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गुमला के चैनपुर प्रखंड की बेंदोरा पंचायत अंतर्गत बसाईरटोली गांव में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश लोगों के लिए आफत बन गई है। शुक्रवार देर रात करीब 1 बजे यहाँ एक गरीब परिवार का कच्चा खपड़ैल मकान अचानक भरभराकर ढह गया। हादसे के वक्त परिवार के सदस्य गहरी नींद में सो रहे थे और मकान गिरते ही घर के भीतर अफरा-तफरी मच गई। इस हादसे में दादा-दादी और उनका पांच वर्षीय मासूम पोता मलबे के नीचे दब गए। चीख-पुकार सुनकर स्थानीय ग्रामीण तुरंत मौके पर दौड़े और अपनी जान की परवाह न करते हुए मलबे को हटाकर तीनों को सुरक्षित बाहर निकाला। ग्रामीणों द्वारा समय पर पहुंचाई गई इस राहत की वजह से एक बड़ा हादसा टल गया है।
Sachin public news
गुमला के चैनपुर प्रखंड की बेंदोरा पंचायत अंतर्गत बसाईरटोली गांव में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश लोगों के लिए आफत बन गई है। शुक्रवार देर रात करीब 1 बजे यहाँ एक गरीब परिवार का कच्चा खपड़ैल मकान अचानक भरभराकर ढह गया। हादसे के वक्त परिवार के सदस्य गहरी नींद में सो रहे थे और मकान गिरते ही घर के भीतर अफरा-तफरी मच गई। इस हादसे में दादा-दादी और उनका पांच वर्षीय मासूम पोता मलबे के नीचे दब गए। चीख-पुकार सुनकर स्थानीय ग्रामीण तुरंत मौके पर दौड़े और अपनी जान की परवाह न करते हुए मलबे को हटाकर तीनों को सुरक्षित बाहर निकाला। ग्रामीणों द्वारा समय पर पहुंचाई गई इस राहत की वजह से एक बड़ा हादसा टल गया है।
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- गुमला के चैनपुर प्रखंड मुख्यालय में आए दिन लगने वाले जाम और अवैध अतिक्रमण को लेकर स्थानीय प्रशासन बेहद सख्त हो गया है। बीते गुरुवार को साप्ताहिक बाजार के दौरान स्थानीय लोगों को होने वाली भारी परेशानी और समय की बर्बादी को लेकर 'पब्लिक न्यूज' ने इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इस खबर का संज्ञान लेते हुए चैनपुर प्रशासन और पुलिस बल ने संयुक्त रूप से सड़कों पर उतरकर अतिक्रमणकारियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। अंचल अधिकारी दिनेश गुप्ता के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम ने कुरुमगढ़ मोड़, बैंक रोड, बस स्टैंड, अलबर्ट एक्का चौक और सोहन चौक का सघन दौरा किया। अभियान के दौरान सड़क किनारे अवैध रूप से दुकान लगाने वाले दुकानदारों और बेतरतीब तरीके से वाहन पार्किंग करने वालों को सख्त हिदायत दी गई। अंचल अधिकारी ने दो टूक शब्दों में कहा कि सड़क पर किसी भी तरह का अवैध कब्जा या अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दुकानदार अपनी सीमा में रहें और वाहन चालक तय स्थान पर ही गाड़ियां खड़ी करें। इसके बाद भी नियमों का उल्लंघन करने वालों पर प्रशासन सख्त कानूनी और दंडात्मक कार्रवाई करेगा। इस विशेष अतिक्रमण हटाओ सह चेतावनी अभियान में अंचल अधिकारी दिनेश गुप्ता के साथ मुख्य रूप से अंचल निरीक्षक नरेंद्र सेठ, अमीन उमाशंकर कुमार, एएसआई संतोष धर्मपाल लुगुन और चैनपुर थाना के सशस्त्र जवान व अन्य अधिकारी मौजूद थे। प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई से स्थानीय नागरिकों और राहगीरों ने राहत की सांस ली है। लोगों का कहना है कि मुख्य चौराहों पर अवैध कब्जे और गलत पार्किंग के कारण होने वाले हादसों के खतरे पर अब लगाम लगने की उम्मीद है।1
