प्रदेश में 21 जून को आयोजित होने वाली NEET परीक्षा में हजारों विद्यार्थी शामिल होंगे। इनमें से बड़ी संख्या में छात्र ग्रामीण और मध्यमवर्गीय परिवारों से आते हैं, जिन्हें अक्सर आर्थिक और परिवहन संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। गर्मी के मौसम और दूर-दराज के क्षेत्रों से परीक्षा केंद्रों तक पहुँचने में होने वाली कठिनाइयों को देखते हुए, छात्रों के आवागमन को लेकर चिंता व्यक्त की गई है। विद्यार्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए और NEET जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा के महत्व को देखते हुए, विनम्र आग्रह किया गया है कि परीक्षा दिवस पर निःशुल्क बस सुविधा उपलब्ध कराई जाए। इसके साथ ही, प्रमुख मार्गों पर विशेष बसों का संचालन भी सुनिश्चित करने की मांग की गई है, ताकि किसी भी विद्यार्थी को आवागमन में कोई असुविधा न हो। राज्य सरकार द्वारा यह सुविधा प्रदान करने से छात्रों और उनके अभिभावकों को बड़ी राहत मिलेगी, जिससे उनके भविष्य से जुड़ी इस परीक्षा में वे बिना किसी बाधा के शामिल हो सकें। अतः, विद्यार्थियों के हित में शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की कृपा का निवेदन किया गया है।
प्रदेश में 21 जून को आयोजित होने वाली NEET परीक्षा में हजारों विद्यार्थी शामिल होंगे। इनमें से बड़ी संख्या में छात्र ग्रामीण और मध्यमवर्गीय परिवारों से आते हैं, जिन्हें अक्सर आर्थिक और परिवहन संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। गर्मी के मौसम और दूर-दराज के क्षेत्रों से परीक्षा केंद्रों तक पहुँचने में होने वाली कठिनाइयों को देखते हुए, छात्रों के आवागमन को लेकर चिंता व्यक्त की गई है। विद्यार्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए और NEET जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा के महत्व को देखते हुए, विनम्र आग्रह किया गया है कि परीक्षा दिवस पर निःशुल्क बस सुविधा उपलब्ध कराई जाए। इसके साथ ही, प्रमुख मार्गों पर विशेष बसों का संचालन भी सुनिश्चित करने की मांग की गई है, ताकि किसी भी विद्यार्थी को आवागमन में कोई असुविधा न हो। राज्य सरकार द्वारा यह सुविधा प्रदान करने से छात्रों और उनके अभिभावकों को बड़ी राहत मिलेगी, जिससे उनके भविष्य से जुड़ी इस परीक्षा में वे बिना किसी बाधा के शामिल हो सकें। अतः, विद्यार्थियों के हित में शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की कृपा का निवेदन किया गया है।
- बाड़ी में रेलवे स्टेशन के पीछे स्थित कृष्णा कॉलोनी में पानी की टंकी पर लगा वाटर लेवल (गेज) स्थानीय लोगों के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गया है। निवासियों का कहना है कि यह वाटर लेवल अत्यधिक जर्जर स्थिति में है और उन्हें आशंका है कि तेज हवा या किसी अन्य कारण से यह कभी भी गिर सकता है, जिससे एक बड़ी दुर्घटना हो सकती है। क्षेत्र के निवासी भरत सिंह मीणा ने प्रशासन का ध्यान इस ओर आकर्षित करते हुए संबंधित विभाग से तत्काल मौके का निरीक्षण करने और टंकी पर लगे इस खतरनाक वाटर लेवल को सुरक्षित रूप से नीचे उतरवाने की मांग की है, ताकि किसी भी संभावित हादसे को टाला जा सके। स्थानीय नागरिकों का मानना है कि टंकी के आसपास लगातार लोगों का आवागमन बना रहता है, और यदि यह अचानक गिरता है, तो जनहानि होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। लोगों ने प्रशासन से जनहित को ध्यान में रखते हुए शीघ्र कार्रवाई करने और क्षेत्रवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है। भरत सिंह मीणा ने विशेष रूप से आग्रह किया है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द से जल्द आवश्यक कदम उठाए जाएं, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।1
