संतकबीरनगर पुलिस को जीएसटी कर चोरी और फर्जी बिलिंग के एक बड़े मामले में महत्वपूर्ण सफलता मिली है, जहाँ 25-25 हजार रुपये के इनामी दो वांछित आरोपियों को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के निर्देशन में चलाए गए अभियान के तहत पुलिस और एसटीएफ की एक संयुक्त टीम ने दिल्ली के हरिनगर क्षेत्र से इन दोनों आरोपियों को दबोचा। गिरफ्तार किए गए आरोपियों के पास से दो मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं। जाँच में यह सामने आया है कि आरोपियों ने अपने साथियों के साथ मिलकर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बोगस फर्में तैयार की थीं, जिनके जरिए नकली बिल, फर्जी इनवॉइस और ई-वे बिल जारी किए जाते थे। पुलिस के अनुसार, इस पूरे नेटवर्क ने करोड़ों रुपये की फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) क्लेम करके सरकार को भारी राजस्व नुकसान पहुँचाया है। जाँच में करीब 19 करोड़ रुपये से अधिक की संदिग्ध जीएसटी हेराफेरी का मामला उजागर हुआ है। उल्लेखनीय है कि इसी मामले में फरवरी 2026 में दो अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था, और अब पकड़े गए दोनों आरोपियों को इस पूरे फर्जीवाड़े का अहम किरदार बताया जा रहा है।
संतकबीरनगर पुलिस को जीएसटी कर चोरी और फर्जी बिलिंग के एक बड़े मामले में महत्वपूर्ण सफलता मिली है, जहाँ 25-25 हजार रुपये के इनामी दो वांछित आरोपियों को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के निर्देशन में चलाए गए अभियान के तहत पुलिस और एसटीएफ की एक संयुक्त टीम ने दिल्ली के हरिनगर क्षेत्र से इन दोनों आरोपियों को दबोचा। गिरफ्तार किए गए आरोपियों के पास से दो मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं। जाँच में यह सामने आया है कि आरोपियों ने अपने साथियों के साथ मिलकर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बोगस फर्में तैयार की थीं, जिनके जरिए नकली बिल, फर्जी इनवॉइस और ई-वे बिल जारी किए जाते थे। पुलिस के अनुसार, इस पूरे नेटवर्क ने करोड़ों रुपये की फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) क्लेम करके सरकार को भारी राजस्व नुकसान पहुँचाया है। जाँच में करीब 19 करोड़ रुपये से अधिक की संदिग्ध जीएसटी हेराफेरी का मामला उजागर हुआ है। उल्लेखनीय है कि इसी मामले में फरवरी 2026 में दो अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था, और अब पकड़े गए दोनों आरोपियों को इस पूरे फर्जीवाड़े का अहम किरदार बताया जा रहा है।
- संतकबीरनगर के पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के निर्देश पर थाना महुली पुलिस द्वारा क्षेत्र में अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण, कानून व्यवस्था बनाए रखने और आमजन में सुरक्षा की भावना मजबूत करने के उद्देश्य से एक व्यापक पैदल गश्त और वाहन चेकिंग अभियान चलाया गया। इस अभियान के तहत, थाना महुली पुलिस टीम ने कस्बा महुली और उसके आसपास के प्रमुख बाजारों, सार्वजनिक स्थलों, भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों, बैंक, एटीएम, प्रतिष्ठानों तथा संवेदनशील स्थानों पर पैदल गश्त करते हुए सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की सघन जांच की गई, साथ ही यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए वाहन चालकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। गश्त के दौरान पुलिस ने व्यापारियों, दुकानदारों और आम नागरिकों से संवाद स्थापित किया और उन्हें अपने प्रतिष्ठानों व घरों के आसपास सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए प्रेरित किया। पुलिस ने बताया कि सीसीटीवी कैमरे अपराध की रोकथाम और अपराधियों की पहचान में बेहद सहायक सिद्ध होते हैं, जिससे क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था और अधिक मजबूत होती है। इसके अतिरिक्त, नागरिकों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करते हुए अज्ञात लिंक, फोन कॉल, संदेश अथवा किसी भी लालचपूर्ण ऑनलाइन ऑफर के झांसे में न आने की सलाह दी गई। उन्हें अपने बैंक खाता, एटीएम कार्ड, ओटीपी, यूपीआई पिन और अन्य गोपनीय जानकारियां किसी के साथ साझा न करने के लिए भी आगाह किया गया। साइबर ठगी की स्थिति में तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करने और राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने