मैनपाट में 19 करोड़ का मुआवजा घोटाला, कलेक्टर ने बनाई जांच कमेटी, तहसीलदार और पटवारी अटैच मैनपाट में बॉक्साइट खदान के लिए 19 करोड़ रुपए मुआवजा वितरण के मामले में बड़ा घोटाला सामने आया है. यहां पर जिन लोगों की जमीन नहीं है उनके नाम पर भी मुआवजा का प्रकरण तैयार कर लिया गया था और इस पूरे मामले का खुलासा होने के बाद सरगुजा कलेक्टर अजीत वसंत ने मैनपाट के तहसीलदार ममता रात्रे और पटवारी को जिला कार्यालय में अटैच कर दिया है. सरगुजा कलेक्टर ने बताया कि जांच रिपोर्ट आने के बाद और बड़ी कार्यवाही होगी. 19 करोड़ का मुआवजा घोटाला, कलेक्टर ने बनाई जांच कमेटी कलेक्टर ने बताया कि मामले की जांच के लिए अपर कलेक्टर की अध्यक्षता में जांच कमेटी का गठन किया गया है और नियत समय के भीतर जांच रिपोर्ट कलेक्टर के समक्ष प्रस्तुत करने के आदेश दिए गए हैं. इस पर अपर कलेक्टर सुनील नायक गांव पहुंचे थे और उन्होंने मौके पर जांच किया, पंचनामा बनाया. प्राथमिक जांच में पता चला है कि जिन लोगों की जमीन पर खेती नहीं हो रही थी और जिन लोगों की जमीन उरंगा और बरीमा ग्राम पंचायत में नहीं है उनके नाम पर भी लाखों रुपए का मुआवजा प्रकरण बनाकर उन्हें देने की तैयारी चल रही थी. लोक सेवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी के बेटे के फार्म हाउस को भी कृषि की जमीन बताकर मुआवजा देने की तैयारी चल रही थी जबकि वहां पर रेस्ट हाउस का निर्माण किया गया है तो कई जमीन को खरीदने के बाद लोगों ने बाउंड्री वॉल किया हुआ है. वहां पर खेती नहीं होती है. कुल मिलाकर सरकार को करोड़ों रुपए का नुकसान पहुंचाने की तैयारी चल रही थी, जिस पर सरगुजा कलेक्टर ने शिकायत मिलने पर गंभीरता से लिया और मामले की जांच शुरू करा दी है. तहसीलदार और पटवारी अटैच बरिमा और उरंगा गांव में छत्तीसगढ़ छत्तीसगढ़ मिनरल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन को खनन लीज मिली है, जिसके तहत किसानों को 7 साल फसल क्षति का मुआवजा मिलना है. उरंगा में तो एक मामले में जिस जमीन को लेकर मुआवजा देने की तैयारी है, वहां रेस्ट हाउस बना है. ये सीजीपीएससी घोटाले से जुड़े टामन सोनवानी के बेटे से जुड़ा हुआ है. वहीं उरंगा के 220 और बरिमा के 24 लोगों को मुआवजा मिलना है. उरंगा में 15 करोड़ से ज्यादा और बरिमा में 4 करोड़ से अधिक की राशि प्रस्तावित है, जिसे तहसीलदार और एसडीएम स्तर से मंजूरी भी मिल चुकी थी. उरंगा में एक किसान की डेढ़ एकड़ जमीन के बदले 23 एकड़ का मुआवजा प्रकरण बना दिया गया था. 23 से अधिक ऐसे नाम सामने आए, जो गांव के निवासी ही नहीं. इनमें कुछ अंबिकापुर के हैं, तो कुछ नेताओं से जुड़े होने की चर्चा है.
