सरगुजा ओलंपिक 12 विधाओं में युवाओं ने दिखाई प्रतिभा* जिले के समस्त विकासखंड से जूनियर वर्ग में 826 बालक व बालिका बने प्रतिभागी* आज जूनियर वर्ग की प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने दिखाया अपना हुनर* सूरजपुर दिनांक 12 फरवरी 2026 को* छत्तीसगढ़ शासन खेल व युवा विभाग के निर्देशानुसार व कलेक्टर श्री एस. जयवर्धन के मार्गदर्शन में आज जिले के शा.आ.बालक उ.मा.विद्यालय स्टेडियम ग्राउंड में जिला स्तरीय सरगुजा ओलंपिक का भव्य आयोजन किया गया। प्रेमनगर विधायक श्री भूलन सिंह मराबी के मुख्य आतिथ्य में सरगुजा ओलंपिक जूनियर वर्ग कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर विधायक भूलन सिंह मराबी, श्री भीमसेन अग्रवाल, श्री मुरली मनोहर सोनी व जिला पंचायत सीईओ श्री विजेंद्र सिंह पाटले ने गोला फेंक कर सरगुजा ओलंपिक खेल महाकुंभ की शुरुआत की और उपस्थित युवाओं का उत्साह वर्धन किया। इस खेल के महाकुंभ में जिले के समस्त विकासखंड से जूनियर वर्ग में 826 बालक व बालिकाओं ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया, शहर से लेकर ग्रामीण अंचल के प्रतिभागियों ने पूरे उत्साह के साथ खेल का आनंद लिया और अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से दर्शकगण को अपनी ओर आकर्षित किया। कार्यक्रम में उपस्थित श्री भूलन सिंह मराबी ने उपस्थित खेल प्रतिभागियो को संबोधित करते हुए कहा कि खेल हमारे जीवन का एक अनिवार्य हिस्सा है। खेलने से न केवल हमारा शरीर स्वस्थ और मज़बूत रहता है, बल्कि हमारा मन भी प्रसन्न और ऊर्जावान बना रहता है। खेल हमें अनुशासन सिखाता है, समय पर उठना, नियमों का पालन करना और टीम के साथ मिलकर काम करना। जब कोई बच्चा मैदान में गिरकर फिर से उठकर दौड़ता है, तो वह अनजाने में जीवन का सबसे बड़ा सबक सीख रहा होता है कि हार के बाद भी हिम्मत नहीं हारनी चाहिए। खेल हमें सहनशीलता, धैर्य और आत्मविश्वास जैसे गुण देता है जो किताबों से मिलना मुश्किल है। आज के समय में जब बच्चे और युवा मोबाइल और टीवी में उलझे रहते हैं, तब खेलों का महत्व और भी बढ़ जाता है। जो व्यक्ति नियमित रूप से खेलता है, वह शारीरिक रूप से तो चुस्त रहता ही है, साथ ही मानसिक रूप से भी मज़बूत होता है। इसीलिए कहा गया है, ’’स्वस्थ शरीर में स्वस्थ मन का वास होता है।’’ हमें अपने दैनिक जीवन में खेलों को उतना ही महत्व देना चाहिए जितना पढ़ाई-लिखाई को, क्योंकि खेल और शिक्षा मिलकर ही एक संपूर्ण व्यक्तित्व का निर्माण करते हैं। इसके साथ सभी प्रतिभागियों को उनके उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी। जिला पंचायत सीईओ श्री विजेंद्र सिंह पाटेल ने उपस्थितजनों से कहा कि खेल चरित्र गढ़ने की सबसे अच्छी पाठशाला है। मैदान में जब कोई खिलाड़ी हारता है तो वह सीखता है कि हार को गरिमा के साथ कैसे स्वीकार करें। जब जीतता है तो समझता है कि घमंड नहीं करना चाहिए। टीम में खेलते हुए वह सीखता है कि अकेले नहीं, मिलकर आगे बढ़ना होता है। खेल हमें ईमानदारी सिखाता है। नियमों के भीतर रहकर अपना सर्वश्रेष्ठ देना। जो बच्चा बचपन से खेल के मैदान में उतरता है, वह बड़ा होकर जीवन की हर चुनौती को खेल भावना से लेता है। उसमें