के संबंध में भी विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। थाना महुली पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि, व्यक्ति अथवा कानून व्यवस्था से संबंधित सूचना की तत्काल पुलिस को जानकारी दें। पुलिस का मानना है कि जनसहयोग और पुलिस की सतर्कता से ही अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकता है। थाना महुली पुलिस क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है और आमजन की सुरक्षा हेतु लगातार ऐसे जागरूकता और चेकिंग अभियान चलाती रहेगी, जिससे 'आपकी सुरक्षा, हमारी प्राथमिकता' के संकल्प को साकार किया जा सके।4
- मंगलवार को संतकबीरनगर के मेंहदावल नगर में समाजवादी पार्टी ने भाजपा सरकार की नीतियों के खिलाफ एक जोरदार धरना प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में नीट पेपर लीक, महंगाई और बेरोजगारी जैसे मुद्दों को उठाते हुए सरकार के खिलाफ व्यापक विरोध दर्ज कराया गया। सपा सांसद लक्ष्मीकांत उर्फ पप्पू निषाद, पूर्व विधायक विजय बहादुर यादव और पूर्व प्रत्याशी जयराम पांडेय सहित समाजवादी पार्टी के दर्जनों पदाधिकारी और सैकड़ों कार्यकर्ता इस आयोजन में शामिल हुए, जिसकी अगुवाई सपा मेंहदावल विधानसभा अध्यक्ष ओमकार यादव ने की। पार्टी ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार की गलत नीतियों के कारण किसान, मजदूर, युवा बेरोजगार और छात्र सहित समाज का हर वर्ग बेहद परेशान है। यह विरोध प्रदर्शन मेंहदावल रोडवेज से रैली के रूप में शुरू हुआ और तहसील कार्यालय पर पहुंचकर धरने में बदल गया। शुरुआत में, जब उपजिलाधिकारी छुट्टी पर थे, तब तहसीलदार अलपिका वर्मा और नायब तहसीलदार प्रियंका त्रिपाठी ने ज्ञापन लेने का प्रयास किया, लेकिन सपा सांसद और वरिष्ठ नेताओं ने जिम्मेदार अधिकारी के न होने का हवाला देते हुए ज्ञापन देने से इनकार कर दिया। इसके बाद सभी सपा नेता कड़ी धूप में धरने पर बैठ गए और तहसील प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की, जिससे तहसील परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थिति संभालने के लिए, एक जिम्मेदार अधिकारी ने सांसद लक्ष्मीकांत उर्फ पप्पू निषाद की जिलाधिकारी से फोन पर बात करवाई, जिसके बाद तहसीलदार अलपिका वर्मा को ज्ञापन सौंपा गया। हालांकि, पूर्व सपा नेता जयराम पांडेय ने अपना धरना जारी रखा और भीषण गर्मी के कारण उनकी तबीयत खराब हो गई। सूचना मिलने पर खलीलाबाद सदर उपजिलाधिकारी मौके पर पहुंचे और कार्यकर्ताओं से बात कर सपा नेताओं को आश्वासन दिया। इसके बाद एम्बुलेंस की मदद से वरिष्ठ सपा नेता जयराम पांडेय को मेंहदावल सीएचसी पहुंचाया गया, जहां इलाज के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान विधानसभा महासचिव रियाज अहमद, श्यामजी यादव, राधेश्याम यादव, दीपक कन्नौजिया, बशीर खान और दीना चौधरी समेत अन्य कार्यकर्ता भी मौजूद रहे, जिन्होंने भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने का संकेत दिया।4
- गाजियाबाद में एक इमारत की तीसरी मंजिल पर आग लगने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। इस घटना के बाद, बचाव अभियान तत्काल शुरू किया गया था, और अब यह रेस्क्यू ऑपरेशन सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है।1
- गोरखपुर में आयुष्मान कार्ड के नाम पर एक बड़े फर्जीवाड़े का गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ 14 वर्षीय रजनी नंदिनी प्रजापति की ऑपरेशन के बाद दुखद मौत हो गई। इस घटना को लेकर अस्पताल पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जिसने स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह घटना आयुष्मान योजना और आयुष्मान भारत जैसी महत्वपूर्ण सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं के दुरुपयोग का संकेत देती है। सवाल उठ रहे हैं कि क्या गोरखपुर में आयुष्मान कार्ड के नाम पर एक संगठित 'गोरख धंधा' चल रहा है, जहाँ मरीजों की जान से खिलवाड़ किया जा रहा है। अस्पताल पर चिकित्सा और अस्पताल की लापरवाही के सीधे आरोप लगाए गए हैं। इस हृदयविदारक घटना के बाद, रजनी नंदिनी प्रजापति के लिए न्याय की माँग जोर पकड़ रही है। पूरे मामले की गहन जाँच की आवश्यकता पर बल दिया जा रहा है ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों को जवाबदेह ठहराया जा सके।1
