कीचड़ भरे रास्ते से गुजरने को मजबूर स्कूली छात्रऔर ग्रामीण: कीचड़ भरे रास्ते से गुजरने को मजबूर स्कूली छात्र और ग्रामीण , आलाधिकारी और जनप्रतिनिधियों ने बंद की आंखें मथुरा जिले के गांव नगला उटावट में गांव के मुख्य मार्ग पर कीचड़ भरा होने से गांव के स्कूली छात्र और ग्रामीण निकलने को मजबूर है। गांव के राहगीर दिलशाद डाक्टर ने कहा कि मुख्य मार्ग पर घुटनों तक कीचड़ भरा हुआ है और ग्रामीण उसी कीचड़ से होकर गुजरते हैं गांव निवासी रवींद्र सिंह ने बताया कि ये गांव का मुख्य मार्ग है और सभी गांव वाले इसी रास्ते से होकर गुजरते हैं। स्कूल जाने वाले छात्र कीचड़ से होकर गुजरते हैं और स्कूल जाने के लिए या तो किसी वाहन से होकर गुजरना पड़ता है नहीं तो कीचड़ में गिर जाते है। गांव निवासी बुजुर्ग श्यामलाल ने बताया कि कई वर्षों से इसी रास्ते से होकर गुजरना पड़ता है, बहुत बड़ी परेशानी है। ग्रामीण सुनील ने बताया कि गांव के मुख्य मार्ग की ऐसी हालत के कारण गांव में रिश्तेदार भी आने से कतराते है और मुख्य मार्ग होने से सभी को इसी कीचड़ से होकर गुजरना पड़ता है। कई बार गांव ग्राम प्रधान, सचिव और खंड विकास अधिकारी से शिकायत की गई लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। सरकार से मांग है कि इस रास्ते से कीचड़ को खत्म करके गांव को नरक से बचाएं। इस दौरान रहीस, सुलेखा, समसु, जैकम,नवल डाक्टर, टोंटा बनिया, दर्जनों ग्रामीण मौजूद रहे।
कीचड़ भरे रास्ते से गुजरने को मजबूर स्कूली छात्रऔर ग्रामीण: कीचड़ भरे रास्ते से गुजरने को मजबूर स्कूली छात्र और ग्रामीण , आलाधिकारी और जनप्रतिनिधियों ने बंद की आंखें मथुरा जिले के गांव नगला उटावट में गांव के मुख्य मार्ग पर कीचड़ भरा होने से गांव के स्कूली छात्र और ग्रामीण निकलने को मजबूर है। गांव के राहगीर दिलशाद डाक्टर ने कहा कि मुख्य मार्ग पर घुटनों तक कीचड़ भरा हुआ है और ग्रामीण उसी कीचड़ से होकर गुजरते हैं गांव निवासी रवींद्र सिंह ने बताया कि ये गांव का मुख्य मार्ग है और सभी गांव वाले इसी रास्ते से होकर गुजरते हैं। स्कूल जाने वाले छात्र कीचड़ से होकर गुजरते हैं और स्कूल जाने के लिए या तो किसी
वाहन से होकर गुजरना पड़ता है नहीं तो कीचड़ में गिर जाते है। गांव निवासी बुजुर्ग श्यामलाल ने बताया कि कई वर्षों से इसी रास्ते से होकर गुजरना पड़ता है, बहुत बड़ी परेशानी है। ग्रामीण सुनील ने बताया कि गांव के मुख्य मार्ग की ऐसी हालत के कारण गांव में रिश्तेदार भी आने से कतराते है और मुख्य मार्ग होने से सभी को इसी कीचड़ से होकर गुजरना पड़ता है। कई बार गांव ग्राम प्रधान, सचिव और खंड विकास अधिकारी से शिकायत की गई लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। सरकार से मांग है कि इस रास्ते से कीचड़ को खत्म करके गांव को नरक से बचाएं। इस दौरान रहीस, सुलेखा, समसु, जैकम,नवल डाक्टर, टोंटा बनिया, दर्जनों ग्रामीण मौजूद रहे।
- गोरखपुर से आए महाराज जी छाता शुगर मिल पर और शांति पूर्ण समर्थन दिया इस धरने को बहुत लोग हल्के में ले रहे थे और उन्होंने बहुत ज्यादा जाति की सारे षड्यंत्र किए लेकिन सब फेल हो गए योगी जी के यहां से संदेश आ चुका है अब यह मिल चालू होगी और l1
