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प्रशासन के आदेश पर शुक्रवार, 11 जुलाई 2026 को जब ग्राम राजपुर में भूमि का सीमांकन शुरू हुआ, तो सरकारी निर्माण कार्यों की लापरवाही और उससे ग्रामीण को होने वाले नुकसान की पोल खुल गई। लैलूंगा तहसीलदार के 19 फरवरी 2026 के आदेश के अनुपालन में पटवारी हल्का नंबर 03 और राजस्व विभाग की टीम आवेदक राकेश बेहरा की खसरा नंबर 380/6 (रकबा 0.676 हेक्टेयर) भूमि का सीमांकन करने पहुंची थी। सीमांकन के दौरान यह बात सामने आई कि आवेदक की भूमि का एक बड़ा हिस्सा पहले ही भू-अर्जन प्रक्रिया के तहत छत्तीसगढ़ शासन के नाम दर्ज हो चुका है। वर्तमान में यह भूमि तीन टुकड़ों में विभाजित है, जिसमें पहला हिस्सा 0.368 हेक्टेयर, दूसरा हिस्सा 0.132 हेक्टेयर (लैलूंगा-बाकारुमा मार्ग) और तीसरा हिस्सा 0.308 हेक्टेयर है। इस सीमांकन के दौरान सरकारी काम की सबसे दुखद हकीकत भी सामने आई। आवेदक राकेश बेहरा का वह पक्का श्रमिक आवास, जो भू-अर्जन से पहले उनकी जमीन पर 33 वर्ग मीटर क्षेत्र में बना हुआ था, वह अब सरकारी निर्माण कार्य के कारण मलबे में तब्दील होने की कगार पर पहुंच गया है। आवेदक का आरोप है कि सरकारी सड़क निर्माण कार्य के दौरान बरती गई घोर लापरवाही के कारण उनके इस पक्के मकान की छत पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई है। इतना ही नहीं, निर्माण कार्य के चलते उनके आने-जाने का रास्ता भी पूरी तरह से अवरुद्ध और क्षतिग्रस्त कर दिया गया है। राजस्व अमले ने मौके पर उपस्थित स्थानीय ग्रामीणों मुकेश, सोमेश कुमार, सिद्धार्थ, शरद, धर्मेंद्र कुमार और तुलसी की मौजूदगी में पंचनामा तैयार कर स्थिति की पुष्टि की है। सभी गवाहों ने इस पंचनामे पर अपने हस्ताक्षर किए हैं। अब यह पंचनामा इस बात का जीता-जागता सबूत बन गया है कि सरकारी निर्माण से निजी संपत्ति को गंभीर नुकसान पहुंचा है। ऐसे में अब बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या पीडब्ल्यूडी और प्रशासन की देखरेख में हुए इस नुकसान के लिए पीड़ित राकेश बेहरा को उनकी क्षतिग्रस्त संपत्ति का उचित मुआवजा मिलेगा, या फिर इस गरीब का आशियाना सरकारी फाइलों में दबकर रह जाएगा?

4 hrs ago
user_ANURAG
ANURAG
Local News Reporter Jashpur, Chhattisgarh•
4 hrs ago
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प्रशासन के आदेश पर शुक्रवार, 11 जुलाई 2026 को जब ग्राम राजपुर में भूमि का सीमांकन शुरू हुआ, तो सरकारी निर्माण कार्यों की लापरवाही और उससे ग्रामीण को होने वाले नुकसान की पोल खुल गई। लैलूंगा तहसीलदार के 19 फरवरी 2026 के आदेश के अनुपालन में पटवारी हल्का नंबर 03 और राजस्व विभाग की टीम आवेदक राकेश बेहरा की खसरा नंबर 380/6 (रकबा 0.676 हेक्टेयर) भूमि का सीमांकन करने पहुंची थी। सीमांकन के दौरान यह बात सामने आई कि आवेदक की भूमि का एक बड़ा हिस्सा पहले ही भू-अर्जन प्रक्रिया के तहत छत्तीसगढ़ शासन के नाम दर्ज हो चुका है। वर्तमान में यह भूमि तीन टुकड़ों में विभाजित है, जिसमें पहला हिस्सा

