मंगलवार को संतकबीरनगर के मेंहदावल नगर में समाजवादी पार्टी ने भाजपा सरकार की नीतियों के खिलाफ एक जोरदार धरना प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में नीट पेपर लीक, महंगाई और बेरोजगारी जैसे मुद्दों को उठाते हुए सरकार के खिलाफ व्यापक विरोध दर्ज कराया गया। सपा सांसद लक्ष्मीकांत उर्फ पप्पू निषाद, पूर्व विधायक विजय बहादुर यादव और पूर्व प्रत्याशी जयराम पांडेय सहित समाजवादी पार्टी के दर्जनों पदाधिकारी और सैकड़ों कार्यकर्ता इस आयोजन में शामिल हुए, जिसकी अगुवाई सपा मेंहदावल विधानसभा अध्यक्ष ओमकार यादव ने की। पार्टी ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार की गलत नीतियों के कारण किसान, मजदूर, युवा बेरोजगार और छात्र सहित समाज का हर वर्ग बेहद परेशान है। यह विरोध प्रदर्शन मेंहदावल रोडवेज से रैली के रूप में शुरू हुआ और तहसील कार्यालय पर पहुंचकर धरने में बदल गया। शुरुआत में, जब उपजिलाधिकारी छुट्टी पर थे, तब तहसीलदार अलपिका वर्मा और नायब तहसीलदार प्रियंका त्रिपाठी ने ज्ञापन लेने का प्रयास किया, लेकिन सपा सांसद और वरिष्ठ नेताओं ने जिम्मेदार अधिकारी के न होने का हवाला देते हुए ज्ञापन देने से इनकार कर दिया। इसके बाद सभी सपा नेता कड़ी धूप में धरने पर बैठ गए और तहसील प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की, जिससे तहसील परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थिति संभालने के लिए, एक जिम्मेदार अधिकारी ने सांसद लक्ष्मीकांत उर्फ पप्पू निषाद की जिलाधिकारी से फोन पर बात करवाई, जिसके बाद तहसीलदार अलपिका वर्मा को ज्ञापन सौंपा गया। हालांकि, पूर्व सपा नेता जयराम पांडेय ने अपना धरना जारी रखा और भीषण गर्मी के कारण उनकी तबीयत खराब हो गई। सूचना मिलने पर खलीलाबाद सदर उपजिलाधिकारी मौके पर पहुंचे और कार्यकर्ताओं से बात कर सपा नेताओं को आश्वासन दिया। इसके बाद एम्बुलेंस की मदद से वरिष्ठ सपा नेता जयराम पांडेय को मेंहदावल सीएचसी पहुंचाया गया, जहां इलाज के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान विधानसभा महासचिव रियाज अहमद, श्यामजी यादव, राधेश्याम यादव, दीपक कन्नौजिया, बशीर खान और दीना चौधरी समेत अन्य कार्यकर्ता भी मौजूद रहे, जिन्होंने भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने का संकेत दिया।
मंगलवार को संतकबीरनगर के मेंहदावल नगर में समाजवादी पार्टी ने भाजपा सरकार की नीतियों के खिलाफ एक जोरदार धरना प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में नीट पेपर लीक, महंगाई और बेरोजगारी जैसे मुद्दों को उठाते हुए सरकार के खिलाफ व्यापक विरोध दर्ज कराया गया। सपा सांसद लक्ष्मीकांत उर्फ पप्पू निषाद, पूर्व विधायक विजय बहादुर यादव और पूर्व प्रत्याशी जयराम पांडेय सहित समाजवादी पार्टी के दर्जनों पदाधिकारी और सैकड़ों कार्यकर्ता इस आयोजन में शामिल हुए, जिसकी अगुवाई सपा मेंहदावल विधानसभा अध्यक्ष ओमकार यादव ने की। पार्टी
ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार की गलत नीतियों के कारण किसान, मजदूर, युवा बेरोजगार और छात्र सहित समाज का हर वर्ग बेहद परेशान है। यह विरोध प्रदर्शन मेंहदावल रोडवेज से रैली के रूप में शुरू हुआ और तहसील कार्यालय पर पहुंचकर धरने में बदल गया। शुरुआत में, जब उपजिलाधिकारी छुट्टी पर थे, तब तहसीलदार अलपिका वर्मा और नायब तहसीलदार प्रियंका त्रिपाठी ने ज्ञापन लेने का प्रयास किया, लेकिन सपा सांसद और वरिष्ठ नेताओं ने जिम्मेदार अधिकारी के न होने का हवाला देते
