उत्तर प्रदेश के मुरादनगर के निवासी पंडित कुंजबिहारी वशिष्ठ ने वरिष्ठ नागरिकों के स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण सावधानियां साझा की हैं। एक अनुभव का हवाला देते हुए बताया गया कि 70 वर्षीय ईएनटी विशेषज्ञ को पेशाब रुकने की समस्या हुई, जिसे उन्होंने एक मित्र डॉक्टर की सलाह पर सीधा खड़े होकर 10-15 बार कूदकर और हाथों को ऊपर उठाकर हल किया। यह सरल उपाय उन्हें अस्पताल में भर्ती होने, कैथेटर लगवाने और महंगे खर्च से बचाने में सहायक रहा। बढ़ती उम्र के साथ शरीर की फुर्ती कम हो जाती है, जिससे अचानक गिरने या चोट लगने का खतरा बढ़ जाता है। इस संबंध में कुछ सुझाव दिए गए हैं: सुबह नींद खुलते ही तुरंत न उठें, बल्कि कुछ देर बिस्तर पर बैठें। बाथरूम में रबर मैट का उपयोग करें, गीले हाथों से टाइल्स का सहारा न लें और यूरोलियन कमोड का इस्तेमाल करें। कपड़े या अंडरगारमेंट्स बदलते समय खड़े होने के बजाय बैठकर या दीवार का सहारा लेना सुरक्षित होता है। दैनिक दिनचर्या में दवाइयों के लिए प्लानर का उपयोग करें और सीढ़ियों पर हमेशा रेलिंग का सहारा लें। विशेष रूप से रात में पेशाब करने उठते समय अचानक खड़े होने से मस्तिष्क तक रक्त प्रवाह प्रभावित हो सकता है, जो ह्रदय की क्रिया रुकने और अचानक मौत का कारण बन सकता है। इससे बचने के लिए साढ़े तीन मिनट का नियम बताया गया है: उठते समय आधा मिनट लेटे रहें, आधा मिनट बिस्तर पर बैठें और ढाई मिनट पैर नीचे लटकाकर रखें। इसके अलावा, जीवन में 'नोन' (नमक पर नियंत्रण), 'मौन' (कम बोलना) और 'कौन' (दूसरों के मामलों में दखल न देना) का पालन करने की सलाह दी गई है ताकि वृद्धावस्था सुखद बनी रहे।
उत्तर प्रदेश के मुरादनगर के निवासी पंडित कुंजबिहारी वशिष्ठ ने वरिष्ठ नागरिकों के स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण सावधानियां साझा की हैं। एक अनुभव का हवाला देते हुए बताया गया कि 70 वर्षीय ईएनटी विशेषज्ञ को पेशाब रुकने की समस्या हुई, जिसे उन्होंने एक मित्र डॉक्टर की सलाह पर सीधा खड़े होकर 10-15 बार कूदकर और हाथों को ऊपर उठाकर हल किया। यह सरल उपाय उन्हें अस्पताल में भर्ती होने, कैथेटर लगवाने और महंगे खर्च से बचाने में सहायक रहा। बढ़ती उम्र के साथ शरीर की फुर्ती कम हो जाती है, जिससे अचानक गिरने या चोट लगने का खतरा बढ़ जाता है। इस संबंध में कुछ सुझाव दिए गए हैं: सुबह नींद खुलते ही तुरंत न उठें, बल्कि कुछ देर बिस्तर पर बैठें। बाथरूम में रबर मैट का उपयोग करें, गीले हाथों से टाइल्स का सहारा न लें और यूरोलियन कमोड का इस्तेमाल करें। कपड़े या अंडरगारमेंट्स बदलते समय खड़े होने के बजाय बैठकर या दीवार का सहारा लेना सुरक्षित होता है। दैनिक दिनचर्या में दवाइयों के लिए प्लानर का उपयोग करें और सीढ़ियों पर हमेशा रेलिंग का सहारा लें। विशेष रूप से रात में पेशाब करने उठते समय अचानक खड़े होने से मस्तिष्क तक रक्त प्रवाह प्रभावित हो सकता है, जो ह्रदय की क्रिया रुकने और अचानक मौत का कारण बन सकता है। इससे बचने के लिए साढ़े तीन मिनट का नियम बताया गया है: उठते समय आधा मिनट लेटे रहें, आधा मिनट बिस्तर पर बैठें और ढाई मिनट पैर नीचे लटकाकर रखें। इसके अलावा, जीवन में 'नोन' (नमक पर नियंत्रण), 'मौन' (कम बोलना) और 'कौन' (दूसरों के मामलों में दखल न देना) का पालन करने की सलाह दी गई है ताकि वृद्धावस्था सुखद बनी रहे।
