प्रसूता के इलाज में गंभीर लापरवाही का आरोप: बिलसंडा सीएचसी की स्टाफ नर्स पर गर्भाशय में कपड़ा छोड़ने का आरोप, डीएम से जांच की मांग पीलीभीत जिले के बिलसंडा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) से स्वास्थ्य सेवाओं पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। एक प्रसूता के परिजनों ने सीएचसी में तैनात स्टाफ नर्स पर प्रसव के दौरान कथित रूप से गर्भाशय में कपड़ा छोड़ देने का आरोप लगाया है। मामले में पीड़ित परिवार ने जिलाधिकारी से शिकायत कर निष्पक्ष जांच और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की है। बिलसंडा थाना क्षेत्र के निवासी पीड़ित के अनुसार, 10 जुलाई को प्रसव पीड़ा होने पर वह अपनी पत्नी को सरकारी अस्पताल बिलसंडा लेकर पहुंचे। आरोप है कि ड्यूटी पर मौजूद स्टाफ नर्स ने छोटा ऑपरेशन कर प्रसव कराया, लेकिन इस दौरान कथित लापरवाही के चलते प्रसूता के गर्भाशय में कपड़ा छोड़ दिया गया। परिजनों का कहना है कि प्रसव के बाद महिला की तबीयत लगातार बिगड़ती गई। बदबू और संक्रमण जैसे लक्षण सामने आने पर करीब 20 दिन बाद गुरुवार को उसे दोबारा बिलसंडा सीएचसी लाया गया, जहां उपचार किया गया। पीड़ित पति ने यह भी आरोप लगाया कि स्टाफ नर्स ने "मिठाई" के नाम पर 1,000 रुपये और सफाईकर्मी के लिए 500 रुपये भी लिए। इन आरोपों के संबंध में पीड़ित ने जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह को पंजीकृत पत्र भेजकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है। उधर, बिलसंडा सीएचसी के अधीक्षक डॉ. छत्रपाल ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में आया है। उन्होंने कहा कि आरोपों की जांच कराई जाएगी और जांच रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल यह मामला जांच के अधीन है। आरोपों की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है।
प्रसूता के इलाज में गंभीर लापरवाही का आरोप: बिलसंडा सीएचसी की स्टाफ नर्स पर गर्भाशय में कपड़ा छोड़ने का आरोप, डीएम से जांच की मांग पीलीभीत जिले के बिलसंडा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) से स्वास्थ्य सेवाओं पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। एक प्रसूता के परिजनों ने सीएचसी में तैनात स्टाफ नर्स पर प्रसव के दौरान कथित रूप से गर्भाशय में कपड़ा छोड़ देने का आरोप लगाया है। मामले में पीड़ित परिवार ने जिलाधिकारी से शिकायत कर निष्पक्ष जांच और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की है। बिलसंडा थाना क्षेत्र के निवासी पीड़ित के अनुसार, 10 जुलाई को प्रसव पीड़ा होने पर वह अपनी पत्नी को सरकारी अस्पताल बिलसंडा लेकर पहुंचे। आरोप है कि ड्यूटी पर मौजूद स्टाफ नर्स ने छोटा ऑपरेशन कर प्रसव कराया, लेकिन इस दौरान कथित लापरवाही के चलते प्रसूता के गर्भाशय में कपड़ा छोड़ दिया गया। परिजनों का कहना है कि प्रसव के बाद महिला की तबीयत लगातार बिगड़ती गई। बदबू और संक्रमण जैसे लक्षण सामने आने पर करीब 20 दिन बाद गुरुवार को उसे दोबारा बिलसंडा सीएचसी लाया गया, जहां उपचार किया गया। पीड़ित पति ने यह भी आरोप लगाया कि स्टाफ नर्स ने "मिठाई" के नाम पर 1,000 रुपये और सफाईकर्मी के लिए 500 रुपये भी लिए। इन आरोपों के संबंध में पीड़ित ने जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह को पंजीकृत पत्र भेजकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है। उधर, बिलसंडा सीएचसी के अधीक्षक डॉ. छत्रपाल ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में आया है। उन्होंने कहा कि आरोपों की जांच कराई जाएगी और जांच रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल यह मामला जांच के अधीन है। आरोपों की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है।
- बड़ी खबर : चार जिलों में ज्वाला शरण जगदीश शरण के प्रतिष्ठानों पर GST टीम का छापा1
