logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

तुलसी नगर गार्डन को ‘मौत का डंपिंग ग्राउंड’ बताया जा रहा है, जहाँ कथित तौर पर सरकारी दवाइयों का एक खतरनाक खेल चल रहा है। इस स्थिति को बच्चों की जान से खिलवाड़ के रूप में देखा जा रहा है।

4 days ago
user_Kaniya Soni
Kaniya Soni
कोरबा, कोरबा, छत्तीसगढ़•
4 days ago

तुलसी नगर गार्डन को ‘मौत का डंपिंग ग्राउंड’ बताया जा रहा है, जहाँ कथित तौर पर सरकारी दवाइयों का एक खतरनाक खेल चल रहा है। इस स्थिति को बच्चों की जान से खिलवाड़ के रूप में देखा जा रहा है।

More news from छत्तीसगढ़ and nearby areas
  • APPY राजा के जीवन के अंतिम दिनों के दर्द को उनके पिता की जुबानी सुनकर, निश्चित रूप से सुनने वालों की आँखें भर आएंगी। यह मार्मिक विवरण उस गहन पीड़ा को दर्शाता है जिसे उन्होंने अपने अंतिम समय में सहा।
    1
    APPY राजा के जीवन के अंतिम दिनों के दर्द को उनके पिता की जुबानी सुनकर, निश्चित रूप से सुनने वालों की आँखें भर आएंगी। यह मार्मिक विवरण उस गहन पीड़ा को दर्शाता है जिसे उन्होंने अपने अंतिम समय में सहा।
    user_Durgesh maravi
    Durgesh maravi
    कोरबा, कोरबा, छत्तीसगढ़•
    6 hrs ago
  • एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने जनपद पंचायत के एक मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) को रिश्वत लेते हुए पकड़ा है। यह कार्रवाई रिश्वतखोरी के खिलाफ की गई।
    1
    एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने जनपद पंचायत के एक मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) को रिश्वत लेते हुए पकड़ा है। यह कार्रवाई रिश्वतखोरी के खिलाफ की गई।
    user_Dwarika prasad Yadaw
    Dwarika prasad Yadaw
    हरदीबाजार, कोरबा, छत्तीसगढ़•
    7 hrs ago
  • जहाँगीर चांपा जिले के चांपा में स्थित ऐतिहासिक रामबंधा तालाब की सफाई एक बड़े भ्रष्टाचार का शिकार हो गई है, जहाँ लाखों रुपये खर्च करने के बावजूद तालाब में पानी कम और जलकुंभी का कचरा ज्यादा होने से यह अभियान एक मजाक बनकर रह गया है। कलेक्टर साहब ने स्वयं आकर इस सफाई कार्य का शुभारंभ किया था, जिससे तालाब की स्थिति सुधरने की उम्मीद जगी थी। हालांकि, ठेकेदारों और अधिकारियों की कथित 'जुगलबंदी' के कारण महीने भर बाद भी सफाई के नाम पर सिर्फ 'तमाशा' देखने को मिला है। यह सवाल उठाया जा रहा है कि प्रकाश इंडस्ट्रीज द्वारा कॉर्पोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी (CSR) के तहत प्रदान किए गए लाखों रुपये के फंड का उपयोग जलकुंभी साफ करने में हुआ या किसी की 'जेब साफ' करने में। जमीनी हकीकत यह है कि तालाब से जलकुंभी निकालने के बाद, उसे दूर ठिकाने लगाने के बजाय चांपा के ठेकेदारों ने तालाब के किनारों पर ही सड़ने के लिए छोड़ दिया। इसका भयावह परिणाम यह हुआ कि पहले सिर्फ हरा दिखने वाला तालाब अब बदबू से भरा है, जिसने मोहल्ले वालों का जीना मुश्किल कर दिया है। आरोप है कि सफाई के नाम पर केवल चार दिन का 'नाटक' हुआ और उसके बाद भ्रष्टाचार का 'ताला' लग गया। नगर में 'सिंडिकेट ठेकेदारी' का एक नया खेल चल रहा है, जहाँ टेंडर बाद में पास होते हैं और 'मलाई' पहले ही बाँट ली जाती है। सियासतदानों और अधिकारियों की सरपरस्ती में ठेकेदारों ने आपस में काम बाँट रखे हैं, यही वजह है कि रामबंधा तालाब में पहले भी करोड़ों रुपये 'डुबोए' जा चुके हैं और आज फिर इतिहास खुद को दोहरा रहा है। जनता यह सवाल पूछ रही है कि करोड़ों की राशि 'डकारने वाले' इन 'मगरमच्छों' पर लगाम कब लगेगी। नगर पालिका के पास इस 'बर्बादी' का कोई जवाब नहीं है, और खर्चे में पारदर्शिता के नाम पर 'सन्नाटा' पसरा हुआ है। यह भी पूछा जा रहा है कि कलेक्टर साहब की साख को दांव पर लगाकर, रामबंधा तालाब को 'भ्रष्टाचार का तालाब' बनाने पर तुले ये लोग आखिर किसके शह पर यह सब कर रहे हैं। हम नगर पालिका प्रशासन और जिम्मेदार अधिकारियों से जवाब मांगते रहेंगे।
    1
    जहाँगीर चांपा जिले के चांपा में स्थित ऐतिहासिक रामबंधा तालाब की सफाई एक बड़े भ्रष्टाचार का शिकार हो गई है, जहाँ लाखों रुपये खर्च करने के बावजूद तालाब में पानी कम और जलकुंभी का कचरा ज्यादा होने से यह अभियान एक मजाक बनकर रह गया है। कलेक्टर साहब ने स्वयं आकर इस सफाई कार्य का शुभारंभ किया था, जिससे तालाब की स्थिति सुधरने की उम्मीद जगी थी। हालांकि, ठेकेदारों और अधिकारियों की कथित 'जुगलबंदी' के कारण महीने भर बाद भी सफाई के नाम पर सिर्फ 'तमाशा' देखने को मिला है। यह सवाल उठाया जा रहा है कि प्रकाश इंडस्ट्रीज द्वारा कॉर्पोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी (CSR) के तहत प्रदान किए गए लाखों रुपये के फंड का उपयोग जलकुंभी साफ करने में हुआ या किसी की 'जेब साफ' करने में।

