संतकबीरनगर पुलिस ने जीएसटी कर चोरी और धोखाधड़ी से जुड़े एक मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए 50-50 हजार रुपये के दो इनामी अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी लंबे समय से फरार चल रहे थे और इनकी गिरफ्तारी पर इनाम घोषित था। गिरफ्तार अभियुक्तों पर फर्जी बिल तैयार करने, बिना चालान माल बेचने और सरकारी राजस्व को नुकसान पहुँचाने के आरोप हैं। पुलिस की एक विशेष टीम ने लगातार निगरानी और सटीक सूचना के आधार पर दोनों आरोपियों को पकड़ा। पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर ने बताया कि अभियुक्तों के विरुद्ध जीएसटी कर चोरी, फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से धोखाधड़ी तथा अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज है। आवश्यक विधिक कार्रवाई के बाद उन्हें न्यायालय में प्रस्तुत किया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया है कि कर चोरी, फर्जी बिलिंग और आर्थिक अपराधों में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
संतकबीरनगर पुलिस ने जीएसटी कर चोरी और धोखाधड़ी से जुड़े एक मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए 50-50 हजार रुपये के दो इनामी अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी लंबे समय से फरार चल रहे थे और इनकी गिरफ्तारी पर इनाम घोषित था। गिरफ्तार अभियुक्तों पर फर्जी बिल तैयार करने, बिना चालान माल बेचने और सरकारी राजस्व को नुकसान पहुँचाने के आरोप हैं। पुलिस की एक विशेष टीम ने लगातार निगरानी और सटीक सूचना के आधार पर दोनों आरोपियों को पकड़ा। पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर ने बताया कि अभियुक्तों के विरुद्ध जीएसटी कर चोरी, फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से धोखाधड़ी तथा अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज है। आवश्यक विधिक कार्रवाई के बाद उन्हें न्यायालय में प्रस्तुत किया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया है कि कर चोरी, फर्जी बिलिंग और आर्थिक अपराधों में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
- संतकबीरनगर पुलिस को जीएसटी कर चोरी और फर्जी बिलिंग के एक बड़े मामले में महत्वपूर्ण सफलता मिली है, जहाँ 25-25 हजार रुपये के इनामी दो वांछित आरोपियों को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के निर्देशन में चलाए गए अभियान के तहत पुलिस और एसटीएफ की एक संयुक्त टीम ने दिल्ली के हरिनगर क्षेत्र से इन दोनों आरोपियों को दबोचा। गिरफ्तार किए गए आरोपियों के पास से दो मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं। जाँच में यह सामने आया है कि आरोपियों ने अपने साथियों के साथ मिलकर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बोगस फर्में तैयार की थीं, जिनके जरिए नकली बिल, फर्जी इनवॉइस और ई-वे बिल जारी किए जाते थे। पुलिस के अनुसार, इस पूरे नेटवर्क ने करोड़ों रुपये की फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) क्लेम करके सरकार को भारी राजस्व नुकसान पहुँचाया है। जाँच में करीब 19 करोड़ रुपये से अधिक की संदिग्ध जीएसटी हेराफेरी का मामला उजागर हुआ है। उल्लेखनीय है कि इसी मामले में फरवरी 2026 में दो अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था, और अब पकड़े गए दोनों आरोपियों को इस पूरे फर्जीवाड़े का अहम किरदार बताया जा रहा है।1