- करौली जिले में 1 जून को उपनिदेशक महिला एवं बाल विकास विभाग करौली के निर्देशानुसार एक जिला स्तरीय प्रशिक्षण सह विशेष अभियान का आयोजन किया गया। इस एक दिवसीय कार्यक्रम में विभाग के समस्त सीडीपीओ, महिला पर्यवेक्षक, राष्ट्रीय पोषण मिशन कार्मिक, महिला अधिकारिता विभाग के पर्यवेक्षक और अन्य संस्थानों के कुल 63 कर्मियों को पोषण ट्रेकर से संबंधित कौशल एवं क्षमता वर्धन के लिए प्रशिक्षित किया गया। उपनिदेशक महोदय जगदीश प्रसाद मीना ने सभी सीडीपीओ और महिला पर्यवेक्षकों को पोषण ट्रेकर डेटा में प्रगति बढ़ाने के विशेष निर्देश दिए। यह प्रशिक्षण राजकीय महाविद्यालय सभागार हॉल में कार्यालय उपनिदेशक महिला एवं बाल विकास विभाग करौली द्वारा आयोजित किया गया था, जहाँ यूनिसेफ, जयपुर के मास्टर ट्रेनर शिवराज सिंह चौहान, बिनय कुमार सिंह, भगवान सहाय यादव और नीरज पाराशर द्वारा मार्गदर्शन दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान परिवार सर्वेक्षण, लाभार्थियों का पंजीकरण, लाभार्थियों के वजन, लंबाई और ऊंचाई की सही प्रविष्टि, शाला पूर्व गतिविधियाँ, एचसीएम/टीएचआर की सही प्रविष्टि, तथा आंगनबाड़ी केंद्रों पर पंजीकृत एवं अपंजीकृत लाभार्थियों के डेटा सत्यापन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत जानकारी दी गई। इस जिला स्तरीय प्रशिक्षण के बाद, जिले के समस्त परियोजना स्तर पर प्रशिक्षक महिला पर्यवेक्षक, ब्लॉक समन्वयक और अन्य संस्थान के कार्मिक "उत्कृष्ट" आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित करेंगे। इसी माह के भीतर, ये "उत्कृष्ट" आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अपनी सेक्टर बैठकों में जाकर शेष आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को आगे का प्रशिक्षण प्रदान करेंगे। इस प्रशिक्षण में उपनिदेशक जगदीश प्रसाद मीना सहित समस्त सीडीपीओ, समस्त महिला पर्यवेक्षक, महिला अधिकारिता की पर्यवेक्षक, तथा वात्सल्य संस्थान, पिरामिल फाउंडेशन, रॉकेट लर्निंग संस्थान और सीएमएफ संस्थान के सदस्य मौजूद रहे।4
- सबलगढ़ नगर पालिका परिषद की जनसमस्याओं और कार्यशैली को लेकर पार्षदों द्वारा चलाया जा रहा जनहित सत्याग्रह सोमवार को 25वें दिन भी लगातार जारी रहा। पार्षदों का आरोप है कि एक ओर प्रशासन शहर में सफाई और निर्माण कार्यों में सक्रिय दिख रहा है, वहीं दूसरी ओर वे इन कार्यों की गुणवत्ता और पारदर्शिता पर सवाल उठा रहे हैं। पार्षदों ने दावा किया कि नालियों से निकाला गया कचरा अभी भी कई स्थानों पर पड़ा हुआ है, जो बारिश होने पर वापस नालियों में बह जाता है। उन्होंने इस कचरे को तत्काल उठाकर उचित स्थान पर निस्तारण करने तथा निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। पार्षदों और समाजसेवियों ने यह भी कहा कि नगर की समस्याओं पर लगातार आवाज उठाने के बावजूद नगर पालिका के कार्यों, खर्चों और अन्य महत्वपूर्ण मामलों से जुड़ी जानकारी अभी तक उपलब्ध नहीं कराई गई है। उन्होंने बताया कि सीएमओ के कहने पर आरटीआई