बिहार के कैमूर जिले के भभुआ प्रखंड में एक बड़ा घोटाला सामने आया है, जहाँ कथित तौर पर बिना सोख्ता निर्माण के ही ₹84 लाख (चौरासी लाख रुपये) की अवैध निकासी कर ली गई। यह राशि जियो टैग किए बिना ही निकाल ली गई, और आरोप है कि भभुआ प्रखंड के जेई और बीडीओ की मिलीभगत से लाखों रुपये नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए गटक लिए गए। प्रखंड भभुआ की सभी पंचायतों में कुल 439 सोख्ता का निर्माण किया जाना था, लेकिन इन्हें बिना बनाए ही यह राशि अपने चहेते वेंडरों में वितरित कर दी गई। जाँच में यह भी सामने आया है कि ग्राम पंचायत के मुखिया की स्वीकृति के बिना ही अवैध तरीके से राशि का गबन किया गया। बताया गया कि 70% राशि स्वच्छता मद से और 30% ग्राम पंचायत से भुगतान की जानी थी, लेकिन मुखिया के अधिकारों का हनन करते हुए यह बड़ी अनियमितता की गई। जब यह खबर मीडिया में चली, तो आनन-फानन में कुछ सोख्ता का निर्माण कराया जाने लगा, लेकिन वे भी मानक के अनुरूप नहीं थे, जिसका वीडियो भी सामने आया है। पत्रकारों द्वारा इस अनियमितता पर जिला समन्वयक नरेंद्र कुमार और ब्लॉक कॉर्डिनेटर भभुआ से फोन पर बात की गई तो उन्होंने भी स्वीकार किया कि कार्य के बिना ही राशि निकाल ली गई है। कई ग्राम पंचायत मुखियाओं ने बताया कि उन्हें सोख्ता निर्माण की जानकारी ही नहीं थी, और कुछ ने वेंडरों से पूछने पर यह जवाब पाया कि यह जिले की योजना है, पंचायत की नहीं। विगत कई दिनों से मीडिया में यह खबर चल रही है, लेकिन अभी तक किसी भी वरीय पदाधिकारी द्वारा इस मामले पर कोई संज्ञान नहीं लिया गया है और न ही कोई कार्रवाई हुई है।
बिहार के कैमूर जिले के भभुआ प्रखंड में एक बड़ा घोटाला सामने आया है, जहाँ कथित तौर पर बिना सोख्ता निर्माण के ही ₹84 लाख (चौरासी लाख रुपये) की अवैध निकासी कर ली गई। यह राशि जियो टैग किए बिना ही निकाल ली गई, और आरोप है कि भभुआ प्रखंड के जेई और बीडीओ की मिलीभगत से लाखों रुपये नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए गटक लिए गए। प्रखंड भभुआ की सभी पंचायतों में कुल 439 सोख्ता का निर्माण किया जाना था, लेकिन इन्हें बिना बनाए ही यह राशि अपने चहेते वेंडरों में वितरित कर दी गई। जाँच में यह भी सामने आया है कि ग्राम पंचायत के मुखिया की स्वीकृति के बिना ही अवैध तरीके से राशि का गबन किया गया। बताया गया कि 70% राशि स्वच्छता मद से और 30% ग्राम पंचायत से भुगतान की जानी थी, लेकिन मुखिया के अधिकारों का हनन करते हुए यह बड़ी अनियमितता की गई। जब यह खबर मीडिया में चली, तो आनन-फानन में कुछ सोख्ता का निर्माण कराया जाने लगा, लेकिन वे भी मानक के अनुरूप नहीं थे, जिसका वीडियो भी सामने आया है। पत्रकारों द्वारा इस अनियमितता पर जिला समन्वयक नरेंद्र कुमार और ब्लॉक कॉर्डिनेटर भभुआ से फोन पर बात की गई तो उन्होंने भी स्वीकार किया कि कार्य के बिना ही राशि निकाल ली गई है। कई ग्राम पंचायत मुखियाओं ने बताया कि उन्हें सोख्ता निर्माण की जानकारी ही नहीं थी, और कुछ ने वेंडरों से पूछने पर यह जवाब पाया कि यह जिले की योजना है, पंचायत की नहीं। विगत कई दिनों से मीडिया में यह खबर चल रही है, लेकिन अभी तक किसी भी वरीय पदाधिकारी द्वारा इस मामले पर कोई संज्ञान नहीं लिया गया है और न ही कोई कार्रवाई हुई है।