- संतकबीरनगर पुलिस ने जीएसटी कर चोरी और धोखाधड़ी से जुड़े एक मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए 50-50 हजार रुपये के दो इनामी अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी लंबे समय से फरार चल रहे थे और इनकी गिरफ्तारी पर इनाम घोषित था। गिरफ्तार अभियुक्तों पर फर्जी बिल तैयार करने, बिना चालान माल बेचने और सरकारी राजस्व को नुकसान पहुँचाने के आरोप हैं। पुलिस की एक विशेष टीम ने लगातार निगरानी और सटीक सूचना के आधार पर दोनों आरोपियों को पकड़ा। पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर ने बताया कि अभियुक्तों के विरुद्ध जीएसटी कर चोरी, फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से धोखाधड़ी तथा अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज है। आवश्यक विधिक कार्रवाई के बाद उन्हें न्यायालय में प्रस्तुत किया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया है कि कर चोरी, फर्जी बिलिंग और आर्थिक अपराधों में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।1
- संतकबीर नगर जिले के दुधारा थाना क्षेत्र के सिंगरामा दीगर राजापुर चौराहा स्थित दलित मोहल्ले में अभी तक कोई भी विकास कार्य नहीं हुआ है। मोहल्ले के निवासियों ने शिकायत की है कि सारा काम जस का तस पड़ा है और दिखाने पर पता चलता है कि बहुत कुछ बाकी है। उनकी यह भी शिकायत है कि यहाँ के प्रधान ने अपने गांव और अपने टोले में तो सभी काम पूरे करवा दिए हैं, लेकिन दलित मोहल्ले में कुछ भी नहीं किया गया है।2
- संतकबीरनगर पुलिस ने एक झपटमारी के मामले में कन्हैया नामक अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह के मार्गदर्शन और क्षेत्राधिकारी खलीलाबाद प्रियम राजशेखर पाण्डेय के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक जय प्रकाश दुबे के नेतृत्व वाली टीम द्वारा की गई। अभियुक्त को औद्योगिक क्षेत्र शमशान घाट के पास से एक पीली धातु की चेन के साथ पकड़ा गया है। मामला 30 मई, 2026 का है, जब वादी विष्णु सिंह ने शिकायत दर्ज कराई थी कि मेंहदावल बायपास पर लगभग 11 बजे दिन में छोला भटूरा खाते समय एक अज्ञात व्यक्ति ने उनसे हाथापाई करते हुए उनके गले से सोने की चेन झपट ली और फरार हो गया। विष्णु सिंह द्वारा दी गई शिकायत के अनुसार, छीनी गई चेन की कीमत लगभग 2 लाख रुपये से अधिक बताई गई थी। इसी शिकायत के आधार पर कोतवाली खलीलाबाद थाने में मु0अ0सं0 451/2026 के तहत धारा 304(2) बीएनएस में मुकदमा दर्ज किया गया था, जिसमें साक्ष्य संकलन के आधार पर बाद में धारा 317(2) बीएनएस की बढ़ोतरी भी की गई। गिरफ्तार अभियुक्त कन्हैया पुत्र राम अधारे ने पूछताछ में स्वीकार किया कि उसने ही 30 मई, 2026 को मेंहदावल बायपास पर एक व्यक्ति से छोला भटूरा खाते समय चेन झपटी थी। कन्हैया मोती नगर एनडी पांडे गली, थाना कोतवाली खलीलाबाद का स्थायी निवासी है और वर्तमान में अग्रवाल नेत्रालय के पीछे छोटी सरौली, थाना कोतवाली खलीलाबाद में रहता है। पुलिस ने उसके पास से वही पीली धातु की चेन बरामद की है। इस गिरफ्तारी अभियान में उपनिरीक्षक धर्मेन्द्र कुमार मिश्रा, कांस्टेबल भानू प्रताप सिंह, कांस्टेबल मनीष यादव और कांस्टेबल राजन यादव शामिल थे। अभियुक्त कन्हैया का एक आपराधिक इतिहास भी है, जिसमें 2018 में आबकारी अधिनियम के तहत दर्ज मु0अ0सं0 1103/2018 शामिल है।3