धैर्य होता है, साहस होता है और दूसरों के प्रति सम्मान का भाव होता है। सच में कहें तो खेल वह गुरु है जो बिना कुछ कहे बहुत कुछ सिखा देता है। अंत में उन्होने प्रतिभागियों को अपना उत्कृष्ट प्रदर्शन करने की बात कही और उन्हे शुभकामनाएं दी। आज की प्रतियोगिता जूनियर वर्ग के लिए थी। जिसमें 14 से 17 वर्ष आयु वर्ग के बालक-बालिकाएं प्रतिभागी रही, वहीं कल 13 फरवरी को जिला स्तरीय सरगुजा ओलंपिक समापन दिवस पर सीनियर वर्ग अंतर्गत 17 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के महिला व पुरुष प्रतिभागी रहेगें। 12 विभिन्न खेल विधाओं में एथलेटिक्स, तीरंदाजी, बैडमिंटन, फुटबॉल, हॉकी, कुश्ती, कराते, कबड्डी, खो-खो, व्हॉलीबॉल, बास्केटबॉल व रस्साकस्सी इत्यादि खेल शामिल हैं। आज मैदान स्थल में प्रतिभागियों ने 100 मी., 200 मी., 400 मी. दौड़, लंबी कूद, ऊंची कूद शॉटपूट डिस्कस थ्रो, जैवलीन थ्रो, रिलेरेस, तीरंदाजी, बैंडमिंटन (सिंगल-डबल), खो-खो, बॉलीवाल, बास्केटबॉल जैसे खेलों मे उत्कृष्ठ प्रदर्शन किया और दर्शको के मन मे अपना स्थान बनाया। अंतिम में प्रतियोगिताओं में प्रतिभागी रहें विजेताओं को प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार राशि व प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में दर्शकगण, जनप्रतिनिधिगण, खेल अधिकारी श्रीमती आरती पाण्डेय व अन्य अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।
सरगुजा ओलंपिक 12 विधाओं में युवाओं ने दिखाई प्रतिभा* जिले के समस्त विकासखंड से जूनियर वर्ग में 826 बालक व बालिका बने प्रतिभागी* आज जूनियर वर्ग की प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने दिखाया अपना हुनर* सूरजपुर दिनांक 12 फरवरी 2026 को* छत्तीसगढ़ शासन खेल व युवा विभाग के निर्देशानुसार व कलेक्टर श्री एस. जयवर्धन के मार्गदर्शन में आज जिले के शा.आ.बालक उ.मा.विद्यालय स्टेडियम ग्राउंड में जिला स्तरीय सरगुजा ओलंपिक का भव्य आयोजन किया गया। प्रेमनगर विधायक श्री भूलन सिंह मराबी के मुख्य आतिथ्य में सरगुजा ओलंपिक जूनियर वर्ग कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर विधायक भूलन सिंह मराबी, श्री भीमसेन अग्रवाल, श्री मुरली मनोहर सोनी व जिला पंचायत सीईओ श्री विजेंद्र सिंह पाटले ने गोला फेंक कर सरगुजा ओलंपिक खेल महाकुंभ की शुरुआत की और उपस्थित युवाओं का उत्साह वर्धन किया। इस खेल के महाकुंभ में जिले के समस्त विकासखंड से जूनियर वर्ग में 826 बालक व बालिकाओं ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया, शहर से लेकर ग्रामीण अंचल के प्रतिभागियों ने पूरे उत्साह के साथ खेल का आनंद लिया और अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से दर्शकगण को अपनी ओर आकर्षित किया। कार्यक्रम में उपस्थित श्री भूलन सिंह मराबी ने उपस्थित खेल प्रतिभागियो को संबोधित करते हुए कहा कि खेल हमारे जीवन का एक अनिवार्य हिस्सा है। खेलने से न केवल हमारा शरीर स्वस्थ और मज़बूत रहता है, बल्कि हमारा मन भी प्रसन्न और ऊर्जावान बना रहता है। खेल हमें अनुशासन सिखाता है, समय पर उठना, नियमों का पालन करना और टीम के साथ मिलकर काम करना। जब कोई बच्चा मैदान में गिरकर फिर से