मैनपाट में 19 करोड़ का मुआवजा घोटाला, कलेक्टर ने बनाई जांच कमेटी, तहसीलदार और पटवारी अटैच मैनपाट में बॉक्साइट खदान के लिए 19 करोड़ रुपए मुआवजा वितरण के मामले में बड़ा घोटाला सामने आया है. यहां पर जिन लोगों की जमीन नहीं है उनके नाम पर भी मुआवजा का प्रकरण तैयार कर लिया गया था और इस पूरे मामले का खुलासा होने के बाद सरगुजा कलेक्टर अजीत वसंत ने मैनपाट के तहसीलदार ममता रात्रे और पटवारी को जिला कार्यालय में अटैच कर दिया है. सरगुजा कलेक्टर ने बताया कि जांच रिपोर्ट आने के बाद और बड़ी कार्यवाही होगी. 19 करोड़ का मुआवजा घोटाला, कलेक्टर ने बनाई जांच कमेटी कलेक्टर ने बताया कि मामले की जांच के लिए अपर कलेक्टर की अध्यक्षता में जांच कमेटी का गठन किया गया है और नियत समय के भीतर जांच रिपोर्ट कलेक्टर के समक्ष प्रस्तुत करने के आदेश दिए गए हैं. इस पर अपर कलेक्टर सुनील नायक गांव पहुंचे थे और उन्होंने मौके पर जांच किया, पंचनामा बनाया. प्राथमिक जांच में पता चला है कि जिन लोगों की जमीन पर खेती नहीं हो रही थी और जिन लोगों की जमीन उरंगा और बरीमा ग्राम पंचायत में नहीं है उनके नाम पर भी लाखों रुपए का मुआवजा प्रकरण बनाकर उन्हें देने की तैयारी चल रही थी. लोक सेवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी के बेटे के फार्म हाउस को भी कृषि की जमीन बताकर मुआवजा देने की तैयारी चल रही थी जबकि वहां पर रेस्ट हाउस का निर्माण किया गया है तो कई जमीन को खरीदने के बाद लोगों ने बाउंड्री वॉल किया हुआ है. वहां पर खेती नहीं होती है. कुल मिलाकर सरकार को करोड़ों रुपए का नुकसान पहुंचाने की तैयारी चल रही थी, जिस पर सरगुजा कलेक्टर ने शिकायत मिलने पर गंभीरता से लिया और मामले की जांच शुरू करा दी है. तहसीलदार और पटवारी अटैच बरिमा और उरंगा गांव में छत्तीसगढ़ छत्तीसगढ़ मिनरल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन को खनन लीज मिली है, जिसके तहत किसानों को 7 साल फसल क्षति का मुआवजा मिलना है. उरंगा में तो एक मामले में जिस जमीन को लेकर मुआवजा देने की तैयारी है, वहां रेस्ट हाउस बना है. ये सीजीपीएससी घोटाले से जुड़े टामन सोनवानी के बेटे से जुड़ा हुआ है. वहीं उरंगा के 220 और बरिमा के 24 लोगों को मुआवजा मिलना है. उरंगा में 15 करोड़ से ज्यादा और बरिमा में 4 करोड़ से अधिक की राशि प्रस्तावित है, जिसे तहसीलदार और एसडीएम स्तर से मंजूरी भी मिल चुकी थी. उरंगा में एक किसान की डेढ़ एकड़ जमीन के बदले 23 एकड़ का मुआवजा प्रकरण बना दिया गया था. 23 से अधिक ऐसे नाम सामने आए, जो गांव के निवासी ही नहीं. इनमें कुछ अंबिकापुर के हैं, तो कुछ नेताओं से जुड़े होने की चर्चा है.
