चार श्रम कानून के विरोध में संयुक्त मोर्चा की एक दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल अनूपपुर/बिजुरी । लेबर कोड बिल के लागू होने के विरोध में गुरुवार को श्रम संगठनों की संयुक्त मोर्चा की एकदिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल पर चार श्रम कानून के वापस लेने की मांग पर एटक, एचएमएस, इटंक और सीटू श्रम संगठन के पदाधिकारियों ने कोयला खदानों के प्रवेश द्वार पर नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया । इस राष्ट्रव्यापी एकदिवसीय हड़ताल में बीएमएस संगठन ने हड़ताल से दूरी बनाई । हड़ताल को सफल बनाने सुबह से ही हड़ताल में शामिल श्रम संगठन कोयला खदानों के काम से दूरी बनाते हुए हड़ताल पर बैठे रहे । साथ ही काम पर आने वाले मजदूरों को भी काम पर न जाने की अपील कर रहे थे । 12 कोयला खदानों में उत्पादन रहा ठप्प मजदूरों के हड़ताल पर जाने से अनूपपुर में एसईसीएल की जमुना कोतमा और हसदेव क्षेत्र के साथ लगभग 12 कोयला खदानें प्रभावित हुई है। मजदूरों के अभाव में ना तो कोयला का उत्पादन हो सका है और नहीं परिवहन किया जा सका । हसदेव उपक्षेत्र में रोजाना लगभग 8164.02 टन कोयला उत्पादन होता है। हड़ताल पर जाने से पहले लेनी पड़ेगी अनुमति श्रम संगठनों की संयुक्त मोर्चा के अनुसार चार लेबर बिल अंतर्गत श्रमिक संगठनों को हड़ताल से पहले एएलसी को ज्ञापन देकर जानकारी देना होगा, जब तक एसिस्टेंट लेबर कमिश्नर के यहां सुनवाई चलेगी तब तक श्रमिक संगठन हड़ताल नहीं कर सकेंगे। इस दौरान हड़ताल किया जाता है तो जेल और जुर्माना दोनों का प्रावधान होगा, कंपनियों में आवश्यकतानुसार विभिन्न कामों पर जबतक आवश्यकता होगी तबतक कामों रखा जाएगा जब जरुरत खत्म हो जाएगी श्रमिक को काम से हटा दिया जाएगा, श्रमिक संगठनों को अद्योगिक वार्ता में हिस्सा लेने के लिए 51 फीसदी मेंबरशिप आवश्यक होगी। इन श्रमिक संगठन से प्रबंधन कमेटी बनाकर अद्योगिक वार्ता करेगी।
चार श्रम कानून के विरोध में संयुक्त मोर्चा की एक दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल अनूपपुर/बिजुरी । लेबर कोड बिल के लागू होने के विरोध में गुरुवार को श्रम संगठनों की संयुक्त मोर्चा की एकदिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल पर चार श्रम कानून के वापस लेने की मांग पर एटक, एचएमएस, इटंक और सीटू श्रम संगठन के पदाधिकारियों ने कोयला खदानों के प्रवेश द्वार पर नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया । इस राष्ट्रव्यापी एकदिवसीय हड़ताल में बीएमएस संगठन ने हड़ताल से दूरी बनाई । हड़ताल को सफल बनाने सुबह से ही हड़ताल में शामिल श्रम संगठन कोयला खदानों के काम से दूरी बनाते हुए हड़ताल पर बैठे रहे । साथ ही काम पर आने वाले मजदूरों को भी काम पर न जाने की अपील कर रहे थे । 12 कोयला खदानों में उत्पादन रहा ठप्प मजदूरों के हड़ताल पर जाने से अनूपपुर में एसईसीएल की जमुना कोतमा और हसदेव क्षेत्र के साथ लगभग