हुए ज्ञापन देने से इनकार कर दिया। इसके बाद सभी सपा नेता कड़ी धूप में धरने पर बैठ गए और तहसील प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की, जिससे तहसील परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थिति संभालने के लिए, एक जिम्मेदार अधिकारी ने सांसद लक्ष्मीकांत उर्फ पप्पू निषाद की जिलाधिकारी से फोन पर बात करवाई, जिसके बाद तहसीलदार अलपिका वर्मा को ज्ञापन सौंपा गया। हालांकि, पूर्व सपा नेता जयराम पांडेय ने अपना धरना जारी रखा और भीषण गर्मी के कारण उनकी तबीयत खराब
हो गई। सूचना मिलने पर खलीलाबाद सदर उपजिलाधिकारी मौके पर पहुंचे और कार्यकर्ताओं से बात कर सपा नेताओं को आश्वासन दिया। इसके बाद एम्बुलेंस की मदद से वरिष्ठ सपा नेता जयराम पांडेय को मेंहदावल सीएचसी पहुंचाया गया, जहां इलाज के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान विधानसभा महासचिव रियाज अहमद, श्यामजी यादव, राधेश्याम यादव, दीपक कन्नौजिया, बशीर खान और दीना चौधरी समेत अन्य कार्यकर्ता भी मौजूद रहे, जिन्होंने भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने का संकेत दिया।
- संतकबीरनगर पुलिस ने जीएसटी के माध्यम से बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी करने वाले दो इनामिया आरोपियों को दिल्ली से गिरफ्तार किया है। एसपी संदीप कुमार मीना के निर्देश पर की गई इस कार्रवाई में मेंहदावल एसओ राकेश कुमार सिंह और प्रभारी निरीक्षक जयप्रकाश दूबे के नेतृत्व में गठित टीम ने सौरभ अग्रवाल उर्फ सन्नी और अजीत कुमार को दिल्ली के हरिनगर क्लॉक टावर क्षेत्र से दो मोबाइल के साथ पकड़ा। ये दोनों आरोपी खलीलाबाद थाने में दर्ज एक मुकदमे में वांछित थे, जिसमें धोखाधड़ी, जालसाजी और आईटी एक्ट सहित जीएसटी एक्ट की विभिन्न धाराएं शामिल हैं। घटना का संक्षिप्त विवरण यह है कि दिनांक 03.07.2025 को राज्य कर खंड-1 संतकबीरनगर के सहायक आयुक्त अरविंद कुमार ने खलीलाबाद थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, सर्व श्री यादव इंटरप्राइजेज नामक फर्म ने बिना किसी वास्तविक खरीद के फर्जी चालानों के माध्यम से बिक्री घोषित की और मई 2025 के जीएसटी रिटर्न में ₹18,96,53,679 और ₹18,96,80,190 का बोगस इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) क्लेम किया। इसके अतिरिक्त, अभियुक्तों ने गुरुग्राम की श्री अल्फा इंटरप्राइजेज और दिल्ली की सर्व श्री राधे इंटरप्राइजेज सहित कुल दो फर्मों के माध्यम से भी धोखाधड़ी और जालसाजी कर सरकार को भारी राजस्व का नुकसान पहुंचाया। इसी मामले में, पहले दिनांक 13.02.2026 को संदीप कुमार और अमन उपाध्याय नामक दो अन्य आरोपियों को भी खलीलाबाद पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर न्यायालय भेजा गया था। उनकी गिरफ्तारी और बरामदगी के आधार पर अभियोग में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 340(2), 61(2), सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66सी/66डी और जीएसटी एक्ट की धारा 132 बढ़ाई गई थी। पुलिस के अनुसार, इन अभियुक्तों का अपराध करने का तरीका यह था कि वे अपने सहयोगियों के साथ मिलकर जाली और कूटरचित (फर्जी) दस्तावेजों का इस्तेमाल कर सरकारी पोर्टल पर 'सर्व श्री यादव इंटरप्राइजेज' जैसी अस्तित्वहीन बोगस फर्में पंजीकृत कराते थे। संदीप ने सौरभ अग्रवाल के साथ सांठगांठ कर अपनी