- बिहार के कैमूर जिले के भभुआ प्रखंड में एक बड़ा घोटाला सामने आया है, जहाँ कथित तौर पर बिना सोख्ता निर्माण के ही ₹84 लाख (चौरासी लाख रुपये) की अवैध निकासी कर ली गई। यह राशि जियो टैग किए बिना ही निकाल ली गई, और आरोप है कि भभुआ प्रखंड के जेई और बीडीओ की मिलीभगत से लाखों रुपये नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए गटक लिए गए। प्रखंड भभुआ की सभी पंचायतों में कुल 439 सोख्ता का निर्माण किया जाना था, लेकिन इन्हें बिना बनाए ही यह राशि अपने चहेते वेंडरों में वितरित कर दी गई। जाँच में यह भी सामने आया है कि ग्राम पंचायत के मुखिया की स्वीकृति के बिना ही अवैध तरीके से राशि का गबन किया गया। बताया गया कि 70% राशि स्वच्छता मद से और 30% ग्राम पंचायत से भुगतान की जानी थी, लेकिन मुखिया के अधिकारों का हनन करते हुए यह बड़ी अनियमितता की गई। जब यह खबर मीडिया में चली, तो आनन-फानन में कुछ सोख्ता का निर्माण कराया जाने लगा, लेकिन वे भी मानक के अनुरूप नहीं थे, जिसका वीडियो भी सामने आया है। पत्रकारों द्वारा इस अनियमितता पर जिला समन्वयक नरेंद्र कुमार और ब्लॉक कॉर्डिनेटर भभुआ से फोन पर बात की गई तो उन्होंने भी स्वीकार किया कि कार्य के बिना ही राशि निकाल ली गई है। कई ग्राम पंचायत मुखियाओं ने बताया कि उन्हें सोख्ता निर्माण की जानकारी ही नहीं थी, और कुछ ने वेंडरों से पूछने पर यह जवाब पाया कि यह जिले की योजना है, पंचायत की नहीं। विगत कई दिनों से मीडिया में यह खबर चल रही है, लेकिन अभी तक किसी भी वरीय पदाधिकारी द्वारा इस मामले पर कोई संज्ञान नहीं लिया गया है और न ही कोई कार्रवाई हुई है।1
- असम के जोरहाट में 13 जून को वायुसेना के विमान हादसे में जहानाबाद के लेफ्टिनेंट शुभम कुमार शहीद हो गए थे। उनकी शहादत के बाद परिवार में सरकार की ओर से मिली सहायता राशि को लेकर विवाद शुरू हो गया है। शहीद के पिता अमरेंद्र शर्मा ने आरोप लगाया है कि शुभम की पत्नी श्रेया ने अधिकारियों से मिलीभगत कर ₹21 लाख का चेक हड़प लिया है और वह चेक लेकर अपने घर चली गई है। माता-पिता का कहना है कि श्रेया ने उनके बेटे को बरगलाकर कोर्ट मैरिज की थी, जिस पर वे नाराज़गी व्यक्त कर रहे हैं।1
- तारापुर प्रखंड परिसर में गुरुवार को आयोजित सहयोग-सह-जन कल्याण शिविर में विभिन्न सरकारी योजनाओं से संबंधित कुल 168 आवेदन प्राप्त हुए। इन आवेदनों में से 102 का मौके पर ही निष्पादन कर लाभार्थियों को तुरंत राहत प्रदान की गई, जबकि शेष 66 आवेदनों को आवश्यक कार्रवाई के लिए संबंधित विभागों के पास भेजा गया है। शिविर में सबसे अधिक 68 लाभार्थियों के लिए आयुष्मान भारत कार्ड बनाए गए। इसके अलावा, आयुष्मान वय वंदन कार्ड के 7, सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के 8, प्रधानमंत्री आवास योजना के 12, जी-रामजी योजना के 2 और कामगार कल्याण बोर्ड से जुड़े 3 आवेदनों का भी मौके पर ही निष्पादन किया गया। विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मियों ने अलग-अलग काउंटर स्थापित कर लोगों की समस्याओं को सुना और उन्हें योजनाओं से संबंधित जानकारी दी। बीडीओ प्रशांत कुमार ने शिविर का निरीक्षण करते हुए कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि आम लोगों तक योजनाओं का लाभ पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पहुँचे। उन्होंने लंबित आवेदनों का शीघ्र निष्पादन करने का भी निर्देश दिया।1