जमीनी हकीकत यह है कि तालाब से जलकुंभी निकालने के बाद, उसे दूर ठिकाने लगाने के बजाय चांपा के ठेकेदारों ने तालाब के किनारों पर ही सड़ने के लिए छोड़ दिया। इसका भयावह परिणाम यह हुआ कि पहले सिर्फ हरा दिखने वाला तालाब अब बदबू से भरा है, जिसने मोहल्ले वालों का जीना मुश्किल कर दिया है। आरोप है कि सफाई के नाम पर केवल चार दिन का 'नाटक' हुआ और उसके बाद भ्रष्टाचार का 'ताला' लग गया। नगर में 'सिंडिकेट ठेकेदारी' का एक नया खेल चल रहा है, जहाँ टेंडर बाद में पास होते हैं और 'मलाई' पहले ही बाँट ली जाती है। सियासतदानों और अधिकारियों की सरपरस्ती में ठेकेदारों ने आपस में काम बाँट रखे हैं, यही वजह है कि रामबंधा तालाब में पहले भी करोड़ों रुपये 'डुबोए' जा चुके हैं और आज फिर इतिहास खुद को दोहरा रहा है।

जनता यह सवाल पूछ रही है कि करोड़ों की राशि 'डकारने वाले' इन 'मगरमच्छों' पर लगाम कब लगेगी। नगर पालिका के पास इस 'बर्बादी' का कोई जवाब नहीं है, और खर्चे में पारदर्शिता के नाम पर 'सन्नाटा' पसरा हुआ है। यह भी पूछा जा रहा है कि कलेक्टर साहब की साख को दांव पर लगाकर, रामबंधा तालाब को 'भ्रष्टाचार का तालाब' बनाने पर तुले ये लोग आखिर किसके शह पर यह सब कर रहे हैं। हम नगर पालिका प्रशासन और जिम्मेदार अधिकारियों से जवाब मांगते रहेंगे।
    user_Bhupendra Dewangan
    Bhupendra Dewangan
    Local News Reporter चंपा, जांजगीर-चांपा, छत्तीसगढ़•
    21 hrs ago
  • अपनी मां की हत्या का आरोपी बेटा चंद घंटों के भीतर ही गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस की जांच में यह खुलासा हुआ कि बेटे ने ही अपनी मां की हत्या की थी।
    1
    अपनी मां की हत्या का आरोपी बेटा चंद घंटों के भीतर ही गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस की जांच में यह खुलासा हुआ कि बेटे ने ही अपनी मां की हत्या की थी।
    user_Bhupendra lahare
    Bhupendra lahare
    Farmer मलखरोदा, सक्ती, छत्तीसगढ़•
    19 hrs ago
  • मध्य प्रदेश के मैहर जिले से सामने आए एक वीडियो ने सरकारी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस वीडियो में एक बुजुर्ग ने अपनी जमीन पर कथित अवैध अतिक्रमण का दावा करते हुए बताया कि वह वर्ष 1988 से न्याय पाने के लिए अधिकारियों और दफ्तरों के चक्कर लगा रहा है, लेकिन आज तक उसे कोई समाधान नहीं मिला है। अपनी 37 वर्षों से चली आ रही इस लड़ाई में थक-हार कर अब बुजुर्ग सीधे सिस्टम से सवाल पूछ रहा है, "साहब, मैं किस अधिकारी के पास जाऊं? कौन मेरी सुनेगा?" यह घटना आम नागरिकों को दशकों तक न्याय के लिए भटकने की विवशता पर चिंता पैदा करती है, जहाँ आज भी बुजुर्ग को इंसाफ का इंतजार है।
    1
    मध्य प्रदेश के मैहर जिले से सामने आए एक वीडियो ने सरकारी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस वीडियो में एक बुजुर्ग ने अपनी जमीन पर कथित अवैध अतिक्रमण का दावा करते हुए बताया कि वह वर्ष 1988 से न्याय पाने के लिए अधिकारियों और दफ्तरों के चक्कर लगा रहा है, लेकिन आज तक उसे कोई समाधान नहीं मिला है।

