हरदोई के शाहाबाद क्षेत्र में 3 जून को एक चर्चित ढाबे पर ग्राहक के साथ हुई बर्बर मारपीट की घटना ने कानून-व्यवस्था और आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारी के अनुसार, शाहजहाँपुर नईवस्ती निवासी उत्कर्ष नामक युवक का शराब के नशे में ढाबे के कर्मचारियों से विवाद हो गया। इसके बाद ढाबा संचालकों, कर्मचारियों और अन्य मौजूद लोगों ने कानून को अपने हाथ में लेते हुए युवक की बेरहमी से पिटाई कर दी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, उत्कर्ष को पहले लात-घूंसों, जूतों और चप्पलों से पीटा गया। आरोप है कि हमलावरों का गुस्सा शांत न होने पर उसे गिरा-गिराकर, घसीट-घसीटकर और दौड़ा-दौड़ाकर लाठी-डंडों से मारा गया। जान बचाने के लिए युवक सड़क किनारे खड़े एक ट्रक से टकराकर उसके नीचे घुसने की कोशिश करने लगा, लेकिन उसे वहाँ से खींचकर बाहर निकाला गया और मारपीट जारी रखी गई। इतना ही नहीं, आरोप है कि उत्कर्ष को बांधकर पीटा गया और बार-बार जान से मारने की धमकियाँ भी दी गईं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि ग्राहक ने अभद्रता की थी तो ढाबा प्रबंधन को पुलिस को सूचना देनी चाहिए थी, न कि इस तरह की हिंसा करनी चाहिए थी, जो किसी भी सभ्य समाज में अस्वीकार्य है। सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुँचकर युवक को बचाया और उसे तथा ढाबे से दो अन्य युवकों को कोतवाली ले गई। इन तीनों का मेडिकल परीक्षण कराया गया, जिसके बाद अगले दिन बुधवार को उन्हें निरोधात्मक कार्रवाई के तहत एसडीएम न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें जमानत मिल गई। इस घटना के बाद क्षेत्र में यह चर्चा का विषय है कि क्या किसी निजी प्रतिष्ठान को इस प्रकार से कानून अपने हाथ में लेकर किसी नागरिक को दंडित करने का अधिकार है? स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि आरोप सही हैं तो यह केवल मारपीट का मामला नहीं, बल्कि हत्या के प्रयास जैसा गंभीर आपराधिक कृत्य है, जिसकी निष्पक्ष जाँच होनी चाहिए थी, लेकिन पुलिस द्वारा की गई 'मात्र निरोधात्मक कार्रवाई' पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
हरदोई के शाहाबाद क्षेत्र में 3 जून को एक चर्चित ढाबे पर ग्राहक के साथ हुई बर्बर मारपीट की घटना ने कानून-व्यवस्था और आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारी के अनुसार, शाहजहाँपुर नईवस्ती निवासी उत्कर्ष नामक युवक का शराब के नशे में ढाबे के कर्मचारियों से विवाद हो गया। इसके बाद ढाबा संचालकों, कर्मचारियों और अन्य मौजूद लोगों ने कानून को अपने हाथ में लेते हुए युवक की बेरहमी से पिटाई कर दी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, उत्कर्ष को पहले लात-घूंसों, जूतों और चप्पलों से पीटा गया। आरोप है कि हमलावरों का गुस्सा शांत न होने पर उसे गिरा-गिराकर, घसीट-घसीटकर और दौड़ा-दौड़ाकर लाठी-डंडों से मारा गया। जान बचाने के लिए युवक सड़क किनारे खड़े एक ट्रक से टकराकर उसके नीचे घुसने की कोशिश करने लगा, लेकिन उसे वहाँ से खींचकर बाहर निकाला गया और मारपीट जारी रखी गई। इतना ही नहीं, आरोप है कि उत्कर्ष को बांधकर पीटा गया और बार-बार जान से मारने की धमकियाँ भी दी गईं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि ग्राहक ने अभद्रता की थी तो ढाबा प्रबंधन को पुलिस को सूचना देनी चाहिए थी, न कि इस तरह की हिंसा करनी चाहिए थी, जो किसी भी सभ्य समाज में अस्वीकार्य है। सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुँचकर युवक को बचाया और उसे तथा ढाबे से दो अन्य युवकों को कोतवाली