छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले से पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाने वाला एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। यह घटना अर्जुनी थाना क्षेत्र की बताई जा रही है, जहाँ एक युवक ने अपनी पत्नी और बच्चों के सामने बीच सड़क पर पुलिसकर्मियों द्वारा मारपीट और गाली-गलौज किए जाने का गंभीर आरोप लगाया है। वायरल वीडियो में, पीड़ित युवक को हाथ में सिनेमा शो का टिकट दिखाते हुए सुना जा सकता है। उसने बताया कि वह रात 10 बजे से 1 बजे के शो के बाद अपनी पत्नी और बच्चों के साथ घर लौट रहा था। इसी दौरान अर्जुनी थाने के थाना प्रभारी (SHO) चंद्रकांत साहू और उनके साथ मौजूद अन्य पुलिसकर्मियों ने उनकी गाड़ी को जबरन रुकवा लिया। युवक का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उसकी गाड़ी की चाबी निकाल ली और बिना किसी उकसावे के उसके साथ मारपीट की। वीडियो में उसे यह कहते सुना गया: "आपने मुझे थप्पड़ क्यों मारा? बीच रोड पर हमारी गाड़ी की चाबी निकाल दी, पीछे से ट्रक आ रहा था, अगर मेरे बच्चों को कुछ हो जाता तो इसका जिम्मेदार कौन होता?" उसकी पत्नी भी डरी-सहमी हुई दिख रही थी और पुलिसकर्मियों से उन्हें जाने देने की गुहार लगा रही थी। युवक जब पुलिस अधिकारी से पूछता है कि क्या वे अब घर जा सकते हैं, तो कथित तौर पर पुलिसकर्मी ने उन्हें जाने से मना कर दिया। वीडियो पर मौजूद टेक्स्ट के अनुसार, परिवार को रात में करीब 2 घंटे तक सड़क पर ही रोके रखा गया। इस घटना के दौरान, युवक ने सड़क से गुजर रहे ट्रक चालकों और पास के एक मकान में रहने वाले लोगों से भी मदद की अपील की, चिल्ला-चिल्ला कर कह रहा था कि "भैया! ये पुलिस वाले रात के समय हमें जबरन रोककर मार रहे हैं, प्लीज हमारी मदद करो।" वीडियो सामने आने के बाद, स्थानीय लोगों और सोशल मीडिया यूजर्स में पुलिस के इस आचरण को लेकर भारी आक्रोश है। लोगों का मानना है कि अगर कानून के रखवाले आम नागरिकों, खासकर सपरिवार यात्रा कर रहे लोगों के साथ ऐसा हिंसक और असंवेदनशील व्यवहार करेंगे, तो जनता का पुलिस पर से विश्वास खत्म हो जाएगा। फिलहाल, इस पूरे मामले पर पुलिस प्रशासन के आला अधिकारियों का कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। पीड़ित परिवार अब इस मामले में उच्च अधिकारियों से न्याय और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहा है।
छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले से पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाने वाला एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। यह घटना अर्जुनी थाना क्षेत्र की बताई जा रही है, जहाँ एक युवक ने अपनी पत्नी और बच्चों के सामने बीच सड़क पर पुलिसकर्मियों द्वारा मारपीट और गाली-गलौज किए जाने का गंभीर आरोप लगाया है। वायरल वीडियो में, पीड़ित युवक को हाथ में सिनेमा शो का टिकट दिखाते हुए सुना जा सकता है। उसने बताया कि वह रात 10 बजे से 1 बजे के शो के बाद अपनी पत्नी और बच्चों के साथ घर लौट रहा था। इसी दौरान अर्जुनी थाने के थाना प्रभारी (SHO) चंद्रकांत साहू और उनके साथ मौजूद अन्य पुलिसकर्मियों ने उनकी गाड़ी को जबरन रुकवा लिया। युवक का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उसकी गाड़ी की चाबी निकाल ली और बिना किसी उकसावे के उसके साथ मारपीट की। वीडियो में उसे यह कहते सुना गया: "आपने मुझे थप्पड़ क्यों मारा? बीच रोड पर हमारी गाड़ी की चाबी निकाल दी, पीछे से ट्रक आ रहा था, अगर मेरे बच्चों को कुछ हो जाता तो इसका जिम्मेदार कौन होता?" उसकी पत्नी भी डरी-सहमी हुई दिख रही थी और पुलिसकर्मियों से उन्हें जाने
