पत्रकार की मां-बहन का 'कागजी मर्डर': सेक्रेटरी अफजल पर गिरी गाज, वेतन रोका, अब होगी बर्खास्तगी? अजीत मिश्रा (खोजी) 🔔सिस्टम की 'कागजी हत्या': संत कबीर नगर में जिंदा मां-बहन को सेक्रेटरी ने कागजों में मारा!🔔 जिंदा हैं मां और बहन, पर सरकारी रजिस्टर में 'मुर्दा'! भ्रष्ट तंत्र की संवेदनहीनता पर उठा तूफान। पत्रकार की मां-बहन का 'कागजी मर्डर': सेक्रेटरी अफजल पर गिरी गाज, वेतन रोका, अब होगी बर्खास्तगी? बस्ती मंडल में सिस्टम शर्मसार: जब अधिकारी ही बन गए 'यमराज', जीवित परिवार को कागजों में मिटाया! बस्ती मंडल | ब्यूरो रिपोर्ट संत कबीर नगर जनपद के संथा विकास खंड से एक ऐसी खबर आई है जिसने मानवीय संवेदनाओं और सरकारी कार्यप्रणाली को शर्मसार कर दिया है। यहाँ के बरईपार ग्राम पंचायत में तैनात सेक्रेटरी मोहम्मद अफजल ने अपनी 'कलम की ताकत' का ऐसा दुरुपयोग किया कि एक जीवित मां और उनकी बेटी को सरकारी रिकॉर्ड (परिवार रजिस्टर) में 'मृत' घोषित कर दिया। कहते हैं कि 'सरकारी कलम' में इतनी ताकत होती है कि वह किसी का भाग्य बदल सकती है, लेकिन बस्ती मंडल के संत कबीर नगर जनपद में इसी कलम ने संवेदनहीनता की सारी हदें पार कर दीं। संथा विकास खंड के ग्राम पंचायत बरईपार में तैनात सेक्रेटरी मोहम्मद अफजल ने जो 'कारनामा' किया है, उसने प्रशासन की विश्वसनीयता पर कालिख पोत दी है। एक जीवित मां और बहन को सरकारी दस्तावेजों (परिवार रजिस्टर) में 'मृत' घोषित कर देना महज एक लिपिकीय त्रुटि नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार और हठधर्मिता की पराकाष्ठा है। 🔔भ्रष्टाचार का 'खूनी' खेल? सवाल यह उठता है कि क्या सरकारी रिकॉर्ड में किसी को मार देना इतना आसान है? पीड़ित पत्रकार राहुल त्रिपाठी जब अपने ही परिवार के हक के लिए दफ्तरों के चक्कर काट रहे थे, तब उन्हें टालमटोल और धमकियां मिल रही थीं। जब उच्च अधिकारियों के हस्तक्षेप पर 'नकल' जारी हुई, तो सच सामने आया—सिस्टम ने उनकी जीवित मां और बहन का अस्तित्व ही कागजों से मिटा दिया था। ⭐क्या यह किसी बड़ी साजिश का हिस्सा था? क्या किसी की संपत्ति या अधिकार हड़पने के लिए यह 'कागजी हत्या' की गई? यह जांच का विषय है। 🔔डीपीआरओ का डंडा: क्या वेतन रोकना काफी है? जिला पंचायत राज अधिकारी (DPRO) ने त्वरित संज्ञान लेते हुए सेक्रेटरी का वेतन रोक दिया है और एडीओ पंचायत से जवाब तलब किया है। लेकिन क्या केवल वेतन रोकना ऐसे 'आदमखोर' सिस्टम के लिए पर्याप्त सजा है? ⭐जवाबदेही किसकी? अगर एक पत्रकार के साथ ऐसा हो सकता है, तो आम जनता का क्या हाल होगा? ⭐मानसिक प्रताड़ना: एक बेटे और भाई के लिए इससे बड़ा आघात क्या होगा कि उसे अपनी जीवित मां-बहन को 'जिंदा' साबित करने के लिए सिस्टम से लड़ना पड़े? यह केवल लापरवाही नहीं, बल्कि प्रशासनिक आतंकवाद है। सत्ता के नशे में चूर 'कलम के सिपाही' पीड़ित पत्रकार राहुल त्रिपाठी पिछले कई दिनों से परिवार रजिस्टर की नकल के लिए सेक्रेटरी के दफ्तर की खाक छान रहे थे। आरोप है कि सेक्रेटरी ने न केवल उन्हें टालमटोल किया, बल्कि धमकियां भी दीं। जब मामला उच्च अधिकारियों तक पहुँचा और दबाव में नकल जारी की गई, तो जो सच सामने आया उसने सबके होश उड़ा दिए। सेक्रेटरी ने पत्रकार की जीवित मां और बहन को कागजों पर 'मुर्दा' दिखा दिया था। 