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0.368 हेक्टेयर, दूसरा हिस्सा 0.132 हेक्टेयर (लैलूंगा-बाकारुमा मार्ग) और तीसरा हिस्सा 0.308 हेक्टेयर है। इस सीमांकन के दौरान सरकारी काम की सबसे दुखद हकीकत भी सामने आई। आवेदक राकेश बेहरा का वह पक्का श्रमिक आवास, जो भू-अर्जन से पहले उनकी जमीन पर 33 वर्ग मीटर क्षेत्र में बना हुआ था, वह अब सरकारी निर्माण कार्य के कारण मलबे में तब्दील होने की कगार पर पहुंच गया है। आवेदक का आरोप है कि सरकारी सड़क निर्माण कार्य के दौरान बरती गई घोर लापरवाही के कारण उनके इस पक्के मकान की छत पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई है। इतना ही नहीं, निर्माण कार्य के चलते उनके आने-जाने का रास्ता भी पूरी तरह से

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अवरुद्ध और क्षतिग्रस्त कर दिया गया है। राजस्व अमले ने मौके पर उपस्थित स्थानीय ग्रामीणों मुकेश, सोमेश कुमार, सिद्धार्थ, शरद, धर्मेंद्र कुमार और तुलसी की मौजूदगी में पंचनामा तैयार कर स्थिति की पुष्टि की है। सभी गवाहों ने इस पंचनामे पर अपने हस्ताक्षर किए हैं। अब यह पंचनामा इस बात का जीता-जागता सबूत बन गया है कि सरकारी निर्माण से निजी संपत्ति को गंभीर नुकसान पहुंचा है। ऐसे में अब बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या पीडब्ल्यूडी और प्रशासन की देखरेख में हुए इस नुकसान के लिए पीड़ित राकेश बेहरा को उनकी क्षतिग्रस्त संपत्ति का उचित मुआवजा मिलेगा, या फिर इस गरीब का आशियाना सरकारी फाइलों में दबकर रह जाएगा?

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  • गुमला के चैनपुर प्रखंड मुख्यालय में आए दिन लगने वाले जाम और अवैध अतिक्रमण को लेकर स्थानीय प्रशासन बेहद सख्त हो गया है। बीते गुरुवार को साप्ताहिक बाजार के दौरान स्थानीय लोगों को होने वाली भारी परेशानी और समय की बर्बादी को लेकर 'पब्लिक न्यूज' ने इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इस खबर का संज्ञान लेते हुए चैनपुर प्रशासन और पुलिस बल ने संयुक्त रूप से सड़कों पर उतरकर अतिक्रमणकारियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। अंचल अधिकारी दिनेश गुप्ता के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम ने कुरुमगढ़ मोड़, बैंक रोड, बस स्टैंड, अलबर्ट एक्का चौक और सोहन चौक का सघन दौरा किया। अभियान के दौरान सड़क किनारे अवैध रूप से दुकान लगाने वाले दुकानदारों और बेतरतीब तरीके से वाहन पार्किंग करने वालों को सख्त हिदायत दी गई। अंचल अधिकारी ने दो टूक शब्दों में कहा कि सड़क पर किसी भी तरह का अवैध कब्जा या अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दुकानदार अपनी सीमा में रहें और वाहन चालक तय स्थान पर ही गाड़ियां खड़ी करें। इसके बाद भी नियमों का उल्लंघन करने वालों पर प्रशासन सख्त कानूनी और दंडात्मक कार्रवाई करेगा। इस विशेष अतिक्रमण हटाओ सह चेतावनी अभियान में अंचल अधिकारी दिनेश गुप्ता के साथ मुख्य रूप से अंचल निरीक्षक नरेंद्र सेठ, अमीन उमाशंकर कुमार, एएसआई संतोष धर्मपाल लुगुन और चैनपुर थाना के सशस्त्र जवान व अन्य अधिकारी मौजूद थे। प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई से स्थानीय नागरिकों और राहगीरों ने राहत की सांस ली है। लोगों का कहना है कि मुख्य चौराहों पर अवैध कब्जे और गलत पार्किंग के कारण होने वाले हादसों के खतरे पर अब लगाम लगने की उम्मीद है।
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    गुमला के चैनपुर प्रखंड मुख्यालय में आए दिन लगने वाले जाम और अवैध अतिक्रमण को लेकर स्थानीय प्रशासन बेहद सख्त हो गया है। बीते गुरुवार को साप्ताहिक बाजार के दौरान स्थानीय लोगों को होने वाली भारी परेशानी और समय की बर्बादी को लेकर 'पब्लिक न्यूज' ने इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इस खबर का संज्ञान लेते हुए चैनपुर प्रशासन और पुलिस बल ने संयुक्त रूप से सड़कों पर उतरकर अतिक्रमणकारियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।