देने की गुहार लगा रही थी। युवक जब पुलिस अधिकारी से पूछता है कि क्या वे अब घर जा सकते हैं, तो कथित तौर पर पुलिसकर्मी ने उन्हें जाने से मना कर दिया। वीडियो पर मौजूद टेक्स्ट के अनुसार, परिवार को रात में करीब 2 घंटे तक सड़क पर ही रोके रखा गया। इस घटना के दौरान, युवक ने सड़क से गुजर रहे ट्रक चालकों और पास के एक मकान में रहने वाले लोगों से भी मदद की अपील की, चिल्ला-चिल्ला कर कह रहा था कि "भैया! ये पुलिस वाले रात के समय हमें जबरन रोककर मार रहे हैं, प्लीज हमारी मदद करो।" वीडियो सामने आने के बाद, स्थानीय लोगों और सोशल मीडिया यूजर्स में पुलिस के इस आचरण को लेकर भारी आक्रोश है। लोगों का मानना है कि अगर कानून के रखवाले आम नागरिकों, खासकर सपरिवार यात्रा कर रहे लोगों के साथ ऐसा हिंसक और असंवेदनशील व्यवहार करेंगे, तो जनता का पुलिस पर से विश्वास खत्म हो जाएगा। फिलहाल, इस पूरे मामले पर पुलिस प्रशासन के आला अधिकारियों का कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। पीड़ित परिवार अब इस मामले में उच्च अधिकारियों से न्याय और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहा है।
- तुलसी नगर गार्डन को ‘मौत का डंपिंग ग्राउंड’ बताया जा रहा है, जहाँ कथित तौर पर सरकारी दवाइयों का एक खतरनाक खेल चल रहा है। इस स्थिति को बच्चों की जान से खिलवाड़ के रूप में देखा जा रहा है।1
- कोरबा जिला के करतला थाना क्षेत्र स्थित कुदमुरा में तेज आंधी तूफान के कारण एक पेड़ गिर गया। इस हादसे में एक महिला पेड़ की डंगालियों के नीचे दब गई।1
- सिघुर भदराखार में जुए के एक फड़ पर पुलिस ने रेड कार्रवाई की है। यह पुलिस की ओर से की गई एक महत्वपूर्ण कार्यवाही है।1
- मनरेगा (MNREGA) योजना के तहत पैसे काटने के संबंध में एक इंजीनियर के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने की तैयारी की जा रही है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि इंजीनियर कभी भी मौके पर उपस्थित नहीं होता और अपनी मनमर्जी से लोगों के पैसे काट लेता है। इस पूरे मामले में संबंधित इंजीनियर के खिलाफ शिकायत करने की बात सामने आई है।2
- बिलासपुर में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर, प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय द्वारा 21 जून 2026, रविवार को भव्य 'योग महोत्सव-2026' का आयोजन किया जाएगा। राजकिशोर नगर स्थित शिव-अनुराग भवन में सुबह 9 बजे से शाम 9 बजे तक चलने वाला यह आयोजन योग, मेडिटेशन और सकारात्मक जीवनशैली पर केंद्रित होगा, जिसका मुख्य उद्देश्य लोगों को मानसिक शांति, आत्मबल, तनावमुक्त जीवन तथा आध्यात्मिक मूल्यों से जोड़ना है। इस महोत्सव का केंद्रीय संदेश है: 'जीवन खुशियों से भरे... आओ बिलासपुर योग करें...' इस एक दिवसीय योग महोत्सव में पूरे दिन विभिन्न विषयों पर आधारित 12 विशेष सत्र आयोजित होंगे, जहाँ प्रतिभागियों को सरल राजयोग मेडिटेशन का अभ्यास कराया जाएगा और जीवन की समस्याओं के समाधान बताए जाएंगे। इन सत्रों में स्थायी खुशी, मानसिक शांति, क्रोध व तनाव से मुक्ति, सकारात्मक सोच, आत्मविश्वास, विद्यार्थियों के लिए एकाग्रता, रिश्तों में प्रेम, आत्मसम्मान, व्यक्तित्व विकास, कार्यक्षेत्र में सफलता तथा आध्यात्मिक जीवनशैली के महत्व जैसे प्रमुख विषय शामिल हैं। आयोजकों ने बताया कि हर घंटे केवल एक मिनट का मेडिटेशन भी कराया जाएगा। कार्यक्रम की संचालिका ब्रह्माकुमारी मंजु दीदी ने स्पष्ट किया कि राजयोग मेडिटेशन की विशेषता यह है कि इसे किसी विशेष स्थान या लंबे समय के बिना भी घर, कार्यालय या यात्रा के दौरान, दैनिक कार्यों के बीच कुछ मिनट निकालकर किया जा सकता है, जो वर्तमान समय में चिंता, भय, क्रोध और मानसिक दबाव से गुजर रहे लोगों के लिए जीवन को संतुलित