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DINESH TABIYAR
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- बांसवाड़ा जिले की छोटी सरवन पंचायत समिति अंतर्गत बाग तालाब ग्राम पंचायत में आयोजित हिंदू विराट सम्मेलन में हजारों श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान भैरव मंदिर परिसर में धार्मिक आयोजन संपन्न हुए तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की सहभागिता से कलश यात्रा निकाली गई। सम्मेलन को संबोधित करते हुए राधिका दीदी ने कहा कि वेलेंटाइन डे भारतीय संस्कृति का हिस्सा नहीं है, इसलिए 14 फरवरी को माता-पिता पूजन दिवस के रूप में मनाया जाना चाहिए। उन्होंने रामायण, कृष्ण लीला और गीता का उल्लेख करते हुए सनातन धर्म की परंपराओं को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। इस अवसर पर विश्व हिंदू परिषद के कृष्णमुरारी गौतम प्रांत संयोजक धनराज भाई साहब जिला सामाजिक समरसता प्रमख एवं, पूर्व प्रधान जिला परिषद सदस्य राजेश कटारा, सरपंच किरपा कटारा, कालूराम, मांनसीह, दानपुर सरपंच शंकरलाल मईडा पूर्व सरपंच सुरेश कटारा दनाक्षरी सरपंच कालूराम मईडा,मुकेश चरपोटा सुभाष रावल जगदीश कटारा रावजी भगत उपसरपंच धनजी भाई प्रकाश कटारा धारजी डीलर संजू कटारा सहित अन्य जनप्रतिनिधि व धार्मिक गुरु उपस्थित रहे।4
- Post by VAGAD news241
- गुप्त रोग शीघ्रपतन शुक्राणु स्वप्नदोष मर्दाना ताकत संपर्क करें डॉक्टर पंकज कुमार 9572291304, 70910778981
- हमारे घर में बहन बेटियों को चाहे लड़ना सिखाओ या ना सिखाओ पर ये दिमाग में जरूर डाले। बच्चियों के साथ दोस्त जैसा व्यवहार करें ताकि वो आपसे हर बात आसानी से शेयर कर सके। 14 फ़रवरी के दिन को कुछ अंग्रेजों के वंशज वैलेंटाइन डे मनाकर कुछ संस्कृति विरोधी लोग हमारी बहनों को टारगेट करते हैं उन्हें मजबूत बनाये सुरक्षित रखें ।1
- Post by Parvin Meena1
- Post by Ravi__baba9991
- कुशलगढ़ से थांदला होते हुए राजस्थान–मध्यप्रदेश सीमा तक जाने वाला प्रमुख सड़क मार्ग बीते 20 वर्षों से बदहाली की मार झेल रहा है। जगह-जगह बने गहरे गड्ढों ने इस सड़क को न सिर्फ क्षतिग्रस्त बल्कि जानलेवा बना दिया है। दोपहिया, चारपहिया और भारी वाहन—सभी के लिए यह मार्ग लगातार खतरे का कारण बना हुआ है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह सड़क वर्षों से एक गंभीर बीमारी की तरह पीड़ित है, जिसे लोग “कैंसर की संज्ञा दे रहे हैं। अब तक कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, अनेक परिवार अपनों को खो चुके हैं और हर गड्ढा किसी न किसी परिवार के लिए स्थायी जख्म बन गया है। जानकारी के अनुसार कुशलगढ़ से एमपी बॉर्डर तक लगभग 80 किलोमीटर लंबे इस मार्ग के निर्माण के लिए 300 करोड़ रुपये से अधिक का टेंडर स्वीकृत हो चुका है, लेकिन जमीनी स्तर पर कार्य शुरू न होना प्रशासनिक उदासीनता को दर्शाता है। क्षेत्रवासियों की मांग है कि जब तक निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं होता, तब तक कम से कम जानलेवा गड्ढों को तुरंत भरवाया जाए, ताकि आमजन की जान जोखिम में न पड़े। लोगों ने पक्ष–विपक्ष दोनों दलों के जनप्रतिनिधियों से राजनीति से ऊपर उठकर इस गंभीर समस्या के स्थायी समाधान की अपील की है।1
- Post by राघवेन्द्र सिंह1
- Post by Parvin Meena1