अंचल अधिकारी दिनेश गुप्ता के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम ने कुरुमगढ़ मोड़, बैंक रोड, बस स्टैंड, अलबर्ट एक्का चौक और सोहन चौक का सघन दौरा किया। अभियान के दौरान सड़क किनारे अवैध रूप से दुकान लगाने वाले दुकानदारों और बेतरतीब तरीके से वाहन पार्किंग करने वालों को सख्त हिदायत दी गई। अंचल अधिकारी ने दो टूक शब्दों में कहा कि सड़क पर किसी भी तरह का अवैध कब्जा या अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दुकानदार अपनी सीमा में रहें और वाहन चालक तय स्थान पर ही गाड़ियां खड़ी करें। इसके बाद भी नियमों का उल्लंघन करने वालों पर प्रशासन सख्त कानूनी और दंडात्मक कार्रवाई करेगा।

इस विशेष अतिक्रमण हटाओ सह चेतावनी अभियान में अंचल अधिकारी दिनेश गुप्ता के साथ मुख्य रूप से अंचल निरीक्षक नरेंद्र सेठ, अमीन उमाशंकर कुमार, एएसआई संतोष धर्मपाल लुगुन और चैनपुर थाना के सशस्त्र जवान व अन्य अधिकारी मौजूद थे। प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई से स्थानीय नागरिकों और राहगीरों ने राहत की सांस ली है। लोगों का कहना है कि मुख्य चौराहों पर अवैध कब्जे और गलत पार्किंग के कारण होने वाले हादसों के खतरे पर अब लगाम लगने की उम्मीद है।
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    चैनपुर अपडेट
    Classified ads newspaper publisher चैनपुर, गुमला, झारखंड•
    16 hrs ago
  • झारखंड के गुमला में परिसदन भवन के सभाकक्ष में शनिवार को राज्य सूचना आयुक्त डॉ. तनुज खत्री की अध्यक्षता में सूचना का अधिकार (आरटीआई) अधिनियम, 2005 के अनुपालन और क्रियान्वयन की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में जिले के विभिन्न विभागों के पदाधिकारी अपने-अपने विभागों की अद्यतन रिपोर्ट के साथ शामिल हुए। बैठक के दौरान आरटीआई के प्रभावी क्रियान्वयन, लंबित मामलों के निष्पादन और आम नागरिकों को समयबद्ध व गुणवत्तापूर्ण सूचना देने को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। राज्य सूचना आयुक्त डॉ. तनुज खत्री ने अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि फरियादियों को तय समय-सीमा के भीतर सही, सटीक और पूर्ण सूचना उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने सभी जन सूचना पदाधिकारियों (पीआईओ) से आरटीआई आवेदनों को गंभीरता से लेने और समयबद्ध निष्पादन करने की बात कही। उन्होंने स्पष्ट किया कि नागरिकों को छोटी-मोटी तकनीकी या प्रक्रियागत कमियों की वजह से सूचना से वंचित नहीं रखा जाना चाहिए। साथ ही, पारदर्शिता को बढ़ावा देने के लिए अधिनियम के तहत अधिक से अधिक जानकारियां डिजिटल माध्यम और सार्वजनिक पोर्टलों पर उपलब्ध कराई जाएं। डॉ. खत्री ने सभी विभागों को अपने कार्यालयों में पीआईओ की अद्यतन सूची प्रदर्शित करने और आरटीआई के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए जिले के प्रमुख स्थलों पर होर्डिंग लगाने का सुझाव दिया। बैठक में लंबित मामलों की समीक्षा भी की गई, जिसमें वर्ष 2025-26 में प्राप्त सभी 28 मामलों के सफल निष्पादन और वर्ष 2026-27 में प्राप्त 8 में से 4 मामलों के निष्पादन पर चर्चा हुई। गुमला जिले में विगत दो वर्षों के दौरान हुए बेहतर निष्पादन पर संतोष व्यक्त करते हुए राज्य सूचना आयुक्त ने शेष मामलों को भी जल्द निपटाने के निर्देश दिए। इस बैठक में अपर समाहर्ता गुमला राजीव नीरज, भूमि सुधार उप समाहर्ता राजीव कुमार, सिविल सर्जन डॉ. शंभूनाथ चौधरी, डीएसपी मुख्यालय, जिला योजना पदाधिकारी रमण कुमार सहित जिला कृषि, मत्स्य, शिक्षा, खेल और नगर परिषद के विभिन्न अधिकारी और कर्मी उपस्थित थे।
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    झारखंड के गुमला में परिसदन भवन के सभाकक्ष में शनिवार को राज्य सूचना आयुक्त डॉ. तनुज खत्री की अध्यक्षता में सूचना का अधिकार (आरटीआई) अधिनियम, 2005 के अनुपालन और क्रियान्वयन की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में जिले के विभिन्न विभागों के पदाधिकारी अपने-अपने विभागों की अद्यतन रिपोर्ट के साथ शामिल हुए। बैठक के दौरान आरटीआई के प्रभावी क्रियान्वयन, लंबित मामलों के निष्पादन और आम नागरिकों को समयबद्ध व गुणवत्तापूर्ण सूचना देने को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।