ले गई। इन तीनों का मेडिकल परीक्षण कराया गया, जिसके बाद अगले दिन बुधवार को उन्हें निरोधात्मक कार्रवाई के तहत एसडीएम न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें जमानत मिल गई। इस घटना के बाद क्षेत्र में यह चर्चा का विषय है कि क्या किसी निजी प्रतिष्ठान को इस प्रकार से कानून अपने हाथ में लेकर किसी नागरिक को दंडित करने का अधिकार है? स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि आरोप सही हैं तो यह केवल मारपीट का मामला नहीं, बल्कि हत्या के प्रयास जैसा गंभीर आपराधिक कृत्य है, जिसकी निष्पक्ष जाँच होनी चाहिए थी, लेकिन पुलिस द्वारा की गई 'मात्र निरोधात्मक कार्रवाई' पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
- हरदोई के शाहाबाद क्षेत्र में 3 जून को एक चर्चित ढाबे पर ग्राहक के साथ हुई बर्बर मारपीट की घटना ने कानून-व्यवस्था और आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारी के अनुसार, शाहजहाँपुर नईवस्ती निवासी उत्कर्ष नामक युवक का शराब के नशे में ढाबे के कर्मचारियों से विवाद हो गया। इसके बाद ढाबा संचालकों, कर्मचारियों और अन्य मौजूद लोगों ने कानून को अपने हाथ में लेते हुए युवक की बेरहमी से पिटाई कर दी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, उत्कर्ष को पहले लात-घूंसों, जूतों और चप्पलों से पीटा गया। आरोप है कि हमलावरों का गुस्सा शांत न होने पर उसे गिरा-गिराकर, घसीट-घसीटकर और दौड़ा-दौड़ाकर लाठी-डंडों से मारा गया। जान बचाने के लिए युवक सड़क किनारे खड़े एक ट्रक से टकराकर उसके नीचे घुसने की कोशिश करने लगा, लेकिन उसे वहाँ से खींचकर बाहर निकाला गया और मारपीट जारी रखी गई। इतना ही नहीं, आरोप है कि उत्कर्ष को बांधकर पीटा गया और बार-बार जान से मारने की धमकियाँ भी दी गईं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि ग्राहक ने अभद्रता की थी तो ढाबा प्रबंधन को पुलिस को सूचना देनी चाहिए थी, न कि इस तरह की हिंसा करनी चाहिए थी, जो किसी भी सभ्य समाज में अस्वीकार्य है। सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुँचकर युवक को बचाया और उसे तथा ढाबे से दो अन्य युवकों को कोतवाली ले गई। इन तीनों का मेडिकल परीक्षण कराया गया, जिसके बाद अगले दिन बुधवार को उन्हें निरोधात्मक कार्रवाई के तहत एसडीएम न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें जमानत मिल गई। इस घटना के बाद क्षेत्र में यह चर्चा का विषय है कि क्या किसी निजी प्रतिष्ठान को इस प्रकार से कानून अपने हाथ में लेकर किसी नागरिक को दंडित करने का अधिकार है? स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि आरोप सही हैं तो यह केवल मारपीट का मामला नहीं, बल्कि हत्या के प्रयास जैसा गंभीर आपराधिक कृत्य है, जिसकी निष्पक्ष जाँच होनी चाहिए थी, लेकिन पुलिस द्वारा की गई 'मात्र निरोधात्मक कार्रवाई' पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।1
- हरदोई के टोंडरपुर क्षेत्र में एक लेखपाल, मुकेश, का एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें वह कथित तौर पर मोहिउद्दीनपुर निवासी किसान राजेश राठौर पुत्र श्रीकृष्ण से विरासत दर्ज करने के नाम पर रिश्वत लेते हुए दिख रहा है। पीड़ित किसान राजेश राठौर का कहना है कि रिश्वत लेने का यह मामला उजागर होने के बाद से उस पर लगातार सुलह-समझौता करने का दबाव बनाया जा रहा है ताकि यह प्रकरण आगे न बढ़े। किसान के पास इस रिश्वतखोरी के वीडियो, ऑडियो और अन्य साक्ष्य सुरक्षित होने का दावा किया गया है। इस वीडियो के वायरल होने के बाद से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है