अपनी 37 वर्षों से चली आ रही इस लड़ाई में थक-हार कर अब बुजुर्ग सीधे सिस्टम से सवाल पूछ रहा है, "साहब, मैं किस अधिकारी के पास जाऊं? कौन मेरी सुनेगा?" यह घटना आम नागरिकों को दशकों तक न्याय के लिए भटकने की विवशता पर चिंता पैदा करती है, जहाँ आज भी बुजुर्ग को इंसाफ का इंतजार है।
    user_POWER NEWS 24 BHARAT
    POWER NEWS 24 BHARAT
    Local News Reporter बिलासपुर, बिलासपुर, छत्तीसगढ़•
    21 min ago
  • रायगढ़ के कोतरारोड थाना में आबकारी अधिनियम के तहत गिरफ्तार बंदी संजय बघेल की संदिग्ध मृत्यु के मामले में ज़िला पुलिस ने पहली बार सार्वजनिक रूप से अपना पक्ष रखा है। मंगलवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में, एसएसपी शशि मोहन सिंह ने मीडिया के सामने थाना परिसर के सीसीटीवी फुटेज, मेडिकल रिपोर्ट और पूरी कार्रवाई का ब्यौरा प्रस्तुत किया। पुलिस ने दावा किया है कि गिरफ्तारी से लेकर जेल भेजे जाने तक आरोपी के साथ किसी भी चरण में मारपीट या दुर्व्यवहार नहीं किया गया। पुलिस के अनुसार, 10 जून को मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए संजय बघेल के कब्ज़े से 30 लीटर अवैध महुआ शराब बरामद की गई थी। दोपहर 12:43 बजे उसे कोतरारोड थाना लाया गया और वैधानिक प्रक्रिया पूरी कर दोपहर 2:15 बजे विधिवत गिरफ्तार किया गया। एसएसपी ने बताया कि थाना परिसर के सीसीटीवी फुटेज में संजय बघेल के साथ पुलिस का सामान्य और मानवीय व्यवहार स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है, जिसमें उसे पानी पिलाते, भोजन कराते और परिजनों से मुलाकात कराते हुए भी दिखाया गया है। शाम 4:35 बजे संजय बघेल को मेडिकल परीक्षण और न्यायालयीन प्रक्रिया के लिए थाना से रवाना किया गया था, जहाँ चिकित्सीय परीक्षण के दौरान उसने किसी चोट या शारीरिक परेशानी की शिकायत नहीं की, और मेडिकल रिपोर्ट में उसे फिट बताया गया था। इसके बाद शाम करीब 6:30 बजे परिजनों की मौजूदगी में उसे जेल दाखिल कराया गया। पुलिस ने मामले में प्राप्त पोस्टमार्टम रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया कि मृतक के शरीर पर पाई गई चोटों को मृत्यु का प्रत्यक्ष कारण नहीं माना गया है। मृत्यु के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए विसरा और हिस्टोपैथोलॉजिकल जांच कराई जा रही है, जिनकी रिपोर्ट आने के बाद ही अंतिम स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। संजय बघेल की मृत्यु की न्यायिक जांच जेएमएफसी रायगढ़ द्वारा की जा रही है, जिसमें पुलिस पूरा सहयोग देने और जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित करने की बात कह रही है। हालांकि, मृतक के परिजनों द्वारा पुलिसकर्मियों पर रुपये लेने के आरोप को एसएसपी ने गंभीरता से लिया है। इस आरोप के चलते मामले के जांचकर्ता प्रधान आरक्षक श्यामदेव साहू और आरक्षक शंभू चौहान को तत्काल प्रभाव से लाइन अटैच कर दिया गया है। इस शिकायत की विस्तृत जांच डीएसपी मुख्यालय को सौंपी गई है।
    1
    रायगढ़ के कोतरारोड थाना में आबकारी अधिनियम के तहत गिरफ्तार बंदी संजय बघेल की संदिग्ध मृत्यु के मामले में ज़िला पुलिस ने पहली बार सार्वजनिक रूप से अपना पक्ष रखा है। मंगलवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में, एसएसपी शशि मोहन सिंह ने मीडिया के सामने थाना परिसर के सीसीटीवी फुटेज, मेडिकल रिपोर्ट और पूरी कार्रवाई का ब्यौरा प्रस्तुत किया। पुलिस ने दावा किया है कि गिरफ्तारी से लेकर जेल भेजे जाने तक आरोपी के साथ किसी भी चरण में मारपीट या दुर्व्यवहार नहीं किया गया।