राज्य सूचना आयुक्त डॉ. तनुज खत्री ने अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि फरियादियों को तय समय-सीमा के भीतर सही, सटीक और पूर्ण सूचना उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने सभी जन सूचना पदाधिकारियों (पीआईओ) से आरटीआई आवेदनों को गंभीरता से लेने और समयबद्ध निष्पादन करने की बात कही। उन्होंने स्पष्ट किया कि नागरिकों को छोटी-मोटी तकनीकी या प्रक्रियागत कमियों की वजह से सूचना से वंचित नहीं रखा जाना चाहिए। साथ ही, पारदर्शिता को बढ़ावा देने के लिए अधिनियम के तहत अधिक से अधिक जानकारियां डिजिटल माध्यम और सार्वजनिक पोर्टलों पर उपलब्ध कराई जाएं। डॉ. खत्री ने सभी विभागों को अपने कार्यालयों में पीआईओ की अद्यतन सूची प्रदर्शित करने और आरटीआई के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए जिले के प्रमुख स्थलों पर होर्डिंग लगाने का सुझाव दिया।

बैठक में लंबित मामलों की समीक्षा भी की गई, जिसमें वर्ष 2025-26 में प्राप्त सभी 28 मामलों के सफल निष्पादन और वर्ष 2026-27 में प्राप्त 8 में से 4 मामलों के निष्पादन पर चर्चा हुई। गुमला जिले में विगत दो वर्षों के दौरान हुए बेहतर निष्पादन पर संतोष व्यक्त करते हुए राज्य सूचना आयुक्त ने शेष मामलों को भी जल्द निपटाने के निर्देश दिए। इस बैठक में अपर समाहर्ता गुमला राजीव नीरज, भूमि सुधार उप समाहर्ता राजीव कुमार, सिविल सर्जन डॉ. शंभूनाथ चौधरी, डीएसपी मुख्यालय, जिला योजना पदाधिकारी रमण कुमार सहित जिला कृषि, मत्स्य, शिक्षा, खेल और नगर परिषद के विभिन्न अधिकारी और कर्मी उपस्थित थे।
    user_Sunderam Keshri
    Sunderam Keshri
    चैनपुर, गुमला, झारखंड•
    18 hrs ago
  • गुमला में उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो की अध्यक्षता में उर्वरक की कालाबाजारी पर प्रभावी नियंत्रण और किसानों को निर्धारित मूल्य पर खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए जिला स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक आयोजित की गई। बैठक में उपायुक्त ने सभी उर्वरक विक्रेताओं की दुकानों पर निर्धारित मूल्य सूची (रेट चार्ट), आवश्यक सूचना चार्ट और वैध लाइसेंस अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा, उर्वरक की कालाबाजारी रोकने के लिए नियमित संयुक्त छापेमारी अभियान चलाने का निर्देश दिया गया है। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि किसानों को उर्वरक का वितरण केवल ई-पॉस मशीन के माध्यम से आधार प्रमाणीकरण के बाद ही किया जाएगा और इसके बिना किसी भी परिस्थिति में वितरण नहीं होगा। अनुमंडल स्तर पर सतत निगरानी के लिए एसडीओ स्तर पर भी नियमित रूप से टास्क फोर्स की बैठकें आयोजित करने का निर्देश दिया गया है। इस बैठक में मुख्य रूप से अपर समाहर्ता राजीव नीरज, चैनपुर एसडीपीओ श्रुति अग्रवाल, सदर एसडीपीओ सुरेश प्रसाद यादव, गुमला डीएसपी (मुख्यालय) और जिला कृषि पदाधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
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    गुमला में उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो की अध्यक्षता में उर्वरक की कालाबाजारी पर प्रभावी नियंत्रण और किसानों को निर्धारित मूल्य पर खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए जिला स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक आयोजित की गई। बैठक में उपायुक्त ने सभी उर्वरक विक्रेताओं की दुकानों पर निर्धारित मूल्य सूची (रेट चार्ट), आवश्यक सूचना चार्ट और वैध लाइसेंस अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करने के निर्देश दिए हैं।