और सुखद बनाने का प्रभावी माध्यम बन सकता है। आयोजन को जनोपयोगी बनाने और व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित करने हेतु संस्था ने डिजिटल व्यवस्था भी विकसित की है, जिसमें व्यक्तिगत व संस्थागत पंजीयन, कार्यक्रम स्थल लोकेशन और YouTube Live प्रसारण के लिए QR कोड जारी किए गए हैं, ताकि देश-विदेश से लोग जुड़ सकें। योग महोत्सव के ठीक अगले दिन, 22 जून 2026 से टिकरापारा और राजकिशोर नगर सेवाकेंद्र में नि:शुल्क राजयोग मेडिटेशन बेसिक कोर्स भी शुरू होगा, जिसमें आत्मा, परमात्मा, कर्म सिद्धांत, सकारात्मक चिंतन और मानसिक शांति जैसे विषयों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। आयोजकों ने बिलासपुर एवं आसपास के नागरिकों, युवाओं, महिलाओं, विद्यार्थियों, सामाजिक संगठनों और योग प्रेमियों से इस महोत्सव में बड़ी संख्या में भाग लेने की अपील की है, ताकि लोग स्वस्थ, खुशहाल और मूल्यनिष्ठ जीवन की ओर प्रेरित हो सकें।4
- राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने के बाद मध्यप्रदेश की राजनीति में तीव्र हलचल मच गई है। इस मामले पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर चुनाव आयोग और भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए। पटवारी ने कहा कि आजादी के बाद यह पहली बार है कि राज्यसभा चुनाव में किसी उम्मीदवार का नामांकन रद्द किया गया हो, और उन्होंने इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था तथा निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया पर एक गंभीर प्रश्नचिन्ह बताया। जीतू पटवारी ने स्पष्ट आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने इस पूरे प्रकरण में निष्पक्षता नहीं दिखाई है और पूरी प्रक्रिया संदेह के घेरे में है। उनके अनुसार, यह विपक्षी उम्मीदवारों को चुनावी मैदान से बाहर करने का एक प्रयास है, जिससे अंततः लोकतंत्र कमजोर होता है। दूसरी ओर, भाजपा ने कांग्रेस के इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताते हुए पलटवार किया। भाजपा का कहना है कि नामांकन रद्द करने की यह प्रक्रिया चुनावी नियमों और कानूनी प्रावधानों के अनुसार ही हुई है। उन्होंने जोर दिया कि चुनाव आयोग एक स्वतंत्र संवैधानिक संस्था है और उसके निर्णयों का सम्मान किया जाना चाहिए। राज्यसभा चुनाव से जुड़े इस विवाद ने राजनीतिक माहौल को और गर्मा दिया है। कांग्रेस इस मुद्दे को लोकतंत्र और चुनावी पारदर्शिता से जोड़कर पुरजोर तरीके से उठा रही है, जबकि भाजपा इसे नियमों के तहत लिया गया एक वैध निर्णय बता रही है। इस मामले को लेकर आने वाले समय में राजनीतिक बयानबाजी और अधिक तेज होने की संभावना है।1
- विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और बजरंग दल ने सनातन संतों पर की गई अभद्र टिप्पणी के विरोध में भूपेश और महंत का पुतला जलाकर अपना विरोध दर्ज कराया। यह प्रदर्शन सनातन संतों के अपमानजनक बयानों के खिलाफ संगठन के तीव्र रोष को दर्शाता है। प्रदर्शन के दौरान विहिप और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने यह बात जोर देकर कही कि संत-महात्माओं का सम्मान भारतीय संस्कृति की रीढ़ है। उन्होंने ऐसे बयानों की कड़ी निंदा की और उन्हें संस्कृति के लिए अपमानजनक बताया।1
- कोरबा में हुए एक हिट एंड रन मामले में घायल हुए एक सहायक उप-निरीक्षक (एएसआई) के इकलौते बेटे ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया है। इस घटना को लेकर पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं, क्योंकि कई दिन बीत जाने के बावजूद भी आरोपी अब तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। यह स्थिति पुलिस की नाकामी को उजागर करती है।1