झारखंड के खूंटी जिले के कर्रा प्रखंड अंतर्गत चांपी गांव में WCSF CharitySpirit Foundation ने "खेत बचाओ अभियान" के तहत एक दिवसीय कृषक प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम का सफल आयोजन किया। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR), पलांडू, रांची के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को आधुनिक एवं वैज्ञानिक कृषि तकनीकों से जोड़कर खेती की लागत कम करना, उत्पादन बढ़ाना और कृषि को अधिक लाभकारी बनाना था। इस कार्यक्रम में क्षेत्र के लगभग 200 किसानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। ICAR, पलांडू के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. वीरेंद्र कुमार यादव सहित अन्य कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को वैज्ञानिक खेती, संतुलित पोषण प्रबंधन, फसल विविधीकरण, जल संरक्षण, जैविक एवं प्राकृतिक खेती जैसी उन्नत कृषि तकनीकों पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने विशेष रूप से धान, दलहन, तिलहन और सब्जी फसलों की उन्नत खेती, संतुलित उर्वरक उपयोग, मृदा स्वास्थ्य संरक्षण, कीट एवं रोग प्रबंधन, जल संरक्षण तथा फसल चक्र के बारे में प्रशिक्षित किया। वैज्ञानिकों ने किसानों से आग्रह किया कि वे अपनी आय बढ़ाने के लिए नई तकनीकों को अपनाएं और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को देखते हुए टिकाऊ एवं वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों का पालन करें। कार्यक्रम के दौरान, किसानों के बीच धान, सोयाबीन, उड़द, खीरा, कद्दू, लाल भाजी, गांधारी साग, लाल भंडारी साग, मिर्च, टमाटर, बैंगन और धनिया सहित विभिन्न उन्नत एवं गुणवत्तापूर्ण बीजों का निःशुल्क वितरण भी किया गया। WCSF CharitySpirit Foundation के संस्थापक श्री जितेंद्र कुमार वर्मा ने इस अवसर पर कहा कि उनकी संस्था का लक्ष्य किसानों को केवल सहायता देना नहीं, बल्कि उन्हें वैज्ञानिक जानकारी, आधुनिक तकनीकों और सरकारी योजनाओं से जोड़कर आत्मनिर्भर व समृद्ध बनाना है। उन्होंने यह भी बताया कि संस्था भविष्य में भी ऐसे ही प्रशिक्षण और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करती रहेगी। संस्था की स्टेट कोऑर्डिनेटर सुश्री प्रियंका कुमारी ने भी उपस्थित रहकर किसानों को संस्था के कृषि, महिला सशक्तिकरण, आजीविका एवं ग्रामीण विकास कार्यक्रमों की जानकारी दी और वैज्ञानिक खेती अपनाने पर जोर दिया। कार्यक्रम के समापन पर, किसानों ने प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी बताया और संस्था तथा कृषि वैज्ञानिकों का आभार व्यक्त किया। उनका कहना था कि ऐसे कार्यक्रम उन्हें आधुनिक खेती की नई तकनीकों से अवगत कराते हैं, जिससे वे अधिक उत्पादन प्राप्त कर अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत कर सकते हैं। WCSF CharitySpirit Foundation की यह पहल किसानों को वैज्ञानिक खेती से जोड़ने, कृषि उत्पादन बढ़ाने, फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में टिकाऊ कृषि विकास को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई।
झारखंड के खूंटी जिले के कर्रा प्रखंड अंतर्गत चांपी गांव में WCSF CharitySpirit Foundation ने "खेत बचाओ अभियान" के तहत एक दिवसीय कृषक प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम का सफल आयोजन किया। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR), पलांडू, रांची के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को आधुनिक एवं वैज्ञानिक कृषि तकनीकों से जोड़कर खेती की लागत कम करना, उत्पादन बढ़ाना और कृषि को अधिक लाभकारी बनाना था। इस कार्यक्रम में क्षेत्र के लगभग 200 किसानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। ICAR, पलांडू के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. वीरेंद्र कुमार यादव सहित अन्य कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को वैज्ञानिक खेती, संतुलित पोषण प्रबंधन, फसल विविधीकरण, जल संरक्षण, जैविक एवं प्राकृतिक खेती जैसी उन्नत कृषि तकनीकों पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने विशेष रूप से धान, दलहन, तिलहन और सब्जी फसलों की उन्नत खेती, संतुलित उर्वरक उपयोग, मृदा स्वास्थ्य संरक्षण, कीट एवं रोग प्रबंधन, जल संरक्षण तथा फसल चक्र के बारे में प्रशिक्षित किया। वैज्ञानिकों ने किसानों से आग्रह किया कि वे अपनी आय बढ़ाने के लिए नई तकनीकों को अपनाएं और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को देखते हुए टिकाऊ एवं वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों का पालन करें। कार्यक्रम के दौरान, किसानों