पलामू जिले के पांडू स्थित राजकीयकृत +2 कल्याण उच्च विद्यालय में शिक्षकों और छात्र-छात्राओं ने मिलकर नशा मुक्ति अभियान के तहत एक जागरूकता रैली निकाली। इस रैली का मुख्य उद्देश्य युवाओं और आम लोगों को नशे के गंभीर दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना तथा उन्हें एक स्वस्थ जीवन शैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था। रैली में शामिल विद्यार्थियों ने हाथों में जागरूकता तख्तियां लेकर विद्यालय परिसर और उसके आस-पास के क्षेत्रों में भ्रमण किया, जहां उन्होंने "शिक्षित बनें, जागरूक बनें, नशा छोड़ें", "नशा मुक्त युवा, सशक्त भारत" और "नशा मुक्त समाज हमारा लक्ष्य" जैसे प्रभावशाली नारों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया। विद्यार्थियों ने शराब, सिगरेट, गांजा सहित अन्य मादक पदार्थों से होने वाले शारीरिक, मानसिक और सामाजिक नुकसानों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। विद्यालय के प्रधानाचार्य देवेश कुमार पाल ने इस अवसर पर कहा कि नशा व्यक्ति के स्वास्थ्य, उसके परिवार और समाज तीनों के लिए अत्यंत हानिकारक है। उन्होंने सभी युवाओं से नशे से दूर रहने और अपनी ऊर्जा को शिक्षा, खेल तथा अन्य सकारात्मक गतिविधियों में लगाने की अपील की। प्रधानाचार्य ने विद्यार्थियों को यह भी प्रेरित किया कि वे नशा मुक्ति का यह संदेश अपने परिवार और समाज के अन्य सदस्यों तक भी पहुंचाएं। इस जागरूकता रैली में प्रधानाचार्य देवेश कुमार पाल के साथ-साथ शिक्षक अरविंद कुमार, पंकज कुमार, अरविंद कुमार पटेल, मासुक अंसारी, रफी अहमद, नगेंद्र यादव, अरुण कुमार, मनोज कुमार, कमलकांत, उपेंद्र कुमार और विनय कुमार पाठक सहित विद्यालय के अन्य शिक्षक एवं कर्मचारी भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के समापन पर, सभी प्रतिभागियों ने नशा मुक्त समाज के निर्माण के लिए दृढ़ संकल्प लिया, जिसमें युवाओं से नशा छोड़कर एक उज्ज्वल भविष्य अपनाने का आग्रह किया गया।
पलामू जिले के पांडू स्थित राजकीयकृत +2 कल्याण उच्च विद्यालय में शिक्षकों और छात्र-छात्राओं ने मिलकर नशा मुक्ति अभियान के तहत एक जागरूकता रैली निकाली। इस रैली का मुख्य उद्देश्य युवाओं और आम लोगों को नशे के गंभीर दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना तथा उन्हें एक स्वस्थ जीवन शैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था। रैली में शामिल विद्यार्थियों ने हाथों में जागरूकता तख्तियां लेकर विद्यालय परिसर और उसके आस-पास के क्षेत्रों में भ्रमण किया, जहां उन्होंने "शिक्षित बनें, जागरूक बनें, नशा छोड़ें", "नशा मुक्त युवा, सशक्त भारत" और "नशा मुक्त समाज हमारा लक्ष्य" जैसे प्रभावशाली नारों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया। विद्यार्थियों ने शराब, सिगरेट, गांजा सहित अन्य मादक पदार्थों से होने वाले शारीरिक, मानसिक और सामाजिक नुकसानों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। विद्यालय के प्रधानाचार्य देवेश कुमार पाल ने इस अवसर पर कहा कि नशा व्यक्ति के स्वास्थ्य, उसके परिवार और समाज तीनों के लिए अत्यंत हानिकारक है। उन्होंने सभी युवाओं से नशे से दूर रहने और अपनी ऊर्जा को शिक्षा, खेल तथा अन्य सकारात्मक गतिविधियों में लगाने की अपील की। प्रधानाचार्य ने विद्यार्थियों को यह भी प्रेरित किया कि वे नशा मुक्ति का यह संदेश अपने परिवार और समाज के अन्य सदस्यों तक भी पहुंचाएं। इस जागरूकता रैली में प्रधानाचार्य देवेश कुमार पाल के साथ-साथ शिक्षक अरविंद कुमार, पंकज कुमार, अरविंद कुमार पटेल, मासुक अंसारी, रफी अहमद, नगेंद्र यादव, अरुण कुमार, मनोज कुमार, कमलकांत, उपेंद्र कुमार और विनय कुमार पाठक सहित विद्यालय के अन्य शिक्षक एवं कर्मचारी भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के समापन पर, सभी प्रतिभागियों ने नशा मुक्त समाज के निर्माण के लिए दृढ़ संकल्प लिया, जिसमें युवाओं से नशा छोड़कर एक उज्ज्वल भविष्य अपनाने का आग्रह किया गया।