- गाजियाबाद के मोदीनगर में अखिल भारतवर्षीय ब्राह्मण महासभा के मीडिया कार्यक्रम प्रभारी पंडित कुंजबिहारी वशिष्ठ ने राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के भव्य अभिनंदन का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में उमड़ा जनसैलाब केवल एक स्वागत समारोह नहीं, बल्कि संगठन के प्रति समर्पण और विश्वास का प्रतीक बनकर उभरा है। पंडित कुंजबिहारी वशिष्ठ ने इस अवसर पर नितिन नवीन के प्रति अपना आभार और शुभकामनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने इस आयोजन को संगठन के अटूट बंधन के जीवंत दृश्य के रूप में रेखांकित किया है।1
- उज्जैन से एक दिल को छू लेने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक ससुर ने अपनी विधवा बहू की दूसरी शादी कराकर पिता का फर्ज निभाया है। इस सराहनीय कदम के जरिए उन्होंने सामाजिक मिसाल पेश करते हुए बहू के जीवन में नई खुशियां लाने का प्रयास किया है।1
- उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में गहिरा के UPSIDA क्षेत्र में अवैध खनन का सिलसिला एक बार फिर शुरू हो गया है। आज दोपहर ग्रामीणों ने इस अवैध गतिविधि के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन करते हुए मौके से 5 जेसीबी और 10 डम्फरों को पकड़ा था। उस समय लेखपाल भी घटनास्थल पर मौजूद थे, लेकिन बदरका चौकी इंचार्ज पर गाड़ियों को वहां से भगाने का आरोप लगा है। स्थानीय प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए लोगों का कहना है कि एसडीएम सदर को इस पूरे मामले की सूचना दी गई, जिन्होंने केवल कार्रवाई का आश्वासन दिया, लेकिन धरातल पर कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए। प्रशासन की इस चुप्पी और निष्क्रियता के कारण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ईमानदार छवि धूमिल हो रही है। यह उन्नाव का तानाशाह प्रशासन ही है जो किसी भी अधिकारी द्वारा कोई कार्यवाही न करने के कारण अवैध खनन को बड़े पैमाने पर फलने-फूलने दे रहा है।1
- गाज़ियाबाद जिले के मुरादनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत त्रिमूर्ति विहार के वार्ड नंबर 2, गली नंबर 4 में जलभराव की गंभीर स्थिति बनी हुई है। पूरी गली बारिश के पानी से लबालब भरी है, जिसके कारण यहाँ छोटे बच्चों के डूबने का बड़ा खतरा बना हुआ है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि क्षेत्र में न तो कोई नाली है और न ही सड़क की उचित व्यवस्था है। स्थानीय लोगों ने इस समस्या की जानकारी कई बार मुरादनगर नगरपरिषद को दी है, लेकिन आरोप है कि निगम के अधिकारी कुंभकर्ण की तरह सो रहे हैं। निवासियों का मानना है कि ऐसे अधिकारियों का होना न होने के बराबर है। जिले में बच्चों के पानी में डूबने की घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं, जिसमें हाल ही में विजयनगर से आई एक घटना में एक छोटी बच्ची की मौत का मामला भी शामिल है।1