- संतकबीरनगर पुलिस ने जीएसटी के माध्यम से बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी करने वाले दो इनामिया आरोपियों को दिल्ली से गिरफ्तार किया है। एसपी संदीप कुमार मीना के निर्देश पर की गई इस कार्रवाई में मेंहदावल एसओ राकेश कुमार सिंह और प्रभारी निरीक्षक जयप्रकाश दूबे के नेतृत्व में गठित टीम ने सौरभ अग्रवाल उर्फ सन्नी और अजीत कुमार को दिल्ली के हरिनगर क्लॉक टावर क्षेत्र से दो मोबाइल के साथ पकड़ा। ये दोनों आरोपी खलीलाबाद थाने में दर्ज एक मुकदमे में वांछित थे, जिसमें धोखाधड़ी, जालसाजी और आईटी एक्ट सहित जीएसटी एक्ट की विभिन्न धाराएं शामिल हैं। घटना का संक्षिप्त विवरण यह है कि दिनांक 03.07.2025 को राज्य कर खंड-1 संतकबीरनगर के सहायक आयुक्त अरविंद कुमार ने खलीलाबाद थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, सर्व श्री यादव इंटरप्राइजेज नामक फर्म ने बिना किसी वास्तविक खरीद के फर्जी चालानों के माध्यम से बिक्री घोषित की और मई 2025 के जीएसटी रिटर्न में ₹18,96,53,679 और ₹18,96,80,190 का बोगस इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) क्लेम किया। इसके अतिरिक्त, अभियुक्तों ने गुरुग्राम की श्री अल्फा इंटरप्राइजेज और दिल्ली की सर्व श्री राधे इंटरप्राइजेज सहित कुल दो फर्मों के माध्यम से भी धोखाधड़ी और जालसाजी कर सरकार को भारी राजस्व का नुकसान पहुंचाया। इसी मामले में, पहले दिनांक 13.02.2026 को संदीप कुमार और अमन उपाध्याय नामक दो अन्य आरोपियों को भी खलीलाबाद पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर न्यायालय भेजा गया था। उनकी गिरफ्तारी और बरामदगी के आधार पर अभियोग में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 340(2), 61(2), सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66सी/66डी और जीएसटी एक्ट की धारा 132 बढ़ाई गई थी। पुलिस के अनुसार, इन अभियुक्तों का अपराध करने का तरीका यह था कि वे अपने सहयोगियों के साथ मिलकर जाली और कूटरचित (फर्जी) दस्तावेजों का इस्तेमाल कर सरकारी पोर्टल पर 'सर्व श्री यादव इंटरप्राइजेज' जैसी अस्तित्वहीन बोगस फर्में पंजीकृत कराते थे। संदीप ने सौरभ अग्रवाल के साथ सांठगांठ कर अपनी विभिन्न क्लाइंट फर्मों के लिए फर्जी बिल बनवाए। ये लोग व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए डेटा साझा करते थे। अमन लैपटॉप पर 'बीजी सॉफ्टवेयर' का उपयोग कर फर्जी प्रपत्रों के आधार पर फर्जी फर्मों का रजिस्ट्रेशन कराकर फर्जी इनवॉइस और ई-वे बिल तैयार करता था, जबकि संदीप इन बोगस फर्मों के जीएसटी रिटर्न (GSTR-1) दाखिल करता था। इस कागजी खेल को वास्तविक दिखाने के लिए, माल खरीदने वाली असली फर्म बोगस फर्म के बैंक खाते में पैसे भेजती थी, जिसे 'सर्कुलर ट्रेडिंग' (पैसों को कई खातों में घुमाकर) या नकद निकासी के माध्यम से वापस ले लिया जाता था। इस फर्जी खरीद को दिखाकर वास्तविक फर्में भारी-भरकम आईटीसी क्लेम कर अपनी टैक्स चोरी करती थीं। गिरफ्तार अभियुक्तों ने पूछताछ में बताया कि वे अपने साथी संदीप के साथ मिलकर जाली प्रपत्रों के आधार पर बोगस/फर्जी फर्में रजिस्टर कराते थे और इन फर्जी फर्मों से फर्जी/जाली इनवाइस/ई-वे बिल तैयार कर दूसरों की वास्तविक फर्मों/कंपनियों को बेचकर जीएसटी की चोरी करते थे। इस गिरफ्तारी में मेंहदावल एसओ राकेश कुमार सिंह, कांस्टेबल धीरेंद्र प्रताप सिंह, कांस्टेबल अनिकेश यादव सहित लखनऊ एसटीएफ के निरीक्षक शैलेंद्र कुमार, हेड कांस्टेबल बीर प्रताप, हेड कांस्टेबल अजीत कुमार सिंह, हेड कांस्टेबल सुरेश सिंह और हेड कांस्टेबल मुनेंद्र सिंह आदि पुलिस टीम शामिल रही।3
