मध्य प्रदेश के छतरपुर जिला चिकित्सालय के बर्न वार्ड में बदहाल व्यवस्थाओं की तस्वीरें सामने आई हैं, जहाँ भीषण गर्मी के बीच वार्ड का एयर कंडीशनर (AC) खराब पड़ा है। इसके चलते मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालात इतने गंभीर हैं कि मरीजों को राहत देने के लिए उनके परिजनों को अपने निजी कूलर लगाकर व्यवस्था करनी पड़ रही है। मरीजों के परिजनों ने बताया कि उन्होंने कई बार शिकायत की है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी इस समस्या पर मौन साधे हुए हैं। दूसरी ओर, सिविल सर्जन ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही सुधार कार्य कराया जाएगा। इस गंभीर स्थिति ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं कि आखिर गंभीर मरीजों के लिए बने वार्ड में ऐसी लापरवाही क्यों बरती जा रही है। जब बर्न वार्ड जैसे संवेदनशील विभाग में मूलभूत सुविधाएँ तक उपलब्ध नहीं हैं, तो राज्य में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं के दावों की सच्चाई क्या है।
मध्य प्रदेश के छतरपुर जिला चिकित्सालय के बर्न वार्ड में बदहाल व्यवस्थाओं की तस्वीरें सामने आई हैं, जहाँ भीषण गर्मी के बीच वार्ड का एयर कंडीशनर (AC) खराब पड़ा है। इसके चलते मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालात इतने गंभीर हैं कि मरीजों को राहत देने के लिए उनके परिजनों को अपने निजी कूलर लगाकर व्यवस्था करनी पड़ रही है। मरीजों के परिजनों ने बताया कि उन्होंने कई बार शिकायत की है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी इस समस्या पर मौन साधे हुए हैं। दूसरी ओर, सिविल सर्जन ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही सुधार कार्य कराया जाएगा। इस गंभीर स्थिति ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं कि आखिर गंभीर मरीजों के लिए बने वार्ड में ऐसी लापरवाही क्यों बरती जा रही है। जब बर्न वार्ड जैसे संवेदनशील विभाग में मूलभूत सुविधाएँ तक उपलब्ध नहीं हैं, तो राज्य में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं के दावों की सच्चाई क्या है।
- मध्य प्रदेश के छतरपुर जिला चिकित्सालय के बर्न वार्ड में बदहाल व्यवस्थाओं की तस्वीरें सामने आई हैं, जहाँ भीषण गर्मी के बीच वार्ड का एयर कंडीशनर (AC) खराब पड़ा है। इसके चलते मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालात इतने गंभीर हैं कि मरीजों को राहत देने के लिए उनके परिजनों को अपने निजी कूलर लगाकर व्यवस्था करनी पड़ रही है। मरीजों के परिजनों ने बताया कि उन्होंने कई बार शिकायत की है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी इस समस्या पर मौन साधे हुए हैं। दूसरी ओर, सिविल सर्जन ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही सुधार कार्य कराया जाएगा। इस गंभीर स्थिति ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं कि आखिर गंभीर मरीजों के लिए बने वार्ड में ऐसी लापरवाही क्यों बरती जा रही है। जब बर्न वार्ड जैसे संवेदनशील विभाग में मूलभूत सुविधाएँ तक उपलब्ध नहीं हैं, तो राज्य में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं के दावों की सच्चाई क्या है।1
- मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले के बम्होरी कलां थाना क्षेत्र में अवैध शराब की खुलेआम बिक्री के विरोध में महिलाओं ने मोर्चा खोल दिया है। महिलाओं ने पलेरा-जतारा रोड पर घंटों तक जाम लगाकर अपना आक्रोश व्यक्त किया, जिसके चलते सड़क पर आवागमन बुरी तरह प्रभावित रहा। ग्रामीणों के अनुसार, क्षेत्र के गांव-गांव में अवैध शराब परोसी जा रही है, जिसने सरकार के 'नशा मुक्ति अभियान' को पूरी तरह मज़ाक बना दिया है। पुलिस द्वारा समझाइश दिए जाने के बाद ही जाम खोला जा सका और यातायात सुचारु हो पाया। यह घटना स्थानीय स्तर पर अवैध शराब के व्यापक प्रसार और इसके खिलाफ जनता के बढ़ते असंतोष को उजागर करती है।1
- टीकमगढ़ जिले के अजनौर में गरीबों के हक पर डाका डालने का मामला सामने आया है। यहां एक राशन की दुकान को सील कर दिया गया है, जहाँ से 119 क्विंटल अनाज गायब पाया गया है। यह कार्रवाई गरीबों के लिए आए अनाज की कथित हेराफेरी को लेकर की गई है।1
- छतरपुर जिले के महाराजपुर थाना क्षेत्र के वार्ड नंबर 6 भटीपुरा में एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ, 42 वर्षीय राममिलन यादव ने कथित तौर पर साधु बनने और गृहस्थ जीवन से मुक्ति पाने की इच्छा में अपनी कुल्हाड़ी से अपना ही प्राइवेट पार्ट काट लिया। बताया गया है कि यह खौफनाक कदम शुक्रवार सुबह करीब 9 बजे राममिलन ने खेत के पास स्थित एक कुएं पर उठाया। गंभीर रूप से घायल होने के बाद उसने स्वयं अपने चचेरे भाई को फोन कर इस घटना की जानकारी दी। राममिलन यादव का इलाज वर्तमान में जिला अस्पताल में जारी है।1