🔔सवाल यह है कि: क्या यह किसी गहरी साजिश का हिस्सा है? क्या किसी की संपत्ति हड़पने या चुनावी लाभ के लिए जीवित लोगों का 'कागजी कत्ल' किया जा रहा है? ⭐डीपीआरओ का एक्शन: क्या वेतन रोकना काफी है? मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला पंचायत राज अधिकारी (DPRO) ने सेक्रेटरी मोहम्मद अफजल का वेतन तत्काल प्रभाव से रोक दिया है और एडीओ पंचायत से तीन दिन के भीतर जवाब मांगा है। लेकिन जनता पूछ रही है—क्या केवल वेतन रोकना इंसाफ है? * ऐसे अधिकारी जो जीवित इंसान को मृत घोषित कर दें, उन्हें एक पल भी कुर्सी पर रहने का हक नहीं है। क्या प्रशासन उन मानसिक यंत्रणाओं का हिसाब देगा जो उस परिवार ने झेली हैं? निलंबन की चेतावनी तो दी गई है, लेकिन क्या ऐसे 'लापरवाह तंत्र' पर स्थायी लगाम लगेगी? बस्ती मंडल के प्रशासनिक गलियारों में बैठे उन तमाम 'साहबों' के लिए यह एक कड़ा संदेश है—जनता के अधिकारों के साथ खिलवाड़ बंद करें। अगर एक पत्रकार को अपने परिवार को जीवित साबित करने के लिए मुख्यमंत्री तक गुहार लगानी पड़े, तो आम आदमी की हालत क्या होगी, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं है। सावधान रहें! भ्रष्टाचार की इस दीमक को अब जड़ से उखाड़ने का वक्त आ गया है। इस मामले में जब तक बर्खास्तगी और कड़ी कानूनी कार्रवाई नहीं होती, तब तक प्रशासन की 'स्वच्छ छवि' का दावा खोखला ही रहेगा।
पत्रकार की मां-बहन का 'कागजी मर्डर': सेक्रेटरी अफजल पर गिरी गाज, वेतन रोका, अब होगी बर्खास्तगी? अजीत मिश्रा (खोजी) 🔔सिस्टम की 'कागजी हत्या': संत कबीर नगर में जिंदा मां-बहन को सेक्रेटरी ने कागजों में मारा!🔔 जिंदा हैं मां और बहन, पर सरकारी रजिस्टर में 'मुर्दा'! भ्रष्ट तंत्र की संवेदनहीनता पर उठा तूफान। पत्रकार की मां-बहन का 'कागजी मर्डर': सेक्रेटरी अफजल पर गिरी गाज, वेतन रोका, अब होगी बर्खास्तगी? बस्ती मंडल में सिस्टम शर्मसार: जब अधिकारी ही बन गए 'यमराज', जीवित परिवार को कागजों में मिटाया! बस्ती मंडल | ब्यूरो रिपोर्ट संत कबीर नगर जनपद के संथा विकास खंड से एक ऐसी खबर आई है जिसने मानवीय संवेदनाओं और सरकारी कार्यप्रणाली को शर्मसार कर दिया है। यहाँ के बरईपार ग्राम पंचायत में तैनात सेक्रेटरी मोहम्मद अफजल ने अपनी 'कलम की ताकत' का ऐसा दुरुपयोग किया कि एक जीवित मां और उनकी बेटी को सरकारी रिकॉर्ड (परिवार रजिस्टर) में 'मृत' घोषित कर दिया। कहते हैं कि 'सरकारी कलम' में इतनी ताकत होती है कि वह किसी का भाग्य बदल सकती है, लेकिन बस्ती मंडल के संत कबीर नगर जनपद में इसी कलम ने संवेदनहीनता की सारी हदें पार कर दीं। संथा विकास खंड के ग्राम पंचायत बरईपार में तैनात सेक्रेटरी मोहम्मद अफजल ने जो 'कारनामा' किया है, उसने प्रशासन की विश्वसनीयता पर कालिख पोत दी है। एक जीवित मां और बहन को सरकारी दस्तावेजों (परिवार रजिस्टर) में 'मृत' घोषित कर देना महज एक लिपिकीय त्रुटि नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार और हठधर्मिता की पराकाष्ठा है। 🔔भ्रष्टाचार का 'खूनी' खेल? सवाल यह उठता है कि क्या सरकारी रिकॉर्ड में किसी को मार देना इतना आसान है? पीड़ित पत्रकार राहुल त्रिपाठी जब अपने ही परिवार के हक के लिए दफ्तरों के चक्कर काट रहे थे, तब उन्हें टालमटोल और धमकियां मिल रही थीं। जब उच्च अधिकारियों के हस्तक्षेप पर 'नकल' जारी हुई, तो सच सामने आया—सिस्टम ने उनकी जीवित मां और बहन का अस्तित्व ही कागजों से मिटा दिया था। ⭐क्या यह किसी बड़ी साजिश का हिस्सा था? क्या किसी की संपत्ति या अधिकार हड़पने के लिए यह 'कागजी हत्या' की गई? यह जांच का विषय है। 