और मामले की चर्चा तेज हो गई है, लेकिन अब तक कोई ठोस विभागीय कार्रवाई न होने से ग्रामीणों और किसान संगठनों में भारी नाराज़गी है। किसान संगठनों के पदाधिकारियों ने तत्काल कार्रवाई की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो जन आंदोलन शुरू किया जाएगा। ग्रामीणों ने मांग की है कि यदि आरोप सही हैं, तो निष्पक्ष जांच कर दोषी के खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। पीड़ित किसान ने प्रशासन से अपनी सुरक्षा और मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने की भी अपील की है, ताकि उस पर किसी भी प्रकार का दबाव बनाकर मामले को दबाया न जा सके। कई किसान नेताओं और सामाजिक संगठनों ने भी इस मामले का संज्ञान लेते हुए दोहराया है कि अगर शीघ्र कार्रवाई नहीं होती है, तो तहसील स्तर पर आंदोलन किया जाएगा। क्षेत्रीय लोगों का मानना है कि भ्रष्टाचार के मामलों में पारदर्शी जांच और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई से ही आम जनता का विश्वास कायम रह सकता है। फिलहाल, प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।1
- हरदोई के सुरसा थाना क्षेत्र के बिराहिमपुर गाँव की निवासी पोक्सो एक्ट पीड़िता सोनी देवी पत्नी हरीश कुमार के घर पर मिशन शक्ति प्रभारी उप निरीक्षक सुरेखा शर्मा द्वारा सत्यापन किया गया। यह सत्यापन अप०स०60/26 धारा 65(1) व 3/4(2) पोक्सो एक्ट के अंतर्गत किया गया था। पीड़िता सोनी देवी ने उप निरीक्षक को बताया कि वह अपनी बुआ के घर पर रह रही हैं और उन पर किसी भी प्रकार का कोई दबाव या परेशानी नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह पूरी तरह से संतुष्ट हैं और उन पर किसी का कोई दबाव नहीं है।2
- हरदोई जिले के ग्राम नास्योली दमार में इन दिनों एक बंद नाली के कारण सड़क पर पानी बह रहा है। इस स्थिति से स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के प्रधान इस गंभीर समस्या पर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं और न ही उनकी सुनवाई कर रहे हैं।1
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- हरदोई जनपद के सुन्नी ग्राम में स्थित प्राचीन मां महिषासुर मर्दिनी धाम में आज भगवान भोलेनाथ के मनोहारी श्रृंगार दर्शन आयोजित किए गए। इन अलौकिक दर्शनों ने वहाँ मौजूद श्रद्धालुओं का मन पूरी तरह से मोह लिया, जिससे मंदिर परिसर भक्ति भाव से ओतप्रोत हो उठा।2
- हरदोई जिले के मल्लावां कस्बे स्थित प्रसिद्ध श्री बजरंगबली (हनुमान) मंदिर परिसर में बड़े मंगलवार के अवसर पर रामचरितमानस सुंदरकांड पाठ का भव्य आयोजन किया गया। यह धार्मिक कार्यक्रम वरिष्ठ भाजपा नेता राजेश पाठक द्वारा शाम के समय संपन्न कराया गया, जिसमें सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित हुए। कार्यक्रम के दौरान सभी भक्तगण भजन-पूजन के साथ भक्तिमय माहौल में पूरी तरह लीन हो गए। सुंदरकांड पाठ के समापन के उपरांत, सभी श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य आयोजक, वरिष्ठ भाजपा नेता राजेश पाठक ने उपस्थित सभी लोगों को शुभकामनाएं भी दीं। मंटू पाठक, विकास पाठक, संदीप पाठक, अनुज शुक्ला, अजय शर्मा सहित कई गणमान्य व्यक्ति और सैकड़ों अन्य श्रद्धालु इस आयोजन में शामिल हुए, जहाँ प्रसाद का वितरण भी किया गया।4
- हरदोई जनपद के सुन्नी ग्राम में स्थित प्राचीन मां महिषासुर मर्दिनी धाम में आज भगवान भोलेनाथ के मनोहारी श्रृंगार दर्शन का आयोजन किया गया। इन दिव्य दर्शनों ने बड़ी संख्या में आए श्रद्धालुओं का मन पूरी तरह से मोह लिया, जिससे वे भक्ति भाव में डूब गए।2