के बीच धान, सोयाबीन, उड़द, खीरा, कद्दू, लाल भाजी, गांधारी साग, लाल भंडारी साग, मिर्च, टमाटर, बैंगन और धनिया सहित विभिन्न उन्नत एवं गुणवत्तापूर्ण बीजों का निःशुल्क वितरण भी किया गया। WCSF CharitySpirit Foundation के संस्थापक श्री जितेंद्र कुमार वर्मा ने इस अवसर पर कहा कि उनकी संस्था का लक्ष्य किसानों को केवल सहायता देना नहीं, बल्कि उन्हें वैज्ञानिक जानकारी, आधुनिक तकनीकों और सरकारी योजनाओं से जोड़कर आत्मनिर्भर व समृद्ध बनाना है। उन्होंने यह भी बताया कि संस्था भविष्य में भी ऐसे ही प्रशिक्षण और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करती रहेगी। संस्था की स्टेट कोऑर्डिनेटर सुश्री प्रियंका कुमारी ने भी उपस्थित रहकर किसानों को संस्था के कृषि, महिला सशक्तिकरण, आजीविका एवं ग्रामीण विकास कार्यक्रमों की जानकारी दी और वैज्ञानिक खेती अपनाने पर जोर दिया। कार्यक्रम के समापन पर, किसानों ने प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी बताया और संस्था तथा कृषि वैज्ञानिकों का आभार व्यक्त किया। उनका कहना था कि ऐसे कार्यक्रम उन्हें आधुनिक खेती की नई तकनीकों से अवगत कराते हैं, जिससे वे अधिक उत्पादन प्राप्त कर अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत कर सकते हैं। WCSF CharitySpirit Foundation की यह पहल किसानों को वैज्ञानिक खेती से जोड़ने, कृषि उत्पादन बढ़ाने, फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में टिकाऊ कृषि विकास को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई।
- झारखंड के खूंटी जिले के कर्रा प्रखंड अंतर्गत चांपी गांव में WCSF CharitySpirit Foundation ने "खेत बचाओ अभियान" के तहत एक दिवसीय कृषक प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम का सफल आयोजन किया। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR), पलांडू, रांची के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को आधुनिक एवं वैज्ञानिक कृषि तकनीकों से जोड़कर खेती की लागत कम करना, उत्पादन बढ़ाना और कृषि को अधिक लाभकारी बनाना था। इस कार्यक्रम में क्षेत्र के लगभग 200 किसानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। ICAR, पलांडू के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. वीरेंद्र कुमार यादव सहित अन्य कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को वैज्ञानिक खेती, संतुलित पोषण प्रबंधन, फसल विविधीकरण, जल संरक्षण, जैविक एवं प्राकृतिक खेती जैसी उन्नत कृषि तकनीकों पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने विशेष रूप से धान, दलहन, तिलहन और सब्जी फसलों की उन्नत खेती, संतुलित उर्वरक उपयोग, मृदा स्वास्थ्य संरक्षण, कीट एवं रोग प्रबंधन, जल संरक्षण तथा फसल चक्र के बारे में प्रशिक्षित किया। वैज्ञानिकों ने किसानों से आग्रह किया कि वे अपनी आय बढ़ाने के लिए नई तकनीकों को अपनाएं और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को देखते हुए टिकाऊ एवं वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों का पालन करें। कार्यक्रम के दौरान, किसानों के बीच धान, सोयाबीन, उड़द, खीरा, कद्दू, लाल भाजी, गांधारी साग, लाल भंडारी साग, मिर्च, टमाटर, बैंगन और धनिया सहित विभिन्न उन्नत एवं गुणवत्तापूर्ण बीजों का निःशुल्क वितरण भी किया गया। WCSF CharitySpirit Foundation के संस्थापक श्री जितेंद्र कुमार वर्मा ने इस अवसर पर कहा कि उनकी संस्था का लक्ष्य किसानों को केवल सहायता देना नहीं, बल्कि उन्हें वैज्ञानिक जानकारी, आधुनिक तकनीकों और सरकारी योजनाओं से जोड़कर आत्मनिर्भर व समृद्ध बनाना है। उन्होंने यह भी बताया कि संस्था भविष्य में भी ऐसे ही प्रशिक्षण और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करती रहेगी। संस्था की स्टेट कोऑर्डिनेटर सुश्री प्रियंका कुमारी ने भी उपस्थित रहकर किसानों को संस्था के कृषि, महिला सशक्तिकरण, आजीविका एवं ग्रामीण विकास कार्यक्रमों की जानकारी दी और वैज्ञानिक खेती अपनाने पर जोर दिया। कार्यक्रम के समापन पर, किसानों ने प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी बताया और संस्था तथा कृषि वैज्ञानिकों का आभार व्यक्त किया। उनका कहना था कि ऐसे कार्यक्रम उन्हें आधुनिक खेती की नई तकनीकों से अवगत कराते हैं, जिससे वे अधिक उत्पादन प्राप्त कर अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत कर सकते हैं। WCSF CharitySpirit Foundation की यह पहल किसानों को वैज्ञानिक खेती से जोड़ने, कृषि उत्पादन बढ़ाने, फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में टिकाऊ कृषि विकास को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई।1