भी लगाई गई, लेकिन फिर भी जानकारी देने में टालमटोल की जा रही है। पार्षद मोहन रामजी लाल पचौरी ने इस पर कड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि यदि सभी कार्य नियमों के अनुसार हुए हैं, तो जानकारी सार्वजनिक करने में कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि पारदर्शिता और जवाबदेही लोकतंत्र की मूल भावना है, और जनता को हर जानकारी प्राप्त करने का अधिकार है। पचौरी ने यह भी कहा, "सच की राह कठिन सही, मगर मंज़िल जरूर मिलेगी, जनता की आवाज दबाने वालों को एक दिन जवाब जरूर मिलेगा।" पार्षदों ने स्पष्ट किया कि जनहित के मुद्दों पर उनका संघर्ष जारी रहेगा और वे तब तक सत्याग्रह समाप्त नहीं करेंगे जब तक नगरवासियों की समस्याओं का समाधान नहीं हो जाता और मांगी गई सभी जानकारियां उपलब्ध नहीं कराई जातीं। इस दौरान पार्षद कैलाश चंद भगत और पार्षद रचना अशरफ सहित अनेक समाजसेवी भी सत्याग्रह स्थल पर पहुंचकर आंदोलन को अपना समर्थन दिया।1
- हिंडौन सिटी के बयाना रोड पर स्थित अंबेडकर मूर्ति के पास संचालित शराब की दुकान को हटाने की मांग को लेकर जाटव बस्ती की महिलाओं का विरोध लगातार तेज़ होता जा रहा है। महिलाओं ने आरोप लगाया है कि प्रशासन ने उनके विरोध के बाद भी दुकान को केवल चार दुकानें आगे स्थानांतरित किया है, जिससे समस्या का समाधान नहीं हुआ है और क्षेत्र की महिलाओं में भारी आक्रोश व्याप्त है। महिलाओं का कहना है कि बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की मूर्ति और दलित बस्ती के निकट शराब की दुकान संचालित होने से सामाजिक वातावरण पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है, जिससे बच्चों, युवाओं और महिलाओं पर भी बुरा असर हो रहा है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि दुकान को वर्तमान स्थान से हटाकर लगभग 1 किलोमीटर दूर किसी उपयुक्त स्थान पर स्थानांतरित किया जाए। इसी क्रम में, सोमवार को इन महिलाओं ने जिला कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपकर शीघ्र कार्रवाई की मांग की। इस अवसर पर जिला जाटव समाज सुधार समिति करौली-सवाई माधोपुर-दौसा 360 गांव के युवा अध्यक्ष हरिओम ठेकेदार सहित बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद थीं। समिति के प्रवक्ता रिंकू खेड़ी हैवत ने बताया कि महिलाओं ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि समय रहते उनकी मांग नहीं मानी गई, तो वे पूर्व की भांति एक उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगी, जिसकी समस्त जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।2
- मुरैना जिले के जौरा थाना क्षेत्र के ग्राम बिरावली में एक ही परिवार के सदस्यों के बीच संपत्ति के हिस्से-बंटवारे को लेकर विवाद छिड़ गया। इस पारिवारिक विवाद के चलते पति-पत्नी के साथ मारपीट की गई, जिसमें उन्हें गंभीर चोटें आईं। घटना के बाद, घायल पति-पत्नी जौरा थाने पहुंचे और वहां उपस्थित होकर पूरे मामले की जानकारी देते हुए अपनी शिकायत दर्ज कराई।1