- समाजसेविका स्व. यशोदा चौधरी की पुण्यतिथि पर रक्तदान शिविर का आयोजन कल। जोधपुर। समाजसेवा व रक्तदान की अनूठी प्रतिमूर्ति व भोपालगढ़ के पूर्व सरपंच लक्ष्मणराम चौधरी की सुपुत्री स्व. यशोदा चौधरी की प्रथम पुण्यतिथि पर रक्तवीर मानव सेवा समिति एवं उनकी टीम द्वारा विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन रविवार, 13 सितंबर को सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक माहेश्वरी भवन, रातानाडा, जोधपुर में किया जा रहा है। आयोजन समिति के महेंद्र सिंह चौधरी ने बताया की रक्तदान शिविर को लेकर युवाओं व महिलाओं में उत्साह नजर आ रहा है और लगभग 800 से 1000 रक्तदाताओं के कार्यक्रम में शामिल होने की आशंका है। स्व. यशोदा चौधरी ने अनेक रक्तदान शिविरों का आयोजन करवाया था और अनेक लोगों को रक्तदान हेतू प्रेरित किया था, ऐसे अवसर पर हमारा दायित्व बनता है की उनकी पुण्यतिथि पर आयोजित इस कार्यक्रम को अधिक से अधिक रक्तदान करके सफल बनावें।1
- गौशाला की जमीन पर कब्जे का आरोप, सड़कों पर भटकने को मजबूर गौवंश—आखिर इनकी दुर्दशा का जिम्मेदार कौन? गौशाला की जमीन पर कब्जे का आरोप, सड़कों पर भटकने को मजबूर गौवंश—आखिर इनकी दुर्दशा का जिम्मेदार कौन?1
- साहित्य को किताबों से निकालकर समाज तक पहुंचाना होगा : अनिल सक्सेना ‘ललकार’ अमर दीप सेन डीग साहित्यिक संवाद–2026 में ‘पढ़ता युवा, सशक्त भारत’ पर साहित्यकारों, युवाओं और रचनाकारों ने किया संवाद डीग, 13 सितंबर। ‘21वीं सदी का राजस्थान साहित्यिक आंदोलन’ की श्रृंखला के तहत रविवार को विमल वाटिका मैरिज गार्डन, कामां गेट, डीग में ‘डीग साहित्यिक संवाद–2026’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का विषय ‘पढ़ता युवा, सशक्त भारत : साहित्य, संस्कृति और भारतीय ज्ञान परम्परा का नवजागरण’ रहा। इसमें युवाओं में पठन संस्कृति विकसित करने, साहित्य को समाज से जोड़ने तथा भारतीय ज्ञान परम्परा और स्थानीय सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने पर संवाद हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता 21वीं सदी के राजस्थान साहित्यिक आंदोलन के संस्थापक-प्रवर्तक, वरिष्ठ पत्रकार, साहित्यकार एवं लेखक अनिल सक्सेना ‘ललकार’ ने की। मुख्य अतिथि हनुमानगढ़ के अतिरिक्त जिला न्यायाधीश श्री गजेंद्र सिंह तेनगुरिया थे। विशिष्ट अतिथि वरिष्ठ साहित्यकार प्रकाश चंद पाराशर, भरतपुर नगर निगम की पूर्व प्रथम महापौर सुमन कोली, साहित्यकार सोहन लाल शर्मा ‘प्रेम’, सेवानिवृत्त आरपीएस नत्थी सिंह, वरिष्ठ साहित्यकार श्याम सिंह जघीना, चंद्रपाल सिंह वहज एवं गिरिजाशंकर शर्मा रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की तस्वीर के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया गया। इसमें साहित्यकारों, रचनाकारों, पत्रकारों, शिक्षाविदों और युवाओं ने सहभागिता की। अध्यक्ष अनिल सक्सेना ‘ललकार’ ने कहा कि साहित्य को केवल पुस्तकों और सभागारों तक सीमित नहीं रखा जा सकता। इसे गांवों, कस्बों और युवाओं के बीच ले जाना