जालौन के कालपी में शुक्रवार को उस समय भारी सनसनी फैल गई जब एक युवक यमुना नदी पर बने रेलवे पुल के ऊपरी हिस्से पर चढ़ गया और वहां से नीचे उतरने से साफ इनकार कर दिया। युवक अपनी कथित प्रेमिका को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़ा रहा। इसकी सूचना मिलते ही कालपी कोतवाली पुलिस, जीआरपी और प्रशासनिक अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे और उसे सुरक्षित नीचे उतारने के प्रयासों में जुट गए। जांच में सामने आया कि पुल पर चढ़े युवक की पहचान भटीपुरा निवासी 21 वर्षीय सोहेल पुत्र शमशाद के रूप में हुई है। उसके विरुद्ध गोंडा जनपद में एक नाबालिग लड़की को भगाने का मुकदमा भी दर्ज है, जिसे गोंडा पुलिस ने सकुशल बरामद कर लिया था। नाबालिग के बरामद होने के बाद ही युवक कालपी पहुंचा और यमुना रेलवे पुल पर चढ़कर ड्रामा करने लगा। मौके पर बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जमा हो गई जिससे अफरा-तफरी मच गई और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करनी पड़ी। पुलिस ने युवक के परिजनों को भी समझाने-बुझाने के लिए मौके पर बुलाया। फिलहाल, नाबालिग को भगाने के मामले की विवेचना गोंडा पुलिस द्वारा की जा रही है, जबकि स्थानीय पुलिस युवक को सुरक्षित नीचे उतारने और स्थिति सामान्य करने की कोशिशों में लगी रही। इस घटना के बाद कई सवाल उठ रहे हैं कि क्या प्रेम प्रसंग के मामलों में इस तरह अपनी जान जोखिम में डालना सही समाधान है, क्या पुलों जैसे संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जानी चाहिए, और आखिर ऐसी घटनाएं लगातार क्यों बढ़ रही हैं?
जालौन के कालपी में शुक्रवार को उस समय भारी सनसनी फैल गई जब एक युवक यमुना नदी पर बने रेलवे पुल के ऊपरी हिस्से पर चढ़ गया और वहां से नीचे उतरने से साफ इनकार कर दिया। युवक अपनी कथित प्रेमिका को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़ा रहा। इसकी सूचना मिलते ही कालपी कोतवाली पुलिस, जीआरपी और प्रशासनिक अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे और उसे सुरक्षित नीचे उतारने के प्रयासों में जुट गए। जांच में सामने आया कि पुल पर चढ़े युवक की पहचान भटीपुरा निवासी 21 वर्षीय सोहेल पुत्र शमशाद के रूप में हुई है। उसके विरुद्ध गोंडा जनपद में एक नाबालिग लड़की को भगाने का मुकदमा भी दर्ज है, जिसे गोंडा पुलिस ने सकुशल बरामद कर लिया था। नाबालिग के बरामद होने के बाद ही युवक कालपी पहुंचा और यमुना रेलवे पुल पर चढ़कर ड्रामा करने लगा। मौके पर बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जमा हो गई जिससे अफरा-तफरी मच गई और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करनी पड़ी। पुलिस ने युवक के परिजनों को भी समझाने-बुझाने के लिए मौके पर बुलाया। फिलहाल, नाबालिग को भगाने के मामले की विवेचना गोंडा पुलिस द्वारा की जा रही है, जबकि स्थानीय पुलिस युवक को सुरक्षित नीचे उतारने और स्थिति सामान्य करने की कोशिशों में लगी रही। इस घटना के बाद कई सवाल उठ रहे हैं कि क्या प्रेम प्रसंग के मामलों में इस तरह अपनी जान जोखिम में डालना सही समाधान है, क्या पुलों जैसे संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जानी चाहिए, और आखिर ऐसी घटनाएं लगातार क्यों बढ़ रही हैं?