- पलामू जिले के पांडू स्थित राजकीयकृत +2 कल्याण उच्च विद्यालय में शिक्षकों और छात्र-छात्राओं ने मिलकर नशा मुक्ति अभियान के तहत एक जागरूकता रैली निकाली। इस रैली का मुख्य उद्देश्य युवाओं और आम लोगों को नशे के गंभीर दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना तथा उन्हें एक स्वस्थ जीवन शैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था। रैली में शामिल विद्यार्थियों ने हाथों में जागरूकता तख्तियां लेकर विद्यालय परिसर और उसके आस-पास के क्षेत्रों में भ्रमण किया, जहां उन्होंने "शिक्षित बनें, जागरूक बनें, नशा छोड़ें", "नशा मुक्त युवा, सशक्त भारत" और "नशा मुक्त समाज हमारा लक्ष्य" जैसे प्रभावशाली नारों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया। विद्यार्थियों ने शराब, सिगरेट, गांजा सहित अन्य मादक पदार्थों से होने वाले शारीरिक, मानसिक और सामाजिक नुकसानों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। विद्यालय के प्रधानाचार्य देवेश कुमार पाल ने इस अवसर पर कहा कि नशा व्यक्ति के स्वास्थ्य, उसके परिवार और समाज तीनों के लिए अत्यंत हानिकारक है। उन्होंने सभी युवाओं से नशे से दूर रहने और अपनी ऊर्जा को शिक्षा, खेल तथा अन्य सकारात्मक गतिविधियों में लगाने की अपील की। प्रधानाचार्य ने विद्यार्थियों को यह भी प्रेरित किया कि वे नशा मुक्ति का यह संदेश अपने परिवार और समाज के अन्य सदस्यों तक भी पहुंचाएं। इस जागरूकता रैली में प्रधानाचार्य देवेश कुमार पाल के साथ-साथ शिक्षक अरविंद कुमार, पंकज कुमार, अरविंद कुमार पटेल, मासुक अंसारी, रफी अहमद, नगेंद्र यादव, अरुण कुमार, मनोज कुमार, कमलकांत, उपेंद्र कुमार और विनय कुमार पाठक सहित विद्यालय के अन्य शिक्षक एवं कर्मचारी भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के समापन पर, सभी प्रतिभागियों ने नशा मुक्त समाज के निर्माण के लिए दृढ़ संकल्प लिया, जिसमें युवाओं से नशा छोड़कर एक उज्ज्वल भविष्य अपनाने का आग्रह किया गया।1
- राजधानी लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में स्थित एक निजी कोचिंग सेंटर में भीषण आग लगने से कम से कम 13 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है। इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना पर मुख्यमंत्री योगी ने तत्काल संज्ञान लिया और राहत एवं बचाव कार्यों के लिए आवश्यक निर्देश जारी किए। आग बुझाने के लिए दमकल की तीन गाड़ियों ने मौके पर पहुंचकर अथक प्रयास किए। इस भयावह दृश्य और जनहानि को देखकर, एक माँ-बाप को अपने पुत्र के शोक और वियोग से होने वाले दर्द को भली-भांति समझा जा सकता है।3
- पलामू जिले के पंडवा क्षेत्र में आए तेज आंधी-तूफान के कारण कई पेड़-पौधे टूटकर गिर गए। इस घटना के चलते क्षेत्र में आवागमन बाधित हो गया।1
- झारखंड सरकार की दिशा समिति के सदस्य दिवेश तिवारी ने मंगलवार को पलामू की बारी पंचायत का दौरा किया, जहाँ उन्होंने ग्रामीणों के साथ एक बैठक की। इस बैठक में शिक्षा, विकास और जनकल्याण से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। दिवेश तिवारी ने इस दौरान बताया कि सरकार का मुख्य लक्ष्य हर जाति और वर्ग के लड़के-लड़कियों को शिक्षा के समान अवसर प्रदान करना है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार विभिन्न योजनाओं के तहत विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध करा रही है, और देश या विदेश में उच्च शिक्षा प्राप्त करने की इच्छा रखने वाले छात्र-छात्राओं को भी हर संभव सहयोग प्रदान किया जाएगा। इस अवसर पर, बारी पंचायत की मुखिया निरोतमा कुमारी ने पंचायत की प्रमुख समस्याओं को रेखांकित करते हुए कई मांगें उठाईं। इनमें बारी मिडिल संकुल विद्यालय को हाई स्कूल में उन्नत करना, रांची रोड से पलामू किला तक पक्की सड़क का निर्माण, विभिन्न स्थानों पर यात्री शेडों का निर्माण, और औरंगा नदी