🔔डीपीआरओ का डंडा: क्या वेतन रोकना काफी है? जिला पंचायत राज अधिकारी (DPRO) ने त्वरित संज्ञान लेते हुए सेक्रेटरी का वेतन रोक दिया है और एडीओ पंचायत से जवाब तलब किया है। लेकिन क्या केवल वेतन रोकना ऐसे 'आदमखोर' सिस्टम के लिए पर्याप्त सजा है? ⭐जवाबदेही किसकी? अगर एक पत्रकार के साथ ऐसा हो सकता है, तो आम जनता का क्या हाल होगा? ⭐मानसिक प्रताड़ना: एक बेटे और भाई के लिए इससे बड़ा आघात क्या होगा कि उसे अपनी जीवित मां-बहन को 'जिंदा' साबित करने के लिए सिस्टम से लड़ना पड़े? यह केवल लापरवाही नहीं, बल्कि प्रशासनिक आतंकवाद है। सत्ता के नशे में चूर 'कलम के सिपाही' पीड़ित पत्रकार राहुल त्रिपाठी पिछले कई दिनों से परिवार रजिस्टर की नकल के लिए सेक्रेटरी के दफ्तर की खाक छान रहे थे। आरोप है कि सेक्रेटरी ने न केवल उन्हें टालमटोल किया, बल्कि धमकियां भी दीं। जब मामला उच्च अधिकारियों तक पहुँचा और दबाव में नकल जारी की गई, तो जो सच सामने आया उसने सबके होश उड़ा दिए। सेक्रेटरी ने पत्रकार की जीवित मां और बहन को कागजों पर 'मुर्दा' दिखा दिया था। 🔔सवाल यह है कि: क्या यह किसी गहरी साजिश का हिस्सा है? क्या किसी की संपत्ति हड़पने या चुनावी लाभ के लिए जीवित लोगों का 'कागजी कत्ल' किया जा रहा है? ⭐डीपीआरओ का एक्शन: क्या वेतन रोकना काफी है? मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला पंचायत राज अधिकारी (DPRO) ने सेक्रेटरी मोहम्मद अफजल का वेतन तत्काल प्रभाव से रोक दिया है और एडीओ पंचायत से तीन दिन के भीतर जवाब मांगा है। लेकिन जनता पूछ रही है—क्या केवल वेतन रोकना इंसाफ है? * ऐसे अधिकारी जो जीवित इंसान को मृत घोषित कर दें, उन्हें एक पल भी कुर्सी पर रहने का हक नहीं है। क्या प्रशासन उन मानसिक यंत्रणाओं का हिसाब देगा जो उस परिवार ने झेली हैं? निलंबन की चेतावनी तो दी गई है, लेकिन क्या ऐसे 'लापरवाह तंत्र' पर स्थायी लगाम लगेगी? बस्ती मंडल के प्रशासनिक गलियारों में बैठे उन तमाम 'साहबों' के लिए यह एक कड़ा संदेश है—जनता के अधिकारों के साथ खिलवाड़ बंद करें। अगर एक पत्रकार को अपने परिवार को जीवित साबित करने के लिए मुख्यमंत्री तक गुहार लगानी पड़े, तो आम आदमी की हालत क्या होगी, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं है। सावधान रहें! भ्रष्टाचार की इस दीमक को अब जड़ से उखाड़ने का वक्त आ गया है। इस मामले में जब तक बर्खास्तगी और कड़ी कानूनी कार्रवाई नहीं होती, तब तक प्रशासन की 'स्वच्छ छवि' का दावा खोखला ही रहेगा।
- बेसहारों की उम्मीद बनी “सहारा चैरिटेबल ट्रस्ट” ने नव सदस्यों का किया भव्य सम्मान समारोह संत कबीर नगर/खलीलाबाद। मानव सेवा और समाज उत्थान के संकल्प के साथ कार्यरत सहारा चैरिटेबल ट्रस्ट “बेसहारों का सहारा” द्वारा खलीलाबाद स्थित कस्तूरी बेकर्स में एक गरिमामयी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर संस्था से जुड़े नए सदस्यों का उपहार देकर सम्मानित किया गया, जिससे माहौल उत्साह और प्रेरणा से भर उठा। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्था के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. अखलाक अहमद के मार्गदर्शन में हुई, जबकि संचालन प्रदेश अध्यक्ष अर्चना श्रीवास्तव ने प्रभावशाली ढंग से किया। कार्यक्रम में राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित यादव, मीडिया प्रभारी रमेश चंद्र दूबे, अनूप राय, भजुराम गुप्ता सहित कई प्रमुख पदाधिकारी मौजूद रहे। इस अवसर पर माया गौड़, संध्या श्रीवास्तव, लक्ष्मी यादव, रूपल विश्वकर्मा, ताबूसन अफजल, सुनबूल खातून, मीरा गौड़, सुनैना, ज्ञानमती दूबे, शांति देवी विश्वकर्मा, जयंती देवी, चांदमती देवी, संगीता देवी, मंजू देवी, हरिश्चंद्र, आशुतोष दूबे, प्रकाश सहित अनेक लोगों ने संस्था की सदस्यता ग्रहण की और समाज सेवा के इस अभियान से जुड़े। संस्थापक अध्यक्ष डॉ. अखलाक अहमद ने अपने संबोधन में संस्था के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ट्रस्ट का मुख्य लक्ष्य बेसहारा, जरूरतमंद और वंचित वर्ग को सहारा देना है, ताकि समाज में समानता और सहयोग की भावना को मजबूत किया जा सके। वहीं मीडिया प्रभारी रमेश चंद्र दूबे ने जानकारी दी कि संस्था का रजिस्ट्रेशन 16 जुलाई 2020 को हुआ था, जिसके बाद से संस्था ने निरंतर समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य किए हैं। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विजय सैनी ने बताया कि संस्था शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और ग्रामीण विकास जैसे अहम मुद्दों पर समर्पित भाव से कार्य कर रही है और आने वाले समय में और व्यापक स्तर पर जनसेवा के कार्य किए जाएंगे। कार्यक्रम के अंत में प्रदेश अध्यक्ष अर्चना श्रीवास्तव ने सभी आगंतुकों और नवसदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए उन्हें समाज सेवा के इस मिशन में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया। यह आयोजन न केवल नए सदस्यों के स्वागत का मंच बना, बल्कि समाज सेवा के प्रति समर्पण और एकजुटता का जीवंत उदाहरण भी प्रस्तुत कर गया।1
- संत कबीर नगर जनपद के नाथनगर विकासखंड अंतर्गत स्थित महुली के पास महाराजा गांव में समय मंदिर के पास हार्ट सर्किट से आग गेहूं की फसल में आग लग गई जिससे लगभग पचासों बीघा फसल जलकर राख हो गई। किसानों ने आग से हुए नुकसान का आकलन कर मुवावजे की मांग कर रहे हैं।1
- पुलिस अधीक्षक श्री संदीप कुमार मीना के निर्देशन में हुई इस कार्रवाई में आरोपी को हड़िया ओवरब्रिज के पास से पकड़ा गया और न्यायालय भेज दिया गया। 👉 महिला अपराध के मामलों में पुलिस की त्वरित कार्रवाई से क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर भरोसा बढ़ा है। रिपोर्ट – संतकबीरनगर1
- संत कबीर नगर से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां बिजली विभाग की बड़ी लापरवाही ने एक लाइनमैन की जान ले ली। मामला संत कबीर नगर के बघौली ब्लॉक के अंतर्गत ग्राम मरवतिया का है, जहां बिजली विभाग की घोर लापरवाही के चलते एक लाइनमैन की करंट लगने से मौत हो गई। बताया जा रहा है कि लाइनमैन को बिना पूरी तरह से बिजली सप्लाई बंद किए ही काम पर भेज दिया गया था। काम के दौरान अचानक लाइन में करंट दौड़ गया, जिसकी चपेट में आकर लाइनमैन गंभीर रूप से झुलस गया। आनन-फानन में उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।1