- झारखंड के गुमला में परिसदन भवन के सभाकक्ष में शनिवार को राज्य सूचना आयुक्त डॉ. तनुज खत्री की अध्यक्षता में सूचना का अधिकार (आरटीआई) अधिनियम, 2005 के अनुपालन और क्रियान्वयन की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में जिले के विभिन्न विभागों के पदाधिकारी अपने-अपने विभागों की अद्यतन रिपोर्ट के साथ शामिल हुए। बैठक के दौरान आरटीआई के प्रभावी क्रियान्वयन, लंबित मामलों के निष्पादन और आम नागरिकों को समयबद्ध व गुणवत्तापूर्ण सूचना देने को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। राज्य सूचना आयुक्त डॉ. तनुज खत्री ने अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि फरियादियों को तय समय-सीमा के भीतर सही, सटीक और पूर्ण सूचना उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने सभी जन सूचना पदाधिकारियों (पीआईओ) से आरटीआई आवेदनों को गंभीरता से लेने और समयबद्ध निष्पादन करने की बात कही। उन्होंने स्पष्ट किया कि नागरिकों को छोटी-मोटी तकनीकी या प्रक्रियागत कमियों की वजह से सूचना से वंचित नहीं रखा जाना चाहिए। साथ ही, पारदर्शिता को बढ़ावा देने के लिए अधिनियम के तहत अधिक से अधिक जानकारियां डिजिटल माध्यम और सार्वजनिक पोर्टलों पर उपलब्ध कराई जाएं। डॉ. खत्री ने सभी विभागों को अपने कार्यालयों में पीआईओ की अद्यतन सूची प्रदर्शित करने और आरटीआई के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए जिले के प्रमुख स्थलों पर होर्डिंग लगाने का सुझाव दिया। बैठक में लंबित मामलों की समीक्षा भी की गई, जिसमें वर्ष 2025-26 में प्राप्त सभी 28 मामलों के सफल निष्पादन और वर्ष 2026-27 में प्राप्त 8 में से 4 मामलों के निष्पादन पर चर्चा हुई। गुमला जिले में विगत दो वर्षों के दौरान हुए बेहतर निष्पादन पर संतोष व्यक्त करते हुए राज्य सूचना आयुक्त ने शेष मामलों को भी जल्द निपटाने के निर्देश दिए। इस बैठक में अपर समाहर्ता गुमला राजीव नीरज, भूमि सुधार उप समाहर्ता राजीव कुमार, सिविल सर्जन डॉ. शंभूनाथ चौधरी, डीएसपी मुख्यालय, जिला योजना पदाधिकारी रमण कुमार सहित जिला कृषि, मत्स्य, शिक्षा, खेल और नगर परिषद के विभिन्न अधिकारी और कर्मी उपस्थित थे।1
- गुमला में उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो की अध्यक्षता में उर्वरक की कालाबाजारी पर प्रभावी नियंत्रण और किसानों को निर्धारित मूल्य पर खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए जिला स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक आयोजित की गई। बैठक में उपायुक्त ने सभी उर्वरक विक्रेताओं की दुकानों पर निर्धारित मूल्य सूची (रेट चार्ट), आवश्यक सूचना चार्ट और वैध लाइसेंस अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा, उर्वरक की कालाबाजारी रोकने के लिए नियमित संयुक्त छापेमारी अभियान चलाने का निर्देश दिया गया है। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि किसानों को उर्वरक का वितरण केवल ई-पॉस मशीन के माध्यम से आधार प्रमाणीकरण के बाद ही किया जाएगा और इसके बिना किसी भी परिस्थिति में वितरण नहीं होगा। अनुमंडल स्तर पर सतत निगरानी के लिए एसडीओ स्तर पर भी नियमित रूप से टास्क फोर्स की बैठकें आयोजित करने का निर्देश दिया गया है। इस बैठक में मुख्य रूप से अपर समाहर्ता राजीव नीरज, चैनपुर एसडीपीओ श्रुति अग्रवाल, सदर एसडीपीओ सुरेश प्रसाद यादव, गुमला डीएसपी (मुख्यालय) और जिला कृषि पदाधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।4