होगा। सूचना और तकनीक के दौर में युवाओं के पास जानकारी की कमी नहीं है, लेकिन जरूरत उस जानकारी को ज्ञान, विवेक और संवेदना में बदलने की है। उन्होंने कहा, “सूचना व्यक्ति को जानकार बनाती है, जबकि साहित्य उसे विचारवान और संवेदनशील बनाता है।” पढ़ने वाला युवा केवल परीक्षा की तैयारी नहीं करता, बल्कि समाज को समझने और देश के भविष्य को दिशा देने की तैयारी करता है। सक्सेना ने कहा कि राजस्थान के गांवों और कस्बों में प्रतिभाओं की कमी नहीं है, जरूरत उन्हें पहचानने और अवसर देने की है। साहित्यिक आंदोलन का उद्देश्य केवल कार्यक्रम आयोजित करना नहीं, बल्कि समाज को सुनना, स्थानीय प्रतिभाओं को मंच देना और साहित्य को जनचेतना से जोड़ना है। डीग की सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि स्थानीय इतिहास, लोकभाषा, लोक साहित्य, लोककथाओं और सांस्कृतिक परम्पराओं को नई पीढ़ी से जोड़ना जरूरी है। भारतीय ज्ञान परम्परा के श्रेष्ठ मूल्यों को आधुनिक शिक्षा और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ाने की आवश्यकता है। उन्होंने युवाओं से मोबाइल और सोशल मीडिया के साथ पुस्तकों को भी जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, “शब्द समाज से जुड़ें, युवा संस्कृति से जुड़ें, तभी साहित्य आंदोलन बनेगा।” मुख्य अतिथि हनुमानगढ़ के अतिरिक्त जिला न्यायाधीश श्री गजेंद्र सिंह तेनगुरिया ने कहा कि पुस्तकों का अध्ययन व्यक्ति के व्यक्तित्व और विचारों को समृद्ध करता है। पढ़ने की आदत से विचार करने, सही-गलत में अंतर समझने और निर्णय लेने की क्षमता विकसित होती है। उन्होंने कहा कि तकनीक के दौर में युवाओं के सामने सूचनाओं की भरमार है। ऐसे में अच्छी पुस्तकों और साहित्य का अध्ययन उन्हें सही दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। साहित्य समाज का दर्पण होने के साथ समाज को दिशा देने का माध्यम भी है। उन्होंने डीग जैसे ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक क्षेत्र में साहित्यिक संवाद को महत्वपूर्ण पहल बताया। वरिष्ठ साहित्यकार प्रकाश चंद पाराशर ने कहा कि साहित्य समाज को जोड़ने और नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से परिचित कराने का सशक्त माध्यम है। भरतपुर नगर निगम की पूर्व प्रथम महापौर सुमन कोली ने कहा कि युवाओं को साहित्य और संस्कृति से जोड़ने के लिए ऐसे संवाद निरंतर आयोजित होने चाहिए। साहित्यकार सोहन लाल शर्मा ‘प्रेम’ ने कहा कि कविता समाज की संवेदनाओं को आवाज देने के साथ युवाओं में रचनात्मक सोच विकसित करती है। सेवानिवृत्त आरपीएस नत्थी सिंह ने कहा कि साहित्य और संस्कृति से जुड़ाव युवाओं में संस्कार, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना मजबूत करता है। वरिष्ठ साहित्यकार श्याम सिंह जघीना ने कहा कि साहित्य नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और परम्पराओं से जोड़ने का प्रभावी माध्यम है। साहित्यकार चंद्रपाल सिंह वहज ने कहा कि युवाओं में पढ़ने की रुचि बढ़ाकर ही ज्ञान, विचार और संस्कार की मजबूत नींव तैयार की जा सकती है। साहित्यकार गिरिजाशंकर शर्मा ने कहा कि साहित्यिक संवाद स्थानीय प्रतिभाओं को मंच देने और युवाओं को रचनात्मक दिशा देने का माध्यम बन सकते हैं। 