- जालौन के कोंच नगर पालिका परिषद के गेट पर सभासद अपनी विभिन्न मांगों को लेकर धरने पर बैठ गए हैं। प्रदर्शनकारी सभासदों ने अधिशासी अधिकारी (EO) पर जनता की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सभासदों का कहना है कि सड़क निर्माण में कथित धांधली, बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों और अन्य मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी शिकायतों के बाद भी कोई समाधान नहीं किया गया है। वहीं इस मामले में EO ने बजट पास न होने का हवाला देते हुए अपनी बात रखी है। गौरतलब है कि इससे पूर्व हुई बोर्ड बैठक में भी सभासद EO के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित कर चुके हैं।1
- कानपुर देहात के कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी श्री कपिल सिंह की अध्यक्षता में स्टीयरिंग ग्रुप की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य जनपद में संभावित बाढ़ और जलप्लावन की स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने और बाढ़ प्रबंधन योजना का सफल क्रियान्वयन सुनिश्चित करना था। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी विधान जायसवाल, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) दुष्यंत कुमार मौर्य, अपर पुलिस अधीक्षक आलोक प्रसाद सहित कई उप जिलाधिकारी और जनपद स्तरीय संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। जिलाधिकारी ने संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पूर्व तैयारियों, राहत व बचाव कार्यों और संवेदनशील स्थलों की सतत निगरानी करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को बाढ़ संभावित क्षेत्रों का नियमित भ्रमण करने और जलभराव की स्थिति में त्वरित राहत कार्य सुनिश्चित करने को कहा। इसके साथ ही, राहत शिविरों में पेयजल, स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था, शौचालय, चिकित्सा सुविधाएं और आवश्यक खाद्य सामग्री की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। बैठक में बाढ़ नियंत्रण कक्ष को चौबीसों घंटे संचालित करने और बाढ़ चौकियों को पूरी तरह क्रियाशील रखने के कड़े निर्देश दिए गए। विभिन्न विभागों को निर्देशित करते हुए जिलाधिकारी ने विद्युत विभाग को जर्जर तारों और पोलों की मरम्मत करने, खाद्य विभाग को पात्र लोगों तक निःशुल्क राशन पहुंचाने, स्वास्थ्य विभाग को जीवनरक्षक दवाओं और एम्बुलेंस सेवाओं को सक्रिय रखने तथा पशुपालन विभाग को चारे की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि बाढ़ नियंत्रण से जुड़े समस्त प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन किया जाए और आमजन की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जन-धन की हानि को न्यूनतम किया जाए।2
- कानपुर देहात के रूरा थाना क्षेत्र के अमर सिंह का पुरवा गांव में पुलिस पीआरवी कर्मियों पर हमला करने का मामला सामने आया है। क्षेत्राधिकारी अकबरपुर संजय कुमार सिंह ने जानकारी दी कि गांव के भूरा सिंह ने 112 नंबर पर कॉल कर अपने साथ मारपीट होने की सूचना दी थी, जिसके बाद पीआरवी संख्या 5752 मौके पर पहुंची। पुलिस टीम जब मौके पर पहुंची, तो वहां विपक्षी रामदीन शराब के नशे में धुत होकर उपद्रव कर रहा था। पुलिसकर्मियों द्वारा जब उसे समझाने का प्रयास किया गया, तो उसने पुलिस पार्टी पर ही हमला कर दिया। इस घटना के बाद पुलिस ने मामले के नामित अभियुक्त को हिरासत में ले लिया है और उससे गहन पूछताछ कर रही है।1
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी 17 जुलाई को पंजाब में 4 रेलवे स्टेशनों का उद्घाटन करेंगे। उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात के मूसानगर, फतेहपुर निवासी मोहम्मद अनीस कुरैशी ने इस कार्यक्रम के संबंध में जानकारी साझा की है।1