उठकर दौड़ता है, तो वह अनजाने में जीवन का सबसे बड़ा सबक सीख रहा होता है कि हार के बाद भी हिम्मत नहीं हारनी चाहिए। खेल हमें सहनशीलता, धैर्य और आत्मविश्वास जैसे गुण देता है जो किताबों से मिलना मुश्किल है। आज के समय में जब बच्चे और युवा मोबाइल और टीवी में उलझे रहते हैं, तब खेलों का महत्व और भी बढ़ जाता है। जो व्यक्ति नियमित रूप से खेलता है, वह शारीरिक रूप से तो चुस्त रहता ही है, साथ ही मानसिक रूप से भी मज़बूत होता है। इसीलिए कहा गया है, ’’स्वस्थ शरीर में स्वस्थ मन का वास होता है।’’ हमें अपने दैनिक जीवन में खेलों को उतना ही महत्व देना चाहिए जितना पढ़ाई-लिखाई को, क्योंकि खेल और शिक्षा मिलकर ही एक संपूर्ण व्यक्तित्व का निर्माण करते हैं। इसके साथ सभी प्रतिभागियों को उनके उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी। जिला पंचायत सीईओ श्री विजेंद्र सिंह पाटेल ने उपस्थितजनों से कहा कि खेल चरित्र गढ़ने की सबसे अच्छी पाठशाला है। मैदान में जब कोई खिलाड़ी हारता है तो वह सीखता है कि हार को गरिमा के साथ कैसे स्वीकार करें। जब जीतता है तो समझता है कि घमंड नहीं करना चाहिए। टीम में खेलते हुए वह सीखता है कि अकेले नहीं, मिलकर आगे बढ़ना होता है। खेल हमें ईमानदारी सिखाता है। नियमों के भीतर रहकर अपना सर्वश्रेष्ठ देना। जो बच्चा बचपन से खेल के मैदान में उतरता है, वह बड़ा होकर जीवन की हर चुनौती को खेल भावना से लेता है। उसमें धैर्य होता है, साहस होता है और दूसरों के प्रति सम्मान का भाव होता है। सच में कहें तो खेल वह गुरु है जो बिना कुछ कहे बहुत कुछ सिखा देता है। अंत में उन्होने प्रतिभागियों को अपना उत्कृष्ट प्रदर्शन करने की बात कही और उन्हे शुभकामनाएं दी। आज की प्रतियोगिता जूनियर वर्ग के लिए थी। जिसमें 14 से 17 वर्ष आयु वर्ग के बालक-बालिकाएं प्रतिभागी रही, वहीं कल 13 फरवरी को जिला स्तरीय सरगुजा ओलंपिक समापन दिवस पर सीनियर वर्ग अंतर्गत 17 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के महिला व पुरुष प्रतिभागी रहेगें। 12 विभिन्न खेल विधाओं में एथलेटिक्स, तीरंदाजी, बैडमिंटन, फुटबॉल, हॉकी, कुश्ती, कराते, कबड्डी, खो-खो, व्हॉलीबॉल, बास्केटबॉल व रस्साकस्सी इत्यादि खेल शामिल हैं। आज मैदान स्थल में प्रतिभागियों ने 100 मी., 200 मी., 400 मी. दौड़, लंबी कूद, ऊंची कूद शॉटपूट डिस्कस थ्रो, जैवलीन थ्रो, रिलेरेस, तीरंदाजी, बैंडमिंटन (सिंगल-डबल), खो-खो, बॉलीवाल, बास्केटबॉल जैसे खेलों मे उत्कृष्ठ प्रदर्शन किया और दर्शको के मन मे अपना स्थान बनाया। अंतिम में प्रतियोगिताओं में प्रतिभागी रहें विजेताओं को प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार राशि व प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में दर्शकगण, जनप्रतिनिधिगण, खेल अधिकारी श्रीमती आरती पाण्डेय व अन्य अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।
- श्री सुपर संपूर्ण पूजा भंडार मेन रोड पटना में एक रील 😍🤠 हर हर महादेव 🚩1