2010 से जारी है साहित्यिक-सांस्कृतिक अभियान कार्यक्रम के समन्वयक एवं भरतपुर संभाग प्रभारी मोरध्वज सिंह ने बताया कि वर्ष 2010 से जारी इस साहित्यिक-सांस्कृतिक अभियान के तहत प्रदेश के प्रत्येक जिले में 1000 से अधिक कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं। अभियान का उद्देश्य साहित्य को आमजन तक पहुंचाने के साथ युवाओं और समाज के विभिन्न वर्गों को साहित्य एवं संस्कृति से जोड़ना है। उन्होंने बताया कि अब अभियान को प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र और पंचायत स्तर तक पहुंचाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। स्थानीय साहित्यकारों, रचनाकारों और युवा प्रतिभाओं को मंच उपलब्ध कराने के साथ उन्हें प्रदेश की साहित्यिक-सांस्कृतिक गतिविधियों से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। काव्यपाठ से साहित्यिक माहौल हुआ जीवंत कार्यक्रम में कवि मनोज मनु पाराशर, हरिश्चंद्र ‘हरि’, अभिषेक ‘अमर’, जगत पाराशर, पंकज ‘प्रखर’, गोविंद ‘ब्रजवासी’, चंद्रभान ‘चंचल’, सुनील ‘सरल’, जितेंद्र पाराशर, चंद्रभान ‘चंद्र’, प्रकाश चंद पाराशर और सोहन लाल शर्मा ‘प्रेम’ सहित अन्य कवियों ने काव्यपाठ किया। कवियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से साहित्य, समाज, संस्कृति और समसामयिक विषयों को अभिव्यक्ति दी। 18 साल के युवा अंकित मीणा की पुस्तक 'अल्फाज ए रंगरेज' का अतिथियों ने लोकार्पण किया कार्यक्रम के आयोजन में राजस्थान मीडिया एक्शन फोरम एवं यूथ मूवमेंट, राजस्थान का सहयोग रहा। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।4
- ujjain mahakal mai khade hanuman ji kaa sakhat chamatkaar1
- गोवर्धन के अड़ींग गांव में किया जा रहा बिहारी जी का कुआं पूजन गोवर्धन तहसील की अड़ींग में श्री बिहारी जी का कुआं पूजन का कार्यक्रम किया जा रहा है जिसमें सैकड़ो महिलाएं पुरुष बच्चे नाचते गाते झूमते हुए बिहारी जी का डोला निकाल रहे हैं भक्तों का कहना है कि हमारे बिहारी जी का जन्म हो चुका है हमने उनकी छठी भी पूछी थी और अब कुआं पूजन का प्रोग्राम कर रहे हैं और सभी भक्तों में बड़ा उत्साह है और यह ब्रज की परंपरा रही है कि अपने आराध्य श्री कृष्णा जिन्हें बिहारी जी के नाम से भी जाना जाता है उनका हम जन्म से लेकर के कुआं पूजन तक सभी प्रोग्राम लगातार करते हैं1
- बृहद गौ संरक्षण केंद्र ग्राम पेठा के सामने गड्ढे में फसी गो माता, ग्राम प्रधान का कहना हमारी गाय नहीं है मामला गोवर्धन तहसील के ग्राम पंचायत पेठा का है जहां बृहद को संरक्षण केंद्र बना हुआ है जिसके सामने एक गए गड्ढे में गोबर और कीचड़ में फंसी हुई है और बेहद गंभीर स्थिति में है जब इस बारे में गौशाला कर्मचारी और ग्राम प्रधान से बात की तो उनका कहना यह हमारी गौशाला की गाय नहीं है यदि कोई गाय गौशाला के सामने है तो उसकी जिम्मेदारी किसकी है क्या योगी सरकार में गायों को यही प्राथमिकता मिल रही है आप खुद देखिए गाय की हालत2