पर बांध बनाकर मलय डैम में जल संचयन की व्यवस्था करना शामिल था। वहीं, मंडल प्रतिनिधि महेश्वर सिंह ने किसानों की समस्याओं को उठाते हुए बताया कि खेती-बाड़ी का समय शुरू हो चुका है, लेकिन मलय नहर का बांध अभी तक नहीं बनाया गया है; उन्होंने इस बांध निर्माण कार्य को शीघ्र शुरू करने की अपील की ताकि किसानों को लाभ मिल सके। बैठक में बिनय सिंह, सुरेश्वर सिंह, उमाकांत सिंह, पंचायत समिति सदस्य जुबैर खान, निर्मल सिंह, राहुल मेहता, कृष्णा महतो, अजय सिंह और दीप सिंह सहित कई अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि बैठक में उठाए गए इन मुद्दों पर सरकार और संबंधित विभाग जल्द ही सकारात्मक पहल करेंगे, जिससे क्षेत्र के विकास को एक नई गति मिल सकेगी।3
- गढ़वा में आयोजित एक पीसीसी शिलान्यास कार्यक्रम से कहीं ज़्यादा, इस अवसर पर दिया गया एक बयान सुर्खियों में बना हुआ है। कार्यक्रम के दौरान, वर्तमान विधायक ने पूर्व विधायक की हंसी पर सीधा कटाक्ष किया। यह बयान अब शिलान्यास समारोह की तुलना में अधिक चर्चा का विषय बन गया है।1
- झारखंड के लातेहार जिले में समाहरणालय परिसर में एक स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया है।1
- प्रतापपुर प्रखंड के सिजुआ गांव में आई तेज आंधी और मूसलाधार बारिश ने सामान्य जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। मंगलवार को गांव के मुख्य मार्ग पर, सूरज यादव के घर के समीप, एक विशाल पेड़ जड़ से उखड़कर सड़क पर गिर गया। इस घटना के कारण जोरी-प्रतापपुर मार्ग पूरी तरह से बाधित हो गया है, जिससे यातायात ठप हो गया और सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सड़क बंद होने से स्कूली बच्चों, मरीजों और दैनिक यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने अपने स्तर पर पेड़ हटाने का प्रयास किया, लेकिन अत्यधिक बड़ा होने के कारण बिना जेसीबी मशीन के इसे हटाना संभव नहीं हो पा रहा है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर सड़क को जल्द से जल्द साफ कराने की मांग की है, ताकि आवागमन सामान्य हो सके और लोगों को इस परेशानी से राहत मिल सके।1
- भरत तिवारी को 'शहीद भरत भूषण तिवारी' का दर्जा देते हुए, उनके बलिदान पर गहरा आक्रोश और न्याय की प्रबल मांग व्यक्त की गई है। समर्थकों का कहना है कि उनका यह बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा और आरोप लगाया है कि 'गीदड़ों' ने 'शेर' जैसे भरत को घेरने के लिए जाल बिछाया था, और हथियार डालने के बाद भी 'कायरों' ने उन पर पीठ पीछे वार किया, जिससे 'सिस्टम' का असली चेहरा सामने आया। इस घटना को केवल इस्तीफे की मांग तक सीमित न रखकर, 'राष्ट्र जागरण' को ही सच्ची श्रद्धांजलि बताया गया है, और 'देश को नई आज़ादी' दिलाने का संकल्प दोहराया गया है। इस 'बलिदान' की स्मृति में, लोगों से अपील की गई है कि वे भरत तिवारी के नाम की जर्सी पहनकर कार्यालय जाएँ, ताकि अटके हुए काम शायद हो सकें। न्याय के लिए 'कलम कागज' से 'सिस्टम' से लड़ने की बात कही गई है, न कि हिंसा का सहारा लेने की। यह भी दोहराया गया है कि न्याय के लिए अनशन हमेशा से ही एक प्रमुख हथियार रहा है, और इस मांग के साथ 'पूरा बिहार' एकजुट खड़ा है। सचिन मिश्र नामक एक व्यक्ति ने घोषणा की है कि जब तक भरत तिवारी को न्याय नहीं मिल जाता, वह अनशन पर बैठे रहेंगे, और सरकार को चुनौती देते हुए कहा, 'आओ कितने भरत को मरोगे।।' यह आह्वान सिर्फ प्रतीकात्मक प्रतिक्रियाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि 'आत्ममंथन, उत्तरदायित्व और राष्ट्रीय पुनर्निर्माण' की मांग करता है। संदेश में यह भी जोर दिया गया है कि 'सरकार किसी की भी हो', उसकी कमियों को निडर होकर उजागर करना एक अच्छे नागरिक होने का प्रमाण है और यही सच्ची देशभक्ति है। इसके विपरीत, 'तलवे चाटने वाले' देशभक्त नहीं बल्कि 'दलाल' होते हैं, इस बात पर बल देते हुए सरदार वल्लभभाई पटेल जी को भी याद किया गया है।1