उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में गहिरा के UPSIDA क्षेत्र में अवैध खनन का सिलसिला एक बार फिर शुरू हो गया है। आज दोपहर ग्रामीणों ने इस अवैध गतिविधि के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन करते हुए मौके से 5 जेसीबी और 10 डम्फरों को पकड़ा था। उस समय लेखपाल भी घटनास्थल पर मौजूद थे, लेकिन बदरका चौकी इंचार्ज पर गाड़ियों को वहां से भगाने का आरोप लगा है। स्थानीय प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए लोगों का कहना है कि एसडीएम सदर को इस पूरे मामले की सूचना दी गई, जिन्होंने केवल कार्रवाई का आश्वासन दिया, लेकिन धरातल पर कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए। प्रशासन की इस चुप्पी और निष्क्रियता के कारण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ईमानदार छवि धूमिल हो रही है। यह उन्नाव का तानाशाह प्रशासन ही है जो किसी भी अधिकारी द्वारा कोई कार्यवाही न करने के कारण अवैध खनन को बड़े पैमाने पर फलने-फूलने दे रहा है।
उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में गहिरा के UPSIDA क्षेत्र में अवैध खनन का सिलसिला एक बार फिर शुरू हो गया है। आज दोपहर ग्रामीणों ने इस अवैध गतिविधि के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन करते हुए मौके से 5 जेसीबी और 10 डम्फरों को पकड़ा था। उस समय लेखपाल भी घटनास्थल पर मौजूद थे, लेकिन बदरका चौकी इंचार्ज पर गाड़ियों को वहां से भगाने का आरोप लगा है। स्थानीय प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए लोगों का कहना है कि एसडीएम सदर को इस पूरे मामले की सूचना दी गई, जिन्होंने केवल कार्रवाई का आश्वासन दिया, लेकिन धरातल पर कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए। प्रशासन की इस चुप्पी और निष्क्रियता के कारण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ईमानदार छवि धूमिल हो रही है। यह उन्नाव का तानाशाह प्रशासन ही है जो किसी भी अधिकारी द्वारा कोई कार्यवाही न करने के कारण अवैध खनन को बड़े पैमाने पर फलने-फूलने दे रहा है।
- मेरठ के एसएसपी अविनाश पांडेय ने हालिया घटनाक्रम और सोशल मीडिया पर मिल रही धमकियों के मद्देनजर स्पष्ट किया है कि पुलिस की तमाम कार्रवाई पूरी तरह से साक्ष्यों पर आधारित है और यह केवल अपराधियों के विरुद्ध है। उन्होंने जोर देकर कहा कि कानून सभी के लिए समान है और किसी भी घटना को जाति, दल या समुदाय के चश्मे से देखकर समाज का माहौल खराब करने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी। एसएसपी ने चेतावनी दी है कि जो लोग भ्रामक बयानबाजी कर रहे हैं या पुलिस की छवि को धूमिल कर कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की साजिश रच रहे हैं, उनके खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। पुलिस के पास ऐसे लोगों के भी पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं जो बाहर से आकर क्षेत्र का माहौल बिगाड़ने का प्रयास कर रहे हैं। पर्यावरण संरक्षण को लेकर एसएसपी अविनाश पांडेय ने एक अनूठी अपील की है। उन्होंने कहा कि उनके समर्थकों को एक पेड़ लगाना चाहिए, जबकि उनके विरोध में या गुस्से में रहने वाले लोगों को दो पेड़ लगाने चाहिए। उन्होंने पर्यावरण बचाने की इस मुहिम को समाज की सामूहिक जिम्मेदारी बताया और नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में पौधे लगाने का आह्वान किया।1
- मेरठ के चर्चित ललिता हत्याकांड को लेकर प्रदर्शन करने वाले रवि गौतम और अन्य आंदोलनकारियों को गुरुवार को भारी पुलिस सुरक्षा के बीच न्यायालय में पेश किया गया। इन प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी हाल ही में हुए विरोध प्रदर्शन के बाद की गई थी। इस गिरफ्तारी को लेकर समर्थकों में भारी आक्रोश है। समर्थकों का आरोप है कि आंदोलनकारी शांतिपूर्ण तरीके से न्याय की मांग कर रहे थे, लेकिन पुलिस प्रशासन ने उनके साथ ऐसा व्यवहार किया जैसे वे अपराधी या आतंकवादी हों। समर्थकों ने इस बात पर जोर दिया कि लोकतंत्र में न्याय की मांग करना कोई अपराध नहीं है, इसलिए आंदोलनकारियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाना चाहिए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। इस मामले में पुलिस प्रशासन का पक्ष भी सामने आया है, जिसे निष्पक्षता के साथ प्रकाशित किया गया है ताकि लोगों तक दोनों पक्षों की बात पहुंच सके।1
- Post by Salmani Live Tv1