- खूँटी में युवा कांग्रेस कमेटी द्वारा सांसद कालीचरण मुंडा के आवासीय कार्यालय में हूल दिवस श्रद्धा, सम्मान और सामाजिक चेतना के साथ मनाया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता युवा कांग्रेस के जिलाध्यक्ष आमिर हुसैन ने की। इस अवसर पर हूल आंदोलन के महान नायकों के चित्रों पर माल्यार्पण और पुष्पांजलि अर्पित कर उनके अदम्य साहस, आत्मसम्मान तथा अन्याय के विरुद्ध खड़े होने की प्रेरणा को स्मरण किया गया। कार्यक्रम के दौरान हूल आंदोलन को सामाजिक न्याय, अधिकारों की रक्षा और स्वाभिमान की लड़ाई के प्रतीक के रूप में याद किया गया। इस महत्वपूर्ण अवसर पर जिला प्रभारी हिमांशु कुजूर, सह-प्रभारी जय बारी, जिला उपाध्यक्ष शरॉन सुरिन और सुमित हर्ष, जिला महासचिव एमडी नवाज़ अंसारी, सचिव साजिद आलम, उस्मान खान, अनमोल धन, संजीत नायक, यशनाथ साहदेव, शालिनी ऐंद, इमरान खान सहित बड़ी संख्या में युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए युवा जिलाध्यक्ष आमिर हुसैन ने इस बात पर ज़ोर दिया कि हूल दिवस हमें अन्याय के खिलाफ एकजुट होने, अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने और समाज में समानता व भाईचारे को मजबूत करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे हूल आंदोलन के मूल्यों को अपनाकर लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से समाज निर्माण में अपनी भूमिका निभाएं। कार्यक्रम का समापन एकता, सामाजिक सौहार्द और भविष्य में जनहित के मुद्दों पर संगठित प्रयासों के संकल्प के साथ हुआ।1
- हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (सेक्युलर) की 5 जुलाई 2026 को रांची में आयोजित होने वाली राज्य परिषद् बैठक की तैयारियों को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। इस बैठक की अध्यक्षता पार्टी के राष्ट्रीय प्रधान महासचिव राजेश पांडेय ने की। इसमें संगठन विस्तार, सदस्यता अभियान, कार्यक्रम की रूपरेखा और कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारियों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। बताया गया है कि 5 जुलाई को होने वाली मुख्य राज्य परिषद् बैठक की अध्यक्षता हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा (सेक्युलर) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बिहार सरकार के मंत्री डॉ. संतोष कुमार सुमन करेंगे। यह जानकारी जन जागरूकता के उद्देश्य से प्रसारित की गई है, और दर्शकों से झारखंड तथा बिहार की हर बड़ी खबर सबसे पहले देखने के लिए रांची क्लब टीवी चैनल को सब्सक्राइब करने का आग्रह किया गया है।1
- पीएम किसान योजना की किस्त के भुगतान के लिए एक बेहद अनोखा EKYC किया गया है। जानकारी के अनुसार, इस प्रक्रिया में पहले जो तस्वीर इस्तेमाल की गई थी, वह कुछ और थी, लेकिन जब सत्यापन का समय आया तो तस्वीर पूरी तरह से बदल गई और कुछ और ही सामने आई। इस मामले में ऐसा 'जुगाड़' लगाया गया कि जिसने भी इसके बारे में सुना, वह हैरान रह गया।1
- झारखंड में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने एक शक्ति प्रदर्शन का आयोजन किया, जिसमें पार्टी के कई मंत्री, विधायक और सांसद शामिल हुए। यह आयोजन रांची के पतरातू डैम/पतरातू घाटी क्षेत्र में हुआ, और इसमें संजय यादव तथा जयप्रकाश नारायण यादव जैसे प्रमुख नेता उपस्थित रहे। इस दौरान, राजद नेताओं ने मौजूदा सरकार और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर जमकर निशाना साधा।1
- ब्रज क्षेत्र में मंदिरों और प्रमुख धार्मिक स्थलों के आसपास मांस एवं मदिरा की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग को लेकर देवी इंदुलेखा जल समाधि लेने पहुंचीं। प्रशासन और पुलिस की टीम ने सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचकर उन्हें समय रहते रोक लिया। देवी इंदुलेखा का कहना है कि भगवान श्रीकृष्ण की नगरी मथुरा-वृंदावन में मंदिरों और तीर्थस्थलों के आसपास मांस व शराब की बिक्री से करोड़ों श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाएं आहत होती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में सरकार होने के बावजूद इस मुद्दे पर अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। प्रशासन ने उन्हें मौके पर समझाकर जल समाधि लेने से रोका और काफी देर तक बातचीत के बाद स्थिति सामान्य हुई। फिलहाल, इस पूरे घटनाक्रम पर लोगों की नजर बनी हुई है।1
- झारखंड के बोकारो में अवैध शराब से जुड़े एक मामले का खुलासा हुआ है। इस दौरान एक अवैध शराब कारोबारी सहित, बड़े पैमाने पर अवैध शराब और उसके निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री बरामद की गई है।1