- मुरैना के नेशनल हाईवे पर स्थित नूराबाद के पुराने पुल से सांक नदी में छलांग लगाने वाले एक युवक और युवती के शवों को SDRF तथा पुलिस की संयुक्त रेस्क्यू टीम ने बरामद कर लिया है। इस घटना से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। जानकारी के अनुसार, मृतक युवक की पहचान कैलारस थाना क्षेत्र के भुरावली निवासी 30 वर्षीय भूपेंद्र धाकड़ के रूप में हुई है, जबकि युवती धीरपुरा थाना क्षेत्र, दतिया जिले के बेहरुका निवासी 25 वर्षीय राधा चौबे थीं। सोमवार को दोनों बुलेट बाइक से ग्वालियर की ओर से नूराबाद पहुँचे थे। मौके पर मिले आधार कार्ड के आधार पर उनकी पहचान संभव हो पाई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि दोनों कुछ समय तक पुल पर रुके रहे, जहाँ उन्होंने मोबाइल से रील बनाई और फोन पर बातचीत भी की। इसके बाद, दोनों ने एक ही साफी से अपने हाथ बांधे और सांक नदी में छलांग लगा दी। घटना की सूचना मिलते ही नूराबाद थाना पुलिस, एसडीओपी बानमोर अनिल कुमार और SDRF की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। कई घंटों तक चले सघन रेस्क्यू अभियान के बाद, नदी से दोनों के शवों को बाहर निकाला गया। फिलहाल, पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। युवक-युवती द्वारा यह कदम उठाने के पीछे के कारणों का अभी तक खुलासा नहीं हो सका है, और पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है।1
- जौरा शहर के गांधी वाचनालय में शहर कांग्रेस कमेटी और किसान कांग्रेस कमेटी ने संयुक्त तत्वावधान में एक गांधीवादी और शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन मुख्यमंत्री द्वारा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के संबंध में दिए गए बयान के विरोध में आयोजित किया गया था, जिस पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अपनी गंभीर आपत्ति जताई। विरोध प्रदर्शन के दौरान, उपस्थित कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने गांधी वाचनालय में बैठकर प्रार्थना सभा का आयोजन किया। इस दौरान उन्होंने ईश्वर से मुख्यमंत्री को सद्बुद्धि प्रदान करने की कामना की। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री जैसे संवैधानिक और जिम्मेदार पद पर आसीन व्यक्ति द्वारा विपक्ष के नेता के लिए अशोभनीय भाषा का प्रयोग करना लोकतांत्रिक परंपराओं के बिल्कुल विपरीत है। वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन सार्वजनिक जीवन में सभी जनप्रतिनिधियों की यह जिम्मेदारी है कि वे मर्यादित भाषा और शालीन व्यवहार बनाए रखें। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज कराते हुए मुख्यमंत्री से भविष्य में इस प्रकार की कोई भी टिप्पणी न करने की अपील की। इस अवसर पर किसान कांग्रेस कमेटी के ब्लॉक अध्यक्ष दीपक यादव, शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मुरारी लाल अमर, अजय जैन, ओमप्रकाश सखलेचा, रामहेत नेताजी, उस्मानी, बनवारी लाल और दिलीप मित्तल सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।1
- हिण्डौन करौली सड़क मार्ग स्थित कांचरौली के पास सोमवार सुबह एक सड़क हादसा हो गया। जानकारी के अनुसार, सूरोठ निवासी जुबेर खान अपनी मां के साथ अपनी कार से कुडगांव के पास सलेमपुर जा रहे थे। इसी दौरान, गांव कांचरौली के पास सामने से आ रही एक अन्य कार का टायर अचानक पंचर हो गया, जिससे वह अनियंत्रित हो गई। अनियंत्रित हुई इस कार ने जुबेर खान की कार में जोरदार टक्कर मार दी, जिससे जुबेर खान और उनकी मां को हल्की चोटें आईं। घायलों को प्राथमिक उपचार के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया गया। इस टक्कर में जुबेर खान की कार भी क्षतिग्रस्त हो गई और मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई।1