12 कोयला खदानें प्रभावित हुई है। मजदूरों के अभाव में ना तो कोयला का उत्पादन हो सका है और नहीं परिवहन किया जा सका । हसदेव उपक्षेत्र में रोजाना लगभग 8164.02 टन कोयला उत्पादन होता है। हड़ताल पर जाने से पहले लेनी पड़ेगी अनुमति श्रम संगठनों की संयुक्त मोर्चा के अनुसार चार लेबर बिल अंतर्गत श्रमिक संगठनों को हड़ताल से पहले एएलसी को ज्ञापन देकर जानकारी देना होगा, जब तक एसिस्टेंट लेबर कमिश्नर के यहां सुनवाई चलेगी तब तक श्रमिक संगठन हड़ताल नहीं कर सकेंगे। इस दौरान हड़ताल किया जाता है तो जेल और जुर्माना दोनों का प्रावधान होगा, कंपनियों में आवश्यकतानुसार विभिन्न कामों पर जबतक आवश्यकता होगी तबतक कामों रखा जाएगा जब जरुरत खत्म हो जाएगी श्रमिक को काम से हटा दिया जाएगा, श्रमिक संगठनों को अद्योगिक वार्ता में हिस्सा लेने के लिए 51 फीसदी मेंबरशिप आवश्यक होगी। इन श्रमिक संगठन से प्रबंधन कमेटी बनाकर अद्योगिक वार्ता करेगी।
- शहडोल ब्यौहारी से दुर्गेश कुमार गुप्ता जन्म मृत्यु पंजीयन एवं विवाह पंजीयन का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के कलेक्टर ने दिए निर्देश ==== शहडोल 12 फरवरी 2026- कलेक्टर डॉ. केदार सिंह ने जिले में जन्म, मृत्यु एवं विवाह पंजीयन का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश जिले के जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों, मुख्य नगरपालिका अधिकारियों, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी तथा खण्ड चिकित्सा अधिकारियों को दिए हैं। जन्म-मृत्यु एवं विवाह का पंजीयन कराना प्रत्येक नागरिक का कानूनी दायित्व है। जन्म एवं मृत्यु का पंजीयन निर्धारित समय सीमा के भीतर कराया जाना अनिवार्य है, जिससे नागरिकों को शासन की विभिन्न योजनाओं, प्रमाण-पत्रों एवं अन्य सुविधाओं का लाभ मिल सके। जन्म प्रमाण-पत्र शैक्षणिक प्रवेश, आधार कार्ड, पासपोर्ट, पेंशन, उत्तराधिकार सहित अनेक महत्वपूर्ण कार्यों के लिए आवश्यक दस्तावेज है। वहीं मृत्यु प्रमाण-पत्र संपत्ति हस्तांतरण, बीमा दावा, बैंक संबंधी कार्य एवं अन्य कानूनी प्रक्रियाओं के लिए जरूरी होता है। इसी प्रकार विवाह पंजीयन पति-पत्नी के वैधानिक अधिकारों की सुरक्षा एवं विभिन्न शासकीय कार्यों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। जन्म, मृत्यु एवं विवाह से संबंधित घटनाओं का पंजीयन निर्धारित समयावधि में अनिवार्य रूप से संबंधित पंजीयन कार्यालय, नगर निकाय अथवा ग्राम पंचायत में कराएं। निर्धारित समय सीमा के बाद पंजीयन कराने पर नियमानुसार विलंब शुल्क देय हो सकता है। उन्होंने निर्देश दिया है कि दीवार लेखन के माध्यम से जन्म पंजीकरण के लिए जन्म आपका हक, पंजीकरण जरूरी है। जन्म प्रमाण पत्र बच्चे का पहला अधिकार सुरक्षित भविष्य की पहली पुकार, जीवन की शुरूआत, पंजीकरण के साथ। इसी तरह मृत्यु पंजीकरण के लिए अंतिम यात्रा का हो सम्मान, मृत्यु का हो सही प्रमाण, जो चले गए उनकी यादें खास, पंजीकरण है परिवार का विश्वास। मृत्यु के बाद भी परिवार का साथ पंजीकरण है कानूनी बात। जन्म और मृत्यु दोनो के लिए जन्म हो या मृत्यु, पहचान जरूरी रिकार्ड हो सही तभी बात बने पूरी। जीवन और मृत्यु दोनों का हो हिसाब यही है हमारा कर्तव्य और जवाब, पंजीकरण है एक जिम्मेदारी देश के विकास की सच्ची तैयारी। प्रेरक और भावनात्मक नारे जन्म का प्रमाण जीवन का आधार, मृत्यु का प्रमाण परिवार का आधार, पंजीकरण कराएं, भविष्य सुरक्षित बनाएं। हर जन्म और मृत्यु का हो लेखा यही है देश की सच्ची रेखा। विवाह पंजीयन के लिए विवाह का आठवां वचन विवाह का हो पंजीयन, नारी का है सम्मान जब हो उसके विवाह का प्रमाण, खुश हो दूल्हा, खुश हो दुल्हन जब हो शादी का हो अनिवार्य पंजीयन।1