- मेरठ में बुधवार से शुरू हुई और बुधवार रात्रि तक जारी रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। एक ओर जहां इस बारिश ने भीषण गर्मी से लोगों को राहत पहुंचाई है, वहीं दूसरी ओर भारी जलभराव के कारण स्थिति विकट हो गई है। जिले के सभी मार्ग पानी से पूरी तरह लबालब हैं, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासनिक स्तर पर सतर्कता बरतते हुए जिला अधिकारी ने गुरुवार और शुक्रवार को सभी स्कूलों व विद्यालयों में अवकाश घोषित कर दिया है। हालांकि बारिश का मौसम खुशनुमा लग रहा था, लेकिन चारों ओर फैले जलभराव ने इस मिजाज पर पानी फेर दिया है। अब इस जलजमाव के चलते बीमारियों के फैलने का खतरा भी मंडराने लगा है।1
- Amit Kumar on Reels1
- उत्तर प्रदेश के मुरादनगर के निवासी पंडित कुंजबिहारी वशिष्ठ ने वरिष्ठ नागरिकों के स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण सावधानियां साझा की हैं। एक अनुभव का हवाला देते हुए बताया गया कि 70 वर्षीय ईएनटी विशेषज्ञ को पेशाब रुकने की समस्या हुई, जिसे उन्होंने एक मित्र डॉक्टर की सलाह पर सीधा खड़े होकर 10-15 बार कूदकर और हाथों को ऊपर उठाकर हल किया। यह सरल उपाय उन्हें अस्पताल में भर्ती होने, कैथेटर लगवाने और महंगे खर्च से बचाने में सहायक रहा। बढ़ती उम्र के साथ शरीर की फुर्ती कम हो जाती है, जिससे अचानक गिरने या चोट लगने का खतरा बढ़ जाता है। इस संबंध में कुछ सुझाव दिए गए हैं: सुबह नींद खुलते ही तुरंत न उठें, बल्कि कुछ देर बिस्तर पर बैठें। बाथरूम में रबर मैट का उपयोग करें, गीले हाथों से टाइल्स का सहारा न लें और यूरोलियन कमोड का इस्तेमाल करें। कपड़े या अंडरगारमेंट्स बदलते समय खड़े होने के बजाय बैठकर या दीवार का सहारा लेना सुरक्षित होता है। दैनिक दिनचर्या में दवाइयों के लिए प्लानर का उपयोग करें और सीढ़ियों पर हमेशा रेलिंग का सहारा लें। विशेष रूप से रात में पेशाब करने उठते समय अचानक खड़े होने से मस्तिष्क तक रक्त प्रवाह प्रभावित हो सकता है, जो ह्रदय की क्रिया रुकने और अचानक मौत का कारण बन सकता है। इससे बचने के लिए साढ़े तीन मिनट का नियम बताया गया है: उठते समय आधा मिनट लेटे रहें, आधा मिनट बिस्तर पर बैठें और ढाई मिनट पैर नीचे लटकाकर रखें। इसके अलावा, जीवन में 'नोन' (नमक पर नियंत्रण), 'मौन' (कम बोलना) और 'कौन' (दूसरों के मामलों में दखल न देना) का पालन करने की सलाह दी गई है ताकि वृद्धावस्था सुखद बनी रहे।1
- गुरुग्राम का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कॉमेडी के नाम पर महिलाओं का अपमान किए जाने का आरोप लगाया गया है। इस वीडियो में हिमांशु जांगड़ा और प्रणित मोरे शामिल हैं, जिनके इस तथाकथित मनोरंजन के तरीके पर अब तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। इस वायरल घटना के बाद संबंधित लोगों की कंपनी से टर्मिनेशन से लेकर उनके सोशल मीडिया अकाउंट डिलीट होने तक की खबरें सामने आई हैं। विवाद के केंद्र में एक बिरयानी वाला मामला भी है, जिसमें ₹370 की बिरयानी और ₹5,000 के इनाम का जिक्र है। लोग अब इस बात पर सवाल उठा रहे हैं कि आखिर इस घिनौने खेल के पीछे की असल सच्चाई क्या है। क्या कॉमेडी की कोई सीमा होनी चाहिए, इसे लेकर सोशल मीडिया पर एक बड़ी बहस छिड़ गई है और लोग इस पूरे मामले पर अपनी राय रख रहे हैं।1
- प्रयागराज के नगर पंचायत लालगोपालगंज श्रृंगवेरपुरधाम में चल रहे भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। एक वीडियो के माध्यम से इस कथित भ्रष्टाचार को उजागर किया गया है, जिसमें नगर पंचायत की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। इस वीडियो को जारी करने वालों ने देश की सम्मानित जनता से इसे पूरा देखने की अपील की है। साथ ही, आम नागरिकों से जिम्मेदारी निभाते हुए इस पूरे मामले के सच को पहचानने का आग्रह किया गया है, ताकि नगर पंचायत लालगोपालगंज श्रृंगवेरपुरधाम में व्याप्त भ्रष्टाचार की परतें खुल सकें।1
- महिला आयोग की सदस्य डॉ. मीनाक्षी भराला ने मेरठ के ललिता हत्याकांड से जुड़े प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए हैं। अपने सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो में उन्होंने पुलिस द्वारा महिलाओं और लड़कियों पर किए गए बल प्रयोग की कड़ी निंदा की और इसे पूरी तरह गलत करार दिया है। डॉ. मीनाक्षी भराला ने स्पष्ट कहा कि पीड़ितों के साथ अन्याय हुआ है और महिलाओं के साथ इस तरह का व्यवहार किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने आश्वासन दिया कि महिला आयोग इस पूरे मामले को गंभीरता से ले रहा है और पीड़ित महिलाओं को न्याय दिलाने के लिए आवश्यक स्तर पर सख्त कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और न्याय से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा तथा पूरे मामले में निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।1