- लातेहार में मानव संसाधन विकास कार्यक्रम के तहत 32वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) द्वारा आयोजित 25 दिवसीय "ऑपरेटिंग सिस्टम (बेसिक कंप्यूटर कोर्स)" का शनिवार को सफलतापूर्वक समापन हो गया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 16 जून से 11 जुलाई 2026 तक बी-समवाय, लातेहार में आयोजित किया गया था। इस समापन समारोह में वार्ड पार्षद, मीडिया प्रतिनिधियों और एसएसबी के अधिकारियों व जवानों ने हिस्सा लिया, जिन्होंने इस पहल को युवाओं के लिए रोजगारोन्मुखी और बेहद उपयोगी बताया। इस प्रशिक्षण में लातेहार जिले के डुरुवा, धनकारा, कल्याणपुर, गुरगु और आसपास के क्षेत्रों से कुल 20 प्रतिभागियों ने भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान इन प्रतिभागियों को फाइल प्रबंधन, इंटरनेट, नेटवर्किंग, डिवाइस कंट्रोल, सुरक्षा प्रणाली, एमएस वर्ड, पावर पॉइंट और एमएस एक्सेल जैसे तकनीकी विषयों की व्यावहारिक जानकारी प्रदान की गई। समारोह के दौरान 32वीं वाहिनी के कमांडेंट राजेश सिंह ने कहा कि डिजिटल युग में कंप्यूटर शिक्षा युवाओं के लिए रोजगार और आत्मनिर्भरता का एक मजबूत आधार है। उन्होंने रेखांकित किया कि एसएसबी द्वारा नक्सल प्रभावित और सुदूरवर्ती क्षेत्रों में कौशल विकास, महिला सशक्तिकरण, कृषि तकनीक और जनकल्याण से जुड़े कई कार्यक्रम लगातार चलाए जा रहे हैं। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र सौंपे गए और एसएसबी ने भविष्य में भी ग्रामीण युवाओं के कौशल विकास और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए ऐसे कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित करने का आश्वासन दिया।1
- गुमला में उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो की अध्यक्षता में जिला स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक आयोजित की गई, जिसका मुख्य उद्देश्य उर्वरक की कालाबाजारी पर नियंत्रण करना और किसानों को निर्धारित मूल्य पर उर्वरक की पारदर्शी उपलब्धता सुनिश्चित करना है। बैठक के दौरान उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिले के सभी उर्वरक विक्रेताओं को अपनी दुकानों पर अनिवार्य रूप से रेट चार्ट, फर्टिलाइजेशन चार्ट और वैध लाइसेंस प्रदर्शित करना होगा। उर्वरक वितरण में अनियमितताओं पर अंकुश लगाने के लिए जिला प्रशासन ने संयुक्त रूप से नियमित छापेमारी अभियान चलाने का निर्णय लिया है। उपायुक्त ने यह भी स्पष्ट किया कि किसानों को उर्वरक का वितरण केवल ई-पॉस मशीन के जरिए आधार प्रमाणीकरण के बाद ही किया जाए; बिना आधार सत्यापन के उर्वरक देना पूरी तरह वर्जित है। इसके अलावा, जिला प्रशासन ने अनुमंडल स्तर पर भी टास्क फोर्स की नियमित बैठकें आयोजित करने का निर्देश दिया है ताकि वितरण व्यवस्था पर सतत निगरानी बनी रहे। बैठक में अपर समाहर्ता गुमला राजीव नीरज, चैनपुर की एसडीपीओ श्रुति अग्रवाल, सदर एसडीपीओ सुरेश प्रसाद यादव, डीएसपी (मुख्यालय) गुमला और जिला कृषि पदाधिकारी सहित संबंधित अधिकारी और कर्मी उपस्थित थे।1
- गुमला के चैनपुर प्रखंड की बेंदोरा पंचायत अंतर्गत बसाईरटोली गांव में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश लोगों के लिए आफत बन गई है। शुक्रवार देर रात करीब 1 बजे यहाँ एक गरीब परिवार का कच्चा खपड़ैल मकान अचानक भरभराकर ढह गया। हादसे के वक्त परिवार के सदस्य गहरी नींद में सो रहे थे और मकान गिरते ही घर के भीतर अफरा-तफरी मच गई। इस हादसे में दादा-दादी और उनका पांच वर्षीय मासूम पोता मलबे के नीचे दब गए। चीख-पुकार सुनकर स्थानीय ग्रामीण तुरंत मौके पर दौड़े और अपनी जान की परवाह न करते हुए मलबे को हटाकर तीनों को सुरक्षित बाहर निकाला। ग्रामीणों द्वारा समय पर पहुंचाई गई इस राहत की वजह से एक बड़ा हादसा टल गया है।1