- मंडला जिले के विकासखंड घुघरी अंतर्गत बाजारवाड़ चौक में महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर *शिव सेना समिति* के तत्वावधान में भगवान शंकर महादेव महाकाल की भव्य प्रतिमा का विधिवत उद्घाटन कर स्थापना की गई। कार्यक्रम धार्मिक विधि-विधान एवं मंत्रोच्चार के साथ सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर समिति पदाधिकारीगण, स्थानीय नागरिक, श्रद्धालुजन एवं गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। उपस्थित जनसमुदाय द्वारा भगवान शिव की पूजा-अर्चना कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति एवं खुशहाली की कामना की गई। प्रतिमा स्थापना से बाजारवाड़ क्षेत्र में धार्मिक एवं सांस्कृतिक वातावरण सृजित हुआ है। आयोजकों ने बताया कि भविष्य में भी ऐसे धार्मिक एवं सामाजिक आयोजन किए जाएंगे, जिससे क्षेत्र में आस्था और सामाजिक समरसता को बढ़ावा मिलेगा।1
- घुघरी/कैबिनेट मंत्री संपत्तियां विजय जी ने दादा गुरु के सम्मान में1
- बिलासपुर में केंद्रीय ट्रेड यूनियन व AITUC सहित कई संगठनों ने नेहरू चौक पर धरना दिया। प्रदर्शनकारी कर्मचारी, किसान और मजदूर विरोधी नीतियों का विरोध कर रहे हैं। सरकार पर हितों की अनदेखी का आरोप लगाया गया। आंदोलन को कांग्रेस का समर्थन मिला, जिसे आंदोलनकारियों ने महत्वपूर्ण बताया।1
- आज जूनियर वर्ग की प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने दिखाया अपना हुनर* सूरजपुर दिनांक 12 फरवरी 2026 को* छत्तीसगढ़ शासन खेल व युवा विभाग के निर्देशानुसार व कलेक्टर श्री एस. जयवर्धन के मार्गदर्शन में आज जिले के शा.आ.बालक उ.मा.विद्यालय स्टेडियम ग्राउंड में जिला स्तरीय सरगुजा ओलंपिक का भव्य आयोजन किया गया। प्रेमनगर विधायक श्री भूलन सिंह मराबी के मुख्य आतिथ्य में सरगुजा ओलंपिक जूनियर वर्ग कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर विधायक भूलन सिंह मराबी, श्री भीमसेन अग्रवाल, श्री मुरली मनोहर सोनी व जिला पंचायत सीईओ श्री विजेंद्र सिंह पाटले ने गोला फेंक कर सरगुजा ओलंपिक खेल महाकुंभ की शुरुआत की और उपस्थित युवाओं का उत्साह वर्धन किया। इस खेल के महाकुंभ में जिले के समस्त विकासखंड से जूनियर वर्ग में 826 बालक व बालिकाओं ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया, शहर से लेकर ग्रामीण अंचल के प्रतिभागियों ने पूरे उत्साह के साथ खेल का आनंद लिया और अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से दर्शकगण को अपनी ओर आकर्षित किया। कार्यक्रम में उपस्थित श्री भूलन सिंह मराबी ने उपस्थित खेल प्रतिभागियो को संबोधित करते हुए कहा कि खेल हमारे जीवन का एक अनिवार्य हिस्सा है। खेलने से न केवल हमारा शरीर स्वस्थ और मज़बूत रहता है, बल्कि हमारा मन भी प्रसन्न और ऊर्जावान बना रहता है। खेल हमें अनुशासन सिखाता है, समय पर उठना, नियमों का पालन करना और टीम के साथ मिलकर काम करना। जब कोई बच्चा मैदान में गिरकर फिर से उठकर दौड़ता है, तो वह अनजाने में जीवन का सबसे बड़ा सबक सीख रहा होता है कि हार के बाद भी हिम्मत नहीं हारनी चाहिए। खेल हमें सहनशीलता, धैर्य और आत्मविश्वास जैसे गुण देता है जो किताबों से मिलना मुश्किल है। आज के समय में जब बच्चे और युवा मोबाइल और टीवी में उलझे रहते हैं, तब खेलों का महत्व और भी बढ़ जाता है। जो व्यक्ति नियमित रूप से खेलता है, वह शारीरिक रूप से तो चुस्त रहता ही है, साथ ही मानसिक रूप से भी मज़बूत होता है। इसीलिए कहा गया है, ’’स्वस्थ शरीर में स्वस्थ मन का वास होता है।’’ हमें अपने दैनिक जीवन में खेलों को उतना ही महत्व देना चाहिए जितना पढ़ाई-लिखाई को, क्योंकि खेल और शिक्षा मिलकर ही एक संपूर्ण व्यक्तित्व का निर्माण करते हैं। इसके साथ सभी प्रतिभागियों को उनके उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी। जिला पंचायत सीईओ श्री विजेंद्र सिंह पाटेल ने उपस्थितजनों से कहा कि खेल चरित्र गढ़ने की सबसे अच्छी पाठशाला है। मैदान में जब कोई खिलाड़ी हारता है तो वह सीखता है कि हार को गरिमा के साथ कैसे स्वीकार करें। जब जीतता है तो समझता है कि घमंड नहीं करना चाहिए। टीम में खेलते हुए वह सीखता है कि अकेले नहीं, मिलकर आगे बढ़ना होता है। खेल हमें ईमानदारी सिखाता है। नियमों के भीतर रहकर अपना सर्वश्रेष्ठ देना। जो बच्चा बचपन से खेल के मैदान में उतरता है, वह बड़ा होकर जीवन की हर चुनौती को खेल भावना से लेता है। उसमें धैर्य होता है, साहस होता है और दूसरों के प्रति सम्मान का भाव होता है। सच में कहें तो खेल वह गुरु है जो बिना कुछ कहे बहुत कुछ सिखा देता है। अंत में उन्होने प्रतिभागियों को अपना उत्कृष्ट प्रदर्शन करने की बात कही और उन्हे शुभकामनाएं दी। आज की प्रतियोगिता जूनियर वर्ग के लिए थी। जिसमें 14 से 17 वर्ष आयु वर्ग के बालक-बालिकाएं प्रतिभागी रही, वहीं कल 13 फरवरी को जिला स्तरीय सरगुजा ओलंपिक समापन दिवस पर सीनियर वर्ग अंतर्गत 17 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के महिला व पुरुष प्रतिभागी रहेगें। 12 विभिन्न खेल विधाओं में एथलेटिक्स, तीरंदाजी, बैडमिंटन, फुटबॉल, हॉकी, कुश्ती, कराते, कबड्डी, खो-खो, व्हॉलीबॉल, बास्केटबॉल व रस्साकस्सी इत्यादि खेल शामिल हैं। आज मैदान स्थल में प्रतिभागियों ने 100 मी., 200 मी., 400 मी. दौड़, लंबी कूद, ऊंची कूद शॉटपूट डिस्कस थ्रो, जैवलीन थ्रो, रिलेरेस, तीरंदाजी, बैंडमिंटन (सिंगल-डबल), खो-खो, बॉलीवाल, बास्केटबॉल जैसे खेलों मे उत्कृष्ठ प्रदर्शन किया और दर्शको के मन मे अपना स्थान बनाया। अंतिम में प्रतियोगिताओं में प्रतिभागी रहें विजेताओं को प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार राशि व प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में दर्शकगण, जनप्रतिनिधिगण, खेल अधिकारी श्रीमती आरती पाण्डेय व अन्य अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।1
- Post by पत्रकार रुद्र प्रताप सिंह1
- Post by Guru Reality Show1
- घुघरी/प्रदेश की लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती संपतिया उईके ने 'मिलेट रोड शो' को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।1
- बिलासपुर:रतनपुर के गढ़वट गांव में शादी समारोह के दौरान डीजे और पटाखा फोड़ने को लेकर विवाद इतना बढ़ गया कि एक बाराती युवक ने ग्रामीण पर चाकू से जानलेवा हमला कर दिया। घायल की हालत गंभीर बताई जा रही है और उसे सिम्स में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद दोनों पक्षों में जमकर मारपीट व वाहनों में तोड़फोड़ हुई। आरोपी पुष्पेंद्र धीवर ने सरेंडर कर दिया है, पुलिस मामले की जांच कर रही है।1