- तालाब पर कब्जे पर चला बुलडोजर: बीसलपुर के सिमरा अकबरगंज में प्रशासन का बड़ा एक्शन, भू-माफियाओं में मचा हड़कंप पीलीभीत के बीसलपुर तहसील क्षेत्र के ग्राम सिमरा अकबरगंज में सरकारी तालाब की भूमि पर किए गए अवैध कब्जे के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बुलडोजर चलवा दिया। उप जिलाधिकारी नागेंद्र पांडे के निर्देश पर राजस्व विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की, जिसमें सरकारी भूमि पर अवैध निर्माण की पुष्टि होने के बाद तत्काल ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। जानकारी के अनुसार, उप जिलाधिकारी नागेंद्र पांडे को गुप्त सूचना मिली थी कि गांव में तालाब की सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण कर कब्जा किया जा रहा है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने राजस्व टीम को मौके पर भेजा। टीम ने अभिलेखों का मिलान और स्थल निरीक्षण किया, जिसमें शिकायत सही पाई गई। इसके बाद प्रशासन ने बिना देरी किए अवैध निर्माण पर बुलडोजर चलवाकर सरकारी भूमि को कब्जामुक्त करा दिया। कार्रवाई के दौरान राजस्व और पुलिस विभाग की टीम मौजूद रही, जिससे पूरे क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनी रही। भू-माफियाओं को कड़ा संदेश प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई से क्षेत्र के भू-माफियाओं और अवैध कब्जाधारकों में हड़कंप मच गया। उप जिलाधिकारी नागेंद्र पांडे ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि सरकारी भूमि, तालाब, चारागाह और अन्य सार्वजनिक संपत्तियों पर किसी भी तरह का अवैध कब्जा किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की इस कार्रवाई को सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा और अवैध कब्जों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा माना जा रहा है। स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन के इस कदम की सराहना करते हुए सरकारी भूमि को कब्जामुक्त कराने की कार्रवाई का स्वागत किया।1
- संयुक्त जनादेश पार्टी जिन्दाबाद जनभागीदारी यात्रा के तहत जागरूक करना।1
- सावन और आला हजरत उर्स को लेकर बरेली पुलिस अलर्ट, 3000 से अधिक पुलिस बल रहेगा तैनात, ड्रोन से होगी निगरानी सावन और आला हजरत उर्स को लेकर बरेली पुलिस अलर्ट, 3000 से अधिक पुलिस बल रहेगा तैनात, ड्रोन से होगी निगरानी बरेली। सावन माह की कांवड़ यात्रा और 6, 7 व 8 अगस्त को आयोजित होने वाले आला हजरत उर्स को लेकर बरेली पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए हैं। पूरे जनपद को कांवड़ यात्रा के लिए 3 जोन, 8 सेक्टर, 28 सब-सेक्टर और 114 सुरक्षा सब-सेक्टर में विभाजित किया गया है। प्रत्येक सेक्टर में करीब 8 कांस्टेबल तैनात रहेंगे। कांवड़ मार्ग पर हर एक किलोमीटर पर एक कांस्टेबल तथा प्रत्येक चार किलोमीटर पर एक सब-इंस्पेक्टर की ड्यूटी लगाई गई है। सभी प्रमुख शिव मंदिरों का सुरक्षा की दृष्टि से निरीक्षण किया जा चुका है और दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं। महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। प्रत्येक कांवड़ जत्थे के साथ एक पुलिस अधिकारी या सब-इंस्पेक्टर रहेगा, जिससे किसी भी समस्या का मौके पर ही समाधान किया जा सके। आला हजरत उर्स की सुरक्षा के लिए पूरे क्षेत्र को 4 सुपर जोन, 8 जोन और 28 सेक्टर में बांटा गया है। उर्स में 3000 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। इसके अतिरिक्त 1700 पुलिसकर्मी, पीएसी और आरएएफ की कंपनियां भी सुरक्षा व्यवस्था में लगाई जाएंगी। पहली बार ड्रोन कैमरों के माध्यम से पूरे आयोजन की निगरानी की जाएगी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि उर्स और कांवड़ यात्रा को लेकर 16 प्रकार के हितधारकों (स्टेकहोल्डर्स) के साथ कई दौर की बैठकें हो चुकी हैं। सभी आयोजकों को आश्वस्त किया गया है कि दोनों धार्मिक आयोजन परंपरागत, सुरक्षित और शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न कराए जाएंगे तथा कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस पूरी तरह सतर्क रहेगी।1
- बरेली- कावड़ यात्रा को हाईटेक सुरक्षा व्यवस्था कम यात्रा के रास्ते पर पड़ने वाली मास की दुकाने बंद शराब की दुकान भी ढक कर रहेगी -डीआईजी अजय कुमार साहनी1
- संसद में चला 'चंदा चोर' नाटक, भगवा वस्त्र पहन पप्पू यादव बने पुजारी1
- "भुता थाना पुलिस ने चेकिंग अभियान के दौरान बड़ी कार्रवाई करते हुए एक युवक को अवैध 315 बोर तमंचा और जिंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार किया। आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया।" "भुता थाना पुलिस ने चेकिंग अभियान के दौरान बड़ी कार्रवाई करते हुए एक युवक को अवैध 315 बोर तमंचा और जिंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार किया। आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया।"1