विभिन्न क्लाइंट फर्मों के लिए फर्जी बिल बनवाए। ये लोग व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए डेटा साझा करते थे। अमन लैपटॉप पर 'बीजी सॉफ्टवेयर' का उपयोग कर फर्जी प्रपत्रों के आधार पर फर्जी फर्मों का रजिस्ट्रेशन कराकर फर्जी इनवॉइस और ई-वे बिल तैयार करता था, जबकि संदीप इन बोगस फर्मों के जीएसटी रिटर्न (GSTR-1) दाखिल करता था। इस कागजी खेल को वास्तविक दिखाने के लिए, माल खरीदने वाली असली फर्म बोगस फर्म के बैंक खाते में पैसे भेजती थी, जिसे 'सर्कुलर ट्रेडिंग' (पैसों को कई खातों में घुमाकर) या नकद निकासी के माध्यम से वापस ले लिया जाता था। इस फर्जी खरीद को दिखाकर वास्तविक फर्में भारी-भरकम आईटीसी क्लेम कर अपनी टैक्स चोरी करती थीं। गिरफ्तार अभियुक्तों ने पूछताछ में बताया कि वे अपने साथी संदीप के साथ मिलकर जाली प्रपत्रों के आधार पर बोगस/फर्जी फर्में रजिस्टर कराते थे और इन फर्जी फर्मों से फर्जी/जाली इनवाइस/ई-वे बिल तैयार कर दूसरों की वास्तविक फर्मों/कंपनियों को बेचकर जीएसटी की चोरी करते थे। इस गिरफ्तारी में मेंहदावल एसओ राकेश कुमार सिंह, कांस्टेबल धीरेंद्र प्रताप सिंह, कांस्टेबल अनिकेश यादव सहित लखनऊ एसटीएफ के निरीक्षक शैलेंद्र कुमार, हेड कांस्टेबल बीर प्रताप, हेड कांस्टेबल अजीत कुमार सिंह, हेड कांस्टेबल सुरेश सिंह और हेड कांस्टेबल मुनेंद्र सिंह आदि पुलिस टीम शामिल रही।3
- प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत चल रहे 100 दिवसीय सघन टीबी खोज विशेष अभियान के तहत, गोनहाडीह के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ने मंगलवार, 2 जून 2026 को हाई-रिस्क ग्राम पंचायत कदमहवा में एक विशेष स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य उच्च जोखिम वाली आबादी की टीबी जांच करना था, जिसके लिए हैंड-होल्ड एक्स-रे मशीन का उपयोग किया गया। टीबी जांच के साथ-साथ, मौके पर ही मरीजों के बीपी, ब्लड शुगर, हीमोग्लोबिन और बीएमआई सहित विभिन्न अन्य स्वास्थ्य परीक्षण भी किए गए। जांच के उपरांत, जिन मरीजों को आवश्यकता थी, उन्हें निःशुल्क दवाएं वितरित की गईं। इस अभियान को सफल बनाने में वरिष्ठ लैब पर्यवेक्षक चंदन सिंह, वरिष्ठ एक्स-रे टेक्नीशियन जितेंद्र त्रिपाठी, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी अभिलाषा, एएनएम पूनम, वार्ड बॉय अनुराग, संगिनी सरिता सिंह, आशा कार्यकर्ता आशा देवी और अनुराधा, तथा स्वयंसेवक फतेह बहादुर सिंह एवं मनोज सिंह उपस्थित रहे। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गोनहाडीह के प्रभारी अमित त्रिपाठी ने बताया कि पीएचसी क्षेत्र के अन्य हाई-रिस्क गांवों जैसे तेजगढ़, आदिलापुर, हरैयानानकार, मधुकरपुर, पटखौली और तिवारीपुर में भी इसी तरह के विशेष स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन कर लोगों की जांच की गई और उन्हें आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की गईं।1