इसके अलावा, उर्वरक की कालाबाजारी रोकने के लिए नियमित संयुक्त छापेमारी अभियान चलाने का निर्देश दिया गया है। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि किसानों को उर्वरक का वितरण केवल ई-पॉस मशीन के माध्यम से आधार प्रमाणीकरण के बाद ही किया जाएगा और इसके बिना किसी भी परिस्थिति में वितरण नहीं होगा।

अनुमंडल स्तर पर सतत निगरानी के लिए एसडीओ स्तर पर भी नियमित रूप से टास्क फोर्स की बैठकें आयोजित करने का निर्देश दिया गया है। इस बैठक में मुख्य रूप से अपर समाहर्ता राजीव नीरज, चैनपुर एसडीपीओ श्रुति अग्रवाल, सदर एसडीपीओ सुरेश प्रसाद यादव, गुमला डीएसपी (मुख्यालय) और जिला कृषि पदाधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
    user_राहुल कुमार
    राहुल कुमार
    Local News Reporter चैनपुर, गुमला, झारखंड•
    20 hrs ago
  • छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में पुलिस विवेचना प्रक्रिया को आधुनिक और तकनीक आधारित बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। जिले के विभिन्न थानों में पदस्थ 102 विवेचकों को उच्च तकनीकी क्षमता वाले सैमसंग स्मार्ट मोबाइल फोन वितरित किए गए हैं। पुलिस मुख्यालय रायपुर के निर्देशानुसार ASUMP Scheme 2025-26 (Modern/Special Plan) के तहत इन मोबाइलों का वितरण पुलिस अधीक्षक कार्यालय, अंबिकापुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान किया गया। इस अवसर पर डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा राजेश अग्रवाल (भा.पु.से.) ने विवेचकों को ये मोबाइल सौंपे, जिसमें अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमोलक सिंह ढिल्लों और अन्य पुलिस अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे। इस आधुनिक पहल का मुख्य उद्देश्य नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए 'ई-साक्ष्य' का सुरक्षित और समयबद्ध संकलन सुनिश्चित करना है। डीआईजी एवं एसएसपी राजेश अग्रवाल ने बताया कि आधुनिक तकनीक के उपयोग से पुलिस विवेचना की गुणवत्ता, पारदर्शिता और गति में उल्लेखनीय सुधार होगा। इन स्मार्ट मोबाइलों की मदद से अब विवेचक घटनास्थल से तस्वीरें, ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग, डिजिटल दस्तावेजीकरण और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को वैज्ञानिक और मानकीकृत तरीके से संकलित कर सकेंगे, जिससे पूरी जांच प्रक्रिया अधिक सटीक और प्रभावी बनेगी। मोबाइल वितरण के बाद अब पुलिस विभाग द्वारा सभी विवेचकों को इनके प्रभावी उपयोग, ई-साक्ष्य संकलन, डेटा सुरक्षा और डिजिटल जांच प्रक्रिया से संबंधित विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। इसके साथ ही, हाईटेक पुलिसिंग का सीधा लाभ आम जनता तक पहुंचाने के लिए एक समर्पित तकनीकी सहायता और मॉनिटरिंग प्रणाली की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी।
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    छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में पुलिस विवेचना प्रक्रिया को आधुनिक और तकनीक आधारित बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। जिले के विभिन्न थानों में पदस्थ 102 विवेचकों को उच्च तकनीकी क्षमता वाले सैमसंग स्मार्ट मोबाइल फोन वितरित किए गए हैं। पुलिस मुख्यालय रायपुर के निर्देशानुसार ASUMP Scheme 2025-26 (Modern/Special Plan) के तहत इन मोबाइलों का वितरण पुलिस अधीक्षक कार्यालय, अंबिकापुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान किया गया। इस अवसर पर डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा राजेश अग्रवाल (भा.पु.से.) ने विवेचकों को ये मोबाइल सौंपे, जिसमें अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमोलक सिंह ढिल्लों और अन्य पुलिस अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।

