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एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने जनपद पंचायत के एक मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) को रिश्वत लेते हुए पकड़ा है। यह कार्रवाई रिश्वतखोरी के खिलाफ की गई।
Dwarika prasad Yadaw
एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने जनपद पंचायत के एक मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) को रिश्वत लेते हुए पकड़ा है। यह कार्रवाई रिश्वतखोरी के खिलाफ की गई।
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- एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने जनपद पंचायत के एक मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) को रिश्वत लेते हुए पकड़ा है। यह कार्रवाई रिश्वतखोरी के खिलाफ की गई।1
- APPY राजा के जीवन के अंतिम दिनों के दर्द को उनके पिता की जुबानी सुनकर, निश्चित रूप से सुनने वालों की आँखें भर आएंगी। यह मार्मिक विवरण उस गहन पीड़ा को दर्शाता है जिसे उन्होंने अपने अंतिम समय में सहा।1
- सुशासन तिहार के अवसर पर बरपाली में ग्रामीण निवासियों द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत द्वितीय किस्त की राशि जारी करने के लिए आवेदन जमा किए गए हैं।1
- कुख्यात गैंगस्टर दाऊद इब्राहिम के राइट हैंड और बड़े ड्रग्स किंगपिन सलीम डोला मुंबई पहुँच गया है। इसके साथ ही, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) की गिरफ्त में उस पर शिकंजा और कस गया है।1
- जहाँगीर चांपा जिले के चांपा में स्थित ऐतिहासिक रामबंधा तालाब की सफाई एक बड़े भ्रष्टाचार का शिकार हो गई है, जहाँ लाखों रुपये खर्च करने के बावजूद तालाब में पानी कम और जलकुंभी का कचरा ज्यादा होने से यह अभियान एक मजाक बनकर रह गया है। कलेक्टर साहब ने स्वयं आकर इस सफाई कार्य का शुभारंभ किया था, जिससे तालाब की स्थिति सुधरने की उम्मीद जगी थी। हालांकि, ठेकेदारों और अधिकारियों की कथित 'जुगलबंदी' के कारण महीने भर बाद भी सफाई के नाम पर सिर्फ 'तमाशा' देखने को मिला है। यह सवाल उठाया जा रहा है कि प्रकाश इंडस्ट्रीज द्वारा कॉर्पोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी (CSR) के तहत प्रदान किए गए लाखों रुपये के फंड का उपयोग जलकुंभी साफ करने में हुआ या किसी की 'जेब साफ' करने में। जमीनी हकीकत यह है कि तालाब से जलकुंभी निकालने के बाद, उसे दूर ठिकाने लगाने के बजाय चांपा के ठेकेदारों ने तालाब के किनारों पर ही सड़ने के लिए छोड़ दिया। इसका भयावह परिणाम यह हुआ कि पहले सिर्फ हरा दिखने वाला तालाब अब बदबू से भरा है, जिसने मोहल्ले वालों का जीना मुश्किल कर दिया है। आरोप है कि सफाई के नाम पर केवल चार दिन का 'नाटक' हुआ और उसके बाद भ्रष्टाचार का 'ताला' लग गया। नगर में 'सिंडिकेट ठेकेदारी' का एक नया खेल चल रहा है, जहाँ टेंडर बाद में पास होते हैं और 'मलाई' पहले ही बाँट ली जाती है। सियासतदानों और अधिकारियों की सरपरस्ती में ठेकेदारों ने आपस में काम बाँट रखे हैं, यही वजह है कि रामबंधा तालाब में पहले भी करोड़ों रुपये 'डुबोए' जा चुके हैं और आज फिर इतिहास खुद को दोहरा रहा है। जनता यह सवाल पूछ रही है कि करोड़ों की राशि 'डकारने वाले' इन 'मगरमच्छों' पर लगाम कब लगेगी। नगर पालिका के पास इस 'बर्बादी' का कोई जवाब नहीं है, और खर्चे में पारदर्शिता के नाम पर 'सन्नाटा' पसरा हुआ है। यह भी पूछा जा रहा है कि कलेक्टर साहब की साख को दांव पर लगाकर, रामबंधा तालाब को 'भ्रष्टाचार का तालाब' बनाने पर तुले ये लोग आखिर किसके शह पर यह सब कर रहे हैं। हम नगर पालिका प्रशासन और जिम्मेदार अधिकारियों से जवाब मांगते रहेंगे।1