- एक वायरल पोस्ट में दावा किया गया है कि बाबा वेंगा ने 2026 को लेकर जो भविष्यवाणियां की थीं, वे अब एक-एक करके सच साबित होती जा रही हैं। पोस्ट में दर्शकों से पूछा गया है कि क्या वे इस बात से सहमत हैं और उन्हें टिप्पणी करके यह बताने के लिए कहा गया है कि क्या उन्हें लगता है कि बाबा वेंगा की भविष्यवाणियां 2026 में समाप्त हो जाएंगी और दुनिया का अंत हो जाएगा। इसके साथ ही, दर्शकों को एक संबंधित वीडियो देखने का भी सुझाव दिया गया है।1
- गोरखपुर के पीपीगंज स्थित शर्मा हीरो एजेंसी में अपनी मोटरसाइकिल की सर्विसिंग कराने गए एक ग्राहक के साथ एजेंसी के मैनेजर और कर्मचारियों ने कथित तौर पर अभद्र व्यवहार किया और फिर बेरहमी से मारपीट की। पीड़ित ने शर्मा ऑटोमोबाइल्स के मनमाड मलिक पर ग्राहक को बेरहमी से पीटने का आरोप लगाया है। यह घटना तब शुरू हुई जब ग्राहक ने सर्विसिंग संबंधी आवश्यक अपडेट न किए जाने का कारण विनम्रतापूर्वक जानना चाहा। पीड़ित ने बताया कि जब उसने घटना का वीडियो बनाने का प्रयास किया, तो कर्मचारियों ने उसे मारा, उसका मोबाइल फोन छीनकर जमीन पर पटक दिया, जिससे वह टूट गया। इसके बाद उसे जबरन खींचकर एजेंसी के ऐसे हिस्से में ले जाया गया जहाँ सीसीटीवी कैमरा नहीं लगा था, और वहाँ भी उसके साथ मारपीट की गई, जिससे उसकी गर्दन और पीठ पर चोटें आईं। ग्राहक किसी तरह वहाँ से अपनी जान बचाकर निकला और तत्काल 112 पर पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घटना का मुआयना किया, साथ ही अधिकारियों ने उपलब्ध साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। हालांकि, पीड़ित को चिंता है कि घटना के बाद एजेंसी पक्ष द्वारा अपने प्रभाव एवं संपर्कों का उपयोग कर मामले को प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा था। इस घटना से खुद को अत्यंत आहत, आत्मसम्मान को ठेस पहुँचा हुआ और शारीरिक-मानसिक कष्ट का सामना करने वाला बताते हुए पीड़ित ने माननीय मुख्यमंत्री जी, माननीय अपर पुलिस महानिदेशक महोदय एवं माननीय पुलिस अधीक्षक गोरखपुर से प्रकरण की निष्पक्ष एवं गहन जांच, दोषियों के विरुद्ध कठोर एवं विधिसम्मत कार्रवाई तथा न्याय प्रदान करने की विनम्र अपील की है। उसने यह भी सुनिश्चित करने का अनुरोध किया है कि भविष्य में किसी अन्य ग्राहक के साथ इस प्रकार का दुर्व्यवहार न हो, और न्याय व्यवस्था पर पूर्ण विश्वास जताते हुए केवल निष्पक्ष जांच एवं न्याय की अपेक्षा की है।2
- संतकबीरनगर जिले की खलीलाबाद नगर पालिका परिषद के वार्ड संख्या-2 पश्चिम बगहिया में जल निकासी की गंभीर समस्या को लेकर वार्ड प्रतिनिधि अमित कुमार ने जिलाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा है। इस ज्ञापन के माध्यम से उन्होंने क्षेत्र में नई नालियों के निर्माण और क्षतिग्रस्त नालियों की मरम्मत कराने की मांग की है। ज्ञापन में स्पष्ट किया गया है कि क्षेत्र में नालियों की उचित व्यवस्था न होने के कारण बरसात के दिनों में गंभीर जलभराव की स्थिति बन जाती है। इस जलभराव के चलते लोगों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है, वहीं गंदे पानी के जमाव से संक्रामक बीमारियों का खतरा भी लगातार बढ़ता जा रहा है। वार्ड प्रतिनिधि ने बताया कि यह समस्या लंबे समय से चली आ रही है, और इसके समाधान से हजारों लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। अमित कुमार ने प्रशासन से अनुरोध किया है कि प्राथमिकता के आधार पर नई नालियों का निर्माण कराया जाए तथा जर्जर हो चुकी नालियों की मरम्मत करके जल निकासी की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। क्षेत्रवासियों की निगाहें अब प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं और उन्हें पूरी उम्मीद है कि इस जनसमस्या का समाधान जल्द ही किया जाएगा।1
- धीरेंद्र शास्त्री ने हाल ही में एक तीखा तंज कसते हुए टिप्पणी की कि 'काकरोच की पार्टी बन गई है।' उन्होंने अपने इस बयान के बहाने रोजगार और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर आलोचना की और उन पर गहरा निशाना साधा है।1
- गोरखपुर जिले के एक गाँव से यह शिकायत सामने आई है कि वहाँ RDC का काम पूरा हो चुका है, लेकिन इसके बावजूद पानी की निकासी की समस्या अभी भी बरकरार है। ग्रामीणों के अनुसार, गाँव में RDC का कार्य तो हो गया है, मगर पानी की उचित निकासी नहीं हो पा रही है, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।1