- कानपुर देहात के रसूलाबाद थाना क्षेत्र के पितान पुरवा की रहने वाली पारुल ससुराल में झगड़े के बाद रहस्यमय ढंग से लापता हो गई है। लापता होने से करीब 20 मिनट पहले उसने अपने पिता से मोबाइल फोन पर बातचीत के दौरान पति से कहा था, "मारो और मुझे अभी मार डालो पर मैं घर छोड़कर कहीं नहीं जाऊंगी।" पारुल के पिता ने उसके पति सहित ससुराल वालों पर हत्या कर शव गायब करने का गंभीर आरोप लगाया है। मूल रूप से रसूलाबाद के ग्राम मित्रसेन पुर कहिंजरी निवासी और वर्तमान में गुड़गांव में रहने वाले चंद्रपाल ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि उन्होंने करीब एक वर्ष पूर्व अपनी बेटी पारुल की शादी विमलेश से की थी। आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद से ही ससुराल वाले उसे दहेज के लिए परेशान करने लगे थे। बीते 13 जुलाई को पारुल ने फोन कर बताया कि उसका पति विमलेश उसके साथ मारपीट कर रहा है। फोन पर जब पिता बात कर रहे थे, तभी पारुल अपने पति से कह रही थी कि भले ही मुझे यहीं मार डालो लेकिन मैं घर छोड़कर नहीं जाऊंगी, जिसके बाद फोन कट गया। करीब 20 मिनट बाद जब पिता ने दोबारा फोन किया, तो दामाद विमलेश ने बताया कि पारुल घर छोड़कर चली गई है। घटना के बाद 15 जुलाई को वापस लौटने पर पिता चंद्रपाल ने तत्काल असालतगंज चौकी में बेटी की हत्या कर शव गायब किए जाने की लिखित तहरीर दी। इसके बाद 16 जुलाई को उन्होंने थाना प्रभारी शिवनारायण सिंह और पुलिस क्षेत्राधिकारी आलोक कुमार को भी तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की, लेकिन उनका आरोप है कि 5 दिन बीत जाने के बाद भी उनकी बेटी का कोई सुराग नहीं मिला है। वहीं थाना प्रभारी शिवनारायण सिंह का कहना है कि इस मामले में गुमशुदगी दर्ज कर महिला की खोज की जा रही है। असालतगंज चौकी प्रभारी संजय दत्त ने बताया कि जांच में अब तक महिला द्वारा किसी अन्य व्यक्ति से मोबाइल पर बात करने की जानकारी मिली है और उसकी तलाश जारी है।1
- जालौन के कालपी में शुक्रवार को उस समय भारी सनसनी फैल गई जब एक युवक यमुना नदी पर बने रेलवे पुल के ऊपरी हिस्से पर चढ़ गया और वहां से नीचे उतरने से साफ इनकार कर दिया। युवक अपनी कथित प्रेमिका को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़ा रहा। इसकी सूचना मिलते ही कालपी कोतवाली पुलिस, जीआरपी और प्रशासनिक अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे और उसे सुरक्षित नीचे उतारने के प्रयासों में जुट गए। जांच में सामने आया कि पुल पर चढ़े युवक की पहचान भटीपुरा निवासी 21 वर्षीय सोहेल पुत्र शमशाद के रूप में हुई है। उसके विरुद्ध गोंडा जनपद में एक नाबालिग लड़की को भगाने का मुकदमा भी दर्ज है, जिसे गोंडा पुलिस ने सकुशल बरामद कर लिया था। नाबालिग के बरामद होने के बाद ही युवक कालपी पहुंचा और यमुना रेलवे पुल पर चढ़कर ड्रामा करने लगा। मौके पर बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जमा हो गई जिससे अफरा-तफरी मच गई और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करनी पड़ी। पुलिस ने युवक के परिजनों को भी समझाने-बुझाने के लिए मौके पर बुलाया। फिलहाल, नाबालिग को भगाने के मामले की विवेचना गोंडा पुलिस द्वारा की जा रही है, जबकि स्थानीय पुलिस युवक को सुरक्षित नीचे उतारने और स्थिति सामान्य करने की कोशिशों में लगी रही। इस घटना के बाद कई सवाल उठ रहे हैं कि क्या प्रेम प्रसंग के मामलों में इस तरह अपनी जान जोखिम में डालना सही समाधान है, क्या पुलों जैसे संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जानी चाहिए, और आखिर ऐसी घटनाएं लगातार क्यों बढ़ रही हैं?1