- अमरा ओपन खदान में चोरी के 21 आरोपी पकड़े गए 1.5 टन कोयला, 13 साइकिल और 19 मोटरसाइकिल समेत लगभग 6 लाख रुपये का सामान जप्त लखनपुर (सरगुजा): अमेरा ओपन कोयला खदान के प्रतिबंधित क्षेत्र में संगठित रूप से हो रही कोयला चोरी पर लखनपुर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 21 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 1.5 टन कोयला, 13 साइकिल और 19 मोटरसाइकिल समेत लगभग 6 लाख रुपये का मशरुका जप्त किया है। जानकारी के अनुसार, ग्रामीणों द्वारा प्रतिबंधित क्षेत्र में घुसकर कोयला चोरी व तस्करी किए जाने तथा सुरक्षा कर्मियों से विवाद की शिकायतें मिल रही थीं। डीआईजी व एसएसपी सरगुजा के निर्देश पर पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी कर आरोपियों को हिरासत में लिया। पूछताछ में सभी ने संगठित रूप से चोरी करना स्वीकार किया। मामले में थाना लखनपुर में बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया। साथ ही खदान व आसपास नदियों के मुहानों पर अवैध उत्खनन के लिए खोदे गए गड्ढों को जेसीबी से पाटकर समतल कराया गया। कार्रवाई में एसडीओपी ग्रामीण तुल सिंह पट्टावी, थाना प्रभारी संपत पोटाई सहित पुलिस टीम की सक्रिय भूमिका रही। शुरू न्यूज़ के लिए सुनील गुप्ता की रिपोर्ट1
- रजा यूनिटी फाउंडेशन के संस्थापक सादाब आलम राजवी ने मुस्लिम युवा पीढ़ी से की अपील वैलेंटाइन डे मनाना नाजायजओ हराम है। रायपुर / छत्तीसगढ़ : रज़ा यूनिटी फाउंडेशन के संस्थापक शादाब आलम रज़वी की जानिब से जारी एक बयान में कहा गया है कि वैलेंटाइन डे मनाना इस्लामी शिक्षाओं के खिलाफ है और शरीअत की रोशनी में नाजायज़ व हराम है। उन्होंने कहा कि इस्लाम गैर-मेहरम के साथ बे-तकल्लुफ़ी से मेल-जोल, तोहफ़ों का आदान-प्रदान और इस प्रकार के आयोजनों को पसंद नहीं करता, इसलिए मुसलमानों को चाहिए कि वे इस गैर-शरई अमल से दूर रहें। उन्होंने अफसोस ज़ाहिर करते हुए कहा कि आजकल कुछ मुसलमान भी इस दिन को बड़े पैमाने पर मनाते नज़र आ रहे हैं, जो चिंताजनक है। उन्होंने मस्जिदों के इमामों और उलेमा-ए-कराम से अपील की कि वे जुमे के खुत्बों और मजलिसों में इस विषय पर स्पष्ट मार्गदर्शन दें और नौजवानों को इस्लामी शिक्षाओं के अनुसार सही राह दिखाएँ। शादाब आलम रज़वी ने आगे यह भी कहा कि यह चलन न केवल इस्लामी मूल्यों के विरुद्ध है, बल्कि भारतीय सभ्यता और संस्कृति में भी इसे उचित नहीं माना जाता। उन्होंने तमाम मुसलमानों, विशेषकर युवाओं से अपील की कि वे अपनी दीन और तहज़ीबी पहचान की हिफाज़त करें और ऐसे किसी भी कार्य से दूर रहें जो उनके धार्मिक सिद्धांतों के खिलाफ हो।1
- पत्थलगांव के बनगाँव बी - लोकेर के मध्य स्थित भरारी नदी पर 15 से 16 फ़रवरी तक महाशिवरात्रि के अवसर पर होगा विशेष पूजा अर्चना जलाभिषेक सांस्कृतिक कार्यक्रम नाटक की प्रस्तुति लोकेश्वर महादेव धाम समिति के नीलाम्बर यादव से जशपुर टाइम्स की विशेष चर्चा देखे Jashpur Times फेसबुक यूट्यूब इंस्टाग्राम suru app पर @jashpurtimes1
- *Breaking News* *♦️बगीचा से बड़ी ख़बर आ रही है, रौनी घाट में हाईवा ट्रक ने यात्री बस को मारी ठोकर* *♦️क्राइम कण्ट्रोल न्यूज़* *𝐌𝐨. 𝟕𝟗𝟕𝟒𝟓𝟎𝟕𝟑𝟖𝟔*1