पुलिस के अनुसार, 10 जून को मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए संजय बघेल के कब्ज़े से 30 लीटर अवैध महुआ शराब बरामद की गई थी। दोपहर 12:43 बजे उसे कोतरारोड थाना लाया गया और वैधानिक प्रक्रिया पूरी कर दोपहर 2:15 बजे विधिवत गिरफ्तार किया गया। एसएसपी ने बताया कि थाना परिसर के सीसीटीवी फुटेज में संजय बघेल के साथ पुलिस का सामान्य और मानवीय व्यवहार स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है, जिसमें उसे पानी पिलाते, भोजन कराते और परिजनों से मुलाकात कराते हुए भी दिखाया गया है। शाम 4:35 बजे संजय बघेल को मेडिकल परीक्षण और न्यायालयीन प्रक्रिया के लिए थाना से रवाना किया गया था, जहाँ चिकित्सीय परीक्षण के दौरान उसने किसी चोट या शारीरिक परेशानी की शिकायत नहीं की, और मेडिकल रिपोर्ट में उसे फिट बताया गया था। इसके बाद शाम करीब 6:30 बजे परिजनों की मौजूदगी में उसे जेल दाखिल कराया गया।

पुलिस ने मामले में प्राप्त पोस्टमार्टम रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया कि मृतक के शरीर पर पाई गई चोटों को मृत्यु का प्रत्यक्ष कारण नहीं माना गया है। मृत्यु के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए विसरा और हिस्टोपैथोलॉजिकल जांच कराई जा रही है, जिनकी रिपोर्ट आने के बाद ही अंतिम स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। संजय बघेल की मृत्यु की न्यायिक जांच जेएमएफसी रायगढ़ द्वारा की जा रही है, जिसमें पुलिस पूरा सहयोग देने और जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित करने की बात कह रही है।