इस आधुनिक पहल का मुख्य उद्देश्य नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए 'ई-साक्ष्य' का सुरक्षित और समयबद्ध संकलन सुनिश्चित करना है। डीआईजी एवं एसएसपी राजेश अग्रवाल ने बताया कि आधुनिक तकनीक के उपयोग से पुलिस विवेचना की गुणवत्ता, पारदर्शिता और गति में उल्लेखनीय सुधार होगा। इन स्मार्ट मोबाइलों की मदद से अब विवेचक घटनास्थल से तस्वीरें, ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग, डिजिटल दस्तावेजीकरण और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को वैज्ञानिक और मानकीकृत तरीके से संकलित कर सकेंगे, जिससे पूरी जांच प्रक्रिया अधिक सटीक और प्रभावी बनेगी।

मोबाइल वितरण के बाद अब पुलिस विभाग द्वारा सभी विवेचकों को इनके प्रभावी उपयोग, ई-साक्ष्य संकलन, डेटा सुरक्षा और डिजिटल जांच प्रक्रिया से संबंधित विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। इसके साथ ही, हाईटेक पुलिसिंग का सीधा लाभ आम जनता तक पहुंचाने के लिए एक समर्पित तकनीकी सहायता और मॉनिटरिंग प्रणाली की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी।
    user_Sunil Gupta
    Sunil Gupta
    Advertising agency सीतापुर, सरगुजा, छत्तीसगढ़•
    14 hrs ago
  • गुमला में उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो की अध्यक्षता में जिला स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक आयोजित की गई, जिसका मुख्य उद्देश्य उर्वरक की कालाबाजारी पर नियंत्रण करना और किसानों को निर्धारित मूल्य पर उर्वरक की पारदर्शी उपलब्धता सुनिश्चित करना है। बैठक के दौरान उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिले के सभी उर्वरक विक्रेताओं को अपनी दुकानों पर अनिवार्य रूप से रेट चार्ट, फर्टिलाइजेशन चार्ट और वैध लाइसेंस प्रदर्शित करना होगा। उर्वरक वितरण में अनियमितताओं पर अंकुश लगाने के लिए जिला प्रशासन ने संयुक्त रूप से नियमित छापेमारी अभियान चलाने का निर्णय लिया है। उपायुक्त ने यह भी स्पष्ट किया कि किसानों को उर्वरक का वितरण केवल ई-पॉस मशीन के जरिए आधार प्रमाणीकरण के बाद ही किया जाए; बिना आधार सत्यापन के उर्वरक देना पूरी तरह वर्जित है। इसके अलावा, जिला प्रशासन ने अनुमंडल स्तर पर भी टास्क फोर्स की नियमित बैठकें आयोजित करने का निर्देश दिया है ताकि वितरण व्यवस्था पर सतत निगरानी बनी रहे। बैठक में अपर समाहर्ता गुमला राजीव नीरज, चैनपुर की एसडीपीओ श्रुति अग्रवाल, सदर एसडीपीओ सुरेश प्रसाद यादव, डीएसपी (मुख्यालय) गुमला और जिला कृषि पदाधिकारी सहित संबंधित अधिकारी और कर्मी उपस्थित थे।
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    गुमला में उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो की अध्यक्षता में जिला स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक आयोजित की गई, जिसका मुख्य उद्देश्य उर्वरक की कालाबाजारी पर नियंत्रण करना और किसानों को निर्धारित मूल्य पर उर्वरक की पारदर्शी उपलब्धता सुनिश्चित करना है। बैठक के दौरान उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिले के सभी उर्वरक विक्रेताओं को अपनी दुकानों पर अनिवार्य रूप से रेट चार्ट, फर्टिलाइजेशन चार्ट और वैध लाइसेंस प्रदर्शित करना होगा।