- दोस्तों आज कल के गुरूजी लोगो से खास लड़कियों को बचाना कियुकी लड़कियों की भविष्य की चिंता उनको बेचैन निकम्मा नींद सब गवा दिए है बिचारे और लड़के तो इतने गंदे है के जान तक लें लें रहे है1
- ye vidio cliping ambikapur k purane bus stand brahmpara road ka hai.jaha sadko ki marammat ka kary teji se jari hai.kuch samay k liye dono or berikets lagane se kuch samay k liye nagriko ko aawagaman mai pareshaniyo ko samana karna pada . md news vice buero cheif patrkar cg himanshu raj ki khas report .7805838076.4
- सभी को प्राथमिक ऊपरचर के लिए हॉस्पिटल बगीचा लिया गया है1
- मैनपाट में 19 करोड़ का मुआवजा घोटाला, कलेक्टर ने बनाई जांच कमेटी, तहसीलदार और पटवारी अटैच मैनपाट में बॉक्साइट खदान के लिए 19 करोड़ रुपए मुआवजा वितरण के मामले में बड़ा घोटाला सामने आया है. यहां पर जिन लोगों की जमीन नहीं है उनके नाम पर भी मुआवजा का प्रकरण तैयार कर लिया गया था और इस पूरे मामले का खुलासा होने के बाद सरगुजा कलेक्टर अजीत वसंत ने मैनपाट के तहसीलदार ममता रात्रे और पटवारी को जिला कार्यालय में अटैच कर दिया है. सरगुजा कलेक्टर ने बताया कि जांच रिपोर्ट आने के बाद और बड़ी कार्यवाही होगी. 19 करोड़ का मुआवजा घोटाला, कलेक्टर ने बनाई जांच कमेटी कलेक्टर ने बताया कि मामले की जांच के लिए अपर कलेक्टर की अध्यक्षता में जांच कमेटी का गठन किया गया है और नियत समय के भीतर जांच रिपोर्ट कलेक्टर के समक्ष प्रस्तुत करने के आदेश दिए गए हैं. इस पर अपर कलेक्टर सुनील नायक गांव पहुंचे थे और उन्होंने मौके पर जांच किया, पंचनामा बनाया. प्राथमिक जांच में पता चला है कि जिन लोगों की जमीन पर खेती नहीं हो रही थी और जिन लोगों की जमीन उरंगा और बरीमा ग्राम पंचायत में नहीं है उनके नाम पर भी लाखों रुपए का मुआवजा प्रकरण बनाकर उन्हें देने की तैयारी चल रही थी. लोक सेवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी के बेटे के फार्म हाउस को भी कृषि की जमीन बताकर मुआवजा देने की तैयारी चल रही थी जबकि वहां पर रेस्ट हाउस का निर्माण किया गया है तो कई जमीन को खरीदने के बाद लोगों ने बाउंड्री वॉल किया हुआ है. वहां पर खेती नहीं होती है. कुल मिलाकर सरकार को करोड़ों रुपए का नुकसान पहुंचाने की तैयारी चल रही थी, जिस पर सरगुजा कलेक्टर ने शिकायत मिलने पर गंभीरता से लिया और मामले की जांच शुरू करा दी है. तहसीलदार और पटवारी अटैच बरिमा और उरंगा गांव में छत्तीसगढ़ छत्तीसगढ़ मिनरल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन को खनन लीज मिली है, जिसके तहत किसानों को 7 साल फसल क्षति का मुआवजा मिलना है. उरंगा में तो एक मामले में जिस जमीन को लेकर मुआवजा देने की तैयारी है, वहां रेस्ट हाउस बना है. ये सीजीपीएससी घोटाले से जुड़े टामन सोनवानी के बेटे से जुड़ा हुआ है. वहीं उरंगा के 220 और बरिमा के 24 लोगों को मुआवजा मिलना है. उरंगा में 15 करोड़ से ज्यादा और बरिमा में 4 करोड़ से अधिक की राशि प्रस्तावित है, जिसे तहसीलदार और एसडीएम स्तर से मंजूरी भी मिल चुकी थी. उरंगा में एक किसान की डेढ़ एकड़ जमीन के बदले 23 एकड़ का मुआवजा प्रकरण बना दिया गया था. 23 से अधिक ऐसे नाम सामने आए, जो गांव के निवासी ही नहीं. इनमें कुछ अंबिकापुर के हैं, तो कुछ नेताओं से जुड़े होने की चर्चा है.1