- संतकबीरनगर पुलिस को जीएसटी कर चोरी और फर्जी बिलिंग के एक बड़े मामले में महत्वपूर्ण सफलता मिली है, जहाँ 25-25 हजार रुपये के इनामी दो वांछित आरोपियों को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के निर्देशन में चलाए गए अभियान के तहत पुलिस और एसटीएफ की एक संयुक्त टीम ने दिल्ली के हरिनगर क्षेत्र से इन दोनों आरोपियों को दबोचा। गिरफ्तार किए गए आरोपियों के पास से दो मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं। जाँच में यह सामने आया है कि आरोपियों ने अपने साथियों के साथ मिलकर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बोगस फर्में तैयार की थीं, जिनके जरिए नकली बिल, फर्जी इनवॉइस और ई-वे बिल जारी किए जाते थे। पुलिस के अनुसार, इस पूरे नेटवर्क ने करोड़ों रुपये की फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) क्लेम करके सरकार को भारी राजस्व नुकसान पहुँचाया है। जाँच में करीब 19 करोड़ रुपये से अधिक की संदिग्ध जीएसटी हेराफेरी का मामला उजागर हुआ है। उल्लेखनीय है कि इसी मामले में फरवरी 2026 में दो अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था, और अब पकड़े गए दोनों आरोपियों को इस पूरे फर्जीवाड़े का अहम किरदार बताया जा रहा है।1
- संतकबीरनगर पुलिस ने जीएसटी कर चोरी और धोखाधड़ी से जुड़े एक मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए 50-50 हजार रुपये के दो इनामी अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी लंबे समय से फरार चल रहे थे और इनकी गिरफ्तारी पर इनाम घोषित था। गिरफ्तार अभियुक्तों पर फर्जी बिल तैयार करने, बिना चालान माल बेचने और सरकारी राजस्व को नुकसान पहुँचाने के आरोप हैं। पुलिस की एक विशेष टीम ने लगातार निगरानी और सटीक सूचना के आधार पर दोनों आरोपियों को पकड़ा। पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर ने बताया कि अभियुक्तों के विरुद्ध जीएसटी कर चोरी, फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से धोखाधड़ी तथा अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज है। आवश्यक विधिक कार्रवाई के बाद उन्हें न्यायालय में प्रस्तुत किया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया है कि कर चोरी, फर्जी बिलिंग और आर्थिक अपराधों में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।1
- महाराजगंज जिले में पड़ रही भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप से जहां आम आदमी परेशान हैं, वहीं जंगल में रहने वाले बेजुबान जानवर भी अत्यधिक कठिनाई का सामना कर रहे हैं। इन परिस्थितियों को देखते हुए, लोगों से पुरज़ोर अपील की गई है कि वे पशु-पक्षी और अन्य जीवों की मदद के लिए आगे आएं। अनुरोध किया गया है कि यात्रा करते समय, इन बेजुबानों को कुछ खाने-पीने का सामान अवश्य उपलब्ध कराएं।1
- सिद्धार्थनगर जिले के ड्रेनेज खंड में निविदा प्रक्रिया को लेकर विवाद गहरा गया है, जहाँ ठेकेदार जयंती पांडेय समेत कई ठेकेदारों ने अधिशाषी अभियंता पर टेंडर प्रक्रिया में अनियमितता बरतने और नियमों की अनदेखी करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। इन आरोपों के कारण विभागीय कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। ठेकेदारों का कहना है कि जिन कार्यों के लिए नियमानुसार ऑनलाइन निविदा प्रक्रिया अपनाई जानी थी, उन्हें ऑफलाइन कराने की तैयारी की गई। इसके साथ ही, निविदा की सूचना ऐसे समाचार पत्रों में प्रकाशित की गई जिनका स्थानीय स्तर पर सीमित प्रसार है, जिससे अधिकतर इच्छुक ठेकेदारों को समय पर जानकारी नहीं मिल सकी। ठेकेदारों ने यह भी आरोप लगाया है कि नियमों के अनिवार्य होने के बावजूद विभागीय कार्यालय के सूचना पट्ट पर निविदा संबंधी कोई सूचना प्रदर्शित नहीं की गई। निविदा प्रपत्रों की बिक्री को लेकर भी सवाल खड़े किए गए हैं; इच्छुक ठेकेदारों के मुताबिक, अंतिम तिथि 1 जून तक कई प्रयासों के बावजूद उन्हें फॉर्म