- मेरठ में ललिता गौतम हत्याकांड के पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे सांसद चंद्रशेखर आज़ाद का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में चंद्रशेखर आज़ाद अधिकारियों के साथ बातचीत करते हुए दिखाई दे रहे हैं, जिसके दौरान मौके पर मौजूद एक कार्यकर्ता ने कहा कि 'बूढ़ी मां को भी धक्का दिया जा रहा है।' इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए चंद्रशेखर आज़ाद ने उस कार्यकर्ता को बीच में रोकते हुए कहा, 'तेरे जैसे महापुरुष थे वहां, हमारा कार्यकर्ता होता तो एक बार में ही मान जाता... चलो, इसके पीछे करो।' यह वीडियो वर्तमान में सोशल मीडिया पर चर्चा और प्रतिक्रियाओं का विषय बना हुआ है।1
- एपी सिंह ने अखिलेश यादव को लेकर एक बड़ा दावा किया है। इस संबंध में जानकारी 'ग्राउंड खबर' द्वारा साझा की गई है, जिसमें चंदा चोरी के आरोपों का जिक्र भी शामिल है।1
- रतलाम के पास दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर उस समय हड़कंप की स्थिति बन गई जब तीन युवकों ने तेज रफ्तार गाड़ियों के बीच हाथ देकर काफिला रोकने की कोशिश की। सोशल मीडिया और चर्चाओं में यह बात सामने आई कि ये युवक नितिन गडकरी के काफिले के सामने आए थे और हाथ हिलाकर गाड़ियों को रुकने का इशारा कर रहे थे। हालांकि, पुलिसिया जांच में इस घटना का दूसरा पहलू सामने आया है। जांच में स्पष्ट हुआ है कि युवकों का इरादा काफिला रोकना बिल्कुल नहीं था। वे मात्र स्कूल से बच्चों को लाने के लिए एक्सप्रेसवे पार करने का प्रयास कर रहे थे। गलतफहमी के कारण उनके इस कदम को काफिला रोकने की कोशिश के रूप में देखा गया।1
- गाजियाबाद के राकेश मार्ग स्थित गुलमोहर एन्क्लेव सोसाइटी में शुक्रवार की सुबह दो अलग-अलग आग की घटनाओं ने सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे पहले टी/1 टावर की लिफ्ट नंबर-28 के पंखे में शॉर्ट सर्किट के कारण आग लग गई, जिससे लिफ्ट के अंदर धुआं भर गया और पंखा टूटकर गिर गया। घटना के समय लिफ्ट खाली थी, जिस कारण कोई जनहानि नहीं हुई। सोसाइटी के प्लंबर अजय ने आग पर काबू पाया, लेकिन अब तक नया पंखा नहीं लगाया गया है, जिससे निवासी भीषण गर्मी में लिफ्ट का उपयोग करने को मजबूर हैं। साथ ही, लिफ्ट का इंटरकॉम बंद होने और तकनीकी कर्मचारी की उपलब्धता केवल सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक होने से सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। पहली घटना के कुछ ही समय बाद सोसाइटी की पार्किंग में खड़ी एक इलेक्ट्रिक स्कूटी में आग लगने से हड़कंप मच गया। इन दो घटनाओं के बाद निवासियों का रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) के प्रति आक्रोश फूट पड़ा है। निवासियों का आरोप है कि आरडब्ल्यूए ने न तो लिफ्ट एक्ट के तहत पंजीकरण कराया है और न ही सोसाइटी के पास वैध अग्निशमन एनओसी उपलब्ध है। निवासियों ने अब इस मामले को जिलाधिकारी गाजियाबाद, मुख्य अग्निशमन अधिकारी और विद्युत सुरक्षा विभाग के समक्ष उठाने का निर्णय लिया है। वे इन घटनाओं की विस्तृत तकनीकी जांच और आरडब्ल्यूए की कथित लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। निवासियों का जोर इस बात पर है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सभी सुरक्षा मानकों का तत्काल पालन सुनिश्चित किया जाए।2