- रजा यूनिटी फाउंडेशन के संस्थापक सादाब आलम राजवी ने मुस्लिम युवा पीढ़ी से की अपील वैलेंटाइन डे मनाना नाजायजओ हराम है। रायपुर / छत्तीसगढ़ : रज़ा यूनिटी फाउंडेशन के संस्थापक शादाब आलम रज़वी की जानिब से जारी एक बयान में कहा गया है कि वैलेंटाइन डे मनाना इस्लामी शिक्षाओं के खिलाफ है और शरीअत की रोशनी में नाजायज़ व हराम है। उन्होंने कहा कि इस्लाम गैर-मेहरम के साथ बे-तकल्लुफ़ी से मेल-जोल, तोहफ़ों का आदान-प्रदान और इस प्रकार के आयोजनों को पसंद नहीं करता, इसलिए मुसलमानों को चाहिए कि वे इस गैर-शरई अमल से दूर रहें। उन्होंने अफसोस ज़ाहिर करते हुए कहा कि आजकल कुछ मुसलमान भी इस दिन को बड़े पैमाने पर मनाते नज़र आ रहे हैं, जो चिंताजनक है। उन्होंने मस्जिदों के इमामों और उलेमा-ए-कराम से अपील की कि वे जुमे के खुत्बों और मजलिसों में इस विषय पर स्पष्ट मार्गदर्शन दें और नौजवानों को इस्लामी शिक्षाओं के अनुसार सही राह दिखाएँ। शादाब आलम रज़वी ने आगे यह भी कहा कि यह चलन न केवल इस्लामी मूल्यों के विरुद्ध है, बल्कि भारतीय सभ्यता और संस्कृति में भी इसे उचित नहीं माना जाता। उन्होंने तमाम मुसलमानों, विशेषकर युवाओं से अपील की कि वे अपनी दीन और तहज़ीबी पहचान की हिफाज़त करें और ऐसे किसी भी कार्य से दूर रहें जो उनके धार्मिक सिद्धांतों के खिलाफ हो।1
- *Breaking News* *♦️बगीचा से बड़ी ख़बर आ रही है, रौनी घाट में हाईवा ट्रक ने यात्री बस को मारी ठोकर* *♦️क्राइम कण्ट्रोल न्यूज़* *𝐌𝐨. 𝟕𝟗𝟕𝟒𝟓𝟎𝟕𝟑𝟖𝟔*1
- छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में बच्चे न होने के विवाद में पति ने पत्नी को मार डाला। आरोपी ने फावड़े से हमला कर पत्नी की हत्या कर दी और फरार हो गया। पुलिस द्वारा आरोपी को गिरफ्तार लिया गया है।जानकारी के मुताबिक, करीब 18 साल पहले गायत्री बस्ती में रहने वाले तुलसी यादवकी शादी रंजना यादव से हुई थी। लेकिन दंपती को अब तक संतान नहीं हुई थी। इसके अलावा पति पत्नी के कैरेक्टर पर भी शक करता था।जांच में सामने आया है कि संतान न होने और चरित्र पर संदेह को लेकर दंपती के बीच अक्सर विवाद होता था। घटना वाली शाम भी पति-पत्नी के बीच झगड़ा हुआ था। इसके बाद गुस्साए पति ने फावड़े से पत्नी के सिर पर चेहरे पर हमला दिया।दरअसल, तुलसी यादव पेशे से किसान है। पत्नी रंजना यादव और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ ढेलवाडीह गायत्री बस्ती में रहता है। शादी के 18 साल बाद भी दोनों की संतान नहीं थी। ऐसे में दोनों के बीच अक्सर विवाद होता था।हाल ही में रंजना अपने मायके ढेलवाडीह मेला देखने गई थी। पति भी मेले में पहुंचा था। वहां से लौटने के बाद दंपती में पुरानी बातों को लेकर विवाद हो गया। पति ने फावड़े से पत्नी के सिर और शरीर के अन्य हिस्सों पर वार किया।जिससे पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गई और जमीन पर गिर पड़ी। इसके बाद पति मौके से फरार हो गया। इधर, चीख-पुकार सुनकर परिवार के अन्य सदस्य मौके पर पहुंचे तो रंजना खून से लथपथ पड़ी हुई थी। परिजन उसे फौरन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए जहाँ उसकी मौत हो गयी.1
- Post by DEOKI PURI GOSVAMI1
- Post by Dhananajy jangde1
