि जब तक विद्यार्थियों की मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। ABVP विभाग संयोजक भवानी ठाकुर ने कहा कि “जब तक कुलपति नहीं आएंगे और विद्यार्थियों की समस्याओं का समाधान नहीं होगा, तब तक भूख हड़ताल जारी रहेगी। जब तक समाधान नहीं, तब तक भोजन नहीं।” उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की समस्याओं को लगातार नजरअंदाज करना अब स्वीकार नहीं किया जाएगा। विद्यार्थी परिषद ने सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन को स्पष्ट कर दिया है कि यह आंदोलन केवल आश्वासनों से समाप्त नहीं होगा। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़ा महत्वपूर्ण संस्थान है, लेकिन लंबे समय से विश्वविद्यालय में कुलपति एवं Dean के पद रिक्त हैं। करीब दो वर्ष का समय बीतने के बावजूद कुलपति की नियुक्ति न होना सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा कि जब विद्यार्थी अपनी समस्याओं को लेकर विश्वविद्यालय आएं तो वे अपनी बात आखिर किसके समक्ष रखें? विश्वविद्यालय के शीर्ष पदों का रिक्त रहना सीधे तौर पर प्रशासनिक एवं शैक्षणिक व्यवस्था को प्रभावित करता है। विद्यार्थी परिषद की प्रमुख मांगें 1. कुलपति एवं Dean के रिक्त पद तत्काल भरे जाएं। HPTU में लंबे समय से रिक्त चल रहे Vice Chancellor एवं Dean के पदों को शीघ्र भरा जाए, ताकि विश्वविद्यालय का प्रशासनिक एवं शैक्षणिक कार्य प्रभावी ढंग से संचालित हो सके। 2. HPTU को Aided Institution बनाया जाए। Self-Finance मॉडल के कारण विद्यार्थियों पर पड़ रहे आर्थिक बोझ को कम करने के लिए विश्वविद्यालय को Aided Institution बनाया जाए, ताकि विद्यार्थियों को आर्थिक राहत मिल सके। 3. छात्र संघ चुनाव बहाल किए जाएं। विद्यार्थियों को लोकतांत्रिक अधिकार प्रदान करते हुए छात्र संघ चुनाव तत्काल बहाल किए जाएं, ताकि विद्यार्थी अपनी समस्याओं एवं मांगों को लोकतांत्रिक तरीके से विश्वविद्यालय प्रशासन के समक्ष रख सकें। 4. अंतिम सेमेस्टर में Tuition Fee पर स्थिति स्पष्ट की जाए। जब अंतिम सेमेस्टर में नियमित कक्षाएं नहीं लगती हैं, तो विद्यार्थियों से Tuition Fee किस आधार पर ली जा रही है, इसका स्पष्ट जवाब दिया जाए तथा विद्यार्थियों पर पड़ रहे अनावश्यक आर्थिक बोझ को समाप्त किया जाए। 5. विश्वविद्यालय कैंटीन शीघ्र शुरू की जाए। HPTU परिसर में विद्यार्थियों की सुविधा के लिए विश्वविद्यालय कैंटीन को जल्द शुरू किया जाए, ताकि विद्यार्थियों को परिसर में उचित एवं सुलभ भोजन की सुविधा मिल सके। भवानी ठाकुर ने कहा कि विद्यार्थियों की मांगें किसी व्यक्तिगत हित से जुड़ी हुई नहीं हैं, बल्कि पूरे विश्वविद्यालय के छात्र समुदाय के हित से जुड़ी हैं। सरकार यदि विद्यार्थियों की समस्याओं को लेकर गंभीर है तो उसे तत्काल इन मांगों पर निर्णय लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी परिषद ने लंबे समय से लोकतांत्रिक तरीके से विद्यार्थियों की आवाज उठाई है, लेकिन लगातार अनदेखी के कारण अब आंदोलन को तेज करने के लिए मजबूर होना पड़ा है। केवल आश्वासन देकर विद्यार्थियों की आवाज को शांत नहीं किया जा सकता। ABVP ने सरकार एवं विश्वविद्यालय प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि जब तक मांगों पर ठोस और सकारात्मक कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। विद्यार्थी परिषद छात्र हितों के लिए हर लोकतांत्रिक मंच पर संघर्ष करेगी। “1