- गोरखपुर के गोला तहसील क्षेत्र के बड़हलगंज स्थित खड़ेसरी में द्रौपदी एचपी गैस एजेंसी पर गैस कनेक्शन के केवाईसी (KYC) अपडेट के नाम पर अवैध रूप से पैसे लिए जाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। इस वायरल वीडियो में केवाईसी की प्रक्रिया पूरी करने वाले बाबू को ग्राहकों से 100 रुपये से लेकर 200 रुपये तक की रकम लेते हुए स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है।1
- आईपीएल का खिताब अपने नाम करने के ठीक बाद, क्रिकेटर विराट कोहली अपनी पत्नी और बॉलीवुड अभिनेत्री अनुष्का शर्मा के साथ मंगलवार की सुबह मथुरा पहुँचे। स्टार कपल लाइमलाइट और चकाचौंध से दूर सीधे वृंदावन के केली कुंज स्थित प्रख्यात संत प्रेमानंद जी महाराज के आश्रम में दर्शन के लिए पहुँचा। यहाँ विराट और अनुष्का की महाराज श्री के प्रति गहरी श्रद्धा एक बार फिर देखने को मिली, खासकर आईपीएल फाइनल में गुजरात को हराकर लगातार दूसरी बार ट्रॉफी जीतने के बाद। आश्रम पहुँचने पर, दोनों ने किसी भी तरह के वीआईपी प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया और बेहद सादगी के साथ अपनी गाड़ी में ही चप्पल-जूते उतारे, फिर नंगे पैर आश्रम परिसर में प्रवेश किया। मंगलवार सुबह करीब 7:00 बजे केली कुंज आश्रम के मुख्य द्वार पर पहुँचने पर, उन्होंने आश्रम के बाहर मीडिया और प्रशंसकों की भीड़ से बचने के लिए चेहरे पर मास्क लगा रखा था। गाड़ी से उतरने के बाद, वे बिल्कुल आम श्रद्धालुओं की तरह पैदल चलते हुए भक्ति भाव में लीन होकर महाराज जी की कुटिया की तरफ बढ़े। दोनों ने आश्रम के शांत और आध्यात्मिक वातावरण में लगभग 2 घंटे का समय गुजारा और सुबह तकरीबन 9:00 बजे बाहर आए।1
- संतकबीरनगर जिले के महुली थाना क्षेत्र से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ पीड़िता सरिता गौड़ ने जिलाधिकारी से न्याय की गुहार लगाई है। सरिता गौड़ ने आरोप लगाया है कि 27 मई 2026 को कुछ लोगों ने उन्हें कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर पिलाया, जिससे वे बेहोश हो गईं। इसी दौरान, इन लोगों ने कथित तौर पर उनकी करोड़ों रुपये की कीमती जमीन का बैनामा अपने नाम करा लिया। पीड़िता के अनुसार, उनकी लगभग 21 बिस्वा जमीन, जिसकी बाजार कीमत करीब 2 करोड़ 70 लाख रुपये बताई जा रही है, उसकी रजिस्ट्री मात्र 3 लाख 93 हजार रुपये में कर ली गई। इतना ही नहीं, सरिता गौड़ ने यह भी आरोप लगाया है कि आरोपियों ने उनके बैंक खाते से यूपीआई के माध्यम से शेष रकम भी निकाल ली है। इस गंभीर धोखाधड़ी को लेकर पीड़िता ने जिलाधिकारी से प्रार्थना पत्र देकर मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। यह पूरा प्रकरण अब क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाओं का विषय बन गया है, और स्थानीय लोग प्रशासन द्वारा इस मामले में की जाने वाली कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।1