उर्वरक वितरण में अनियमितताओं पर अंकुश लगाने के लिए जिला प्रशासन ने संयुक्त रूप से नियमित छापेमारी अभियान चलाने का निर्णय लिया है। उपायुक्त ने यह भी स्पष्ट किया कि किसानों को उर्वरक का वितरण केवल ई-पॉस मशीन के जरिए आधार प्रमाणीकरण के बाद ही किया जाए; बिना आधार सत्यापन के उर्वरक देना पूरी तरह वर्जित है। इसके अलावा, जिला प्रशासन ने अनुमंडल स्तर पर भी टास्क फोर्स की नियमित बैठकें आयोजित करने का निर्देश दिया है ताकि वितरण व्यवस्था पर सतत निगरानी बनी रहे।

बैठक में अपर समाहर्ता गुमला राजीव नीरज, चैनपुर की एसडीपीओ श्रुति अग्रवाल, सदर एसडीपीओ सुरेश प्रसाद यादव, डीएसपी (मुख्यालय) गुमला और जिला कृषि पदाधिकारी सहित संबंधित अधिकारी और कर्मी उपस्थित थे।
    user_Sunderam Keshri
    Sunderam Keshri
    चैनपुर, गुमला, झारखंड•
    21 hrs ago
  • गुमला के चैनपुर प्रखंड की बेंदोरा पंचायत अंतर्गत बसाईरटोली गांव में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश लोगों के लिए आफत बन गई है। शुक्रवार देर रात करीब 1 बजे यहाँ एक गरीब परिवार का कच्चा खपड़ैल मकान अचानक भरभराकर ढह गया। हादसे के वक्त परिवार के सदस्य गहरी नींद में सो रहे थे और मकान गिरते ही घर के भीतर अफरा-तफरी मच गई। इस हादसे में दादा-दादी और उनका पांच वर्षीय मासूम पोता मलबे के नीचे दब गए। चीख-पुकार सुनकर स्थानीय ग्रामीण तुरंत मौके पर दौड़े और अपनी जान की परवाह न करते हुए मलबे को हटाकर तीनों को सुरक्षित बाहर निकाला। ग्रामीणों द्वारा समय पर पहुंचाई गई इस राहत की वजह से एक बड़ा हादसा टल गया है।
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    गुमला के चैनपुर प्रखंड की बेंदोरा पंचायत अंतर्गत बसाईरटोली गांव में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश लोगों के लिए आफत बन गई है। शुक्रवार देर रात करीब 1 बजे यहाँ एक गरीब परिवार का कच्चा खपड़ैल मकान अचानक भरभराकर ढह गया। हादसे के वक्त परिवार के सदस्य गहरी नींद में सो रहे थे और मकान गिरते ही घर के भीतर अफरा-तफरी मच गई।

इस हादसे में दादा-दादी और उनका पांच वर्षीय मासूम पोता मलबे के नीचे दब गए। चीख-पुकार सुनकर स्थानीय ग्रामीण तुरंत मौके पर दौड़े और अपनी जान की परवाह न करते हुए मलबे को हटाकर तीनों को सुरक्षित बाहर निकाला। ग्रामीणों द्वारा समय पर पहुंचाई गई इस राहत की वजह से एक बड़ा हादसा टल गया है।
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    Sachin public news
    Local News Reporter चैनपुर, गुमला, झारखंड•
    11 hrs ago
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