उपलब्ध नहीं कराए गए। इन अनियमितताओं को लेकर ठेकेदारों ने विभागीय अधिकारियों के समक्ष अपनी आपत्ति दर्ज कराई है, जिसके बाद निविदा निरस्त किए जाने की चर्चा है। हालांकि, इस संबंध में अभी तक कोई लिखित आदेश जारी नहीं हुआ है, जिससे ठेकेदारों के अनुसार स्थिति स्पष्ट नहीं है। इस मामले में अधिशाषी अभियंता कृपाशंकर भारती का पक्ष प्राप्त नहीं हो सका है। ठेकेदारों ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। यदि इन आरोपों में सत्यता पाई जाती है, तो यह मामला सरकारी निविदा प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर सकता है।1
- संतकबीर नगर जिले के दुधारा थाना क्षेत्र के सिंगरामा दीगर राजापुर चौराहा स्थित दलित मोहल्ले में अभी तक कोई भी विकास कार्य नहीं हुआ है। मोहल्ले के निवासियों ने शिकायत की है कि सारा काम जस का तस पड़ा है और दिखाने पर पता चलता है कि बहुत कुछ बाकी है। उनकी यह भी शिकायत है कि यहाँ के प्रधान ने अपने गांव और अपने टोले में तो सभी काम पूरे करवा दिए हैं, लेकिन दलित मोहल्ले में कुछ भी नहीं किया गया है।2
- मंगलवार को संतकबीरनगर के मेंहदावल नगर में समाजवादी पार्टी ने भाजपा सरकार की नीतियों के खिलाफ एक जोरदार धरना प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में नीट पेपर लीक, महंगाई और बेरोजगारी जैसे मुद्दों को उठाते हुए सरकार के खिलाफ व्यापक विरोध दर्ज कराया गया। सपा सांसद लक्ष्मीकांत उर्फ पप्पू निषाद, पूर्व विधायक विजय बहादुर यादव और पूर्व प्रत्याशी जयराम पांडेय सहित समाजवादी पार्टी के दर्जनों पदाधिकारी और सैकड़ों कार्यकर्ता इस आयोजन में शामिल हुए, जिसकी अगुवाई सपा मेंहदावल विधानसभा अध्यक्ष ओमकार यादव ने की। पार्टी ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार की गलत नीतियों के कारण किसान, मजदूर, युवा बेरोजगार और छात्र सहित समाज का हर वर्ग बेहद परेशान है। यह विरोध प्रदर्शन मेंहदावल रोडवेज से रैली के रूप में शुरू हुआ और तहसील कार्यालय पर पहुंचकर धरने में बदल गया। शुरुआत में, जब उपजिलाधिकारी छुट्टी पर थे, तब तहसीलदार अलपिका वर्मा और नायब तहसीलदार प्रियंका त्रिपाठी ने ज्ञापन लेने का प्रयास किया, लेकिन सपा सांसद और वरिष्ठ नेताओं ने जिम्मेदार अधिकारी के न होने का हवाला देते हुए ज्ञापन देने से इनकार कर दिया। इसके बाद सभी सपा नेता कड़ी धूप में धरने पर बैठ गए और तहसील प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की, जिससे तहसील परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थिति संभालने के लिए, एक जिम्मेदार अधिकारी ने सांसद लक्ष्मीकांत उर्फ पप्पू निषाद की जिलाधिकारी से फोन पर बात करवाई, जिसके बाद तहसीलदार अलपिका वर्मा को ज्ञापन सौंपा गया। हालांकि, पूर्व सपा नेता जयराम पांडेय ने अपना धरना जारी रखा और भीषण गर्मी के कारण उनकी तबीयत खराब हो गई। सूचना मिलने पर खलीलाबाद सदर उपजिलाधिकारी मौके पर पहुंचे और कार्यकर्ताओं से बात कर सपा नेताओं को आश्वासन दिया। इसके बाद एम्बुलेंस की मदद से वरिष्ठ सपा नेता जयराम पांडेय को मेंहदावल सीएचसी पहुंचाया गया, जहां इलाज के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान विधानसभा महासचिव रियाज अहमद, श्यामजी यादव, राधेश्याम यादव, दीपक कन्नौजिया, बशीर खान और दीना चौधरी समेत अन्य कार्यकर्ता भी मौजूद रहे, जिन्होंने भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने का संकेत दिया।4