- पीजी कॉलेज बना भ्रष्टाचार का अड्डा, विधायक सतपाल सत्ती ने विजिलेंस जांच की उठाई मांग, बोले भाजपा की सरकार बनने पर हर मामले की होगी गहनता से जांच जिला मुख्यालय स्थित सर्किट हाउस में वीरवार पत्रकारवार्ता को संबोधित करते हुए सतपाल सिंह सत्ती ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार के संरक्षण में शैक्षणिक संस्थानों में कांग्रेस समर्थित स्टाफ और नेता मनमानी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पीजी कॉलेज में केवल पैसों का ही कथित हेरफेर नहीं हो रहा, बल्कि परीक्षा व्यवस्था को लेकर भी गंभीर सवाल सामने आ रहे हैं। विधायक ने आरोप लगाया कि कॉलेज में परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाएं विद्यार्थियों को घर ले जाने के लिए दी जा रही हैं, ताकि वे घर से लिखकर ला सकें। उन्होंने कहा कि इस संबंध में विश्वविद्यालय की ओर से दो मुख्य विषयों पर जांच भी की जा रही है। उन्होंने कॉलेज के एग्जामिनेशन फंड, कंटीजेंसी फंड और सेल्फ फाइनेंस फंड के इस्तेमाल पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि इन फंडों की राशि का बिना अनुमति दुरुपयोग किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बीबीए और बीसीए के विद्यार्थियों की फीस में पांच हजार रुपये तक की बढ़ोतरी कर दी गई, लेकिन पढ़ाने वाले अध्यापकों के वेतन में कोई वृद्धि नहीं की गई। विधायक सतपाल सत्ती ने कहा कि यदि अध्यापकों का वेतन बढ़ाया जाता तो कॉलेज को भारी-भरकम इनकम टैक्स नहीं चुकाना पड़ता। उन्होंने दावा किया कि कॉलेज की ओर से करीब सवा दो करोड़ रुपये इनकम टैक्स के रूप में भरे जा चुके हैं, जबकि करीब 60 लाख रुपये अभी भी बकाया हैं। उन्होंने विद्यार्थियों के एक्सपोजर विजिट और टूर को लेकर भी कॉलेज प्रशासन पर सवाल उठाए। सत्ती ने आरोप लगाया कि ऊना के स्थानीय बेरोजगार ट्रांसपोर्टरों को मौका देने के बजाय कांगड़ा से ट्रैवल एजेंटों को बुलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। कॉलेज परिसर में बने कमरों के आवंटन पर सवाल उठाते हुए सत्ती ने कहा कि नंगल में रहने वाले प्रोफेसरों के नाम पर कॉलेज में कमरे अलॉट किए गए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि इन कमरों में दिन और रात के समय कौन ठहरता है तथा वहां क्या गतिविधियां चलती हैं, इसकी भी जांच की जानी चाहिए। सतपाल सत्ती ने चेतावनी दी कि कॉलेज के मुखिया और कथित अनियमितताओं में संलिप्त लोगों के खिलाफ भाजपा की सरकार बनने पर विजिलेंस जांच करवाई जाएगी। उन्होंने कहा कि जो लोग सेवानिवृत्ति के बाद कार्रवाई से बचने की गलतफहमी में हैं, उन्हें याद रखना चाहिए कि रिटायरमेंट के बाद भी गिरफ्तारियां होती हैं, पेंशन रोकी जा सकती है और गलत तरीके से लिया गया पैसा वापस वसूला जा सकता है। उन्होंने प्रदेश सरकार से हड़ताल कर रहे विद्यार्थियों की मांगों पर गंभीरता से विचार करने, बढ़ाई गई फीस तुरंत वापस लेने और कॉलेज में सामने आ रहे कथित भ्रष्टाचार एवं अनियमितताओं की विजिलेंस जांच करवाने की मांग की।1
- 🙏🙏🌹🌹🌹🌹 jai balaji maharaj Jai ho 🪔 🌹🌹🌹🌹🙏🙏1
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