- रायगढ़ के कोतरारोड थाना में आबकारी अधिनियम के तहत गिरफ्तार बंदी संजय बघेल की संदिग्ध मृत्यु के मामले में ज़िला पुलिस ने पहली बार सार्वजनिक रूप से अपना पक्ष रखा है। मंगलवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में, एसएसपी शशि मोहन सिंह ने मीडिया के सामने थाना परिसर के सीसीटीवी फुटेज, मेडिकल रिपोर्ट और पूरी कार्रवाई का ब्यौरा प्रस्तुत किया। पुलिस ने दावा किया है कि गिरफ्तारी से लेकर जेल भेजे जाने तक आरोपी के साथ किसी भी चरण में मारपीट या दुर्व्यवहार नहीं किया गया। पुलिस के अनुसार, 10 जून को मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए संजय बघेल के कब्ज़े से 30 लीटर अवैध महुआ शराब बरामद की गई थी। दोपहर 12:43 बजे उसे कोतरारोड थाना लाया गया और वैधानिक प्रक्रिया पूरी कर दोपहर 2:15 बजे विधिवत गिरफ्तार किया गया। एसएसपी ने बताया कि थाना परिसर के सीसीटीवी फुटेज में संजय बघेल के साथ पुलिस का सामान्य और मानवीय व्यवहार स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है, जिसमें उसे पानी पिलाते, भोजन कराते और परिजनों से मुलाकात कराते हुए भी दिखाया गया है। शाम 4:35 बजे संजय बघेल को मेडिकल परीक्षण और न्यायालयीन प्रक्रिया के लिए थाना से रवाना किया गया था, जहाँ चिकित्सीय परीक्षण के दौरान उसने किसी चोट या शारीरिक परेशानी की शिकायत नहीं की, और मेडिकल रिपोर्ट में उसे फिट बताया गया था। इसके बाद शाम करीब 6:30 बजे परिजनों की मौजूदगी में उसे जेल दाखिल कराया गया। पुलिस ने मामले में प्राप्त पोस्टमार्टम रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया कि मृतक के शरीर पर पाई गई चोटों को मृत्यु का प्रत्यक्ष कारण नहीं माना गया है। मृत्यु के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए विसरा और हिस्टोपैथोलॉजिकल जांच कराई जा रही है, जिनकी रिपोर्ट आने के बाद ही अंतिम स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। संजय बघेल की मृत्यु की न्यायिक जांच जेएमएफसी रायगढ़ द्वारा की जा रही है, जिसमें पुलिस पूरा सहयोग देने और जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित करने की बात कह रही है। हालांकि, मृतक के परिजनों द्वारा पुलिसकर्मियों पर रुपये लेने के आरोप को एसएसपी ने गंभीरता से लिया है। इस आरोप के चलते मामले के जांचकर्ता प्रधान आरक्षक श्यामदेव साहू और आरक्षक शंभू चौहान को तत्काल प्रभाव से लाइन अटैच कर दिया गया है। इस शिकायत की विस्तृत जांच डीएसपी मुख्यालय को सौंपी गई है।1
- एसीबी ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए एक सीईओ सहित कुल तीन लोगों को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई रिश्वतखोरी के खिलाफ एसीबी द्वारा की गई एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।1
- बिलासपुर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र स्थित संगम नगर में एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जहाँ 70 वर्षीय पंचूराम सोनवानी ने अपनी पत्नी सुमित्रा बाई सोनवानी की हत्या कर दी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आरोपी पंचूराम अपनी पत्नी के चरित्र पर संदेह करता था, जिसके चलते दोनों के बीच अक्सर झगड़े होते रहते थे। मंगलवार को उनका विवाद हिंसक हो गया और पंचूराम ने धारदार हथियार से सुमित्रा बाई पर हमला कर दिया, जिससे महिला की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुँची और आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया। इस भयावह घटना ने पूरे बिलासपुर को झकझोर कर रख दिया है, खासकर इसलिए क्योंकि एक ही दिन में सिविल लाइन और सिरगिट्टी क्षेत्र में हुई यह हत्या की दूसरी वारदात थी। 70 साल की उम्र में हत्यारा बनकर सलाखों के पीछे पहुँचे पंचूराम सोनवानी की इस करतूत ने इलाके में सनसनी फैला दी है।1