- मगहर में भाजपा का ‘पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान’ शुरू, विधायक अंकुर राज तिवारी ने किया शुभारंभ खलीलाबाद/मगहर। भारतीय जनता पार्टी के संगठनात्मक सुदृढ़ीकरण एवं कार्यकर्ताओं के वैचारिक कौशल को विकसित करने के उद्देश्य से मगहर नगर पंचायत में शनिवार को ‘पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान 2026’ का भव्य शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन खलीलाबाद के विधायक अंकुर राज तिवारी ने दीप प्रज्वलित कर किया।कार्यक्रम में बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ताओं की उपस्थिति रही, जिन्होंने पूरे उत्साह के साथ प्रशिक्षण सत्र में भाग लिया आवासीय प्रशिक्षण शिविर की विशेष व्यवस्था यह प्रशिक्षण शिविर विशेष रूप से भाजपा कार्यकर्ताओं के लिए आवासीय रूप में आयोजित किया गया है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि प्रतिभागियों के लिए एक रात्रि प्रवास अनिवार्य किया गया है, जिससे वे अनुशासन और संगठनात्मक जीवनशैली को व्यवहार में उतार सकें। अनुशासन, विचार और तकनीक का समन्वय शिविर के दौरान कार्यकर्ताओं को पार्टी की नीतियों, सिद्धांतों एवं आगामी कार्ययोजनाओं की विस्तृत जानकारी दी जा रही है। आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए पूरे प्रशिक्षण कार्यक्रम की रिपोर्टिंग ऑनलाइन पोर्टल पर रियल-टाइम अपलोड की जा रही है, जिससे पारदर्शिता और प्रभावशीलता सुनिश्चित हो रही है। वक्ताओं ने रखा विचारधारा पर जोर प्रशिक्षण सत्र में विभिन्न वक्ताओं ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के ‘अंत्योदय’ एवं ‘एकात्म मानववाद’ जैसे मूल सिद्धांतों पर विस्तार से प्रकाश डाला और कार्यकर्ताओं को इन्हें जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया। विधायक ने दिया एकजुटता का संदेश इस अवसर पर विधायक अंकुर राज तिवारी ने अपने संबोधन में कहा कि प्रशिक्षण किसी भी संगठन की रीढ़ होता है। उन्होंने कहा कि इस महाअभियान के माध्यम से कार्यकर्ता न केवल पार्टी की विचारधारा को गहराई से समझेंगे, बल्कि जनता की समस्याओं के समाधान में भी अधिक प्रभावी भूमिका निभा सकेंगे। उन्होंने कहा कि एक रात का सामूहिक प्रवास कार्यकर्ताओं में एकजुटता, अनुशासन और समर्पण की भावना को और अधिक मजबूत करता है।3
- संतकबीरनगर। पुलिस कर्मियों के मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के उद्देश्य से रिजर्व पुलिस लाइन परिसर में “योग एवं हार्टफुलनेस मेडिटेशन” सत्र का आयोजन किया गया। कार्यक्रम पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के निर्देशन में संपन्न हुआ। सत्र का उद्देश्य पुलिस ड्यूटी के दौरान उत्पन्न होने वाले मानसिक तनाव, अनियमित दिनचर्या तथा लंबी कार्य अवधि के दुष्प्रभावों को कम करना रहा, ताकि कर्मियों की कार्यक्षमता और मानसिक संतुलन में सुधार लाया जा सके। कार्यक्रम में योगाचार्य सीताराम बाबा की टीम तथा हार्टफुलनेस मेडिटेशन ट्रेनर आनंद कुमार, अभय कुमार श्रीवास्तव एवं मनीष राय द्वारा प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षकों ने पुलिस कर्मियों को विभिन्न योगासन, श्वास-प्रश्वास तकनीकें एवं ध्यान की विधियां सिखाईं, जिससे तनाव मुक्ति और मानसिक एकाग्रता विकसित हो सके। विशेषज्ञों ने बताया कि नियमित योग और ध्यान से आत्मविश्वास में वृद्धि होती है, मानसिक संतुलन बना रहता है तथा विषम परिस्थितियों में निर्णय लेने की क्षमता भी सुदृढ़ होती है। इस दौरान उपस्थित पुलिस कर्मियों ने सत्र में सक्रिय भागीदारी करते हुए इसे उपयोगी बताया और भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों के नियमित आयोजन की मांग की। पुलिस विभाग की यह पहल कर्मियों के स्वास्थ्य सुधार के साथ-साथ उनकी कार्यक्षमता और जनसेवा की गुणवत्ता बढ़ाने में सहायक मानी जा रही है।1