- 🚩 मथुरा में 23 सितंबर को मनाया जाएगा 66वां श्री वामन भगवान प्राकट्य उत्सव, वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच होगा 21 किलो पंचामृत से अभिषेक 🚩 मथुरा। श्री विद्वत्परिषद संस्थान पंजीकृत की एक महत्वपूर्ण बैठक रामजी मंदिर, गया मंडी पर संस्थान सचिव आचार्य श्रीकांत शास्त्री इंदु राजा की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक की शुरुआत भगवान वामन के चित्रपट पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। इस अवसर पर अध्यक्ष गजेंद्र शर्मा, श्रीकांत शास्त्री, नारायण प्रसाद शर्मा, गोवर्धन प्रसाद शर्मा एवं राजेश शर्मा सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे। बैठक में निर्णय लिया गया कि गत वर्षों की भांति इस वर्ष भी 23 सितंबर को 66वां श्री वामन भगवान प्राकट्य उत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। कार्यक्रम में साहित्यकारों, भागवत आचार्यों, वयोवृद्धों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं शिक्षाविदों सहित विभिन्न क्षेत्रों में योगदान देने वाले विप्रजनों का सम्मान किया जाएगा। 📿 प्रातः 11 बजे शहनाई वादन और विद्वान ब्राह्मणों के वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच भगवान वामन का विशेष पंचामृत अभिषेक किया जाएगा। इस अभिषेक में दूध, दही, शहद, घृत, बूरा एवं सुगंधित जड़ी-बूटियों सहित कुल 21 किलो पंचामृत का प्रयोग किया जाएगा। इसके साथ ही श्री वामन भगवान की भव्य झांकी का प्रदर्शन होगा और श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन किया जाएगा। कार्यक्रम को लेकर संस्थान के पदाधिकारियों द्वारा निमंत्रण पत्र का विमोचन भी किया गया। संस्थान की ओर से सभी विप्रजनों एवं श्रद्धालुओं से कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होने का आग्रह किया गया है। निमंत्रण पत्र विमोचन के अवसर पर दिवाकर आचार्य, मनु ऋषि, चंद्र प्रकाश, पवन कुमार, गिरधारी लाल, नारायण प्रसाद शर्मा सहित अन्य प्रमुख लोग मौजूद रहे। 🙏 भगवान वामन के प्राकट्य उत्सव में आप भी सहभागी बनें और इस धार्मिक आयोजन की गरिमा बढ़ाएं। #VamanBhagwan #VamanJayanti #VamanBhagwanPrakatyaUtsav #Mathura #Braj #MathuraNews #BrajKiAwaaz #RPRNEWSTV #SanatanDharma #BrahminSamaj #DharmikKaryakram #VamanUtsav #MathuraNewsToday🔥 वायरल टाइटल के लिए सबसे मजबूत लाइन: “मथुरा में 23 सितंबर को 66वां वामन भगवान प्राकट्य उत्सव, 21 किलो पंचामृत से होगा भव्य अभिषेक!”1
- बृहद गौ संरक्षण केंद्र ग्राम पेठा के सामने गड्ढे में फसी गो माता, ग्राम प्रधान का कहना हमारी गाय नहीं है मामला गोवर्धन तहसील के ग्राम पंचायत पेठा का है जहां बृहद को संरक्षण केंद्र बना हुआ है जिसके सामने एक गए गड्ढे में गोबर और कीचड़ में फंसी हुई है और बेहद गंभीर स्थिति में है जब इस बारे में गौशाला कर्मचारी और ग्राम प्रधान से बात की तो उनका कहना यह हमारी गौशाला की गाय नहीं है यदि कोई गाय गौशाला के सामने है तो उसकी जिम्मेदारी किसकी है क्या योगी सरकार में गायों को यही प्राथमिकता मिल रही है आप खुद देखिए गाय की हालत1