हालांकि, मृतक के परिजनों द्वारा पुलिसकर्मियों पर रुपये लेने के आरोप को एसएसपी ने गंभीरता से लिया है। इस आरोप के चलते मामले के जांचकर्ता प्रधान आरक्षक श्यामदेव साहू और आरक्षक शंभू चौहान को तत्काल प्रभाव से लाइन अटैच कर दिया गया है। इस शिकायत की विस्तृत जांच डीएसपी मुख्यालय को सौंपी गई है।
    user_Kumar Poptani National Crime N
    Kumar Poptani National Crime N
    Local News Reporter बिलासपुर, बिलासपुर, छत्तीसगढ़•
    12 hrs ago
  • छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में पुलिस ने भाजपा नेता पर जानलेवा हमला करने के मामले में कड़ा एक्शन लिया है। इस घटना के मुख्य आरोपी रज्जाक अली सहित कुल चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने इन गिरफ्तार किए गए आरोपियों को शहर में जुलूस निकालकर प्रदर्शन भी किया।
    1
    छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में पुलिस ने भाजपा नेता पर जानलेवा हमला करने के मामले में कड़ा एक्शन लिया है। इस घटना के मुख्य आरोपी रज्जाक अली सहित कुल चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने इन गिरफ्तार किए गए आरोपियों को शहर में जुलूस निकालकर प्रदर्शन भी किया।
    user_Manoj
    Manoj
    कोरबा, कोरबा, छत्तीसगढ़•
    5 hrs ago
  • छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले के सोनहत इलाके में एक बेहद सनसनीखेज और दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। पुरानी रंजिश के चलते बीजेपी के पूर्व जनपद पंचायत उपाध्यक्ष भरत सिंह की उनकी ही फॉर्च्यूनर कार में जिंदा जलाकर बेरहमी से हत्या कर दी गई है। इस आत्मघाती हमले में गंभीर रूप से झुलसे उनके शिक्षक भाई नागेंद्र सिंह ने भी अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया है। वहीं, दो अन्य लोगों की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है, जिससे पूरे इलाके में दहशत और भारी तनाव का माहौल है। चश्मदीदों और पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, बीजेपी नेता भरत सिंह अपने घर के सामने खड़ी फॉर्च्यूनर कार में बैठे थे। इसी दौरान घात लगाए बैठे हमलावरों ने वहां पहुंचकर कार पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी। आग इतनी तेजी से फैली कि भरत सिंह को संभलने का मौका तक नहीं मिला और वह वाहन के भीतर ही जिंदा जल गए। जब भरत सिंह को बचाने उनके भाई नागेंद्र सिंह, वीरू सिंह और एक अन्य शख्स आगे आए, तो वे भी आग की चपेट में आकर बुरी तरह झुलस गए। स्थानीय लोगों की मदद से आग पर काबू पाया गया और पुलिस को सूचित किया गया। सभी घायलों को तुरंत अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान शिक्षक नागेंद्र सिंह की भी मौत हो गई। वहीं, वीरू सिंह और तीसरे घायल की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए तत्काल रायपुर रेफर किया गया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इस खौफनाक वारदात के पीछे रेत कारोबार से जुड़ा कोई पुराना विवाद सामने आ रहा है, हालांकि पुलिस हर एंगल से मामले की बारीकी से तफ्तीश कर रही है। दो सगे भाइयों की मौत के बाद सोनहत क्षेत्र में स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई है। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन ने इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया है और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी खुद मौके पर मौजूद रहकर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। पुलिस प्रशासन ने बताया है कि हमलावरों की धरपकड़ के लिए टीमें लगा दी गई हैं, आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है और सीसीटीवी व अन्य तकनीकी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। पुलिस ने जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा करने की बात कही है।
    1
    छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले के सोनहत इलाके में एक बेहद सनसनीखेज और दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। पुरानी रंजिश के चलते बीजेपी के पूर्व जनपद पंचायत उपाध्यक्ष भरत सिंह की उनकी ही फॉर्च्यूनर कार में जिंदा जलाकर बेरहमी से हत्या कर दी गई है। इस आत्मघाती हमले में गंभीर रूप से झुलसे उनके शिक्षक भाई नागेंद्र सिंह ने भी अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया है। वहीं, दो अन्य लोगों की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है, जिससे पूरे इलाके में दहशत और भारी तनाव का माहौल है।

चश्मदीदों और पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, बीजेपी नेता भरत सिंह अपने घर के सामने खड़ी फॉर्च्यूनर कार में बैठे थे। इसी दौरान घात लगाए बैठे हमलावरों ने वहां पहुंचकर कार पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी। आग इतनी तेजी से फैली कि भरत सिंह को संभलने का मौका तक नहीं मिला और वह वाहन के भीतर ही जिंदा जल गए। जब भरत सिंह को बचाने उनके भाई नागेंद्र सिंह, वीरू सिंह और एक अन्य शख्स आगे आए, तो वे भी आग की चपेट में आकर बुरी तरह झुलस गए।

स्थानीय लोगों की मदद से आग पर काबू पाया गया और पुलिस को सूचित किया गया। सभी घायलों को तुरंत अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान शिक्षक नागेंद्र सिंह की भी मौत हो गई। वहीं, वीरू सिंह और तीसरे घायल की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए तत्काल रायपुर रेफर किया गया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इस खौफनाक वारदात के पीछे रेत कारोबार से जुड़ा कोई पुराना विवाद सामने आ रहा है, हालांकि पुलिस हर एंगल से मामले की बारीकी से तफ्तीश कर रही है।

दो सगे भाइयों की मौत के बाद सोनहत क्षेत्र में स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई है। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन ने इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया है और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी खुद मौके पर मौजूद रहकर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। पुलिस प्रशासन ने बताया है कि हमलावरों की धरपकड़ के लिए टीमें लगा दी गई हैं, आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है और सीसीटीवी व अन्य तकनीकी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। पुलिस ने जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा करने की बात कही है।
    user_Manoj
    Manoj
    कोरबा, कोरबा, छत्तीसगढ़•
    3 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.