- बिहार के भोजपुर जिले से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ पुलिस पर भरत तिवारी के फर्जी एनकाउंटर को अंजाम देने का आरोप लगाया गया है। यह घटना सीधे तौर पर सम्राट चौधरी से संबंधित पुलिस पर सवाल खड़े कर रही है।1
- खगड़िया जिला के गोगरी अनुमंडल परिसर में सहयोग जनकल्याण शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर जनकल्याण के उद्देश्य से लगाया गया था।1
- मुंगेर में विकसित भारत संकल्प सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसमें मुंगेर के सांसद ललन सिंह ने मोदी सरकार के 12 वर्षों की उपलब्धियों का विस्तार से उल्लेख किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि मोदी सरकार ने देश के अंतिम व्यक्ति तक विकास योजनाओं का लाभ पहुँचाने का काम किया है। सांसद ललन सिंह ने इस दौरान आयुष्मान भारत योजना का विशेष जिक्र किया, जिससे गरीब परिवारों को मुफ्त इलाज की सुविधा मिल रही है। साथ ही, उन्होंने कहा कि अब तक देश के 80 करोड़ से अधिक लोगों को मुफ्त अनाज उपलब्ध कराया जा चुका है, जो सरकार की गरीब कल्याणकारी नीतियों का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने समाज के सभी वर्गों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।1
- मुंगेर जिले के संग्रामपुर में देवघर-सुल्तानगंज मुख्य मार्ग पर स्थित अंबेडकर चौक के समीप बजरंगबली मंदिर प्रांगण में बजरंग दल के युवाओं द्वारा 24 घंटे के रामधुन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस भक्तिमय महोत्सव की शुरुआत 101 कन्याओं की कलश यात्रा के साथ हुई, जो मंदिर प्रांगण से निकलकर मुख्य बाजार से गुजरी। कलश यात्रा के बाद मंदिर परिसर में अखंड रामधुन शुरू हुआ, जो पूरे 24 घंटे तक चलता रहा। राम नाम के कीर्तन की धुन पर किन्नर भी वहां पहुंचे और नृत्य करने लगे, जिससे पूरा मंदिर प्रांगण भक्ति और उत्साह से भर उठा। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने इस भजन-कीर्तन में भाग लिया, और ‘जय श्रीराम’ के जयकारे से पूरा संग्रामपुर भक्तिमय हो गया। बजरंग दल के युवा राजेश कुमार ने बताया कि संग्रामपुर के सभी युवा हर साल मिलकर इस रामधुन का आयोजन करते हैं। उन्होंने भगवान से प्रार्थना की कि हिंदुत्व राष्ट्र के रूप में बना रहे और समाज में एकता कायम रहे।4
- महागामा प्रखंड के नरैनी कब्रिस्तान के पास एक बाइक दुर्घटना में बाइक सवार बाल-बाल बच गया। यह हादसा उस समय हुआ जब बाइक सवार गोरगावां से नरैनी की ओर जा रहा था, और इस दुर्घटना में किसी भी बड़ी अनहोनी से बचाव हो गया, जो एक राहत की बात रही। हादसे के तुरंत बाद घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जमा हो गई, और स्थानीय लोगों ने तत्परता से मदद कर स्थिति को संभाला। हालांकि, इस दुर्घटना में बाइक को नुकसान पहुंचने की सूचना है। फिलहाल, हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है। अधिकारियों ने सड़क पर चलने वाले सभी वाहन चालकों से सावधानीपूर्वक वाहन चलाने और यातायात नियमों का पालन करने की अपील की है।1