- सूरजपुर में भारतीय मजदूर संघ के नव नियुक्त राष्ट्रीय महामंत्री सुरेन्द्र पांडे के प्रेसवार्ता का आयोजन किया गया,,, जहा कोयलांचल क्षेत्र से पहली बार किसी श्रमिक नेता को राष्ट्रीय महामंत्री नियुक्त किया गया है,,, ऐसे में सुरेन्द्र पांडे ने बताया कि बीएमएस श्रमिक संगठन मजदूरों के हित में आवाज उठाते आई है,,,, ऐसे में कोयलांचल से लेकर देश प्रदेश के सभी संगठित और असंगठित मजदूर वर्गों के हित के लिए आवाज उठाने का काम करेंगे,,,, राष्ट्रीय महामंत्री के पद की जिम्मेदारी को बखूबी पूरा करेंगे,, बाइट -1- सुरेन्द्र पांडे,, राष्ट्रीय महामंत्री,, बीएमएस श्रमिक संगठन (केंद्रीय राज्य मंत्री दर्जा प्राप्त)2
- Post by Guru Reality Show1
- मैनपाट में 19 करोड़ का मुआवजा घोटाला, कलेक्टर ने बनाई जांच कमेटी, तहसीलदार और पटवारी अटैच मैनपाट में बॉक्साइट खदान के लिए 19 करोड़ रुपए मुआवजा वितरण के मामले में बड़ा घोटाला सामने आया है. यहां पर जिन लोगों की जमीन नहीं है उनके नाम पर भी मुआवजा का प्रकरण तैयार कर लिया गया था और इस पूरे मामले का खुलासा होने के बाद सरगुजा कलेक्टर अजीत वसंत ने मैनपाट के तहसीलदार ममता रात्रे और पटवारी को जिला कार्यालय में अटैच कर दिया है. सरगुजा कलेक्टर ने बताया कि जांच रिपोर्ट आने के बाद और बड़ी कार्यवाही होगी. 19 करोड़ का मुआवजा घोटाला, कलेक्टर ने बनाई जांच कमेटी कलेक्टर ने बताया कि मामले की जांच के लिए अपर कलेक्टर की अध्यक्षता में जांच कमेटी का गठन किया गया है और नियत समय के भीतर जांच रिपोर्ट कलेक्टर के समक्ष प्रस्तुत करने के आदेश दिए गए हैं. इस पर अपर कलेक्टर सुनील नायक गांव पहुंचे थे और उन्होंने मौके पर जांच किया, पंचनामा बनाया. प्राथमिक जांच में पता चला है कि जिन लोगों की जमीन पर खेती नहीं हो रही थी और जिन लोगों की जमीन उरंगा और बरीमा ग्राम पंचायत में नहीं है उनके नाम पर भी लाखों रुपए का मुआवजा प्रकरण बनाकर उन्हें देने की तैयारी चल रही थी. लोक सेवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी के बेटे के फार्म हाउस को भी कृषि की जमीन बताकर मुआवजा देने की तैयारी चल रही थी जबकि वहां पर रेस्ट हाउस का निर्माण किया गया है तो कई जमीन को खरीदने के बाद लोगों ने बाउंड्री वॉल किया हुआ है. वहां पर खेती नहीं होती है. कुल मिलाकर सरकार को करोड़ों रुपए का नुकसान पहुंचाने की तैयारी चल रही थी, जिस पर सरगुजा कलेक्टर ने शिकायत मिलने पर गंभीरता से लिया और मामले की जांच शुरू करा दी है. तहसीलदार और पटवारी अटैच बरिमा और उरंगा गांव में छत्तीसगढ़ छत्तीसगढ़ मिनरल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन को खनन लीज मिली है, जिसके तहत किसानों को 7 साल फसल क्षति का मुआवजा मिलना है. उरंगा में तो एक मामले में जिस जमीन को लेकर मुआवजा देने की तैयारी है, वहां रेस्ट हाउस बना है. ये सीजीपीएससी घोटाले से जुड़े टामन सोनवानी के बेटे से जुड़ा हुआ है. वहीं उरंगा के 220 और बरिमा के 24 लोगों को मुआवजा मिलना है. उरंगा में 15 करोड़ से ज्यादा और बरिमा में 4 करोड़ से अधिक की राशि प्रस्तावित है, जिसे तहसीलदार और एसडीएम स्तर से मंजूरी भी मिल चुकी थी. उरंगा में एक किसान की डेढ़ एकड़ जमीन के बदले 23 एकड़ का मुआवजा प्रकरण बना दिया गया था. 23 से अधिक ऐसे नाम सामने आए, जो गांव के निवासी ही नहीं. इनमें कुछ अंबिकापुर के हैं, तो कुछ नेताओं से जुड़े होने की चर्चा है.1