- आज रविवार है । रविवार का दिन भगवान सूर्य देव को समर्पित माना जाता है । * आज संकष्टी भी है । संकष्टी भगवान गणेश जी का त्योहार माना जाता है। मित्रों! सोकर उठ गए हो तो आइए, भगवान श्री गणपति महाराज जी का ध्यान करते हुए, भगवान सूर्य देव को प्रणाम करते हुए, अपने कुल देवताओं का आशीर्वाद लेते हुए, गुरुदेव की कृपा से आज की दिनचर्या का प्रारंभ करते हैं। !! भगवान श्री गणेशाय नम: !!1
- बेसहारों की उम्मीद बनी “सहारा चैरिटेबल ट्रस्ट” ने नव सदस्यों का भव्य हुआ सम्मान समारोह संत कबीर नगर/खलीलाबाद। मानव सेवा और समाज उत्थान के संकल्प के साथ कार्यरत सहारा चैरिटेबल ट्रस्ट “बेसहारों का सहारा” द्वारा खलीलाबाद स्थित कस्तूरी बेकर्स में एक गरिमामयी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर संस्था से जुड़े नए सदस्यों का उपहार देकर सम्मानित किया गया, जिससे माहौल उत्साह और प्रेरणा से भर उठा। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्था के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. अखलाक अहमद के मार्गदर्शन में हुई, जबकि संचालन प्रदेश अध्यक्ष अर्चना श्रीवास्तव ने प्रभावशाली ढंग से किया। कार्यक्रम में राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित यादव, मीडिया प्रभारी रमेश चंद्र दूबे, अनूप राय, भजुराम गुप्ता सहित कई प्रमुख पदाधिकारी मौजूद रहे। इस अवसर पर माया गौड़, संध्या श्रीवास्तव, लक्ष्मी यादव, रूपल विश्वकर्मा, ताबूसन अफजल, सुनबूल खातून, मीरा गौड़, सुनैना, ज्ञानमती दूबे, शांति देवी विश्वकर्मा, जयंती देवी, चांदमती देवी, संगीता देवी, मंजू देवी, हरिश्चंद्र, आशुतोष दूबे, प्रकाश सहित अनेक लोगों ने संस्था की सदस्यता ग्रहण की और समाज सेवा के इस अभियान से जुड़े। संस्थापक अध्यक्ष डॉ. अखलाक अहमद ने अपने संबोधन में संस्था के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ट्रस्ट का मुख्य लक्ष्य बेसहारा, जरूरतमंद और वंचित वर्ग को सहारा देना है, ताकि समाज में समानता और सहयोग की भावना को मजबूत किया जा सके। वहीं मीडिया प्रभारी रमेश चंद्र दूबे ने जानकारी दी कि संस्था का रजिस्ट्रेशन 16 जुलाई 2020 को हुआ था, जिसके बाद से संस्था ने निरंतर समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य किए हैं। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विजय सैनी ने बताया कि संस्था शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और ग्रामीण विकास जैसे अहम मुद्दों पर समर्पित भाव से कार्य कर रही है और आने वाले समय में और व्यापक स्तर पर जनसेवा के कार्य किए जाएंगे। कार्यक्रम के अंत में प्रदेश अध्यक्ष अर्चना श्रीवास्तव ने सभी आगंतुकों और नवसदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए उन्हें समाज सेवा के इस मिशन में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया। यह आयोजन न केवल नए सदस्यों के स्वागत का मंच बना, बल्कि समाज सेवा के प्रति समर्पण और एकजुटता का जीवंत उदाहरण भी प्रस्तुत कर गया।1